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अध्याय 8. मानचित्र अध्ययन

अध्याय 8. मानचित्र अध्ययन

बिहार बोर्ड के 9वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



 
मानचित्र अI. वस्तुननिष्ठ प्रश्नोत्तर
(i) कौन-सी मापक विधि सर्वाधिक मान्य है?
(क) प्रकथन
(ख) निरूपक विधि
(ग) आरेख
(घ) कोई नहीं
उत्तर- (ख) निरुपक विधि
(ii)  मानचित्र की दूरी को मापनी में कैसे जाना जाता है?
(क) अंश
(ख) हर
(ग) मापनी का प्रकथन
(घ) कोई नहीं
उत्तर- (क) अंश
(iii) मापनी में हर व्यक्त करता है –
(क) धरातल की दूरी
(ख) मानचित्र की दूरी
(ग) दोनों दूरियाँ
(घ) उनमें से कोई नहीं
उत्तर- (क) धरातल की दूरी
(iv) निम्नलिखित में से कौन सा मापक निरूपक भिन्न का है।
(क) मीटर
(ख) सेंटीमीटर
(ग) इंच
(घ) इनमें से कोई भी नहीं
उत्तर- (घ) इनमें से कोई नहीं
(v) निम्न में किस मापनी द्वारा किलोमीटर और मील दोनों की दूरियों को दर्शाया जा सकता है?
(क) रेखीय मापनी
(ख) आरेखीय मापनी
(ग) प्रतिनिधि भिन्न
(घ) तुलनात्मक मापनी
उत्तर -(घ) तुलनात्मक मापनी
 
II. लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
1. मापक क्या है ? मापक का क्या महत्व है ? स्पष्ट करें।
उत्तर- मापक वह विधि है जिसके द्वारा समस्त पृथ्वी अथवा उसके किसी एक विभाग को आवश्यकतानुसार, मानचित्र बनाकर प्रदर्शित किया जाता है। उस मानचित्र की सहायता से धरातल पर दो स्थानों के बीच की वास्तविक दूरियाँ ज्ञात की जाती है।
     
            दूसरे शब्दों में मानचित्र पर प्रदर्शित किए गए किन्हीं दो बिंदुओं के बीच की दूरी और धरातल पर उन्हीं दो बिंदुओं के बीच की वास्तविक दूरी के अनुपात को मापने की विधि को मापक का कहते हैं।
मापक का महत्व-
           भूगोल को मानचित्र का विज्ञान भी कहते हैं। मानचित्र बनाने के लिए मापक का उपयोग अनिवार्य है। इसके बिना कोई भी मानचित्र नहीं बनाया जा सकता है। मापक के द्वारा ही धरातल के क्षेत्रों को मानचित्र पर सही-सही प्रदर्शित किया जाता है।
2. मापक को प्रदर्शित करने की विधियाँ बताएँ।
उत्तर – मानचित्र पर मापक को निम्नलिखित तीन विधियों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है-
(i) कथन विधि 
(ii) प्रदर्शन विधि 
(iii) रैखिक मापक विधि
3. प्रतिनिधि अथवा प्रदर्शक भिन्न क्या है?
उत्तर – इस विधि में मानचित्र की दूरी और धरातल की दूरी को एक भिन्न द्वारा प्रकट किया जाता है। इस भिन्न का अंश सदैव एक होता है जो मानचित्र की दूरी को प्रदर्शित करता है तथा हर उसी इकाई में होता है और धरातल की दूरी को प्रदर्शित करता है। प्रदर्शक भिन्न को उपलक्षक एवं निरूपक भिन्न भी कहते हैं।
प्रदर्शक भिन्न (R.F.) = मानचित्र की दूरी : धरातल की दूरी   
या Map Distance : Ground Distance
              इस विधि द्वारा प्रत्येक देश का नागरिक आसानी से मानचित्र का अध्ययन कर सकता है। जैसे- 1:25 000 0000 का तात्पर्य मानचित्र पर 1 इंच,धरातल के 250000000 इंच को प्रकट कर रहा है। इसी तरह मानचित्र का 1 सें०मी० धरातल के 250000000 से०मी० को प्रदर्शित कर रहा है।
4. मापक कितने प्रकार का होता है?
उत्तर- माफ कर दो प्रकार के होते हैं जो निम्नलिखित है-
(i) लघु मापक
(ii) दीर्घ मापक
5. मापक की दो विभिन्न प्रणालियाँ कौन-कौन सी है?
उत्तर- मापक की दो प्रणालियाँ निम्नलिखित है-
(i) कथनात्मक प्रणाली
(ii) प्रतिनिधि भिन्न प्रणाली
6. प्रदर्शक भिन्न विधि को सर्वमान्य विधि क्यों कहा जाता है?
उत्तर- विश्व के सभी देशों में एक ही मापक प्रणाली का प्रयोग नहीं किया जाता है। कथन-विधि प्रणाली संबंधित देशों में ही उपयोगी होता है। इस प्रकार की कठिनाइयों को दूर करने के लिए प्रदर्शक भिन्न का प्रयोग किया जाता है।इस विधि में मानचित्र की दूरी और धरातल की दूरी को एक भिन्न द्वारा प्रकट किया जाता है।
           
