4. Chief Governor General and Viceroy (प्रमुख गवर्नर जनरल एवं वायसराय)

4. Chief Governor General and Viceroy

(प्रमुख गवर्नर जनरल एवं वायसराय)



1. बंगाल का पहला गवर्नर जनरल था

➤ वारेन हेस्टिंग्स (1774-75 ई०) 

2. बंगाल में द्वैध शासन की व्यवस्था की

➤ रार्बट क्लाइव ने

3. बंगाल के गवर्नर को गवर्नर जनरल कहा जाने लगा

➤ रेक्यूलेटिंग एक्ट 1773 ई० के अनुसार

4. गीता का अंग्रेजी में अनुवाद किया था

➤ विलियम विलकिन्स ने

5. द एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल की स्थापना की थी

➤ सर विलियम जोंस ने 1784 ई० में

6. सिविल सेवायें प्रारंभ की थी

➤ लॉर्ड कार्नवालिस ने

7. भारत में नागरिक सेवा का जनक माना जाता है

➤ कॉर्नवालिस को

8. भारत में सहायक संधि का प्रयोग किया था

➤ फ्रांसीसी गवर्नर डूप्ले ने

9. कलकता में फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना की थी

➤ लॉर्ड वेलेजली ने

10. स्वयं को बंगाल का शेर कहा करता था

➤ लॉर्ड वेलेजली

11. भारत का पहला गवर्नर जेनरल था

➤ लॉर्ड विलियम बैटिक

12. सती प्रथा को समाप्त किया था

➤ लॉर्ड विलियम बैंटिक ने 1829 ई० में

13. अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाया गया

➤ मैकाल की अनुशंसा पर 

14. भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता कहा जाता है

➤ चार्ल्स मेटकॉफ को 

15. प्रथम आंग्ल-अफगान युद्ध महत्त्वपूर्ण घटना है

➤ लॉर्ड ऑकलैण्ड के समय की 

16. प्रथम आंग्ल-अफगान युद्ध (1839-42 ई०) समाप्त हुआ

➤ लॉर्ड एलिनबरो के समय

17. नरबलि पर प्रतिबंध लगाया था

➤ लॉर्ड हार्डिंग ने

18. शिक्षा संबंधी सुधारों में बुड डिस्पैच को लागू किया था

➤ लॉर्ड डलहौजी ने  सन् 1854 ई० में 

19. भारत में रेलवे का जनक माना जाता है

➤ लॉर्ड डलहौजी को 

Chief Governor General

लॉर्ड डलहौजी

20. भारत में सिविल सेवाओं की शुरुआत किसने की थी?

➤ लार्ड कार्नवालिस ने

21. भारत में कम्पनी द्वारा नियुक्त अंतिम गवर्नर जनरल तथा भारत का प्रथम वायसराय था

➤  लॉर्ड कैनिंग

22. विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित हुआ

➤ लॉर्ड कैनिंग के समय 1856 ई० में   

23. बहावी आन्दोलन का दमन किया था

➤ लॉर्ड ऐल्गिन ने

24. वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट को पारित कर समाचार पत्रों पर कठोर प्रतिबंध लगाया था

➤ मार्च 1878 में लॉर्ड लिटन ने

25. वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट को समाप्त किया था

➤ लॉर्ड रिपन ने 1882 ई० में

26. सिविल सेवा में प्रवेश की आयु को 19 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष किया था

➤ लॉर्ड रिपन ने

27. भारत में प्रथम जनगणना हुई थी

➤ लॉर्ड मेयो के समय 1872 में

28. भारत में नियमित जनगणना करवायी गयी

➤ लॉर्ड रिपन के समय 1881 में

29. लॉर्ड रिपिन को ‘भारत के उद्धारक’ की संज्ञा दी

➤ फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने

30. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई थी

➤ लॉर्ड डफरिन के समय

31. 1905 में बंगाल का विभाजन हुआ

➤ लॉर्ड कर्जन के समय

32. 1911 में बंगाल विभाजन को रद्द करने की घोषणा की गयी थी

➤ लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय के समय

33. 28 जुलाई, 1914 ई० को प्रथम विश्व युद्ध प्रारंभ हुआ था

➤ लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय के समय

34. 1919 में रॉलेट एक्ट तथा 1917 में शिक्षा पर सैडलर आयोग का गठन हुआ था

➤ लॉर्ड चेम्सफोर्ड के शासन में

35. 13 अप्रैल, 1919 ई. को जालियाँवाला बाग हत्या कांड के समय गवर्नर जनरल था

➤ लॉर्ड चेम्सफोर्ड

36. चौरी-चौरा काण्ड (5 फरवरी, 1922 ई०) के समय गवर्नर जनरल था

➤ लॉर्ड रीडिंग

37. 1 सितम्बर, 1939 को द्वितीय युद्ध प्रारंभ के समय गवर्नर जनरल था

➤ लॉर्ड लिनलिथगो

38. ब्रिटिश भारत का अंतिम तथा स्वतंत्र भारत का प्रथम गवर्नर जनरल था

➤ लॉर्ड माउण्टबेटन

39. 1857 के क्रांति के समय गवर्नर जनरल था

➤ लॉर्ड कैनिंग

40. 1907 में सूरत अधिवेशन में कांग्रेस के विभाजन के समय गवर्नर जनरल था

➤ लॉर्ड मिण्टो द्वितीय

41. ब्रिटिश शासन काल का स्वर्णयुग कहा जाता है

➤ लार्ड रिपन के शासन काल को

42. भारत में पहली बार डाक टिकट प्रचलन आरंभ तथा पोस्ट ऑफिस एक्ट पारित हुआ था

➤ लॉर्ड डलहौजी के समय

43. पंजाब का प्रसिद्ध कूका आन्दोलन हुआ था

➤ लॉर्ड नार्थब्रुक के समय

44. स्थानीय स्वशासन की शुरुआत की थी

➤ लॉर्ड रिपन ने

45. भारत में लोक सेवा का जनक कहा जाता है।

➤ लॉर्ड कार्नवालिस को

46. भारतीय सिविल सेवा में प्रथम व्यक्ति कौन चुना गया था?

