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35. Metrological Instruments : Functions of Wind Vane, Anemometer, Barometer, Rain Gauge and Dry and Wet Bulb Thermometer

Metrological Instruments: Functions of

Wind Vane, Anemometer, 

Barometer, Rain Gauge

and Dry and Wet Bulb Thermometer

1.  WIND VANE (वात् दिग्दर्शी)

WIND VANE (वात् दिग्दर्शी):-

       इस यंत्र से वायु की दिशा ज्ञात की जाती है। इसे भारतीय मौसम विज्ञान संस्थान द्वारा निर्धारित 10 मीटर की ऊँचाई पर लगाया जाता है, ताकि पवन में कोई रुकावट न हो। इस यंत्र में तीन भाग होते हैं-

(1) एक भाग तीर,

(2) दूसरा भाग पूँछ तथा

(3) तीसरा भाग लम्बवत् धुरी।

        वात् दिग्दर्शी दो प्रकार के होते हैं:-

(1) तीर वाला वात् दिग्दर्शी एवं

(2) कुक्कुट वाला वात् दिग्दर्शी।

     धुरी एवं ऊपर के तीर या कुक्कुट की व्यवस्था इस प्रकार रहती है कि तनिक भी हवा चलने पर यह घूमने लगे। हवा चलने से यह तीर हवा की ओर इशारा करता है अर्थात् जिधर से हवा आती है, उधर उसका तीर होता है। इस यंत्र के निचले भाग में लगी छड़ में चार छड़े लगी रहती है जिन पर दिशाओं के नाम लिखे रहते है, यथा-उत्तर, पूरब, दक्षिण तथा पश्चिम।

     यहाँ एक बात अधिक ध्यान देने की है कि हवा का नामकरण उसी ओर होता है जिधर से हवा आती है, जैसे- यदि हवा पश्चिम की ओर से चल रही है तो उसे पछुआ पवन कहा जायेगा। जिधर से हवा आती है, उधर तीर का नुकीला भाग होता है। जिस यंत्र में तीर के स्थान पर मुर्गा लगा रहता है, उसे वेदर कॉक (Weather Cock) या मौसम कुक्कुट कहा जाता है।

ARROW-TYPE WIND VANE



COCK-TYPE WIND VANE

(WEATHERCOCK)

 



2. Anemometer (पवन वेगमापी)

Anemometer (पवन वेगमापी):-

     इस यंत्र द्वारा हवा की गति ज्ञात की जाती है। इसमें चार कटोरियाँ भुजाओं द्वारा एक लम्बी छड़ी में इस तरह लगी रहती है कि वे आसानी से घूम सके। जब हवा चलती है तो ये कटोरियाँ भी घूमने लगती है। इस छड़ी के निचले भाग में एक छड़ी लगी रहती है जिसमें डायल पर चक्करों की संख्या अंकित रहती है। इसकी सहायता से वायु की गति प्रति घण्टा किलोमीटर ज्ञात कर लेते है। वात् दिग्दर्शी की तरह इस यंत्र को भी धरातल से लगभग 10 मीटर की ऊँचाई पर लगाते हैं।

ANEMOMETER

 



3.  BAROMETER (वायुदाबमापी यंत्र)

BAROMETER (वायुदाबमापी यंत्र):-

    इस यंत्र द्वारा वायुदाब ज्ञात किया जाता है। ये बैरोमीटर प्रमुखतः दो प्रकार के होते हैं-

(1) पारायुक्त बैरोमीटर एवं

(2) निर्द्रव बैरोमीटर।

     इसके अतिरिक्त, अब स्वतः वायुदाब लेखी (Barograph) का प्रयोग किया जाने लगा है जिनका विवरण नीचे दिया जा रहा है।

फॉर्टिन वायुदाब मापी (Fortin’s Barometer)-

     फॉर्टिन बैरोमीटर की रचना फॉर्टिन महोदय ने की थी। उसी के नाम पर इसे फॉर्टिन बैरोमीटर कहा जाता है। यह पारायुक्त वायुदाब मापी है। यह साधारण वायुदाब मापी का परिष्कृत रूप है। इसमें 90 सेण्टीमीटर लम्बी एक काँच की नली होती है जिसमें पारा भरा होता है। इस नली का ऊपरी सिरा बन्द तथा निचला खुला रहता है। निचले सिरे पर नोंक बनी रहती है जो पारे में भरे पात्र में डूबी रहती है। इस बर्तन के नीचे एक चमड़े की थैली के नीचे पेंच लगा रहता है जिसको ढीला करने या कसने पर बर्तन में पारे की ऊँचाई को घटाया या बढ़ाया जा सकता है।

      प्याले तथा नली में पारे की तली को बढ़ने के लिए खुली जगह होती है। मापक का शून्य बताने के लिए हाथीदाँत का नोकदार संकेतक होता है जो दाब नापते समय प्याले से भरे हुए पारे के तल को स्पर्श करता है। नली में पारे का तल पढ़ने के लिए वर्नियर कैलिपर्स मापक होता है। यह सारा यत्र धातु के एक पाइप में बन्द रहता है तथा हुकों द्वारा लकड़ी के तख्ते पर कसा रहता है। इस पूरे यंत्र को काँच के एक शोकेस में रखकर दीवाल पर टाँग दिया जाता है।

     सर्वप्रथम संकेतांक की नोंक को पारे के तल पर स्पर्श कराना चाहिए। यह क्रिया नीचे लगे पेंच द्वारा होती है। यह क्रिया शून्य समायोजन (Zero Adjustment) कहलाती है। अब पारे की सतह पढ़ने के लिए वर्नियर अल्पतमांक ज्ञात करते हैं तथा वर्नियर को पारे की ऊपरी सतह से उठाकर तब तक धीरे-धीरे नीचे लाते हैं जब तक कि वह पारे के सर्वोच्च तल को न छूने लगे। मापक तथा वर्नियर दोनों की नाप जोड़ देने पर वायुदाब आ जाता है। कई बार नाप लेकर उसका मध्यमान ज्ञात कर लिया जाता है।

FORTIN’S BAROMETER

Barometer

        फॉर्टिन बैरोमीटर से वायुदाब लेते समय निम्नांकित सावधानियाँ बरतनी चाहिए-

(1) बैरोमीटर को ऊर्ध्वाधर कर लेना चाहिए।

(2) प्याले में पारे के तल को संकेतक से ठीक-ठीक स्पर्श करना चाहिए।

(3) वर्नियर मापक के निचले सिरे भी नली में पारे के उत्तल तल के उच्चतम बिन्दु से आँख को उसी ऊँचाई पर रखकर स्पर्श करना चाहिए।

      बैरोमीटर (वायुदाबमापी) से निम्न बातों का ज्ञान होता है-

(1) बैरोमीटर से ऊँचाई का ज्ञान होता है-

     जैसे-जैसे ऊँचाई बढ़ती जाती है, वायु का दाब कम होता जाता है फलतः बैरोमीटर को ऊँचाई पर ले जाने से उसका पारा धीरे-धीरे गिरने लगता है। समुद्र तल से 900′ ऊँचाई पर बैरोमीटर से पारे की ऊँचाई लगभग 1″ कम हो जाती है। इस प्रकार प्रत्येक 900′ चढ़ने पर ऊँचाई 1″ कम हो जाती है।

(2) बैरोमीटर से आँधी या तूफान आने का ज्ञान प्राप्त होता है-

     यदि बैरोमीटर का पारा शीघ्रता से गिर रहा है तो यह आँधी या तूफान आने का संकेत करता है क्योंकि उस स्थान का दबाव कम होने के कारण बैरोमीटर का पारा एकदम नीचे गिर जाता है। चारों ओर से ऊँचे दबाव वाले स्थानों से पवनें उस स्थान की ओर बड़े वेग से चलने लगती हैं। यही पवनें तूफान व आँधी का स्वरूप धारण कर लेती है।

(3) बैरोमीटर से मौसम की स्वच्छता का ज्ञान होना-

      यदि बैरोमीटर में पारा धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ने लगे तो समझ लीजिए कि मौसम साफ एवं स्वच्छ होने जा रहा है क्योंकि पारे का चढ़ना अधिक दबाव का द्योतक है। दाब बढ़ने पर वायु अन्य स्थानों को बहने लगती है।

(4) वायुमण्डल के नम होने या वर्षा होने का अनुमान किया जाता है-

    जब बैरोमीटर का पारा धीरे-धीरे नीचे गिरता है तो मौसम के नम होने या वर्षा की सम्भावना की जाती है।

(5) तापमान का ज्ञान होता है-

     जैसे-जैसे तापमान बढ़ता जाता है, वायु गरम होकर हल्की हो जाती है और उसका दबाव घटता जाता है जिससे बैरोमीटर में पारा नीचे गिरने लगता है।

निर्द्रव वायुदाब मापी (Aneroid Barometer)-

      एनीरॉइड ग्रीक भाषा के शब्द Aneros से बना है जिसमें ‘A’ का अर्थ नहीं तथा ‘Neros’ का अर्थ द्रव से लगाया जाता है अर्थात् इसमें कोई द्रव नहीं होता है। यह धातु की एक चादर का बना घड़ी के आकार का एक डिब्बा होता है जिसकी सतह लहरदार होती है। यंत्र की हवा यंत्रों द्वारा निकाल दी जाती है। इस डिब्बे का ऊपरी भाग बहुत हल्की चादर का बना होता है जो थोड़े-से दबाव से प्रभावित होता है।

      वायुदाबमापी के डिब्बे के मध्य का सम्बन्ध एक लीवर तथा कमानी द्वारा ऊपरी भाग में लगी सुई से होता है। हवा के दबाव के कारण डिब्बे का ऊपरी भाग ऊपर-नीचे होता है जो ऊपरी भाग में लगी सुई के द्वारा वायुदाब बताता है। ऊपरी भाग पर आँधी, वर्षा, परिवर्तन, बहुत शुष्क आदि चिह्न बने रहते हैं। इस प्रकार इनकी सहायता से मौसम की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