        प्रदर्शक भिन्न को विश्व के किसी भी देश की मापन प्रणाली के अनुसार बदलकर समझा जा सकता है। इसीलिए इसे अन्तर्राष्ट्रीय मापक अर्थात सर्वमान्य विधि भी कहा जाता है। 
7. आलेखी विधि के मुख्य उपयोग क्या है?
उत्तर- आलेखी विधि का मुख्य उपयोग मानचित्र पर स्थित किन्हीं भी दो स्थानों के बीच की दूरी तथा धरातल पर स्थित उन्हीं दो स्थानों के बीच की दूरी ज्ञात करना है।
8. तुलनात्मक मापक की क्या विशेषताएँ हैं?
 उत्तर- तुलनात्मक मापक में एक या एक से अधिक प्रणालियों में दूरियाँ प्रदर्शित की जाती है। जैसे-मील, फ्लार्ग, किलोमीटर, मीटर, तथा गज आदि का प्रयोग लिखिए मापक में किया जाता है। कभी-कभी इसमें दो भिन्न तत्वों को भी प्रदर्शित किया जाता है।
           जैसे दूरी एवं समय को दर्शाया जाता है। इस मापक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके द्वितीयक और प्राथमिक मापक का शुरुआत एक ही संदर्भ रेखा अर्थात सलमान से होता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
1. मापक क्या है? मानचित्र के लिए इसका क्या महत्व है?मापक को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न विधियों का विस्तृत वर्णन करें।
उत्तर- मापक वह विधि है जिसके द्वारा समस्त पृथ्वी अथवा उसके किसी एक विभाग को आवश्यकतानुसार, मानचित्र बनाकर प्रदर्शित किया जाता है। उस मानचित्र की सहायता से धरातल पर दो स्थानों के बीच की वास्तविक दूरियाँ ज्ञात की जाती है।
 