➤ सत्येन्द्र नाथ टैगोर

3. Indian National Congress and Mahatma Gandhi (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एवं महात्मा गाँधी)

3. Indian National Congress and Mahatma Gandhi

(भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एवं महात्मा गाँधी)


1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई थी

➤ 28 दिसम्बर 1885 ई को बम्बई में (गोकुलबास तेजपाल संस्कृत कॉलेज भवन में)

2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक थे

➤ ए० ओ० झूम (स्कौटलैण्ड निवासी)

3. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष थे

➤ व्योमेश चन्द्र बनर्जी

4. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम महिला अध्यक्ष थी

➤ श्री मती एनी बेसेंट (कलकता अधिवेशन, 1917)

5. कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष थे

➤ बदरूद्दीन तैयबजी (1887, मद्रास अधिवेशन) 

6. कांग्रेस के प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष थे

➤ जार्ज यूले (1888, इलाहाबाद अधिवेशन)

7. कांग्रेस में प्रथम फुट पड़ी थी

➤ सूरत अधिवेशन, 1907 में (अध्यक्ष डॉ रास बिहारी घोष)

8. कांग्रेस का पुन: मिलन हुआ था

➤ लखनऊ अधिवेशन (1916 में)

9. कांग्रेस की स्थापना के समय भारत का वायसराय था

➤ लार्ड डफरिन

10. कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में शामिल सदस्यों की संख्या थी

➤ 72 

11. कांग्रेस के एक मात्र अधिवेशन जिसकी अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की थी

➤ बेलगाँव अधिवेशन (कर्नाटक, 1924 में)

12. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष थी

➤ सरोजनी नायडू (1925, कानपुर अधिवेशन)

13. पहली बार ‘स्वराज्य’ की माँग दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में की गई थी

➤ 1906 के कलकता अधिवेशन में

14. ‘पूर्ण स्वराज्य’ का मांग जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में की गई थी

➤ 1929 के कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में

15. जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस का एक मात्र अधिवेशन जो गाँव में हुआ था

➤ 1937 का फैजपुर अधिवेशन 

16. जब भारत आजाद हुआ, उस समय कांग्रेस के अध्यक्ष थे

➤ जे० बी० कृपलानी 

17. महात्मा गांधी (मोहनदास करमचन्द गांधी) का जन्म हुआ था

➤ 2 अक्टूबर 1869 को पोरबन्दर (गुजरात) में

18. गांधीजी दक्षिण अफ्रिका गये थे

➤ 1893 में (एक मुकदमें के पैरवी के लिए)

19. गांधीजी दक्षिण अफ्रिका से भारत आये थे

➤ 1915 ई० में

20. गांधीजी के राजनीतिक गुरु थे

➤ गोपाल कृष्ण गोखले

21. गांधीजी ने ‘सत्याग्रह’ का सर्वप्रथम प्रयोग किया था

➤ द० अफ्रिका में (1906 में)

22. गांधीजी ने भारत में सत्याग्रह का पहला प्रयोग किया था

➤ बिहार के चम्पारण में (1917 ई. में)

23. गांधीजी को सर्वप्रथम ‘महात्मा की उपाधि’ दी थी

➤ रवीन्द्रनाथ टैगोर ने

24. गांधीजी ने खिलाफत आन्दोलन का नेतृत्व किया था

➤ 1920 ई० में

25. गांधीजी ने असहयोग आन्दोलन की शुरूआत की थी

➤ 1 अगस्त, 1920 को

26. गांधीजी ने ब्रिटिश सरकार द्वारा प्राप्त ‘कैसर-ए-हिन्द’ के उपाधि को लौटा दिया था

➤ 1920 में (जलियावाला बाँग हत्याकांड के विरोध में)

27. ‘यंग इंडिया’ एवं ‘नवजीवन’ समाचार पत्रों की स्थापता गांधीजी ने की थी

➤ 1919 ई० में

28. मई 1942 में प्रस्तुत क्रिप्स प्रस्ताव को ‘पोस्टडेटेड चेक’ कहा था

➤ गांधी जी ने

29. गांधी जी ने ‘नमक कानून’ तोड़ने के लिए डांडी यात्रा (साबरमती से) की थी

➤ 12 मार्च 1930 को 78 स्वयंसेवकों के साथ

30. ‘करो या मरो’ का नारा गांधीजी ने ‘भारत छोड़ों आन्दोलन’ के दौरान दिया था

➤ 8 अगस्त 1942 को

31. गांधी-इरविन या दिल्ली समझौता हुआ था

➤ 5 मार्च 1931 को

32. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (17 सितम्बर 1931) में कांग्रेस का नेतृत्व किया था

➤ गांधीजी ने

33. गांधीजी और अम्बेदकर के बीच ‘पूना पैक्ट’ हुआ था

➤ 26 सितम्बर 1932 को

34. गांधीजी को गिरफ्तार कर रखा गया था

➤ आगा खाँ पैलेस (पूना) में

Indian National Congress

आगा खाँ पैलेस (पूना) में

35. ‘हरमिट ऑफ शिमला’ कहा जाता है

➤ ए. ओ. ह्यूम को

36. महात्मा गांधी का अंतरात्मा रक्षक (कन्साइन्स कीपर) कहा जाता है

➤ रविन्द्रनाथ टैगोर को

37. महात्मा गांधी को अर्द्धनग्न फकीर (नंगा फकीर) कहा था

➤ बिस्टन चर्चिल ने

38. गांधीजी ने सविनय अवज्ञा आन्दोलन किया था

➤ 1930 में

39. गांधी जी चम्पारण गये थे

➤ राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर

40. सर्वप्रथम महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ कहा था

➤ सुभाष चन्द्र बोस ने (1944 में)

