13. अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट का भूगोल के विकास में योगदान

 13. अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट का भूगोल के विकास में योगदान




अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट ⇒

प्रश्न प्रारूप

Q. भूगोल के विकास में अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट द्वारा दार्शनिक तथा विधितंत्र योगदान का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें।

          अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट एक महान जर्मन भूगोलवेता था। जिसका जन्म 1769 ई० में और मृत्यु 1859 ई० में हुआ। हम्बोल्ट छायावादी युग (1800-59 ई०) का भी महान भूगोलवेता था। इनके समकालीन जर्मनी में रिटर और हॉर्टशोन जैसे महान भूगोलवेत्ता तथा शिलर और गेटे जैसे साहित्यकार भी सक्रिय थे।

अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्टअलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट की जीवनी

        अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट को आधुनिक भूगोल का जन्मदाता माना जाता है। हेटनर महोदय ने कहा है कि आधुनिक भूगोल की शुरुआत 1799 ई० से माना जाना चाहिए क्योंकि हम्बोल्ट ने इसी वर्ष विश्व प्रसिद्ध द० अमेरिका की यात्रा पर निकला था। हम्बोल्ट का जन्म बर्लिन में एक करोड़पति के घर में हुआ था। इसकी शिक्षा-दीक्षा जर्मनी के बड़े-2 विद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में हुई थी। इसने फ्रैंकफर्ट विश्व विद्यालय में वनस्पतिशास्त्र, गाटिंगन विश्वविद्यालय में भूगर्भशास्त्र का अध्ययन किया।

       1789 ई० में हम्बोल्ट ने बैसाल्ट के उद्भव पर भूगोल लिखा जिसकी सर्वत्र चर्चा हुई। किशोरावस्था में ही जॉर्ज फोस्टर के साथ हॉलैंड, बेल्जियम, फ्रांस और इंगलैंड का यात्रा कर चुका था। अक्सर हम्बोल्ट अपने बड़े भाई विल्हेम वॉन हम्बोल्ट से मिलने स्वीट्जरलैण्ड के ‘जेना’ नगर में आता जाता रहता था। अर्थात हम्बोल्ट के जीवन में यात्रा की नींव बचपन में ही रख दी गई थी। हम्बोल्ट अपने जीवन में लगभग 60,000 मील की यात्रा किया। इस यात्रा के दौरान उसने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जो अनुभव किया उसे ‘Cosmos’ नामक पुस्तक में लिपिबद्ध कर पूरे विश्व में अपनी पहचान स्थापित कर दिया। 

हम्बोल्ट की यात्राएँ

        1799 ई० में हम्बोल्ट के द्वारा की गई यात्रा का अगर विश्लेषण की जाय तो स्पष्ट होता है कि उसने अपनी यात्रा का प्रारंभ किरुना (स्पेन) नामक बंदरगाह से किया था। स्पेन से चलकर वह सबसे पहले बेनेजुएला के कुमाना बंदरगाह पर उतरा। हम्बोल्ट वेनेजुएला में बहनेवाली औरिनिको नदी के सहारे आमेजन नदी के स्रोत क्षेत्र पहुँचा और आमेजन नदी के स्रोत क्षेत्र का खोज किया।         

        आमेजन नदी के स्रोत क्षेत्र खोजे जाने के बाद वह क्यूबा लौट आया। पुन: हम्बोल्ट लौटकर मैग्डालिना घाटी के सहारे एण्डीज पर्वत के ऊपर चढ़ाई किया। एण्डीज पर्वत पर चढ़ने के क्रम में वह चिम्बराजो चोटी पर चढ़ाई किया था, चिम्बराजो के क्रेटर में उत्तरा और बैसाल्ट का अध्ययन किया। चिम्बराजो पर चढ़ाई करने के बाद क्वीटो घाटी के सहारे पेरू की राजधानी लीमा पहुँचा। पेरू के तट पर उसने पेरू की ठण्डी जलधारा का खोज किया और उसका नामाकरण अपने नाम पर किया।

      हम्बोल्ट पेरू के तट पर गवानो पक्षी का विशिष्ट रूप से अध्ययन किया। लीमा के बाद एकापुल्का बंदरगाह से होते हुए वह मैक्सिको पहुँचा और सलाह दिया कि प्रशान्त महासागर और अटलांटिक महासागर जोड़ने के लिए पनामा नहर का निर्माण किया जाए। मैक्सिको से पूरब क्यूबा की राजधानी हवाना और हवाना से USA के प्रसिद्ध नगर फिलाडेल्फीया और वाशिंगटन का यात्रा किया। पुनः वाशिंगटन से वह पेरिस लौट आया और पेरिस में ही वह बस गया।