          दूसरे शब्दों में मानचित्र पर प्रदर्शित किए गए किन्हीं दो बिंदुओं के बीच की दूरी और धरातल पर उन्हीं दो बिंदुओं के बीच की वास्तविक दूरी के अनुपात को मापने की विधि को मापक का कहते हैं।
मापक का महत्व-
              मानचित्र के निम्नलिखित महत्व है-
◆ मापक धरातल के क्षेत्र को मानचित्र पर सही-सही प्रदर्शित करने की विधि है।
◆ मापक के माध्यम से हम विस्तृत भू-खंडों को मानचित्र पर लघु रूप में प्रदर्शित कर सकते हैं।
◆ मापक से किसी क्षेत्र के क्षेत्रफल की जानकारी प्राप्त होती है।
◆ मापक की सहायता से किसी भी धरातल को बड़े तथा छोटे आकार में प्रदर्शित किया जा सकता है।
◆ भवन,कारखाने, रेलवे लाइन इत्यादि सभी के चित्र बनाने के लिए मापक आवश्यक होता है।
◆ भू-सर्वेक्षण के लिए भी मापक अनिवार्य होता है।
            मानचित्र पर मापक को निम्नलिखित तीन विधियों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है-
(i) कथन विधि 
(ii) प्रदर्शन विधि 
(iii) रैखिक मापक विधि
(i) कथन विधि-
                इस विधि में मापक को एक कथन द्वारा व्यक्त किया जाता है। जैसे 1 सेंमी० = 5 किमी० या 1 ईंच = 18 मील आदि। 
                1 सेंमी० = 5 किमी० का अर्थ यह है कि मानचित्र पर 1 सेंमी० की दूरी धरातल पर 5 किमी० की दूरी को प्रदर्शित करता है। इसी प्रकार 1 ईंच = 18 मील से अभिप्राय है कि मानचित्र पर 1 ईंच की दूरी धरातल पर 18 मील की दूरी को प्रदर्शित करता है। इस कथन का पहला भाग मानचित्र पर किन्हीं दो स्थानों के बीच की दूरी प्रदर्शित करता है तथा दूसरा भाग भू-पृष्ठ पर उन्हीं दो स्थानों के बीच की दूरी को दिखाता है।
(ii) प्रदर्शन विधि-
                इस विधि में मानचित्र की दूरी और धरातल की दूरी को एक भिन्न द्वारा प्रकट किया जाता है। इस भिन्न का अंश सदैव एक होता है जो मानचित्र की दूरी को प्रदर्शित करता है तथा हर उसी इकाई में होता है और धरातल की दूरी को प्रदर्शित करता है। प्रदर्शक भिन्न को उपलक्षक एवं निरूपक भिन्न भी कहते हैं।
प्रदर्शक भिन्न (R.F.) = मानचित्र की दूरी : धरातल की दूरी   
या Map Distance : Ground Distance
                  इस विधि द्वारा प्रत्येक देश का नागरिक आसानी से मानचित्र का अध्ययन कर सकता है। जैसे- 1:25 000 0000 का तात्पर्य मानचित्र पर 1 इंच,धरातल के 250000000 इंच को प्रकट कर रहा है। इसी तरह मानचित्र का 1 सें०मी० धरातल के 250000000 से०मी० को प्रदर्शित कर रहा है।
(iii) रैखिक मापक विधि-
               इस विधि को सरल मापक विधि कहते हैं। सरल रेखा की लंबाई कथन अथवा प्रदर्शन भिन्न की सहायता से गणित के आधार पर निश्चित की जाती है। इसके बाद इस रेखा के मूल(प्राइमरी) तथा गौण(सेकेंडरी) भागों में ज्यामितीय विधि द्वारा विभक्त किया जाता है। मुख्य या मूल भाग पर बड़ी इकाई जैसे मील अथवा किलोमीटर तथा गौण या उपविभाग पर छोटी इकाई जैसे फ्लार्ग या मीटर दर्शाया जाता है।
2. निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए –
(i) प्रदर्शक भिन्न
उत्तर- इस विधि में मानचित्र की दूरी और धरातल की दूरी को एक भिन्न द्वारा प्रकट किया जाता है। इस भिन्न का अंश सदैव एक होता है जो मानचित्र की दूरी को प्रदर्शित करता है तथा हर उसी इकाई में होता है और धरातल की दूरी को प्रदर्शित करता है। प्रदर्शक भिन्न को उपलक्षक एवं निरूपक भिन्न भी कहते हैं।
प्रदर्शक भिन्न (R.F.) = मानचित्र की दूरी : धरातल की दूरी   
या Map Distance : Ground Distance
                  इस विधि द्वारा प्रत्येक देश का नागरिक आसानी से मानचित्र का अध्ययन कर सकता है। जैसे- 1:25 000 0000 का तात्पर्य मानचित्र पर 1 इंच,धरातल के 250000000 इंच को प्रकट कर रहा है। इसी तरह मानचित्र का 1 सें०मी० धरातल के 250000000 से०मी० को प्रदर्शित कर रहा है।
(ii) रैखिक मापक 
उत्तर- इस विधि को सरल मापक विधि भी कहते हैं। सरल रेखा की लंबाई कथन अथवा प्रदर्शन जिनकी सहायता से गणित के आधार पर निश्चित की जाती है। इसके बाद इस रेखा की मूल तथा गौण विभागों में ज्यामितीय विधि द्वारा विभक्त किया जाता है मुख्य मूल भाग पर खरी इकाई जैसे मील अथवा किलोमीटर तथा गांव या उपविभाग पर छोटी कायदे से फरार हो या मीटर दर्शाया जाता है।
(iii) कथनात्मक मापक
उत्तर- इस विधि में मापक को एक कथन द्वारा व्यक्त किया जाता है। जैसे 1 सेंमी० = 5 किमी० या 1 ईंच = 18 मील आदि। 

                1 सेंमी० = 5 किमी० का अर्थ यह है कि मानचित्र पर 1 सेंमी० की दूरी धरातल पर 5 किमी० की दूरी को प्रदर्शित करता है। इसी प्रकार 1 ईंच = 18 मील से अभिप्राय है कि मानचित्र पर 1 ईंच की दूरी धरातल पर 18 मील की दूरी को प्रदर्शित करता है। इस कथन का पहला भाग मानचित्र पर किन्हीं दो स्थानों के बीच की दूरी प्रदर्शित करता है तथा दूसरा भाग भू-पृष्ठ पर उन्हीं दो स्थानों के बीच की दूरी को दिखाता है।


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खण्ड (अ) अध्याय 7 भारत के पड़ोसी देश (य) पाकिस्तान