41. गांधीजी की मृत्यु (समाधि स्थल-राजघाट) हुई थी

➤ 30 जनवरी 1948 को (नाथुराम गोड्से द्वारा हत्या)

2. Medieval Indian History (मध्यकालीन भारतीय इतिहास)

2. Medieval Indian History

(मध्यकालीन भारतीय इतिहास)



1. गुलाम वंश की स्थापना 1206 ई० में किया था

➤ कुतुबुद्दीन ऐबक ने (राजधानी- लाहौर)

2. कुतुबमीनार की नींव डाली थी

➤ कुतुबुद्दीन ऐबक ने (पुरा किया- इल्तुतमिश ने)

3. ढ़ाई दिन का झोपड़ा (अजमेर में) नामक मस्जिद का निर्माण कराया था

➤ कुतुबुद्दीन ऐबक ने

4. लाख बख्श (लाखों का दान देने वाला) के नाम से प्रसिद्ध था

➤ कुतुबुद्दीन ऐबक

5. दिल्ली सल्तनत की प्रथम मुस्लिम महिला शासक थी

➤ राजिया सुल्तान (इल्तुतमिश की पुत्री)

6. नालंदा विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने वाला था

➤ बख्तियार खिलजी (ऐबक का सहायक)

7. 1210 ई० में कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु हुई थी

➤ चौगन खेलते समय (दफनाया गया लाहौर में)

8. लाहौर से राजधानी को स्थानान्तरित कर दिल्ली ले गया था

➤ इल्तुतमिश ने

9. भारत में इस्लामी पद्धति पर आधारित प्रथम मस्जिद था

➤ कुव्वत-उल-इस्लाम (निर्माणकर्ता ऐबक)

10. दिल्ली सल्तनत का वास्तविक संस्थापक कहा जाता है

➤ इल्तुतमिश को

11. कुतुबमीनार का निर्माण किया गया था

➤ ख्वाजा बख्तियार काकी की स्मृति में

12. शुद्ध अरबी (टका) सिक्के चलाने वाला पहला तुर्क सुल्तान था

➤ इल्तुतमिश

13. दिल्ली सल्तनत में इक्तेदारी प्रथा चलाने वाला प्रथम शासक था

➤ इल्तुतमिश

14. गुलाम वंश का अंतिम शासक था

➤ शम्सुद्दीन कैमुर्स

15. टोपी सीकर अपना जीवन निर्वाह करने वाला सुल्तान था

➤ नासीरूद्दीन महमूद

16. ‘लौह एवं रक्त’ की नीति का पालन किया था

➤ बलबन ने

17. खिलजी वंश का संस्थापक था

➤ जलालुद्दीन खिलजी

18. घोड़ा दागने एवं सैनिको की हुलिया रखने की प्रथा शुरू की थी

➤ अलाउद्दीन खिलजी ने

19. अलाउद्दीन खिलजी का दरबारी कवि था

➤ अमीर खुसरो

20. अलाउद्दीन का खिलजी का मूल नाम था

➤ अली एवं गुर्शास्प (बचपन का नाम) 

21. स्वयं को खलीफा घोषित करने वाला दिल्ली सल्तनत का पहला सुल्तान था

➤  मुबारक खिलजी (अलाउद्दीन का पुत्र)

22. तुगलक वंश का संस्थापक था

➤ ग्यासुद्दीन तुगलक

23. सिंचाई के लिए कुएँ एवं नहरों का निर्माण करवाया था

➤ ग्यासुद्दीन ने

24. पागल बादशाह, स्वप्न शील एवं रक्त पिपासु कहा जाता है

➤ मुहम्मद बिन तुगलक को

25. अफ्रीकी यात्री इब्नबतुता भारत आया था

➤ मुहम्मद बिन तुगलक के समय

26. विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ई० में किया था

➤ हरिहर एवं बुक्का ने (मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में)

27. ब्राह्मणों पर जजिया कर लगाने वाला पहला मुसलमान शासक था

➤ फिरोज तुगलक

28. तुगलक वंश का अंतिम सुल्तान था

➤ नासिरूद्दीन महमूद

29. सैय्यद वंश का संस्थापक था

➤ खिज्र खाँ

30. सर्वप्रथम ‘शाह’ की उपाधि धारण किया था

➤ मुबारक खाँ ने (खिज्र खाँ का पुत्र)

31. सैय्यद वंश का अंतिम सुल्तान था

➤ अलाउद्दीन आलमशाह

32. लोदी वंश का संस्थापक था

➤ बहलोल लोदी (1451 ई० में)

33. दिल्ली पर प्रथम अफगान राज्य की स्थापना का श्रेय जाता है

➤ बहलोल लोदी को

34. 1504 ई० में आगरा शहर की स्थापना की थी

➤ सिकन्दर लोदी ने

35. विजयनगर की राजधानी थी

➤ हम्पी (कर्नाटक) में

36. पानीपत का प्रथम युद्ध इब्राहीम लोदी और बाबर के बीच हुआ था

➤ 21 अप्रैल 1526 ई० को (विजयी बाबर)

37. दिल्ली सल्तनत की राजकीय भाषा था

➤ फारसी

38. तेनालीराम दरबारी थे

➤ कृष्णदेव राय (आंध्र प्रदेश) के

39. अमीर खुसरों के गुरू थे

➤ निजामुद्दीन औलिया

40. विजय नगर साम्राज्य के खंडहर अवस्थित है

➤ तुंगभद्रा नदी के तट पर

41. इटली यात्री निकोलोकाण्टी विजयनगर की यात्रा पर आया था

➤ देवराय प्रथम के काल में

42. कृष्णदेव राय के दरबार में ‘अष्टू दिग्गज थे

➤ तेलुगु साहित्य के 8 सर्वश्रेष्ठ कवि

43. हजारा एवं विठ्ठलस्वामी मंदिर का निर्माण करवाया था

➤ कृष्णदेव राय ने

44. तालीकोटा का युद्ध हुआ था

➤ 25 जनवरी 1565 में

45. तालीकोटा के युद्ध में विजयनगर का नेतृत्व किया था

➤ राम राय ने

46. तुलुव वंश का अंतिम शासक था

➤ सदाशिव

47. बहमनी साम्राज्य का संस्थापक था

➤ अलाउद्दीन बहमनशाह (हसन गंगू)