ANEROIDS BAROMETER

वायुदाब लेखी (Barograph)-

     यह आधुनिकतम उपकरण है जिसमें वायुदाब स्वतः अंकित होता है क्योंकि वायुदाब किसी व्यक्ति द्वारा नहीं पढ़ा जाता है अपितु ग्राफ पेपर पर स्वतः अंकित होता रहता है। इसमें एक बेलन के ऊपर ग्राफ पेपर लगा रहता है तथा इसके भीतर एक घड़ी लगी रहती है जो बेलन को घुमाती है। एक सप्ताह में बेलन एक चक्र पूरा कर लेता है।

      इस प्रकार इस यंत्र द्वारा दैनिक वायुदाब सरलता से ज्ञात कर लिया जाता है। इससे आगामी मौसम के बारे में जानकारी प्राप्त करने में अधिक सहायता मिलती है।

वायुदाब का स्वरूप (Nature of Airpressure):-

     वायुदाब का स्वरूप या इसकी मात्रा का रूप दो प्रकार का होता है-

(1) निम्न बायुदाब:-

     निम्न वायुदाब क्षेत्र में समदाब रेखाएँ अण्डाकार या वृत्ताकार होती है। इसमें केन्द्रीय भाग में वायु का दबाव कम (Low Pressure) तथा बाहर वायुदाब अधिक होता है। इसे चक्रवात भी कहते है। ये वर्षा सूचक है क्योंकि हवाएँ बाहर से केन्द्र की ओर चलती हैं।

(2) उच्च वायुदाब:-

     यह अधिक वायुदाब वाले होते हैं जिनके केन्द्रीय भाग में वायु का दबाव अधिक (High Pressure) तथा बाहर वायुदाब कम होता है। यह साफ एवं शुष्क मौसम का सूचक है। इसमें हवाएँ केन्द्र से बाहर की ओर चलती हैं। इन्हें प्रतिचक्रवात कहते हैं।



4. Rain Gauge (वर्षामापी यंत्र)

Rain Gauge (वर्षामापी यंत्र):-

       साधारणतः वर्षामापी कई प्रकार के होते हैं। इस यंत्र द्वारा किसी निश्चित समय में होने वाली वर्षा की मात्रा ज्ञात की जाती है। साधारणतः यह धातु का बेलन के आकार का एक खोल होता है। इसके ऊपरी भाग में एक कीप (Funnel) लगी रहती है। इस कीप का व्यास बेलन के व्यास के बराबर होता है। वर्षा के समय इसे खुले मैदान में रख दिया जाता है जिससे धीरे-धीरे वर्षा का जल इसमें एकत्रित होता रहता है।

       वर्षा समाप्त होने पर इस जल को अलग से काँच के एक बड़े बर्तन में डालते हैं जिसकी आकृति गिलास जैसी होती है, इसे नपना गिलास कहते हैं। इसमें सेण्टीमीटर या इंच के चिह्न लगे रहते हैं जिनसे वर्षा की मात्रा ज्ञात कर लेते हैं।

     ज्ञातव्य है कि जब बेलन तथा कीप के व्यास बराबर होते हैं तो वर्षा की मात्रा आसानी से ज्ञात हो जाती है किन्तु यह आवश्यक नहीं है कि वे दोनों सदैव बराबर हों। नपना गिलास भी विभिन्न प्रकार के वर्षामापियों के लिए भिन्न-भिन्न होते है। यदि फनल तथा नपना गिलास का व्यास पता हो तो निम्न सूत्र द्वारा नपना गिलास में पानी की ऊँचाई ज्ञात की जा सकती है-

नपना गिलास में पानी की ऊँचाई= कीप का व्यास/नपना गिलास का व्यास

RAIN GAUGE

वर्षालेखी (Rainograph)-

      यह स्वतः वर्षालेखी यंत्र होता है जिसमें वर्षा की मात्रा तथा अवधि दोनों का एक ग्राफ पेपर पर स्वतः आलेखन होता है। इसमें एक घूमता हुआ बेलन होता है जो 24 घण्टे में एक पूरा चक्कर कर लेता है। बेलन के चारों ओर एक ग्राफ लगा रहता है।

     इस ग्राफ का सम्बन्ध लीवर द्वारा एक तैरने वाली वस्तु से होता है। लीवर में एक कलम लगी रहती है जो ग्राफ पेपर को स्पर्श करती है। जब वर्षा होती है तो जल कीप द्वारा नीचे बेलन में गिरता है जिससे लीवर में कम्पन होता है जिसका प्रभाव कलम पर पड़ता है। यह कलम ग्राफ पेपर पर आलेखन करती है।



5. Dry and Wet Bulb Thermometer (शुष्क एवं आर्द्र बल्ब तापमापी)

Dry and Wet Bulb Thermometer (शुष्क एवं आर्द्र बल्ब तापमापी):-

      इस तापमापी के द्वारा तापमान तथा आर्द्रता ज्ञात की जाती है। इसमें एक बोर्ड पर दो तापमापी लगे रहते है। इनमें से एक तापमापी का बल्ब शुष्क तथा दूसरे का गीला रखा जाता है। इसे गीला रखने के लिए बल्ब पर मलमल की पतली पट्टी लिपटी रहती है जिसका एक सिरा नीचे पानी से भरे बर्तन में डूबा रहता है, शुष्क तापमापी का तापमान आर्द्र बल्ब के तापमान से सदैव अधिक रहता है। जितनी अधिक वायु शुष्क होगी, उतना ही अधिक दोनों तापमापियों के पाठ्यांकों में अन्तर होगा। किसी समय दोनों तापमापियों के अन्तर की सहायता से वायु की सापेक्षिक आर्द्रता (Relative Humidity) ज्ञात कर लेते हैं।

DRY

AND

WET BULB THERMOMETER

Metrological Instruments

     किसी वायु पुंज में किसी तापमान पर जितनी अधिकतम जलवाष्प समा सकती है और जितने प्रतिशत वायु में उपस्थित है, उसे सापेक्षिक आर्द्रता कहते हैं अर्थात् किसी निश्चित तापमान पर निश्चित आयतन वाली वायु की आर्द्रता शक्ति तथा उसमें उपस्थित आर्द्रता की वास्तविक मात्रा के अनुपात को सापेक्ष या सापेक्षिक आर्द्रता कहा जाता है।

      उदाहरणार्थ, 70° फारेनहाइट पर आर्द्रता सामर्थ्य 8 ग्रेन है, यदि इसकी वास्तविक आर्द्रता 4.1 ग्रेन है तो सापेक्ष आर्द्रता होगी-

सापेक्ष आर्द्रता = निरपेक्ष आर्द्रता / आर्द्रता सामर्थ्य x 100

= 4.1/8×100

= 51.25%

तापमान की मापनियों का परिवर्तन-

      तापमान प्रायः फारनेहाइट, सेण्टीग्रेड तथा रियूमर में ज्ञात किया जाता है। फारनेहाइट पैमाने का आविष्कार जर्मन विद्वान डेनियल फारनेहाइट ने 1714 ई. में किया था। सेण्टीग्रेड मापनी का आविष्कार स्वीडन के प्रसिद्ध खगोलज्ञ एण्डर्स सेल्सियस ने 1742 ई. में किया था। रियूमर मापनी का आविष्कार फ्रांसीसी वैज्ञानिक रियूमर ने किया था। इन इकाइयों में नापे गये तापमान को निम्नलिखित सूत्र द्वारा परिवर्तित किया जा सकता है-

F-32/180 = C/100 = R/80

या

F-32/9 = C/5 = R/4

14. Composition of The Atmosphere (वायुमण्डल का संगठन)

14. Composition of The Atmosphere

(वायुमण्डल का संगठन)


वायुमण्डल ⇒

Composition of The Atmosphere

 

      ठोस पृथ्वी के चारों ओर गैंसों का एक आवरण मिलता है जिसे वायुमण्डल (Atmosphere) कहते हैं। इसकी कई विशेषताएँ है। जैसे:-

➤ वायुमण्डल के ही अंतर्गत कई प्रकार के मौसमी एवं जलवायु सबंधित घटनाएँ घटित होती है।

➤ हमारा वायुमण्डल गैस, जलवाष्प और धुलकण से निर्मित है।

➤ जलवाष्प की उपस्थिति के कारण ही मौसमी घटनायें घटित होती है।

➤ हमारा वायुमंडल कई उप-पेटियों में विभक्त है।

➤ वायुमण्डल में प्रतिरोधात्मक क्षमता है।

➤ गुरुत्वाकर्षण बल के कारण वायुमंडल पृथ्वी से चिपका हुआ है।

➤ वायुमण्डल में वायुदाब, वायुसंचरण, जलवायु परिवर्तन जैसे गुण पाये जाते हैं।

➤ वायुमण्डल अपने आपको लगातार स्वच्छ बनाए रखता है।

वायुमण्डल का संगठन (Composition of the Atmosphere)

      हमारा वायुमण्डल मुख्यत: गैस, जलवाष्प और धुलकण से निर्मित है। वायुमण्डल को निर्मित करने वाले संघटन की चर्चा नीचे कर रहे हैं-

(1) गैस (Gases)- हमारा वायुमंडल कई प्रकार के गैसों से निर्मित हैं।

क्रम गैस सूत्र आयतन (% में)
1. नाइट्रोजन N2 78.03
2. ऑक्सीजन O2 20.95
3. आर्गन Ar 0.93
4. कार्बन डाई ऑक्साइड CO2 0.036
5. नियॉन Ne 0.002
6. हीलियम He 0.0005
7. क्रिप्टन Kr 0.001
8. जेनन Xe 0.00009
9. हाइड्रोजन H2 0.00005

       उपरोक्त तालिका से स्पष्ट है कि वायुमण्डल में नाइट्रोजन की मात्रा सर्वाधिक है। वायुमण्डल में यह दो कार्यों को सम्पन्न करता है-