 खण्ड (अ) अध्याय 7 भारत के पड़ोसी देश

(य) पाकिस्तान



अध्याय 7 भारत
 
वस्तुननिष्ठ प्रश्नोत्तर
1. पाकिस्तान का सबसे बड़ा हवाई अड्डा कहाँ है?
(क) इस्लामाबाद
(ख) करांची
(ग) स्यालकोट
(घ) मुल्तान
उत्तर- (ख) करांची
2. खेल का सामान बनाने में विश्व प्रसिद्ध है-
(क) करांची
(ख) रावलपिण्डी
(ग) स्यालकोट
(घ) लाहौर
उत्तर- (ग) स्यालकोट
3. पाकिस्तान की सबसे प्रसिद्ध चोटी तख्त सुलेमान की ऊँचाई क्या है?
(क) 3850 मी०
(ख) 3770 मी०
(ग) 3700 मी०
(घ) 4400 मी०
उत्तर- (ख) 3770 मी०
4. सिंधु नदी बहती है –
(क) दक्षिण से उत्तर
(ख) पूरब से पश्चिम
(ग) उत्तर से दक्षिण
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (ग) उत्तर से दक्षिण
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
1. पाकिस्तान को ‘सिंधु की देन’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर- पाकिस्तान के मुख्य नदी सिंधु और उसकी सहायक नदियों में झेलम, चिनाव, रावी, सतलज एवं व्यास है। इन्हें ‘पंचनद’ कहा जाता है, और सिंधु को ‘नद’ के नाम से पुकारा जाता है। सिंधु का उद्गम हिमालय पहाड़ से है जो अपना लंबा सफर तय करता हुआ अरब सागर में समा जाता है। इसकी सभी सहायक नदियाँ उत्तर-पूर्व (भारत के उत्तर-पश्चिम) से मैदान के मध्यवर्ती भाग में आकर इससे मिलती है।
             सिंधु की सहायक नदियों में काबुल नदी भी है, जो अफगानिस्तान होते हुए उत्तर-पश्चिम से आकर सिंधु में मिलती है। पाकिस्तान को सिंधु की देन कहा जाता है। यह सत्य है कि यदि सिंधु पाकिस्तान से अनुपस्थित हो जाए तो पूरा देश पत्थरों और रेगिस्तान का ढेर तुल्य रह जाएगा।
 
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
1. पाकिस्तान की जलवायु की विशेषताओं की व्याख्या करें।
उत्तर- पाकिस्तान की जलवायु मानसून एवं उष्ण मरुस्थलीय है। यहाँ गर्मी में बेहद गर्मी और जाड़े में कड़ाके की सर्दी पड़ती है। जाड़े के मौसम में औसत तापमान 7° सेंटीग्रेड से काम रहता है और उत्तर के पर्वतीय भाग में बर्फ जम जाता है। गर्मी ऋतु में तापमान 45° सेंटीग्रेड तक पहुँच जाता है। इस समय ‘जैकोबाबाद’ का तापमान 55° सेंटीग्रेड तक पहुँच जाता है, यह पाकिस्तान का ही नहीं वरन एशिया का सबसे गर्म स्थान है। पूर्वी मरुस्थलीय भाग में धूल भरी आँधियाँ चलती है और चारों ओर रेत के टीले भी दिखाई पड़ते हैं। 
                             यहाँ वर्षा का अभाव है, वार्षिक वर्षा का औसत मात्र 35 सेंटीमीटर है। जाड़ें में चक्रवात द्वारा वर्षा होती है और गर्मी में बंगाल की खाड़ी से आने वाले मानसून से होती है। यहाँ वर्षा का वितरण एक समान नहीं है। उत्तर के पर्वतीय क्षेत्र में 75 से 80 सेंटीमीटर, पूर्वी मैदान में 35 से 50 सेंटीमीटर, जबकि पश्चिम क्षेत्र में 10 से 25 सेंटीमीटर ही वर्षा होती है।
2. पाकिस्तान के खनन एवं उद्योगों के विकास का वर्णन करें।
उत्तर- खनिज पदार्थों की दृष्टि से पाकिस्तान एक गरीब देश है। यहाँ मिलने वाले खनिज में कोयला, खनिज तेल, प्राकृतिक गैस, क्रोमाइट, जिप्सम, लोहा, सेंधा नमक, चूना पत्थर, बॉक्साइट एवं गंधक प्रमुख है। खनिज तेल का उत्पादन बालाकासार, खैरपुर, अटक, चाकवाल में होता है। रावलपिंडी, मजराबल, हैदराबाद के कई क्षेत्रों में कोयला खनन किया जाता है।
 
           अटक, सरगोधा, जितरल एवं मियाँवाली क्षेत्र से लौह अयस्क प्राप्त किया जाता है। बलूचिस्तान की जोब घाटी में क्रोमियम का भंडार है। मैंगनीज लासबेला और कोहाट क्षेत्र से प्राप्त किया जाता है। प्राकृतिक गैस का मुख्य क्षेत्र सुई, खैरपुर और लायलपुर है।
            यहाँ कृषि एवं रसायन पर आधारित उद्योगों को अधिक विकसित किया गया है। इनमें सूती वस्त्र, ऊनी वस्त्र, चीनी, खेल के सामान, कागज, रासायनिक तथा दियासलाई के उद्योग प्रमुख है। खनिज पर आधारित उद्योगों में सीमेंट, तेल शोधक एवं प्राकृतिक गैस आधारित उद्योग मुख्य है। वन आधारित उद्योगों में खेल का सामान तैयार करने के लिए स्यालकोट विश्व प्रसिद्ध है।
               मुल्तान, कराची, लायलपुर, लाहौर उकाड़ा सूत एवं सूती वस्त्र उद्योग के प्रमुख केंद्र है। हरनाई,बन्नू एवं कदियाबाद ऊनी वस्त्र के केंद्र है। नौशेरा और रहवाली में फाइन पेपर तथा दफ्ती पेपर उद्योग बांस आधारित है। चारसद्दा, मारदान, जौहरबाद में चीनी की मिलें स्थापित है। मारदान (पेशावर) में एशिया की सबसे बड़ी चीनी मिल है।
              कराची, हैदराबाद, दाउदखेल, बाह तथा रोहरी में सीमेंट उद्योग का विकास हुआ है। दाउदखेल में रसायन पदार्थ बनाने का सबसे बड़ा केंद्र है। इसके अतिरिक्त नौशेरा, लायलपुर, हरिपुर में कास्टिक सोडा, गंधक, तेजाब, रसायनिक, डी०डी०टी०, रेजिन, पेनसीलिन और रंग बनाए जाते हैं।