48. बहमनी साम्राज्य की राजधानी थी

➤ गुलबर्गा

49. जामा मस्जिद  (उत्तर प्रदेश के जौनपुर में) का निर्माण किया था

➤ हुसैनशाह  शर्की के द्वारा (1470 ई. में)

Medieval Indian

जामा मस्जिद  (उत्तर प्रदेश के जौनपुर में)

50. महाभारत एवं राजतरंगिनी को फारसी में अनुबाद करवाया था

➤ जैन-ऊल-आबदीन (कश्मीर का अकबर) ने

51. मांडू के किले का निर्माण करवाया था

➤ हुशंगशाह ने

52. राणा कुम्भा ने 1448 ई० में निर्माण करवाया था

➤ विजय स्तंभ (चित्तौड़ में)

53. खानवा का युद्ध 17 मार्च 1527 ई. में हुआ था

➤ राणा सांगा और बाबर के बीच (विजयी बाबर)

54. 1576 ई. में हल्दीघाटी का युद्ध हुआ था

➤ राणा प्रताप एवं अकबर के बीच (विजयी अकबर)

55. मेवाड़ की राजधानी थी

➤ चित्तौड्ङ्गव

56. गुरुनानक का जन्म हुआ था

➤ 1469 ई. में (पंजाब के तलवंडी स्थान पर)

57. चैतन्य स्वामी का जन्म (1486 ई. में) हुआ था

➤ नदिया (बंगाल) में

58. मुगलवंश का संस्थापक था

➤ बाबर

59. माघर (वास्तविक नाम जहीरूदीन मुहम्मद बाबर) का जन्म हुआ था

➤ 24 फरवरी 1483 ई० को (फरगना में) 

60. बाबर को भारत पर आक्रमण करने का नियंत्रण दिया था

➤ पंजाब के शासक दौलत खाँ लोदी ने

61. बाबर के तोपची थे

➤ उस्ताद अली और मुस्तफा

62. भारत में बाबर का अंतिम युद्ध (अफगानों एवं बाबर के बीच) था

➤ घाघरा का युद्ध (6 मई 1529 ई- को)

63. तोपखाने का प्रयोग बाबर में पहली बार किया था

➤ पानीपत के प्रथम युद्ध में

64. बाबर ने गाजी को उपाधि धारण की थी

➤ खानवा के युद्ध में

65. बाबर के विजय का मुख्य कारण था

➤ तोपखाने का प्रयोग

66. बाबर (पिता-उमरशेख ‘मिर्जा’) की मृत्यु हुई थी

➤ 1530 ई में (दफनाया गया आगरा के अरामबाग में)

67. तुगलमा युद्ध नीति (उस्मानी एवं रूपी विधि) एवं बारूद का सर्वप्रथम प्रयोग किया था

➤ बाबर ने

68. बाबरनामा (बाबर की आत्मकथा) की रचना की थी

➤ बाबर ने

69. बाबरनामा का अनुवाद फारसी भाषा में किया था

➤ अब्दुल रहीम खान खाना

70. बाबरनामा का अंग्रेजी में अनुवाद किया था

➤ सी० एस० बेवरीज ने

71. हुमायूँ का जन्म हुआ था

➤ 1508 ई० में (काबूल में)

72. चौसा का युद्ध (25 जून 1539 ई० को) हुआ था

➤ शेरशाह एवं हुमायूँ के बीच (विजयी शेरशाह)

73. 1 जनवरी 1556 ई. को हुमायूँ की मृत्यु हुई थी

➤ पुस्तकालय की सोड़ियों से गिरने से

74. हुमायूँनामा की रचना की थी

➤ गुलबदन बेगम ने

75. सप्ताह के सातों दिन सात रंग के कपड़े पहनने के नियम बनाए

➤ हुमायूँ ने

76. शेरशाह (बचपन का नाम फरीद खाँ) का जन्म हुआ था

➤ 1472 ई. में बजवाड़ा (होशियारपुर) में

77. शेरशाह की मृत्यु (कालिंजर जीतने के क्रम में) हुई थी

➤ 22 मई, 1545 ई० को

78. शेरशाह का मकबरा स्थित है

➤ सासाराम (बिहार) में

79. कबूलियत एवं पट्टा प्रथा की शुरूआत की थी

➤ शेरशाह ने

80. पाटलिपुत्र को पटना के नाम से पुनः स्थापित किया था

➤ शेरशाह ने (1541 ई. में)

81. ग्रांड ड्रंक रोड का निर्माण करवाया था

➤ शेरशाह ने

82. अकबर (वास्तविक नाम जलालउदीन मुहम्मद अकबर) का जन्म हुआ था

➤ 15 अक्टूबर, 1542 ई को अमरकोट (पाकिस्तान) में

84. अकबर का संरक्षक था

➤ बैरम खाँ ने कलानौर में

83. अकबर का राज्याभिषेक 14 फरवरी, 1556 ई० को सम्पन्न करवाया था

➤ बैरम खाँ (1556 से 1560 ई.)