(i) ऑक्सीकरण की क्रिया को मंद करता है या रोकता है।

(ii) नाइट्रोजन चक्र को संचालित करता है।

➤ हमारे वायुमण्डल में दूसरा सबसे महत्वपूर्ण गैस ऑक्सीजन है जो ऑक्सीकरण तथा प्रज्वलन की क्रिया में मदद करता है। साथ ही जैविक श्वसन क्रिया का प्रमुख आधार है।

➤ हमारे वायुमण्डल में तीसरा सबसे महत्वपूर्ण गैस अक्रिय गैसे हैं। जैसे- आर्गन, नियॉन इत्यादि।

➤ सभी अक्रिय गैसों को मिलाने पर वायुमण्डल में इनकी मात्रा 1% है। इनमें भी सर्वाधिक आर्गन (0.93%) है। ये वायुमण्डल में अति अल्प मात्रा में मौजूद है। वायुमण्डल में रहकर यह कई प्रकार के रासायनिक पदार्थ को निष्क्रिय करती है।

➤ हमारे वायुमण्डल में ऑक्सीजन का एक अपरूप ओजोन (O3) के रूप में मौजूद है।

➤ यह गैस समताप मण्डल के ओजोन परत में पायी जाती है।

➤ यह सूर्य से आने वाली हानिकारक किरणों को शोखकर पृथ्वी को सुरक्षित करती है, इसलिए ओजन परत को “वायुमण्डल का छतरी” कहा जाता है।

➤ हमारे वायुमण्डल का अगला महत्वपूर्ण गैस ग्रीनहाउस गैसें हैं।

➤ इसके अंतर्गत CO2, CO, CFC, CH4 (मिथेन) जैसे गैसों को शामिल करते हैं।

➤ इनमें सिर्फ CO2 को छोड़कर शेष सभी गैस वायुमण्डल में प्रदूषक के रूप में मौजूद रहते हैं।

➤ CO2 गैस प्राकृतिक रुप से वायुमण्डल में मौजूद रहता है।

➤ CO2 गैस ही पार्थिव विकिरण को अवशोषित कर वायुमण्डल को गर्म बनाये रखता है।

➤ CO2 को “वायुमण्डल का कम्बल” भी कहा जाता है।

➤ अंतिम महत्वपूर्ण गैस हाइड्रोजन है जो जलवाष्प एवं जल के निर्माण में मदद करता है।

       सामान्यतः समुद्रतल से 80 Km की ऊँचाई तक गैस समान अनुपात में पाये जाते हैं लेकिन उसके बाद गैंसों का भिन्न -2 स्तर पाया जाता है। जैसे:-

      ऊँचाई               गैसों का स्तर
(i) 90 – 200 किमी०- N2 गैस के अणुओं का स्तर
(ii) 200-400 किमी०- O2 गैस के परमाणु का स्तर
(iii) 1100-3500 किमी०- He गैस का स्तर
(iv) 3500-10000 किमी०- H2 परमाणु का स्तर

(2) जलवाष्प (Water Vapour)-

➤ जलवाष्प हमारे वायुमण्डल का दूसरा प्रमुख संघटक है।

➤ यह वायुमण्डल में 12 किमी० की ऊँचाई तक पायी जाती है। लेकिन 90% हिस्सा 8 किमी० की ऊँचाई तक ही मिलती है।

➤ कभी-2 वायु में चलने वाले संवहन तरंगों के कारण जलवाष्प को 50 किमी० की ऊँचाई तक पहुँचा दी जाती है।

➤ ये जलवाष्प ब्रह्माण्डीय धुल-कणों के साथ मिलकर विश्व में सबसे ऊँचाई पर मिलने वाले बादल “निशा दीप्ति बादल” का निर्माण करती है।

➤ वायुमण्डलीय जलवाष्प के कारण ही वर्षण क्रिया, बादल निर्माण क्रिया, कुहरा, कुहासा, ओस और आर्द्रण की क्रिया होती है।

➤ वायुमण्डल में जलवाष्प की आपूर्ति पृथ्वी के धरातल से ही वाष्पोत्सर्जन, वाष्पीकरण, उर्ध्वपातन (ठोस से गैस) की क्रिया द्वारा होता है।

नोट: वाष्पोत्सर्जन की दर को जिस यंत्र द्वारा मापा जा सकता है उसे पोटोमीटर कहते हैं।

(3) धुलकण (Dust Particle)-

➤ वायुमण्डल का तीसरा सबसे प्रमुख संघटक धूलकण है।

➤ वायुमण्डल में इसकी आपूर्ति दो स्थानों से होती है- ब्रह्माण्ड और पृथ्वी के धरातल से।

➤ ब्रह्मण्ड से मिलने वाले धुलकण को ब्रह्मण्डलीय धूलकण कहते हैं।

➤ ये धुलकण दूसरे ग्रह, उपग्रह से विखण्डित होकर पृथ्वी पर गिरने वाला पदार्थ है।

➤ कभी-2 इनके आकार इतनी बड़ी होती है कि पृथ्वी पर उल्का वृष्टि की घटना घटती है।

➤ पार्थिव धूलकण का मुख्य स्रोत धरातल है।

➤ ये परागण एवं हाइग्रोस्कोपिक (आर्द्रताग्राही) कण के रूप में मौजूद रहते हैं।

➤ वायुमण्डल में सर्वाधिक धुलकण की आपूर्ति समुद्र तटीय भागों से होती है।

➤ ये धूलकण वायुमंडल में जाकर जल की तुलना में पहले ठण्डी होने की प्रवृत्ति रखते हैं। इस कणों के इर्द-गिर्द आर्द्रता या जलवाष्प का संघनन होने लगता है जिससे जलबून्दों का निर्माण होने लगता है।

➤ सामान्य तौर पर वायुमण्डल में 12 Km की ऊँचाई तक धूलकण पाये जाते हैं लेकिन इसका अधिकांश भाग 5 किमी० की ऊँचाई तक मिलते हैं।

निष्कर्ष:

        सैद्धांतिक रूप से हमारा वायुमण्डल गैस, जलवाष्प और धूलकण से निर्मित है। लेकिन तीव्र औद्योगिकीकरण, नगरीकरण, बढ़ती जनसंख्या इत्यादि के कारण कई प्रदूषक तत्व वायुमण्डल में छोड़े जा रहे हैं जिसके कारण वायु प्रदूषण, ओजोन क्षरण, ग्लोबल वार्मिंग, अम्ल वर्षा जैसी घटनायें घटित हो रही हैं। अत: आवश्यकता इस बात का है कि वायुमण्डल में मौजूद गैस, जलवाष्प एवं धुलकण के अनुपात को नियत बनाकर रखा जाय।



वायुमण्डल का संगठन से सम्बंधित पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर



1. पृथ्वी के वायुमण्डल का कितना प्रतिशत भाग 29 km की ऊँचाई तक पाया जाता है?

[A] 29%
[B] 57%
[C] 76%
[D] 97%

2. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

[A] वायुमण्डल की ऊपरी सीमा लगभग 10,000 km की ऊँचाई तक है।
[B] वायुमण्डल का 50% भाग 5-6 km की ऊँचाई तक सीमित है।
[C] ऊँचाई में वृद्धि के साथ-साथ जलवाष्प की मात्रा में वृद्धि होती है।
[D] वायुमण्डल के निचले स्तर में भारी गैस एवं ऊपरी स्तर में हल्की गैसों की प्रधानता है।

3. वायुमण्डल का सर्वाधिक स्थायी तत्व है-

[A] नाइट्रोजन
[B] ऑक्सीजन
[C] कार्बन डाइऑक्साइड
[D] जलवाष्प

4. वायुमण्डल में सर्वाधिक कौन-सी गैस मिलती है?

[A] ऑक्सीजन
[B] हाइड्रोजन
[C] नाइट्रोजन
[D] कार्बन डाइऑक्साइड

5. वायुमण्डल में सर्वाधिक मात्रा में विद्यमान अक्रिय गैस कौन-सी है?

[A] ऑर्गन
[B] क्रिप्टॉन
[C] हीलियम
[D] नियॉन

6. वायुमण्डल मुख्यतः गर्म होता है-

[A] सूर्य की सीधी किरणों से
[B] पृथ्वी से विकिरण द्वारा
[C] पृथ्वी के अंदर की ऊष्मा से
[D] पृथ्वी की गति के घर्षण से

7. निम्न में से कौन-सा युग्म वायुमण्डल की गैसों की बढ़ती मात्रा को दर्शाता है?

[A] ओजोन, कार्बन डाइऑक्साइड, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन
[B] नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, ओजोन
[C] कार्बन डाइऑक्साइड, ओजोन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन
[D] आर्गन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड

8. निम्नलिखित में से कौन-सी गैस ग्रीन हाऊस प्रभाव के लिये उत्तरदायी है?

[A] क्लोरीन
[B] ऑक्सीजन
[C] कार्बन डाइऑक्साइड
[D] हाइड्रोजन

9. सूर्य की तीव्र किरणों द्वारा झुलसने से वायुमण्डल की कौन-सी गैस हमारी रक्षा करती है?

[A] ऑक्सीजन
[B] नाइट्रोजन
[C] ओजोन
[D] आर्गन

10. पृथ्वी के वायुमण्डल में पायी जाने वाली निम्नलिखित गैसों का सही अवरोही क्रम क्या होगा?

1. नाइट्रोजन 2. कार्बन डाइऑक्साइड 3. ऑक्सीजन 4. आर्गन 5. नियॉन

कूट :

[A] 1, 3, 2, 4, 5
[B] 1, 3, 4, 2, 5
[C] 1,3, 2, 5, 4
[D] 1, 2, 3, 5, 4

11. भू-पृष्ठ से परावर्तित अवरक्त विकिरण के अवशोषण द्वारा भू-वायुमण्डल के तापमान में वृद्धि की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?