            कराची के मोरगाह में तेल शोधन और सुई में गैस आधारित उद्योग स्थापित है। कुहुरा में परमाणु शक्ति उत्पादन केंद्र स्थापित है।


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(द) श्रीलंका

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अध्याय 7वस्तुननिष्ठ प्रश्नोत्तर
1. श्रीलंका की आकृति कैसी है?
(क) आयताकार
(ख) अण्डाकार
(ग) त्रिभुजाकार
(घ) वृत्ताकार
उत्तर- (ख) अण्डाकार
2. पिदुरतालगाला श्रीलंका का एक प्रमुख स्थलाकृति है-
(क) नदी
(ख) झील
(ग) शिखर
(घ) गर्त
उत्तर- (ग) शिखर
3. श्रीलंका की राजधानी है-
(क) कैंडी
(ख) कोलंबो
(ग) जाफना
(घ) अनुराधानगर
उत्तर- (ख) कोलंबो
4. भारत से श्रीलंका को अलग करता है-
(क) पाक जलसंधि
(ख) श्रीलंका जलसंधि
(ग) हरमुज जलसंधि
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (क) पाक जलसंधि
5. श्रीलंका में लोकतंत्र की स्थापना कब हुई?
(क) 1948 में
(ख) 1949 में
(ग) 1955 में
(घ) 1956 में
उत्तर- (क) 1948 में
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
1. श्रीलंका की जलवायु किस प्रकार की है?
उत्तर- श्रीलंका की जलवायु मानसूनी है। विषुवत रेखा के नजदीक होने के कारण यहाँ सालोंभर गर्मी पड़ती है और वर्षा भी होती है।
2. ‘पूर्व की मोती’  श्रीलंका को क्यों कहा जाता है ?
उत्तर- श्रीलंका में हीरे-मोत, जवाहरात एवं अन्य रत्नों के पर्याप्त भंडार होने के कारण इसे ‘पूर्व की मोती’ या ‘मोतियों के द्वीप’ के नाम से विभूषित किया गया है।
3. श्रीलंका में किस प्रकार की वनस्पति पायी जाती है।
उत्तर- श्रीलंका में मुख्यत: विषुवतीय वनस्पति पाई जाती है।
 
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
1. श्रीलंका की जलवायु का वर्णन कीजिए।
उत्तर- श्रीलंका की जलवायु मानसूनी है। विषुवत रेखा के नजदीक होने के कारण यहाँ सालोंभर गर्मी पड़ती है और वर्षा भी होती रहती है। जाड़े की ऋतु यहाँ नहीं होती है। यहाँ तटीय भाग में वर्षा 200 सें०मी० तक और पर्वतीय क्षेत्रों में 500 सें०मी० से भी अधिक वर्षा होती है। यहाँ जाड़ें एवं गर्मी की ऋतु में वार्षिक तापांतर (5°सें० -7°सें०) नहीं के बराबर होती है। जाड़े की ऋतु में औसत तापमान 22° सेंटीग्रेट रहता है। पर्वतीय भाग में तापमान 20° सेंटीग्रेट रहता है।

       यहाँ की प्रमुख नदियों में महावली गंगा, पान और अरुबी है, जो मध्यवर्ती उच्चभूमि से निकलकर तटवर्ती क्षेत्रों से बहती हुई समुद्र में गिरती है। रमपद और बुद्धपद जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में दियालुमा, लक्सपाना और पेरावाला सुंदर जलप्रपात भी हैं।


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 खण्ड (अ) अध्याय 7 भारत के पड़ोसी देश