85. पापीपत की दूसरी लड़ाई अकबर एंव हेमू के बीच हुई थी

➤ 5 नवम्बर 1556 ई० को

86. बैरम खाँ की हत्या (मक्का तीर्थ यात्रा के दौरान) की थी

➤ मुबारक खाँ ने

87. हल्दी घाटी का युद्ध मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप एवं अकबर के बीच हुआ था

➤ 18 जून, 1576 ई० को

88. अकबर के सेनापति का नाम था

➤ मान सिंह

89. फतेहपुर सीकरी का निर्माण करवाया और राजधानी बनाया था

➤ अकबर ने (1571 ई० में)

90. दास प्रथा (1562 ई० में), जजिया कर (1564 में) तथा तीर्थयात्रा कर (1563 में) को समाप्त या अंत किया था

➤ अकबर ने

91. अकबर का राजस्व मंत्री था

➤ टोडरमल

92. अकबर ने इबादतखाने की स्थापना की थी

➤ 1575 ई० में

93. दीन-ए-इलाही (स्थापना – 1582) तथा इलाही संवत् (शुरूआत – 1583) की शुरूआत किया था

➤ अकबर ने

94. अकबर के दरबार का प्रसिद्ध संगीतकार एवं चित्रकार था

➤ क्रमशः तानसेन एवं अब्दुसमद

95. अकबर के दरबार में राजकवि था

➤ फैजी (अबुल फजल का बड़ा भाई)

96. अकबरनामा ग्रंथ की रचना की थी

➤ अबुल फजल ने

97. अकबर की शासन प्रणाली की प्रमुख विशेषता थी

➤ मनसबदारी प्रथा

98. अकबर के समकालीन प्रसिद्ध सुफी संत थे

➤ संत शेख सलीम चिश्ती

99. अकबर को दफनाया गया था

➤ सिकन्दरा के निकट

100. संगीत सम्राट तानसेन (बचपन का नाम रामतनु पाण्डेय) का जन्म हुआ था

➤ ग्वालियर में

101. तानसेन, बैजू बाबरा प्रसिद्ध गायक थे

➤ अकबर के शासनकाल में

102. ‘दीन-ए-इलाही’ धर्म को अपनाने वाला प्रथम एवं अंतिम हिन्दू व्यक्ति था

➤ बीरबल (बचपन का नाम महेश दास)

103. मुगलों की राजकीय भाषा थी

➤ फारसी

104. बुलन्द दरवाजा का निर्माण करवाया था

➤ अकबर ने (गुजरात विजय के उपलक्ष्य में)

105. अकबर का दरबार सुशोभित था

➤ नवरत्न से

106. अकबर ने ‘शीरी कलम’ तथा ‘जड़ी कलम’ की उपाधि दिया था

➤ अब्दुसमद तथा मुहम्मद हुसैन कश्मीरी को

107. हिन्दी साहित्य के ‘स्वर्णकाल’ कहा जाता है

➤ अकबर के काल को

108. हुमायूँ के मकबरे का निर्माण करवाया था

➤ हाजी बेगम (1564 में) ने

109. हुमायूँ के मकबरे का प्रसिद्ध वास्तुकार था

➤ मिरक-मिर्जा-ग्यास-वेग

110. आगरा का किला (दिल्ली में) निर्माण हुआ था

➤ कासिम खाँ के नेतृत्व में

111. ‘न्याय की जंजीर’ के लिए याद किया जाता है

➤ जहाँगीर को

112. सिखों के 5 वें गुरू अर्जुन देव को फांसी दिलवा दी थी

➤ जहाँगीर ने

113. जहाँगीर के मकबरे का निर्माण लाहौर में शहादरा के पास कराया था

➤ नूरजहाँ ने (वास्तविक नाम मेहरूनिसा)

114. गुलाब से इत्र निकालने की विधि खोजी थी

➤ अस्मत बेगम (नूरजहाँ की माँ) ने

115. यूरोपीय यात्री सर टॉमस रो, कैप्टन हॉकिन्स, विलियम किंग आये थे

➤ जहाँगीर के शासनकाल में

116. ‘चित्रकला का स्वर्णकाल’ कहा जाता है

➤ जहाँगीर के काल को

117. उस्ताद मंसूर (पक्षियों एवं पुष्पों का चितेरा) विख्यात चित्रकार था

➤ जहाँगीर के समय

118. शाहजहाँ (खुर्रम) का जन्म हुआ था

➤ 5 जनवरी, 1592 ई. को (लाहौर में)

119. ताजमहल का निर्माण करने वाला मुख्य स्थापत्य कलाकार था

➤ उस्ताद अहमद लाहौरी

120. ‘स्थापत्य कला का स्वर्णयुग’ कहा जाता है

➤ शाहजहाँ के शासनकाल को

121. दिल्ली के लाल किला, जामा मस्जिद तथा मयूर सिंहासन का निर्माण करवाया था

➤ शाहजहाँ ने

122. ‘जिन्दा-पीर’ कहा जाता था

➤ औरंगजेब को

123. सिखों के 9 वें गुरू तेगबहादुर की हत्या करवा दी थी

➤ औरंगजेब ने

124. झरोखा दर्शन की प्रथा तथा नौरोज मनाने पर रोक लगाई थी

➤ औरंगजेब ने

125. हिन्दू मंदिरों को तोड़ने का आदेश दिया था

➤ औरंगजेब ने (1699 ई० में)

126. जयसिंह एवं शिवाजी के बीच पुरन्दर की संधि हुई थी

➤ 22 जून 1665 ई० को

127. शिवाजी को औरंगजेब ने कैद कर रखा था

➤ आगरा के जयपुर भवन (16 मई 1966 ई०) में

128. जजिया कर को पुनः लागू किया था

➤ औरंगजेब ने (1679 ई० में)

129. औरंगजेब ने ‘बीबी का मकबरा’ का निर्माण 1679 ई० में करवाया था

➤ औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में

130. लाल किले के मोती मस्जिद को बनवाया था

➤ औरंगजेब ने

131. ताजमहल की फूहड़ नकल कहा जाता है

➤ बीबी के मकबरा को

132. भारत को दारूल हर्ष (काफिरों का देश) से दारूल इस्लाम (इस्लाम का देश) बनाना चाहता था