[A] सुनामी
[B] ग्रीन हाउस प्रभाव
[C] सौर तापन
[D] भूकम्पीय प्रभाव

12. वायुमण्डल में नाइट्रोजन की प्रतिशतता है-

[A] 70%
[B] 71%
[C] 78%
[D] 21%

13. पृथ्वी के धरातल से ऊपर की ओर वायुमण्डल के विभिन्न स्तरों का सही अनुक्रम है-

[A] क्षोभ मण्डल, समताप मण्डल, आयन मण्डल, मध्य मण्डल
[B] समताप मण्डल, क्षोभ मण्डल, आयन मण्डल, मध्य मण्डल
[C] क्षोभ मण्डल, समताप मण्डल, मध्य मण्डल, आयन मण्डल
[D] समताप मण्डल, क्षोभ मण्डल, मध्य मण्डल, आयन मण्डल

14. वायुमण्डल को क्षोभ मण्डल, समताप मण्डल आदि परतों में विभाजित करने का मुख्य आधार क्या है?

[A] तापमान
[B] वायुदाब
[C] संघटन
[D] घनत्व

 

15. क्षोभ मण्डल की धरातल से औसत ऊँचाई लगभग कितनी है?

[A] 8 किमी०
[B] 18 किमी०
[C] 22 किमी०
[D] 14 किमी०

16. निम्नलिखित में से किस मण्डल को संवहन मण्डल भी कहा जाता है?

[A] क्षोभ मण्डल
[B] आयन मण्डल
[C] समताप मण्डल
[D] मध्य मण्डल

17. किस ऋतु में क्षोभ मण्डल की ऊँचाई में वृद्धि हो जाती है?

[A] शीत ऋतु
[B] वर्षा ऋतु
[C] ग्रीष्म ऋतु
[D] इनमें से कोई नहीं

18. क्षोभ मण्डल की धरातल से अधिकतम ऊँचाई है-

[A] 6 किमी०
[B] 12 किमी०
[C] 8 किमी०
[D] 18 किमी०

19. क्षोभ मण्डल में तापमान की सामान्य ह्रास की 1°C प्रत्येक-

[A] 146 मी० हेतु
[B] 165 मी० हेतु
[C] 156 मी० हेतु
[D] 176 मी० हेतु

20. क्षोभ मण्डल के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

[A] यह वायुमण्डल का सघनतम परत है।
[B] बादलों का निर्माण क्षोभ मण्डल में ही होता है।
[C] क्षोभ मण्डल की ऊपरी सीमा पर समताप सीमा स्थित है।
[D] इनमें से कोई नहीं

21. क्षोभ मण्डल एवं समताप मण्डल के बीच स्थित संक्रमण क्षेत्र को क्या कहा जाता है?

[A] समताप सीमा
[B] मध्य सीमा
[C] क्षोभ सीमा
[D] बाह्य सीमा

22. पृथ्वी के वायुमण्डल का सर्वाधिक घनत्व कहाँ पर होता है?

[A] क्षोभ मण्डल
[B] मध्य मण्डल
[C] समताप मण्डल
[D] आयन मण्डल

23. वायुमण्डल में दैनिक मौसम परिवर्तन निम्नलिखित में से किसके कारण होते हैं?

[A] क्षोभ मण्डल
[B] आयन मण्डल
[C] मध्य मण्डल
[D] समताप मण्डल

 

24. क्षोभ मण्डल (Troposphere) वायुमण्डल का निचला स्तर है जिसकी ऊँचाई भूमध्य रेखा पर होती है-

[A] 10 मील तक
[B] 6 मील तक
[C] 9 मील तक
[D] 4 मील तक

25. मेघ गर्जन वायुमण्डल की किस परत में होता है?

[A] आयन मण्डल
[B] क्षोभ मण्डल
[C] ओजोन मण्डल
[D] समताप मण्डल

26. परिवर्तन मण्डल या क्षोभ मण्डल में तापमान-

[A] ऊँचाई के साथ घटता है।
[B] ऊँचाई के साथ बढ़ता है
[C] अपरिवर्तित रहता है।
[D] पहले घटता है पुनः बढ़ता है।

27. समताप मण्डल (Stratosphere) है-

[A] वायुमण्डल का मध्यस्थ प्रदेश
[B] वायुमण्डल का ऊपरी प्रदेश
[C] वायुमण्डल का निचला प्रदेश
[D] क्षोभ सीमा के ऊपर स्थित प्रदेश

28. वायुमण्डल की किस सतह में तापमान में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव नहीं होता?

[A] समताप मण्डल
[B] बाह्य मण्डल
[C] क्षोभ मण्डल
[D] ताप मण्डल

 

29. ओजोन परत अवस्थित है-

[A] क्षोभ मण्डल में
[B] क्षोभ सीमा में
[C] समताप मण्डल में
[D] प्रकाश मण्डल में

30. समताप मण्डल में ओजोन परत का कार्य है-

[A] भूमण्डलीय ताप को स्थिर रखना
[B] भूकम्पों की आवृति को घटाना
[C] मानसूनों की विफलता को बचाना
[D] भूतल पर पराबैंगनी विकिरणपात को रोकना

31. सुपर सोनिक (Supersonic) विमानों की उड़ान के लिये सर्वाधिक सुविधाजनक वायुमण्डलीय परत है-

[A] क्षोभ मण्डल
[B] मध्य मण्डल
[C] समताप मण्डल
[D] आयन मण्डल

32. समताप मंडल के सम्बन्ध में निम्न में से कौन-सा कथन असत्य है?

[A] समताप मण्डल का विस्तार 50 किमी० की ऊँचाई तक पाया जाता है।
[B] समताप मंडल की सीमा आयन मण्डल से मिलती है।
[C] इस मण्डल में बादलों का अभाव पाया जाता है।
[D] इस मण्डल में धूल कण और जलवाष्प की मात्रा काफी कम होती है।

33. ओजोन परत के प्रतिवर्ष 7 प्रतिशत की दर से अवक्षय के कारण उसमें 10 मिलियन वर्ग किमी० आकार का एक बड़ा छिद्र बन गया है। यह छिद्र अवस्थित है-

[A] आर्कटिक के ऊपर
[B] ध्रुवों के ऊपर
[C] अंटार्कटिका के ऊपर
[D] अमेरिका एवं यूरोप के ऊपर

34. दीर्घ रेडियो तरंगें पृथ्वी की किस सतह से परावर्तित होती है?

[A] क्षोभ मण्डल
[B] क्षोभ सीमा
[C] आयन मण्डल
[D] समताप मण्डल

35. संचार उपग्रह किस वायुमण्डलीय स्तर में स्थित होते हैं?

[A] समताप मण्डल
[B] क्षोभ मण्डल
[C] आयन मण्डल
[D] बर्हिमण्डल

36. वायुमण्डल में ओजोन स्तर के अवक्षय का कारण निम्नलिखित में से कौन-सा रसायन है?

[A] सल्फर डाइऑक्साइड
[B] कार्बन डाइऑक्साइड
[C] नाइट्रस ऑक्साइड
[D] क्लोरो-फ्लोरो कार्बन

37. रेडियो की लघु तरंगें आयन मण्डल की किस परत से परावर्तित होकर धरातल पर आती है?

[A] S परत
[B] E परत
[C] F परत
[D] D परत

38. ऊपर से नीचे की ओर वायुमण्डल की विभिन्न परतों की सीमाओं (Pause) का कौन-सा क्रम सही है?

[A] मैग्निटोपॉज, मेसोपॉज, स्ट्रेटोपॉज, ट्रोपोपॉज
[B] मेसोपॉज, स्ट्रेटोपॉज, ट्रोपोपॉज, मैग्निटोपॉज
[C] ट्रोपोपॉज, स्ट्रेटोपॉज, मेसोपॉज, मैग्निटोपॉज
[D] स्ट्रेटोपॉज, ट्रोपोपॉज, मैग्निटोपॉज, मेसोपॉज

39. वायुमण्डल के किस भाग में जलवाष्प की कुल मात्रा का 90 प्रतिशत भाग विद्यमान रहता है?

[A] आयन मण्डल
[B] क्षोभ मण्डल
[C] ओजोन मण्डल
[D] समताप मण्डल

40. वायुमण्डल के किस परत को रसायन मण्डल कहते हैं?

[A] मध्य मण्डल
[B] क्षोभ मण्डल
[C] आयन मण्डल
[D] ओजोन मण्डल

41. किस वायुमण्डलीय परत को ‘मौसमी परिवर्तन की छत’ के नाम से जाना जाता है?

[A] समताप मण्डल
[B] आयन मण्डल
[C] क्षोभ मण्डल
[D] मध्य मण्डल

42. हवाई जहाज प्राय: किस मण्डल में उड़ते हैं-

[A] क्षोभ मण्डल
[B] मध्य मण्डल
[C] समताप मण्डल
[D] बाह्य मण्डल

43. वायुमण्डल की सबसे निचली परत कहलाती है-

[A] मध्य मण्डल
[B] क्षोभ मण्डल
[C] आयन मण्डल
[D] समताप मण्डल

44. पृथ्वी की सतह से सबसे दूर वायुमण्डलीय परत किस नाम से विदित है?

[A] आयन मण्डल
[B] समताप मण्डल
[C] बहिर्मण्डल
[D] क्षोभ मण्डल

45. वायुमण्डल में सबसे अधिक ओजोन कहाँ पर केन्द्रित है?

[A] आयनोस्फीयर
[B] स्ट्रेटोस्फीयर
[C] मीसोस्फीयर
[D] ट्रोपोस्फीयर

46. समुद्रतल पर औसत वायुदाब कितना होता है?

[A] 1003.25 मिलीबार
[B] 1023.25 मिलीबार
[C] 1013.25 मिलीबार
[D] 1034.25 मिलीबार

47. वायुदाब प्रायः सर्वाधिक होता है जब वायु होती है-

[A] ठण्डी तथा शुष्क
[B] उष्ण तथा शुष्क
[C] ठण्डी तथा नम
[D] उष्ण तथा नम

48. वायुदाब में अचानक आने वाली कमी निम्न में से किसका सूचक होती है?