(स) बांग्लादेश

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अध्याय 7 भारत के
I. वस्तुननिष्ठ प्रश्नोत्तर
(i)  बांग्लादेश के पूर्व नाम क्या था?
(क) पूर्वी पाकिस्तान
(ख) पूर्वी बंगाल
(ग) पाकिस्तान
(घ) मुजिबनगर
उत्तर- (के) पूूर्वी पाकिस्तान
(ii) भारत के साथ बांग्लादेश की स्थलीय सीमा कितनी लंबी है?
(क) 4018 कि०मी०
(ख) 4096 कि०मी०
(ग) 4180 कि०मी०
(घ) 4009 कि०मी ०
उत्तर- (ख) 4096 कि०मी०
(iii) बांग्लादेश कब स्वतन्त्र हुआ?
(क) 17 दिसंबर,1970
(ख) 18 अक्टूबर,1971
(ग) 17 दिसंबर,1971
(घ) 18 मार्च, 1981
उत्तर- (ख) 17 दिसम्बर,1971
(iv) बांग्लादेश एशिया महाद्वीप के किस भाग में है?
(क) पश्चिमी भाग
(ख) दक्षिणी भाग
(ग) उत्तरी भाग
(घ) पूर्वी भाग
उत्तर- (ख) दक्षिणी भाग
(v) ब्रह्मपुत्र नदी को बांग्लादेश में किस नाम से जाना जाता है?
(क) मेघना
(ख) जमुना
(ग) सूरमा
(घ) कर्णफूली
उत्तर- (ख) जमुुना
 
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
1. ढाका नगर की स्थिति एवं महत्व पर प्रकाश डालें।
उत्तर- भारत विभाजन के बाद 1947 ई० में ढाका पूर्वी पाकिस्तान की प्रशासनिक राजधानी बना तथा 17 दिसंबर 1971 ई० में बांग्लादेश के स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आने पर यह राष्ट्रीय राजधानी घोषित हुआ। बूढ़ी गंगा नदी के तट पर स्थित यह देश का सबसे बड़ा शहर है। राजधानी होने के अलावा यह बांग्लादेश का औद्यौगिक और प्रशासनिक केन्द्र भी है। यहाँ पर धान, गन्ना और चाय का व्यापार होता है।
          ढाका की जनसंख्या लगभग 1.1 (2001 के अनुसार) करोड़ है जो इसे दुनिया के ग्यारहवें सबसे बड़ी जनसंख्या वाले शहर का दर्जा भी दिलाता है। ढाका न सिर्फ देश का सबसे साक्षर (63%) शहर है बल्कि बांग्लादेश के शहरों में सबसे ज्यादा विविधता वाला शहर भी है। ढाका का अपना इतिहास रहा है और इसे दुनिया में मस्जिदों के शहर के नाम से जाना जाता है।
2. बंगलादेश के धरातल का विवरण दीजिए।
उत्तर- बांग्लादेश डेल्टाई प्रदेश है जो विश्व के सबसे बड़े डेल्टा अर्थात गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा के मध्य स्थित है। इस मैदानी देश के अधिकतर भाग की ऊँचाई समुद्र तल से 25 मीटर से भी कम है। डेल्टा क्षेत्र में इन नदियों की ढाल बहुत कम है जिसके कारण आसपास के भागों में पानी भर जाता है। मैदान प्रतिवर्ष नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी की परतों से बने हैं जिसके परिणाम स्वरूप अत्यंत उर्वर है। तटवर्ती क्षेत्र दलदली क्षेत्र है।
        डेल्टा क्षेत्र में तट के पास नदियों द्वारा जमा की गई मिट्टी के कारण अनेक छोटे-छोटे टापू बन गए हैं। बांग्लादेश के पूर्वी तट पर स्थित कॉक्स बाजार विश्व का सबसे बड़ा बालुई ‘बीच’ है।
3.बांग्लादेश के आर्थिक संसाधनों का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर – बांग्लादेश का अर्थतंत्र कृषि पर टिका है। देश की 80% जनसंख्या कृषि कार्य में लगी हुई है। कृषि का सकल घरेलू उत्पाद में लगभग एक-तिहाई योगदान है। देश के लगभग 63% भूमि पर कृषि कार्य किया जाता है। यहाँ फसलोत्पादन, पशुपालन, मछली पकड़ना तथा वानिकी प्रमुख आर्थिक क्रिया है। समस्त रोजगार का 81℅ विदेशी व्यापार से प्राप्त आय का 80% तथा राष्ट्रीय उत्पाद का 50% से अधिक कृषि से ही प्राप्त होता है।
          बांग्लादेश खनिज संसाधन के दृष्टिकोण से निर्धन है। यहाँ पर खनिज भंडारों की कमी है। देश में मिलने वाले प्रमुख खनिज कोयला, चुना-पत्थर, नमक, कांच की बालू, लोहा तथा प्राकृतिक गैस है।
         जमालपुर तथा फरीदपुर क्षेत्र में कोयला मिलता है, लेकिन उच्च किस्म का नहीं है। प्राकृतिक गैस सीलहट, टिपरा तथा रसीदपुर क्षेत्र से प्राप्त की जाती है। तितास में प्राकृतिक गैस का उत्पादन होता है जो पाइप लाइन द्वारा ढाका भेजी जाती है। चटगाँव में तेल शोधन का एक प्रमुख कारखाना है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर 
1. बांग्लादेश के भौगोलिक वर्णन विस्तार से करें।
उत्तर – 1947ई० में भारत विभाजन के फलस्वरूप बांग्लादेश ‘पूर्वी पाकिस्तान’ के रूप में पाकिस्तान का एक अंग घोषित किया गया। लेकिन 17 दिसंबर 1971ई० को बांग्लादेश के नाम से यह एक सार्वभौम स्वतंत्र देश घोषित हुआ। इसकी सीमा पश्चिम, उत्तर और पूर्व की ओर भारत की सीमा से सटी हुई है। जिसकी लंबाई करीब 4096 किलोमीटर है। इसके पूर्व में म्यांमार तथा दक्षिण में बंगाल की खाड़ी स्थित है।
         उत्तर में भारत के असम तथा मेघायल है। पूर्व में त्रिपुरा तथा मिजोरम एवं पश्चिम बंगाल राज्य स्थित है। बांग्लादेश के कुल क्षेत्रफल 148393 वर्ग किलोमीटर है। यह देश 20° उत्तरी अक्षांश से 97° उत्तरी अक्षांश तथा 85° पूर्वी देशांतर से 93° पूर्वी देशांतर तक फैला हुआ है। 
           