➤ औरंगजेब

133. औरंगजेब की मृत्यु (1707) होने के बाद उसे दफनाया गया था

➤ दौलताबाद में

134. सवार पद में दुअस्पा एवं सिंह-अस्पा की व्यवस्था की थी

➤ जहाँगीर ने

135. मराठा साम्राज्य का संस्थापक शिवाजी का जन्म हुआ था

➤ 1627 ई० में शिवनेर दुर्ग (चुन्नार के समीप) में

136. शिवाजी के पिता तथा माता का नाम था

➤ शाहजी भोंसलें एवं जीजाबाई

137. शिवाजी के गुरू एवं संरक्षक थे

➤ दादाजी कोण्डदेव

138. शिवाजी ने अपनी राजधानी बनायी थी

➤ रायगढ़ को (1656 ई० में)

139. शिवाजी के मंत्रिमंडल (अष्ट्प्रधान) में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण पद था

➤ पेशवा (प्रधानमंत्री)

140. 16 जून, 1674 ई० को शिवाजी ने अपना राज्याभिषेक करवाया था

➤ श्री गंगाभट्ट द्वारा (रायगढ़ में)

141. रैयतवाड़ी प्रथा (एक भूमि कर प्रणाली) को चलाया था

➤ शिवाजी ने

142. शिवाजी के काल में ‘चौथ’ और ‘सरदेशमुखी’ था

➤ एक कर

143. मराठा राज्य का दूसरा संस्थापक माना जाता है

➤ बालाजी विश्वनाथ को

144. शिवाजी की मृत्यु (1680) के बाद उनका उत्तराधिकारी था

➤ शम्भा जी

145. दिल्ली पर आक्रमण करने वाला पहला पेश्वा था

➤ बाजीराव प्रथम

146. अंतिम पेशवा था

➤ बाजीराव-।।

147. महाभारत का अनुवाद रज़्मनामा नाम से फारसी में किया था

➤ बदायूनी, नकीब खाँ तथा अब्दुल कादिर ने

148. तख्ते ताऊस (मयूर सिंहासन) पर बैठने वाला अंतिम शासक था

➤ मुहम्मदशाह

149. अंतिम मुगल शासक था

➤ बहादुर शाह जफर द्वितीय

150. ‘रंगीला बादशाह’ कहा जाता है

➤ मुहम्मद शाह को

151. मुगल वंश का ‘घृणित कायर’ कहा गया है

➤ फारूखसियर को

152. ‘लम्पट मूर्ख’ कहा जाता था

➤ जहाँदार शाह को

153. शिवाजी की पैदल सेवा को कहा जाता था

➤ पाईक

154. अवध का अंतिम नवाब था

➤ वाजिद अली शाह

155. लखनऊ से पहले अवध की राजधानी थी

➤ फैजाबाद

156. शिवाजी को ‘राजा’ की उपाधि दी थी

➤ औरंगजेब ने (1667 ई० में)

157. पानीपत का तीसरा युद्ध अहमदशाह अब्दाली और मराठों के बीच हुआ था

➤ 1761 ई० में (हार-मराठा की)

158. पेशवा का पद वंशानुगत हो गया

➤ बालाजी विश्वनाथ के समय से

159. कश्मीर के ‘निशात बाग’ तथा लाहौर का ‘शालीमार बाग’ का निर्माण करवाया था

➤ बाबर ने

160. ‘राजत्व का नया सिद्धांत’ दिया था

➤ बलवन ने

161. बहादुर शाह का उपनाम था

➤ शाह-बेखबर

162. ‘रंगीला बादशाह’ कहा जाता था

➤ मुहम्मद शाह को 

163. ‘ईरान का नेपोलियन’ कहा जाता है

➤ नादिरशाह को

164. सिखों के 9वें गुरू तेगबहादुर को फाँसी की सजा दी थी

➤ औरंगजेब ने

165. अंग्रेजों द्वारा बंदी बनाकर बहादुरशाह जफर द्वितीय को भेजा गया था

➤ रंगून में

166. अहमदशाह अब्दाली का वास्तविक नाम था

➤ अहमद खाँ

167. तानसेन के गुरू थे

➤ बाबा हरिदास (गायन एवं शास्त्रीय संगीत)

168. ‘पूर्व का रॉफेल’ कहा जाता है

➤ वेहजाद को

169. बाबर का मकबरा है

➤ काबूल (आफगानिस्तान में)

12. Suez Canal Trade Route (स्वेज नहर व्यापारिक मार्ग)

12. Suez Canal Trade Route

(स्वेज नहर व्यापारिक मार्ग)



 परिचय

      स्वेज नहर एक मानव निर्मित अर्थात् कृत्रिम नहर है जो कि भूमध्य सागर और लाल सागर को आपस में जोड़ती है। यह नहर सम्पूर्ण विश्व के लिए एक छोटा व्यापारिक मार्ग उपलब्ध कराता है। इस नहर के बनने से यूरोप, एशियाई देशों, ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ्रीकी देशों के बीच व्यापार में आशातीत प्रगति हुआ है।

स्वेज नहर

स्वेज नहर का निर्माण

     स्वेज नहर का निर्माण  सन 1859 ई० में एक फ्रांसीसी इंजीनियर फर्डिनेंड ने शुरू किया था। इस नहर के बनने और शुरु होने में लगभग 10 वर्ष का समय लग गए थे। यातायात के लिए यह 1869 ई० में खोला गया। इस नहर के बनने में लगभग 1,20,000 मजदूर हैजा तथा अन्य बीमारियों से काल कवलित हो गए थे अर्थात यह नहर काफी अधिक त्याग और तपस्या से बनी थी।