[A] स्वच्छ मौसम
[B] अत्यधिक शीतल मौसम
[C] तूफानी मौसम
[D] वर्षा का मौसम

49. सामान्य वायुदाब पाया जाता है-

[A] पर्वतों पर
[B] सागरतल पर
[C] रेगिस्तान में
[D] धरातल के 5 km ऊपर

50. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

[A] सागर तल पर वायुदाब अधिकतम होता है।
[B] वायुदाब को मिलीबार (mb) में मापा जाता है।
[C] किसी भी स्थान पर वायुदाब दो बार बढ़ता एवं दो बार घटता है।
[D] उपर्युक्त सभी।

51. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

[A] वायुदाब के घटने-बढ़ने की क्रिया को ‘वायुदाब उच्चावचन’ (Barometric tide) कहते हैं।
[B] वायुदाब में उतार-चढ़ाव विषुवत रेखा से ध्रुवों की ओर कम होता जाता हैं।
[C] 60° अक्षांश के बाद वायुदाब का दैनिक उतार चढ़ाव नहीं देखा जाता है।
[D] उपर्युक्त सभी।

 

52. ग्लोब पर दाब कटिबंधों (pressure belts) की संख्या कितनी है?

[A] 5
[B] 6
[C] 7
[D] 9

53. विषुवतीय निम्न दाब पेटी का विस्तार विषुवत रेखा के दोनों ओर कितने अक्षांश तक मिलता है?

[A] 5°
[B] 10°
[C] 15°
[D] 20°

54. डोलड्रम पेटी का विस्तार सामान्यतः पाया जाता है-

[A] 0° – 5° उत्तर
[B] 0° – 5° दक्षिण
[C] 0°- 10° उत्तर
[D] 5°N – 5° दक्षिण

55. डोलड्रम क्षेत्र की विशेषता होती है-

[A] निम्न दाब एवं वायु का अवतलन
[B] निम्न दाब एवं मन्द पूर्वी पवन
[C] सामान्य दाब एवं वायु का अवतलन
[D] निम्न दाब एवं शान्त पवन

56. शांत पेटी किस रेखा के दोनों ओर पायी जाती है?

[A] भूमध्य रेखा
[B] कर्क रेखा
[C] मकर रेखा
[D] आर्कटिक वृत्त

57. विश्व के सभी उष्ण मरुस्थल निम्न में से किस पेटी में स्थित हैं?

[A] विषुवतीय निम्न दाब पेटी
[B] उपोष्ण कटिबंधीय उच्च दाब पेटी
[C] उपध्रुवीय निम्न वायुदाब पेटी
[D] ध्रुवीय उच्च वायुदाब पेटी

13. Structure of The Atmosphere (वायुमण्डल की संरचना)

13. Structure of The Atmosphere

(वायुमण्डल की संरचना)


वायुमण्डल की संरचना-

         हमारी पृथ्वी वायु की एक पतली परत से चरों ओर से घिरी हुई है जिसका विस्तार पृथ्वी की सतह से कई किलोमीटर ऊपर तक है, जिसे वायुमंडल कहते हैं।

➤ हमारे वायुमंडल की उत्पत्ति लगभग 1 अरब वर्ष पहले हुआ। लेकिन वर्तमान स्वरूप में 58 करोड़ वर्ष पूर्व में आया।

➤ अमेरिकी भूगोलवेता स्ट्रॉलर के अनुसार धरातल से 80 हजार किमी० की ऊँचाई तक वायुमंडल मौजूद है। 

➤ आयतन के दृष्टिकोण से 97% हिस्सा 29 किमी० की ऊँचाई तक और द्रव्यमान के दृष्टिकोण से 50% हिस्सा 5.6 किमी० की ऊँचाई तक मौजूद है।

➤ हमारे वायुमंडल में 95% हिस्सा गैसों का और 5% जलवाष्प एवं धूलकणों का है।

      वायुमण्डल की संरचना का अध्ययन कई विधियों से सम्पन्न किया गया है जिससे ज्ञात होता है कि हमारा वायुमण्डल कई सकेन्द्रीय पेटियों में विभक्त है। जैसे:-

(A) प्रमुख मण्डल

(1) क्षोभ मण्डल / परिवर्तन मण्डल

(2) समताप मण्डल

(3) मध्य मण्डल

(4) ताप या आयन मण्डल

(5) बर्हिमण्डल

(6) चुम्बकीय मण्डल

(B) गौण मण्डल

(i) क्षोभ सीमा

(ii) समताप सीमा

(iii) मध्य सीमा

Structure of The Atmosphere

(1) क्षोभ मण्डल / परिवर्तन मण्डल (Troposphere):-             

➤ यह वायुमण्डल का सबसे नीचला परत है जो धरातल से 8 से 18 किमी० की ऊँचाई तक पायी जाती है।

➤ सूर्य के तापीय प्रभाव के कारण विषुवत रेखा पर इसकी ऊँचाई अधिक 18 किमी० और ध्रुवों पर 8 किमी० है।

➤ इसमें सम्पूर्ण वायुमंडल का 75% भार पाया जाता है।

➤ सभी प्रकार की मौसमी घटनाएँ इसी मण्डल में घटित होती हैं। जैसे:- बादल का फटना, वर्षण, कुहरा, कुहासा आदि।      

➤ क्षोभमण्डल के ऊपरी भाग में तेज गति से चलने वाली वायु को जेटस्ट्रीम कहते है।

➤ क्षोभमण्डल में नीचे से ऊपर जाने पर तापमान में कमी प्रति 165 मी० की ऊँचाई पर 1ºC और प्रत्येक 1,000 मी० पर 6.5ºC या प्रति 1 हजार फीट की ऊँचाई पर 3.6ºF की कमी आती है।

➤ क्षोभमण्डल के ऊपरी भाग में तापमान घटकर -45°C से -80°C तक पहुँच जाता है।

➤ अत्याधिक मौसमी घटनायें घटित होने के कारण इसे परिवर्तन मंडल भी कहते हैं।

(2) समताप मण्डल (Stratosphere):-

➤ यह मण्डल क्षोभमण्डल के ऊपरी भाग में पायी जाती है।

➤ इसका अधिकतम ऊपरी विस्तार धरातल से 50 km तक है।

➤ इस मण्डल में ओजोन गैस की उपस्थिति के कारण बढ़ते हुए ऊँचाई के साथ तापमान में बढ़ोतरी होती है।

➤ इस मण्डल के ऊपरी भाग में तापमान बढ़‌कर 0°C तक पहुँच जाता है।

➤ समताप मण्डल में 25-35 km के बीच ओजोन गैस की एक घना परत पायी जाती है जो सूर्य से आने वाली पराबैगनी किरणों को अवशोषित कर धरातल को सुरक्षित रखती है।

➤ ओजोन परत का सर्वप्रथम खोज रामसन महोदय ने किया था।           

➤ समताप मंडल प्राय: जलवाष्प, धूलकण से रहित होता है। परन्तु कभी-2 इस मण्डल में हल्के मेघ का निर्माण होता है जिसे Mother of Pearl Cloud कहते हैं।

(3) मध्यमण्डल (Mesosphere):-

➤ मध्यमण्डल धरातल से 80km की ऊँचाई तक पायी जाती है।

➤ इस मंडल में बढ़ते हुए ऊँचाई के साथ तापमान में कमी आती है।

➤ मध्यमण्डल के ऊपरी भाग में तापमान घटकर -80°C से -100°C तक पहुँच जाता है।

➤ इस मण्डल में ब्रह्माण्डलीय धूल कण के कारण Noctilucent Cloud “निशादीप्ति बादल” का निर्माण होता है।

(4) तापमंडल (Thermosphere) / आयनमंडल (Inosphere):-

➤ ताप या आयनमण्डल मध्यमंडल के ऊपरी भाग में पायी जाती है।

➤ इसकी ऊपरी सीमा धरातल से 500 km की ऊँचाई तक पायी जाती है।

➤ इस मंडल में तापमान बढ़‌कर 25°C तक पहुँच जाता है।

➤ इसमें आयनीकृत गैस पाये जाते हैं, इसलिए इसे आयनमंडल भी कहते हैं।

➤ इसमें ध्रुवीय ज्योति की घटना घटती है जिसे उत्तरी गोलार्द्ध में “अरोरा बोरियालेसिस” और दक्षिणी गोलार्द्ध में “अरोरा ऑस्ट्रेलेसिस“ कहते हैं।

⇒ तापमंडल को पुन: कई परतों में बांटा जाता है। जैसेः-

क्रम उप परत मोटाई विशेषता
1  D परत 80-90 किमी० ➤ सूर्यास्त के समय समाप्त हो जाता है।

➤ यह लघु रेडियों तरंगों को परावर्तित करता है।

2 E परत 90-130 किमी० ➤ इसे क्रनेली हेवीसाइट परत भी कहते है।

➤ इसमें मध्यम एवं दीर्घ रेडियों तरंगों का परावर्तन होता है।

3 विशिष्ट E परत 110 किमी० ➤ उल्का पिंड घुसने के दौरान बनता है।
4 E परत 150 किमी० ➤ इसे एफलिटन परत भी कहते है।
5 F1 तथा F2 परत 150-380 किमी० ➤ इसे Appleton परत भी कहते है।

➤ यह परत सूर्य धब्बा दिखाई देने के दौरान बनता है।

6 G परत 400-500 किमी०

➤ यह सभी प्रकार के रेडियों तरंगों का परावर्तन करता है।

 

(5) बर्हिमण्डल / आयतन मण्डल (Exosphere):-

➤ धरातल से बर्हिमण्डल की ऊँचाई 2000 km तक है।

➤ इसकी ऊपरी सीमा पर तापमान बढ़कर 1000ºC तक पहुँच जाता है।

➤ इस मंडल में गैसों का इतना आयनीकरण हो जाता है कि गैस के अणु परमाणु के रूप में मिलने लगते है।