         जनसंख्या के दृष्टिकोण से बांग्लादेश एशिया का पाँचवाँ सबसे बड़ा राष्ट्र है। बांग्लादेश की जनसंख्या करीब 15 करोड़ (2006) है। यहाँ आशी 880 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर घनत्व है। देश की 98% जनसंख्या बंगाली समुदाय की है। शेष लोग जनजाति है। लगभग 83% जनसंख्या मुसलमानों की है।
               
         बांग्लादेश डेल्टाई प्रदेश है जो विश्व की सबसे बड़ी डेल्टा अर्थात गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा के मध्य स्थित है। इस मैदानी देश के अधिकतर भाग की ऊँचाई समुद्र तल से 25 मीटर से भी कम है। डेल्टा क्षेत्र में इन नदियों की ढाल बहुत कम है। जिसके कारण आस-पास के भागों में पानी भर जाता है।
          मैदान प्रतिवर्ष नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी की परतों से बने हैं। जिसके परिणाम स्वरूप भूमि अत्यंत उर्वर भी है। तटवर्ती क्षेत्र दलदल क्षेत्र है। यहाँ की जलवायु भरत की तरह मानसूनी है। खनिज संपदा के मामले में भी बांग्लादेश निर्धन है। यहाँ खनिज भंडारों की भारी कमी है।
2. बांग्लादेश की कृषि का आर्थिक महत्व बताते हुए प्रमुख व्यापारिक फसलों का वर्णन करें।
उत्तर- बांग्लादेश का अर्थतंत्र कृषि पर टिका है। देश की 80% जनसंख्या कृषि कार्य में लगी हुई है। कृषि का सकल घरेलू उत्पाद में लगभग एक-तिहाई योगदान है। देश के लगभग 63% भूमि पर कृषि कार्य किया जाता है। यहाँ फसलोत्पादन, पशुपालन, मछली पकड़ना तथा वानिकी प्रमुख आर्थिक क्रिया है। समस्त रोजगार का 81℅ विदेशी व्यापार से प्राप्त आय का 80% तथा राष्ट्रीय उत्पाद का 50% से अधिक कृषि से ही प्राप्त होता है।

         देश की 82% कृषि भूमि पर चावल, 6% पर जूट, 4% पर गेहूँ तथा 10% पर सब्जी, फल व नकदी फसलें बोई जाती है। यहाँ धान की तीन फसलें अमन 67%, औस 25% तथा बोरो 3.5 ℅भूमि पर होती है। यहाँ विश्व का 6% से अधिक कच्चा जूट उगाया जाता है। देश का 7% जूट मैमन सिंह के लिए में पैदा होता है।

          चाय- सिलहट तथा चटगाँव की पहाड़ियों के ढलानों पर पैदा होती है। गन्ना तंबाकू तथा गेहूँ अन्य फसलें हैं। पशुपालन व्यवसाय कृषि के पूरक के रूप में प्रचलित है। प्राय: प्रत्येक परिवार अपने उपभोग के लिए मुर्गी या बत्तख, मांस के लिए तथा दुध व ईंधन के लिए मवेशी पालता है। भेड़ व बकरियाँ भी पाली जाती है।


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खण्ड (अ) अध्याय 7 भारत के पड़ोसी देश (ब) भूटान

 खण्ड (अ) अध्याय 7 भारत के पड़ोसी देश

(ब) भूटान

बिहार बोर्ड के 9वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



अध्याय 7 भार
 
I. वस्तुननिष्ठ प्रश्नोत्तर 
(i) भूटान की राजधानी कहाँ है?
(क) काठमांडू
(ख) ढाका
(ग) थिम्पू
(घ) यंगून
उत्तर- (ग) थिम्पू
(ii) भूटान हिमालय की सर्वाधिक ऊँचाई है?
(क) 8848 मीटर
(ख) 7554 मीटर
(ग) 7115 मीटर
(घ) 8850 मीटर
उत्तर- (ख) 7574 मीटर
(iii) भूटान में औसत वार्षिक वर्षा होती है?
(क) 350 से०मी०
(ख) 300 से०मी०
(ग) 250 से०मी०
(घ) 380 से०मी०
उत्तर- (ख) 250 से०मी०
(iv) भूटान के कितने प्रतिशत क्षेत्र पर वनों का विस्तार है?
(क) 20%
(ख) 50%
(ग) 70%
(घ) 21%
उत्तर- (ग) 68 %
(v) भूटान की साक्षरता दर कितना प्रतिशत है?
(क) 30 %
(ख) 40%
(ग) 42%
(घ) 50%
उत्तर- (ग) 42%
 