स्वेज नहर की संरचना

     यह नहर की लम्बाई 168 किमी०, चौडाई 60 मीटर और गहराई 10 से 15 मीटर है। इस नहर के भूमध्य सागर वाले उत्तरी छोर पर पोर्ट सईद तथा लाल सागर वाले दक्षिणी छोर पर पोर्ट तौफीक, स्वेज और पोर्ट इब्राहीम स्थित है।

Suez Canal

जहाजों का परिचालन

      नहर को 1869 ई० में यातायात के लिए खोल दिया गया। शुरूआत में केवल दिन में ही जहाज नहर को पार करते थे परंतु  बाद में 1888 ई० से रात में भी पार होने लगे। 1866 ई० में इस नहर के पार होने में 36 घंटे समय लगते थे परंतु आज सिर्फ 10 से 12 घंटे का समय लगता है। इस नहर में प्रतिदिन 24 जलयान ही आवागमन कर सकते हैं। जलयानों की चाल 11 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच होती है। इससे ज्यादा गति होने पर इस नहर के दोनों किनारों को नुकसान पहुँचने का डर रहता है।

स्वेज नहर से लाभ

     स्वेज नहर के पहले यूरोप से आने वाले जहाजों को उत्तमाशा अंतरीप का चक्कर लगाना पड़ता था जो कि काफी लंबी दूरी वाला जलमार्ग है। अब उन्हें सीधे भूमध्य सागर से होकर स्वेज नहर होते हुए लाल सागर में प्रवेश करना पड़ता है जो अपेक्षाकृत एक बेहद छोटा मार्ग है। स्वेज नहर मार्ग के कारण यूरोप से एशिया और पूर्वी अफ्रीका का सीधा मार्ग खुल गया है और इससे लगभग 6000 मील की दूरी की बचत होती है। इसके कारण अनेक देशों, पूर्वी अफ्रीका, ईरान, अरब, भारत, पाकिस्तान, सुदूर पूर्व एशिया के देशों ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड आदि देशों के साथ व्यापार में बड़ी सुविधा हुई है और व्यापार काफी अधिक बढ़ गया है।

     इस नहर के बन जाने से यूरोप एवं सुदूर पूर्व के देशों के मध्य दूरी काफी कम हो गई है जैसे कि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड आदि देशों के साथ व्यापार में बड़ी सुविधा हुई है और व्यापार बहुत बढ़ गया है। इस नहर के बन जाने से यूरोप एवं सुदूर पूर्व के देशों के मध्य दूरी काफी कम हो जाती है जैसे कि लिवरपूल से मुंबई- 7250 किमी०, लिवरपूल से हांगकांग- 4500 किमी० तथा न्यूयार्क से मुंबई- 4500 किमी० की दूरी कम होने से एशियाई तथा यूरोपीय देशों के व्यापारिक संबंध प्रगाढ़ हुए हैं।

स्वेज नहर से होने वाले व्यापार

    इस नहर के द्वारा फारस की खाड़ी के देशों से खनिज तेल भारत तथा अन्य एशियाई देशों से अभ्रक, लौह अयस्क, मैगनीज, चाय, कॉफी, जुट, रबड, कपास, ऊन, मसाले, चीनी, चमड़ा, खाल, सागवान की लकड़ी, सूती वस्त्र, हैंडीक्राफ्ट आदि पश्चिम यूरोपीय देशों तथा उत्तर अमेरिका को भेजी जाती हैं।

   यूरोपीय देशों तथा उत्तर अमेरिका आदि देशों से रासायनिक पदार्थ, इस्पात, मशीन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, औषधियाँ, मोटर गाड़ियाँ, वैज्ञानिक उपकरणों आदि का आयात किया जाता है।

स्वेज नहर का स्वामित्व

      इस नहर के निर्माण के बाद इसका प्रबंधन ‘स्वेज कैनाल कंपनी’ करती थी जिसमें आधे का शेयर फ्रांस का था और आधे में तुर्की, मिस्र और अन्य अरब देशों के थे। बाद में तुर्की, मिस्र और अन्य अरब देशों का शेयर अंग्रेजों ने खरीद लिया। 1888 ई० के अंतर्राष्ट्रीय संधि के अनुसार यह नहर सभी देशों के लिए समान रूप से खोल दिया गया परंतु अंग्रेजों ने 1904 ई० में यह संधि तोड़ दी और बाद में 1956 ई० में मिस्र के राष्ट्रपति कर्नल नासिर ने इस नहर का राष्ट्रीयकरण कर दिया और इस प्रकार यह पूर्ण रूप से अब मिस्र के नियंत्रण में आ गया।

निष्कर्ष

     इस प्रकार कहा जा सकता है कि स्वेज नहर का विश्व के व्यापार और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस नहर के निर्माण से न सिर्फ दूरियाँ कम हुई है बल्कि व्यापार भी काफी अधिक बढ़ गए हैं।

11. Panama Canal Trade Route (पनामा नहर व्यापारिक मार्ग)

11. Panama Canal Trade Route

(पनामा नहर व्यापारिक मार्ग)



परिचय

      पनामा नहर एक कृत्रिम अर्थात् मानव निर्मित जलमार्ग है जो पनामा में स्थित है। यह नहर दो विशाल महासागर प्रशांत तथा अटलांटिक को जोड़ने का काम करती है। यह नहर अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रमुख जलमार्गों में से एक है।

पनामा नहर का निर्माण

     पनामा नहर का निर्माण पनामा जलडमरुमध्य के आर-पार पनामा नगर एवं कोलोन के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका के द्वारा किया गया जिसके दोनों ही ओर के 8 किलोमीटर क्षेत्र को खरीद कर इसे नहर मंडल का नाम दिया है। यह नहर 72 किलोमीटर लंबी है जो लगभग 12 किलोमीटर लंबी अत्यधिक गहरी कटान से युक्त है। इसकी चौड़ाई 90 मीटर तथा न्यूनतम गहराई 12 मीटर है। इस नहर में कुल 8 जल बंधक तंत्र (Water Locking System) है तथा जलयान पनामा की खाड़ी में प्रवेश करने से पहले इन जल बंधक तंत्रों से होकर विभिन्न ऊँचाई की समुद्री सतह (26 मीटर ऊपर या नीचे) को पार करते हैं।