➤ इसी मण्डल में गैसों के अलग-अलग परत पाये जाते हैं।

(6) चुम्बकीय मण्डल:-

➤ यह वायुमंडल का सबसे उपरी परत है।

➤ इसकी ऊपरी सीमा 80 हजार किमी० तक संभावित है।

➤ इस मंडल को कुछ विद्वान वायुमण्डल का हिस्सा नहीं मानते हैं।

➤ इस मंडल में गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव नगण्य हो जाता है।

➤ इस मंडल में गैस के अणु इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटोन में टूट जाते हैं।

➤ इस मंडल में विभिन्न प्रकार के कॉस्मिक किरणों का प्रभाव होता है। इस मंडल में सौर लपट का प्रभाव पड़ता है।

(B) गौण मण्डल- उपरोक्त प्रमुख मंडलों के अलावे भी तीन गौण मंडल भी पाये जाते हैं। जैसे:-

(i) क्षोभ सीमा

➤ स्थिति- क्षोभ मंडल और समताप मंडल के बीच की संक्रमण की पेटी

➤ मोटाई-1.5 किमी०

(ii) समताप सीमा

➤ समताप मंडल और मध्यमंडल के बीच की संक्रमण की पेटी

➤ मोटाई-5 किमी०

(iii) मध्य सीमा

➤ मध्यमंडल और तापमंडल के बीच की संक्रमण की पेटी

➤ मोटाई-10 किमी०           

➤ ये तीनों पेटियाँ एक संक्रमण पेटी के समान है जिसमें किसी भी प्रकार की मौसमी घटनाएँ नहीं घटती है।

       रासायनिक संघटन के दृष्टिकोण से वायुमण्डल को दो भागों में बाँटते है :-

(1) सममण्डल:-

         इसके अंतर्गत क्षोभ मंडल, समताप मंडल और मध्यमंडल को शामिल किया जाता है। इसमें गैसों का अनुपात एक समान रहता है।

(2) विषममण्डल:-

➤ इसके अंतर्गत तापमंडल, बर्हिमण्डल एवं चुम्बकीय मण्डल को शामिल करते हैं।

➤ इसमें बढ़ते हुए ऊँचाई के साथ गैसों के अनुपात में परिवर्तन होते रहता है।



वायुमण्डल की संरचना  से सम्बंधित पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर



1. पृथ्वी के वायुमण्डल का कितना प्रतिशत भाग 29 km की ऊँचाई तक पाया जाता है?

[A] 29%
[B] 57%
[C] 76%
[D] 97%

2. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

[A] वायुमण्डल की ऊपरी सीमा लगभग 10,000 km की ऊँचाई तक है।
[B] वायुमण्डल का 50% भाग 5-6 km की ऊँचाई तक सीमित है।
[C] ऊँचाई में वृद्धि के साथ-साथ जलवाष्प की मात्रा में वृद्धि होती है।
[D] वायुमण्डल के निचले स्तर में भारी गैस एवं ऊपरी स्तर में हल्की गैसों की प्रधानता है।

3. वायुमण्डल का सर्वाधिक स्थायी तत्व है-

[A] नाइट्रोजन
[B] ऑक्सीजन
[C] कार्बन डाइऑक्साइड
[D] जलवाष्प

4. वायुमण्डल में सर्वाधिक कौन-सी गैस मिलती है?

[A] ऑक्सीजन
[B] हाइड्रोजन
[C] नाइट्रोजन
[D] कार्बन डाइऑक्साइड

5. वायुमण्डल में सर्वाधिक मात्रा में विद्यमान अक्रिय गैस कौन-सी है?

[A] ऑर्गन
[B] क्रिप्टॉन
[C] हीलियम
[D] नियॉन

6. वायुमण्डल मुख्यतः गर्म होता है-

[A] सूर्य की सीधी किरणों से
[B] पृथ्वी से विकिरण द्वारा
[C] पृथ्वी के अंदर की ऊष्मा से
[D] पृथ्वी की गति के घर्षण से

7. निम्न में से कौन-सा युग्म वायुमण्डल की गैसों की बढ़ती मात्रा को दर्शाता है?

[A] ओजोन, कार्बन डाइऑक्साइड, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन
[B] नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, ओजोन
[C] कार्बन डाइऑक्साइड, ओजोन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन
[D] आर्गन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड

8. निम्नलिखित में से कौन-सी गैस ग्रीन हाऊस प्रभाव के लिये उत्तरदायी है?

[A] क्लोरीन
[B] ऑक्सीजन
[C] कार्बन डाइऑक्साइड
[D] हाइड्रोजन

9. सूर्य की तीव्र किरणों द्वारा झुलसने से वायुमण्डल की कौन-सी गैस हमारी रक्षा करती है?

[A] ऑक्सीजन
[B] नाइट्रोजन
[C] ओजोन
[D] आर्गन

10. पृथ्वी के वायुमण्डल में पायी जाने वाली निम्नलिखित गैसों का सही अवरोही क्रम क्या होगा?

1. नाइट्रोजन 2. कार्बन डाइऑक्साइड 3. ऑक्सीजन 4. आर्गन 5. नियॉन

कूट :

[A] 1, 3, 2, 4, 5
[B] 1, 3, 4, 2, 5
[C] 1,3, 2, 5, 4
[D] 1, 2, 3, 5, 4

11. भू-पृष्ठ से परावर्तित अवरक्त विकिरण के अवशोषण द्वारा भू-वायुमण्डल के तापमान में वृद्धि की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?

[A] सुनामी
[B] ग्रीन हाउस प्रभाव
[C] सौर तापन
[D] भूकम्पीय प्रभाव

12. वायुमण्डल में नाइट्रोजन की प्रतिशतता है-

[A] 70%
[B] 71%
[C] 78%
[D] 21%

13. पृथ्वी के धरातल से ऊपर की ओर वायुमण्डल के विभिन्न स्तरों का सही अनुक्रम है-

[A] क्षोभ मण्डल, समताप मण्डल, आयन मण्डल, मध्य मण्डल
[B] समताप मण्डल, क्षोभ मण्डल, आयन मण्डल, मध्य मण्डल
[C] क्षोभ मण्डल, समताप मण्डल, मध्य मण्डल, आयन मण्डल
[D] समताप मण्डल, क्षोभ मण्डल, मध्य मण्डल, आयन मण्डल

14. वायुमण्डल को क्षोभ मण्डल, समताप मण्डल आदि परतों में विभाजित करने का मुख्य आधार क्या है?

[A] तापमान
[B] वायुदाब
[C] संघटन
[D] घनत्व

 

15. क्षोभ मण्डल की धरातल से औसत ऊँचाई लगभग कितनी है?

[A] 8 किमी०
[B] 18 किमी०
[C] 22 किमी०
[D] 14 किमी०

16. निम्नलिखित में से किस मण्डल को संवहन मण्डल भी कहा जाता है?

[A] क्षोभ मण्डल
[B] आयन मण्डल
[C] समताप मण्डल
[D] मध्य मण्डल

17. किस ऋतु में क्षोभ मण्डल की ऊँचाई में वृद्धि हो जाती है?

[A] शीत ऋतु
[B] वर्षा ऋतु
[C] ग्रीष्म ऋतु
[D] इनमें से कोई नहीं

18. क्षोभ मण्डल की धरातल से अधिकतम ऊँचाई है-

[A] 6 किमी०
[B] 12 किमी०
[C] 8 किमी०
[D] 18 किमी०

19. क्षोभ मण्डल में तापमान की सामान्य ह्रास की 1°C प्रत्येक-

[A] 146 मी० हेतु
[B] 165 मी० हेतु
[C] 156 मी० हेतु
[D] 176 मी० हेतु

20. क्षोभ मण्डल के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

[A] यह वायुमण्डल का सघनतम परत है।
[B] बादलों का निर्माण क्षोभ मण्डल में ही होता है।
[C] क्षोभ मण्डल की ऊपरी सीमा पर समताप सीमा स्थित है।
[D] इनमें से कोई नहीं

21. क्षोभ मण्डल एवं समताप मण्डल के बीच स्थित संक्रमण क्षेत्र को क्या कहा जाता है?

[A] समताप सीमा
[B] मध्य सीमा
[C] क्षोभ सीमा
[D] बाह्य सीमा

22. पृथ्वी के वायुमण्डल का सर्वाधिक घनत्व कहाँ पर होता है?

[A] क्षोभ मण्डल
[B] मध्य मण्डल
[C] समताप मण्डल
[D] आयन मण्डल

23. वायुमण्डल में दैनिक मौसम परिवर्तन निम्नलिखित में से किसके कारण होते हैं?

[A] क्षोभ मण्डल
[B] आयन मण्डल
[C] मध्य मण्डल
[D] समताप मण्डल

 

24. क्षोभ मण्डल (Troposphere) वायुमण्डल का निचला स्तर है जिसकी ऊँचाई भूमध्य रेखा पर होती है-

[A] 10 मील तक
[B] 6 मील तक
[C] 9 मील तक
[D] 4 मील तक

25. मेघ गर्जन वायुमण्डल की किस परत में होता है?

[A] आयन मण्डल
[B] क्षोभ मण्डल
[C] ओजोन मण्डल
[D] समताप मण्डल

26. परिवर्तन मण्डल या क्षोभ मण्डल में तापमान-

[A] ऊँचाई के साथ घटता है।
[B] ऊँचाई के साथ बढ़ता है
[C] अपरिवर्तित रहता है।
[D] पहले घटता है पुनः बढ़ता है।

27. समताप मण्डल (Stratosphere) है-

[A] वायुमण्डल का मध्यस्थ प्रदेश
[B] वायुमण्डल का ऊपरी प्रदेश
[C] वायुमण्डल का निचला प्रदेश
[D] क्षोभ सीमा के ऊपर स्थित प्रदेश

28. वायुमण्डल की किस सतह में तापमान में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव नहीं होता?