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर –
1. भूटान के धरातल का विवरण दीजिए।
उत्तर – भूटान के दक्षिणी किनारे पर लगभग 16 किलोमीटर चौड़ी मैदानी पट्टी है। जिसको द्वार कहते हैं। द्वार प्रदेश जो 600 मीटर तक ऊँची एक संकरी पट्टी है। मैदान के उत्तर में निचले हिमालय पर्वत हैं। जिनकी ऊँचाई 1500 से 3000 मीटर के बीच है। इन पर्वतमालाओं के उत्तर में ग्रेटर हिमालय है। जिसकी भूटान में सर्वाधिक ऊँचाई 7574 मीटर है।
2. भूटान के आर्थिक संसाधनों का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर – भूटान औद्योगिक दृष्टि से बहुत पिछड़ा देश है। विषम धरातल, कठोर जलवायु तथा परिवहन के साधनों की कमी के कारण यहाँ संसाधनों के विकास में भारी कठिनाइयाँ है।  लघु तथा कुटीर उद्योगों का विकास यहाँ हुआ है। यहाँ प्लाईवुड, पैकिंग, डिस्टिलरी, रेजीन व तारपीन के तेल के उद्योग स्थापित है। यहाँ पर्यटन उद्योग का विकास तेजी से हो रहा है।       
 
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
1. भूटान का संक्षिप्त परिचय लिखें।
उत्तर – भूटान भारत का एक प्रमुख पड़ोसी देश है। यह पर्वतीय देश है जो पूर्वी हिमालय के मध्य अवस्थित है। भूटान 26°45′ एवं 28°20′ उत्तरी अक्षांश तथा 89°45′ एवं 92°05′ पूर्वी देशांतर के मध्य विस्तृत है। भूटान का क्षेत्रफल 46 500 वर्ग किलोमीटर है। भूटान के उत्तर में चीन(देश), पूर्व में अरुणाचल प्रदेश, दक्षिण में असम तथा पश्चिम में सिक्किम स्थित है। यह सभी भारत के राज्य है। भूटान चारों ओर स्थल से घिरा हुआ है। भूटान की राजधानी थिंफू है।
2. भूटान की जलवायु विशेषताओं की व्याख्या करें।
उत्तर – भूटान की जलवायु पर्वतीय मानसूनी है। यहाँ तापमान पर ऊँचाई का स्पष्ट प्रभाव पड़ता है। वर्षभर कठोर सर्दी पड़ती है। जनवरी का औसत तापमान 4° सेंटीमीटर तथा जुलाई का 17° सेंटीमीटर रहता है। वर्षा 185 सेंटीमीटर से अधिक मई से सितंबर के मध्य होती है। वार्षिक औसत वर्षा 250 सेंटीमीटर होता है। 
            मैदानी भाग द्वार की जलवायु उष्ण कटिबंधीय है। जिसमें जनवरी का महीना ठंडा होता है। लगभग 1050 मीटर से 550 मीटर ऊँचे पर्वतीय प्रदेश में जलवायु शीतोष्ण है। देश की अधिकतर जनसंख्या इसी प्रदेश में निवास करती है। इससे अधिक ऊँचाई वाले भागों की जलवायु बहुत ठंडी है।और वे बर्फ से ढँके रहते हैं। ऊँची पठारी भागों में बहुत कम लोग निवास करते हैं तथा प्राकृतिक वनस्पति भी नाम मात्र का है। पर्वतों के दक्षिणी ढलानों पर अधिक वर्षा होती है और 500 से 750 सेंटीमीटर तक का रिकॉर्ड की जाती है।
3. भूटान की कृषि विशेषताओं तथा औद्योगिक विकास का वर्णन करें।

उत्तर – भूटान की 10% से भी कम भूमि पर कृषि कार्य की जाती है। कृषि कार्य नदियों की आंतरिक घाटियों एवं मध्यम ढालों पर होती है। दक्षिणी-पश्चिमी भाग में कृषि अधिक विकसित है। पूर्वी भाग में स्थानांतरण कृषि होती है। फसलों का उत्पादन ढाल एवं ऊँचाई के अनुसार होता है। चावल, गेहूँ, जौ, आलू, मक्का, सब्जियाँ यहाँ प्रमुख रूप से उपजाई जाती है।


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