     नहर का निर्माण 14 अगस्त 1914 ई० को पूरा हुआ और 15 अगस्त 1914 ई० को यह जलयानों के आवागमन के लिए खोल दिया गया था। पनामा नहर के निर्माण में कई सौ वर्षों का समय लगा था। सबसे पहला प्रयास स्पेन के राजा ने 1534 ई० में किया था। इसके बाद में स्कॉटलैंड राज्य द्वारा 1658 ई० में भी प्रयास किया गया था। 1855 ई० में विलियम कनिष नामक इंजीनियर ने संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार के लिए काम करते हुए इस इलाके का सर्वेक्षण किया और अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। पुनः 1877 ई० में अरमंड रेक्लस नामक फ्रांसीसी सेना इंजिनियर और लूसियान नेपोलियन नामक इंजीनियरों ने मिलकर नहर के निर्माण के लिए सर्वेक्षण किया।

     अंततः नहर निर्माण का कार्य फ्रांस द्वारा 1 जनवरी 1881 ई० को फर्डिनेंडो डी लेपस के नेतृत्व में शुरू किया गया। क्योंकि क्षेत्र का भूगर्भिक और जलवायुविक सर्वेक्षण नहीं किया गया था अतः यहां भयानक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मच्छरों, बीमारियों और दुर्घटनाओं में लगभग 22000 लोगों की जान चली गई। 1889 ई० में फर्डिनेंडो डी लेपस की कंपनी जब दिवालिया हो गई तब कंपनी को निरस्त कर दिया गया और नहर निर्माण का  कार्य रुक गया। 1894 ई० में पुन: दूसरी कंपनी ने प्रयास किया लेकिन वह भी असफल रहा।

   सबसे अंत में अमेरिकी सरकार ने आगे बढ़ते हुए 1904 ई० में इस नहर का निर्माण का कार्य शुरू किया और 1914 ई० में पूरा किया। इस प्रोजेक्ट में लगभग 37.5 करोड़ डॉलर खर्च हुए। तमाम परिवर्तनों, विवादों और अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में इसकी निष्पक्ष स्थिति को बनाए रखने हेतु इस नहर का प्रशासन 31 दिसंबर 1999 को पनामा को सौंप दिया गया।

पनामा नहर की क्षमता

     वर्तमान में पनामा नहर से सिर्फ वही जहाज गुजर सकते हैं जो 1050 फीट लंबा, 110 फीट चौड़ा और 41 फीट गहरा हो। हालांकि आधुनिक जहाज आकार में काफी बड़े हो चुके हैं इसलिए यहाँ नया लॉक सिस्टम बनाया जा रहा है।

पनामा नहर का विस्तार और पुनः व्यापारिक यातायात

      पनामा नहर को विस्तार के बाद 26 जून 2016 को विशाल जहाजों के लिए खोल दिया गया। इसके विस्तार पर करीब 5.4 अरब डॉलर खर्च हुए। चीन के एक विशाल जहाज का कास्को शिपिंग पनामा ने इस विस्तारित नहर का उ‌द्घाटन किया। करीब 9000 कंटेनरों के साथ जहाज ने नहर में प्रवेश किया। नहर में पहले की तुलना में 3 गुना ज्यादा बड़े जहाज गुजर सकेंगे। इससे पनामा नहर प्राधिकरण को 2021 तक सालाना लगभग 2.1 अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।

पनामा नहर से लाभ

      अमेरिका के पूर्वी और पश्चिमी तटों के बीच की दूरी इस नहर से होकर गुजरने पर तकरीबन 8,000 मील घट जाती है क्योंकि इसके ना होने की स्थिति में जलयानों को दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी छोर केप हॉर्न अंतरीप से होकर चक्कर लगाते हुए जाना पड़ता था। पनामा नहर को पार करने में जलयानों को 8 घंटे का समय लगता है।

     इस नहर के द्वारा समुद्री मार्ग से न्यूयॉर्क एवं सैन फ्रांसिस्को के मध्य लगभग 13000 किलोमीटर की दूरी कम हो गई है। इसी प्रकार पश्चिमी यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिमी तट, उत्तर पूर्वी और मध्य संयुक्त राज्य अमेरिका और पूर्वी तथा दक्षिण पूर्वी एशिया के मध्य की दूरी बेहद कम हो गई है।

Panama Canal

पनामा नहर के द्वारा व्यापार

     पनामा नहर जल मार्ग से होकर विश्व के लगभग 5% से अधिक जहाज गुजरते हैं। इस नहर द्वारा अमेरिका, कनाडा, पश्चिमी यूरोप, चीन, कोरिया, और दक्षिण अमेरिका के अन्य देशों की कंपनियों द्वारा ऑटोमोबाइल, खाद्य पदार्थ, वस्त्र, दवाइयाँ, रसायन, मशीनरी, कोयला, पेट्रोलियम आदि विभिन्न उत्पादों का परिवहन किया जाता है। इस नहर का अधिकतम उपयोग अमेरिकी जलयान करते हैं जो चीन, जापान, कोलंबिया तथा साउथ कोरिया को जाते हैं।

 

निष्कर्ष

       इस प्रकार निष्कर्षत: कहा जा सकता है कि पनामा नहर का आर्थिक महत्व काफी अधिक है हालाँकि स्वेज नहर की अपेक्षा कम है। फिर भी विश्व व्यापार के साथ ही दक्षिण अमेरिका की अर्थव्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है। अमेरिकन सोसाइटी ऑफ सिविल इंजीनियर ने आधुनिक अभियांत्रिकी के सात आश्चर्य में पनामा नहर को स्थान दिया है। 

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