[A] समताप मण्डल
[B] बाह्य मण्डल
[C] क्षोभ मण्डल
[D] ताप मण्डल

 

29. ओजोन परत अवस्थित है-

[A] क्षोभ मण्डल में
[B] क्षोभ सीमा में
[C] समताप मण्डल में
[D] प्रकाश मण्डल में

30. समताप मण्डल में ओजोन परत का कार्य है-

[A] भूमण्डलीय ताप को स्थिर रखना
[B] भूकम्पों की आवृति को घटाना
[C] मानसूनों की विफलता को बचाना
[D] भूतल पर पराबैंगनी विकिरणपात को रोकना

31. सुपर सोनिक (Supersonic) विमानों की उड़ान के लिये सर्वाधिक सुविधाजनक वायुमण्डलीय परत है-

[A] क्षोभ मण्डल
[B] मध्य मण्डल
[C] समताप मण्डल
[D] आयन मण्डल

32. समताप मंडल के सम्बन्ध में निम्न में से कौन-सा कथन असत्य है?

[A] समताप मण्डल का विस्तार 50 किमी० की ऊँचाई तक पाया जाता है।
[B] समताप मंडल की सीमा आयन मण्डल से मिलती है।
[C] इस मण्डल में बादलों का अभाव पाया जाता है।
[D] इस मण्डल में धूल कण और जलवाष्प की मात्रा काफी कम होती है।

33. ओजोन परत के प्रतिवर्ष 7 प्रतिशत की दर से अवक्षय के कारण उसमें 10 मिलियन वर्ग किमी० आकार का एक बड़ा छिद्र बन गया है। यह छिद्र अवस्थित है-

[A] आर्कटिक के ऊपर
[B] ध्रुवों के ऊपर
[C] अंटार्कटिका के ऊपर
[D] अमेरिका एवं यूरोप के ऊपर

34. दीर्घ रेडियो तरंगें पृथ्वी की किस सतह से परावर्तित होती है?

[A] क्षोभ मण्डल
[B] क्षोभ सीमा
[C] आयन मण्डल
[D] समताप मण्डल

35. संचार उपग्रह किस वायुमण्डलीय स्तर में स्थित होते हैं?

[A] समताप मण्डल
[B] क्षोभ मण्डल
[C] आयन मण्डल
[D] बर्हिमण्डल

36. वायुमण्डल में ओजोन स्तर के अवक्षय का कारण निम्नलिखित में से कौन-सा रसायन है?

[A] सल्फर डाइऑक्साइड
[B] कार्बन डाइऑक्साइड
[C] नाइट्रस ऑक्साइड
[D] क्लोरो-फ्लोरो कार्बन

37. रेडियो की लघु तरंगें आयन मण्डल की किस परत से परावर्तित होकर धरातल पर आती है?

[A] S परत
[B] E परत
[C] F परत
[D] D परत

38. ऊपर से नीचे की ओर वायुमण्डल की विभिन्न परतों की सीमाओं (Pause) का कौन-सा क्रम सही है?

[A] मैग्निटोपॉज, मेसोपॉज, स्ट्रेटोपॉज, ट्रोपोपॉज
[B] मेसोपॉज, स्ट्रेटोपॉज, ट्रोपोपॉज, मैग्निटोपॉज
[C] ट्रोपोपॉज, स्ट्रेटोपॉज, मेसोपॉज, मैग्निटोपॉज
[D] स्ट्रेटोपॉज, ट्रोपोपॉज, मैग्निटोपॉज, मेसोपॉज

39. वायुमण्डल के किस भाग में जलवाष्प की कुल मात्रा का 90 प्रतिशत भाग विद्यमान रहता है?

[A] आयन मण्डल
[B] क्षोभ मण्डल
[C] ओजोन मण्डल
[D] समताप मण्डल

40. वायुमण्डल के किस परत को रसायन मण्डल कहते हैं?

[A] मध्य मण्डल
[B] क्षोभ मण्डल
[C] आयन मण्डल
[D] ओजोन मण्डल

41. किस वायुमण्डलीय परत को ‘मौसमी परिवर्तन की छत’ के नाम से जाना जाता है?

[A] समताप मण्डल
[B] आयन मण्डल
[C] क्षोभ मण्डल
[D] मध्य मण्डल

42. हवाई जहाज प्राय: किस मण्डल में उड़ते हैं-

[A] क्षोभ मण्डल
[B] मध्य मण्डल
[C] समताप मण्डल
[D] बाह्य मण्डल

43. वायुमण्डल की सबसे निचली परत कहलाती है-

[A] मध्य मण्डल
[B] क्षोभ मण्डल
[C] आयन मण्डल
[D] समताप मण्डल

44. पृथ्वी की सतह से सबसे दूर वायुमण्डलीय परत किस नाम से विदित है?

[A] आयन मण्डल
[B] समताप मण्डल
[C] बहिर्मण्डल
[D] क्षोभ मण्डल

45. वायुमण्डल में सबसे अधिक ओजोन कहाँ पर केन्द्रित है?

[A] आयनोस्फीयर
[B] स्ट्रेटोस्फीयर
[C] मीसोस्फीयर
[D] ट्रोपोस्फीयर

46. समुद्रतल पर औसत वायुदाब कितना होता है?

[A] 1003.25 मिलीबार
[B] 1023.25 मिलीबार
[C] 1013.25 मिलीबार
[D] 1034.25 मिलीबार

47. वायुदाब प्रायः सर्वाधिक होता है जब वायु होती है-

[A] ठण्डी तथा शुष्क
[B] उष्ण तथा शुष्क
[C] ठण्डी तथा नम
[D] उष्ण तथा नम

48. वायुदाब में अचानक आने वाली कमी निम्न में से किसका सूचक होती है?

[A] स्वच्छ मौसम
[B] अत्यधिक शीतल मौसम
[C] तूफानी मौसम
[D] वर्षा का मौसम

49. सामान्य वायुदाब पाया जाता है-

[A] पर्वतों पर
[B] सागरतल पर
[C] रेगिस्तान में
[D] धरातल के 5 km ऊपर

50. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

[A] सागर तल पर वायुदाब अधिकतम होता है।
[B] वायुदाब को मिलीबार (mb) में मापा जाता है।
[C] किसी भी स्थान पर वायुदाब दो बार बढ़ता एवं दो बार घटता है।
[D] उपर्युक्त सभी।

51. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

[A] वायुदाब के घटने-बढ़ने की क्रिया को ‘वायुदाब उच्चावचन’ (Barometric tide) कहते हैं।
[B] वायुदाब में उतार-चढ़ाव विषुवत रेखा से ध्रुवों की ओर कम होता जाता हैं।
[C] 60° अक्षांश के बाद वायुदाब का दैनिक उतार चढ़ाव नहीं देखा जाता है।
[D] उपर्युक्त सभी।

 

52. ग्लोब पर दाब कटिबंधों (pressure belts) की संख्या कितनी है?

[A] 5
[B] 6
[C] 7
[D] 9

53. विषुवतीय निम्न दाब पेटी का विस्तार विषुवत रेखा के दोनों ओर कितने अक्षांश तक मिलता है?

[A] 5°
[B] 10°
[C] 15°
[D] 20°

54. डोलड्रम पेटी का विस्तार सामान्यतः पाया जाता है-

[A] 0° – 5° उत्तर
[B] 0° – 5° दक्षिण
[C] 0°- 10° उत्तर
[D] 5°N – 5° दक्षिण

55. डोलड्रम क्षेत्र की विशेषता होती है-

[A] निम्न दाब एवं वायु का अवतलन
[B] निम्न दाब एवं मन्द पूर्वी पवन
[C] सामान्य दाब एवं वायु का अवतलन
[D] निम्न दाब एवं शान्त पवन

56. शांत पेटी किस रेखा के दोनों ओर पायी जाती है?

[A] भूमध्य रेखा
[B] कर्क रेखा
[C] मकर रेखा
[D] आर्कटिक वृत्त

57. विश्व के सभी उष्ण मरुस्थल निम्न में से किस पेटी में स्थित हैं?

[A] विषुवतीय निम्न दाब पेटी
[B] उपोष्ण कटिबंधीय उच्च दाब पेटी
[C] उपध्रुवीय निम्न वायुदाब पेटी
[D] ध्रुवीय उच्च वायुदाब पेटी

15. Home remedies to stay healthy (स्वस्थ रहने के घरेलु उपाय)

15. Home remedies to stay healthy

(स्वस्थ रहने के घरेलु उपाय)



1. हाथ पैर बेवजह कापते हैं तो रात को खाना खाने के बाद एक लौंग चबाकर गर्म पानी पी लें। कुछ ही दिनों में आराम मिल जाएगा।



2. दूध में मखाने उबालकर खाने से हाथ-पैर, घुटनों और कमर का दर्द ठीक रहता है। हड्डियाँ मजबूत होती हैं और खून की कमी भी नहीं होती है।



3. सेब का छिलका उतार कर और नमक लगाकर सुबह खाली पेट खाने से पुराने से पुराना सर दर्द खत्म हो जाता है।



4. एक गिलास पानी में पान के पत्तों को उबालकर पी लें। इससे छाती में जमी बलगम दूर हो जाएगी और इससे खांसी में आराम मिलेगा।



5. प्याज के रस में शक्कर डालकर शर्बत बनाकर दस से पंद्रह दिनों तक सेवन कीजिए। पथरी गल कर बाहर निकल जाएगी।



6. कुकर में बनी दाल नहीं खानी चाहिए। क्योंकि कुकर में सिर्फ दाल गलती है जबकि पकती नहीं है। जिससे एसिड प्रॉब्लम हो सकती है।



7. जब भी शराब पीने की इच्छा करें। एक चम्मच शहद में अदरक के रस की दो से तीन बूंदे मिलाकर सेवन करें। इससे शराब पीने की इच्छा तुरंत मर जाएगी।



8. क्या आपको पता है सोयाबीन को दो घंटे भिगोकर, मसल कर, जहरीले जाग निकालकर ही उपयोग करना चाहिए।



9. मखाने खाने से शरीर में शुगर रोग खत्म होता है। क्योंकि इसको खाने से शरीर में इंसुलेशन बनता है जिससे आप शुगर से निजात पा सकते हैं।



10. चालीस दिन तक सात बादाम, मिश्री, सौफ प्रत्येक दस ग्राम पीसकर रात को गर्म दूध के साथ लेने से मस्तिष्क की दुर्बलता दूर होती है।



11. भोजन के साथ कच्ची हरी मिर्च खाना बहुत ही लाभदायक होता है क्योंकि कच्ची हरी मिर्च खाने से चेहरे के दाग धब्बे खत्म होते हैं।



12. सरसों के तेल में नमक मिलाकर मालिश करने से छाती में जमी हुई बलगम की गांठे निकल जाती हैं।



13. आयुर्वेद की सबसे शक्तिशाली सब्जी कंटोला है। यह एक ऐसी सब्जी है जो मीट, चिकेन से 50 गुना ज्यादा ताकतवर और प्रोटीन से भरपूर होती है। इसे खाने से कई सारी समस्या ठीक होती हैं।



14. डायबिटीज के मरीजों को दूध के साथ काजू खाने चाहिए! क्योंकि दूध और काजू दोनों का सेवन करने से शुगर लेवल कंट्रोल होता है।



15. एक नींबू को आधा काट कर उसमें कुछ लौंग लगा लीजिए और इन्हें घर के सभी कोनों में रख दीजिए। ऐसा करने से एक भी मच्छर नहीं आएगा।



16. एक चुकंदर को छोटे टुकड़ों में काट कर दो गिलास पानी में उबाल लें और पानी ठंडा होने पर उसे पी लें। गुर्दे की पथरी साफ हो जाएगी।



17. रात को सोने से पहले नाभि पर सरसों का तेल लगाने से पेट संबंधी बीमारियाँ दूर होती हैं और होंठ फटना भी बंद हो जाएंगे।



18. देसी घी में काली मिर्च मिलाकर गर्म दूध के साथ पीने से आंतो में रूका मल नरम और ढीला होकर बाहर निकल जाता है।



19. आपके हाथ पैरों में अगर बहुत दर्द होता है तो इसकी वजह चाय है। चाय का असर हमारी हड्डियों पर पड़ता है।



20. मूंग में मांस से कई गुना ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है यदि आप लगातार इसका सेवन करते हैं तो शरीर ताकतवर और मजबूत बनता है।



Home remedies

21. यदि किसी का बाल झड़ रहा हो तो 20 लौंग को आधे कटोरी पानी में 10 मिनट तक उबालकर और उसे फिर ठंडे होने के बाद बाल में लगाकर रातभर छोड़ दे, इसी तरह एक सप्ताह तक दोहराने के बाद बाल झरना बंद हो जायेगा।



22. वजन कम करने के सर्वोत्तम उपाय

➤ दूध की जगह दही खाएं,

➤ ग्रीन टी पियें,

➤ ठंडा पानी न पियें,

➤ नारियल पानी पियें.

➤नमक कम खाएं.

➤ प्रतिदिन नींबू का सेवन करें,

➤ नींबू और मेथी अतिरिक्त चर्बी जमा नहीं करते इसलिए इन्हें जरूर खाएं,

➤ सुबह-शाम गर्म पानी पियें।

➤ खाना खाने के बाद पानी न पियें, 60 मिनट बाद गुनगुना पानी पियें,

➤ एक चम्मच मेथी को रात में भिगोकर रख दें और सुबह इसे खाएं,

➤ काली चाय भी ले सकते हैं, लेकिन इसमें दूध न मिलाएं,

➤ तुलसी, हरी चाय और अदरक से तैयार हर्बल पानी पिएं।

12. Important Grasslands of the World (विश्व के महत्वपूर्ण घास के मैदान)

Important Grasslands of the World

(विश्व के महत्वपूर्ण घास के मैदान)



➤ शीतोष्ण घास प्रदेश (Temperate Grasslands)

पम्पास- अर्जेंटीना, उरुग्वे, ब्राजील

प्रेयरी- उत्तरी अमेरिका

डाउंस- आस्ट्रेलिया

वेल्ड- दक्षिण अफ्रीका

स्टेपीज- पश्चिम रूस, मध्य एशिया (यूरेशिया)

केंटरबरी- न्यूजीलैंड

पुस्ताज- हंगरी (यूरोप)

बुग्याल और मर्ग- भारत

नोट: गढ़वाल हिमालय में पाए जाने वाले उच्च अक्षांशीय अल्पाइन घास भूमियों को ‘बुग्याल’ कहा जाता है।

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➤ उष्णकटिबन्धीय घास प्रदेश (Tropical Grasslands)

सवाना- पूर्वी अफ्रीका (केन्या, तंजानिया), वेनेजुएला, कोलंबिया, ब्राजील

लानोज- वेनेजुएला

कैम्पास- ब्राजीलियन उच्च भूमि

पार्कलैंड- दक्षिणी अफ्रीका

सेल्वास- अमेजन बेसिन

सेराडो- ब्राजील

पटाना- श्रीलंका

साहेल (अकेसिया सवाना)- अफ्रीका महाद्वीप में लाल सागर से अटलांटिक सागर तक एक पट्टी के रूप में

प्रमुख प्रश्नोत्तर

1. निम्न में से कौन शीतोष्ण कटिबंधीय घासभूमि नहीं है?

(A) पम्पाज     

(B) लानोज

(C) पुस्ताज     

(D) कैण्टरबरी

उत्तर- (B) लानोज

2. कनाडा के मध्य अक्षांशीय घास के मैदान कहलाते हैं?

(A) प्रेयरी

(B) पम्पास

(C) स्टेपी

(D) डाउन्स

उत्तर- (A) प्रेयरी

3. निम्नलिखित में से उष्ण कटिबंधीय घास के मैदान हैं?

1. कैम्पोस

2. पम्पास

3. सवाना

4. स्टेपी

कूट: 

(A) 1 और 4

(B) 1 और 3

(C) 2 और 3

(D) 1 और 2

उत्तर- (B) 1 और 3

4. निम्नलिखित में से कौन शीतोष्ण कटिबंधीय घासभूमि है?

(A) सवाना

(B) कैम्पोस

(C) वेल्ड

(D) लानोज

उत्तर- (C) वेल्ड

5. निम्न में से कौन शीतोष्ण कटिबंधीय घासभूमि है?

(A) सवाना

(B) कैम्पोस

(C) वेल्ड

(D) लानोज

उत्तर- (C) वेल्ड

6. अर्जेण्टीना में पाये जाने वाले शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान को क्या कहा जाता है?

(A) वेल्ड

(B) लानोज

(C) पम्पास

(D) स्टेपी

उत्तर- (C) पम्पास

7. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही उत्तर का चयन कीजिए-

सूची-I (घासभूमियाँ)  सूची-II (अवस्थिति)

अ. पम्पास  1. उत्तरी एशिया

ब. डाउन्स  2. ऑस्ट्रेलिया

स. स्टेपी    3. अर्जेंटीना

द. प्रेयरी    4. उत्तरी अमेरिका

कूट:

      अ. ब. स. द.

(A) 3 2  4  1

(B) 3 2  1  4

(C) 2 3  4  1

(D) 2 3  1  4

उत्तर- (B) 3 2  1  4

8. निम्न में से कौन उष्ण कटिबंधीय घासभूमि कहलाते हैं?

(A) लोनाज

(B) वेल्ड

(C) प्रेयरी

(D) स्टेपी

उत्तर- (A) लोनाज

9. निम्नलिखित में सही सुमेलित है-

(A) डाउन्स- ऑस्ट्रेलिया

(B) कैम्पास- ब्राजील

(C) पार्कलैंड- अफ्रीका

(D) उपर्युक्त सभी

उत्तर- (D) उपर्युक्त सभी

10. निम्नलिखित में सही सुमेलित नहीं है-

(A) दक्षिण अफ्रीका- वेल्ड

(B) अर्जेंटीना- पम्पास

(C) ऑस्ट्रेलिया- डाउंस

(D) ब्राजील- लानोज

उत्तर- (D) ब्राजील- लानोज

11. दक्षिण अफ्रीका में चरागाह क्षेत्र को क्या कहा जाता है?

(A) डाउन्स

(B) स्टेपी

(C) प्रेयरी

(D) वेल्ड

उत्तर- (D) वेल्ड

12. पम्पास एवं स्टेपी निम्नलिखित में से किस श्रेणी में आते हैं?

(A) उच्च अक्षांशीय घासभूमि

(B) मध्य अक्षांशीय घासभूमि

(C) निम्न अक्षांशीय घासभूमि

(D) उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर- (C) निम्न अक्षांशीय घासभूमि

13. पटाना नामक उष्ण कटिबंधीय घास के मैदान निम्न में से किस देश में पाये जाते हैं?

(A) ब्राजील

(B) हंगरी

(C) श्रीलंका

(D) इण्डोनेशिया

उत्तर- (C) श्रीलंका

14. सवाना घास भूमियाँ मुख्यत: कहाँ पायी जाती है?

(A) मध्य एशिया में

(B) उत्तरी अमेरिका में

(C) उत्तरी मध्य अफ्रीका में

(D) ऑस्ट्रेलिया में

उत्तर– (C) उत्तरी मध्य अफ्रीका में

15. सुमेलित नहीं है-

(A) कैंटरबरी- न्यूजीलैंड

(B) वेल्ड- दक्षिण अफ्रीका

(C) पार्कलैंड- ब्राजील

(D) लानोज- वेनेजुएला

उत्तर– (C) पार्कलैंड- ब्राजील

16.  विश्व में किस घास के मैदान को विश्व के रोटी का टोकरी कहा जाता है

(A) डाउन्स

(B) स्टेपी

(C) प्रेयरी

(D) वेल्ड

उत्तर- (B) स्टेपी 

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