       पुनः 1827 ई० में रूसी सरकार के निमंत्रण पर  यूराल पर्वत, साइबेरिया और अल्टाई पर्वत श्रृंखला का यात्रा किया। इस यात्रा के लौटने के बाद ही उसने अपने ‘Cosmos’ नामक पुस्तक की रचना प्रारंभ किया। हम्बोल्ट के जीवन पर श्रीमती कैरोलीन फान वाल्सगाने के इस कथन का जबरदस्त प्रभाव था। जैसे- पृथ्वी के एक-एक तत्व परस्पर एक-दूसरे से गुथे हुए हैं। प्रत्येक तत्व एक-दूसरे को जीता और जीलाता है।” हम्बोल्ट ने अपने यात्रा के दौरान इस कथन का प्रत्यक्ष दर्शन किया था और इसे सत्य माना।

अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट के दर्शन एवं विधितंत्र

          अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट ने भूगोल के दर्शन एवं अध्ययन विधि या विधितंत्र में निम्नलिखित योगदान दिया है।

    हम्बोल्ट अपनी पुस्तक ‘कॉसमास’ में सात प्रकार की संकल्पना विकसित की हैं:-

(1) पृथ्वी के सतह का अध्ययन मानवीय अधिवास के रूप में करते हैं।

(2) भूगोल का अध्ययन क्षेत्रीय वितरण के रूप में करते हैं।

(3) सामान्य भूगोल ही भौतिक भूगोल है।

(4) भूगोल का मुख्य उद्देश्य भौतिक वातावरण मानवीय संबंधों का अध्ययन होना चाहिए।

(5) भूगोल में पृथ्वी के सभी घटकों का अध्ययन किया जाना चाहिए। 

(6) भूगोल में क्रमबद्ध पद्धति का विकास किया जाना चाहिए।

(7) भूगोल प्रकृति के एकता का भी अध्ययन करता है।

           हम्बोल्ट के द्वारा विकसित उपरोक्त 7 संकल्पनाओं के अलावे भी उसने कई और दर्शन विकसित किए। जैसे उसने कहा कि प्रकृति जीवन्त समष्टि हैं। उसने इसे अन्योन्याश्रिता के माध्यम से समझाने का प्रयास किया है। उसने कहा है कि मुझे आमेजन के वनों में विचरण करते हुए एण्डीज पर्वत पर चढ़ाई करते हुए इसका सदा बोध होता रहा कि सम्पूर्ण प्रकृति एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक बसा हुआ है तथा उन सबमें एक ही आत्मा से अनु-प्रामाणिक है।

            हम्बोल्ट ने भूदृश्य की संकल्पना प्रस्तुत करते हुए कहा है कि “एक ही जीवंत समष्टि (आत्मा) भूतल के विभिन्न भागों में विभिन्न रूपों में प्रकट होती है जिसकी अपनी विशिष्टता होती है।” इसी संदर्भ में उन्होंने “वन लाइफ” एक जीवन की संकल्पना प्रस्तुत किया।

          हम्बोल्ट पार्थिव एकता की संकल्पना को समझाने के लिए ‘वाटर फ्लाई संकल्पना’ प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने कहा है कि एक तितली विषुवतीय प्रदेश में अपना पंख हिलाती है तो इसका असर संपूर्ण विश्व के जलवायु पर पड़ता है।

          हम्बोल्ट वेनेजुएला के वेलेन्सिया झील के सूखने का कारण बताया कि इस झील के किनारे में अवस्थित वनों का तेजी से कटाव किये जाने के कारण यह झील सूख रहा है।

         हम्बोल्ट ने बताया कि भौगोलिक तथ्यों का अध्ययन प्रत्यक्ष रूप से अपने ज्ञानेन्द्रियों से अनुभव करके किया जाना चाहिए। यही कारण है कि इनके अध्ययन की पद्धति को प्रत्यक्ष अनुभव परक कहा जाता है। पुन: इन्होंने बताया कि भौगोलिक तत्त्वों का विकास आगमानात्मक (Inductive) रूप से हुआ है। इससे लगता है कि इनके जीवन पर डार्विन के द्वारा विकसित जैव उद्दविकास के सिद्धांत का प्रभाव था।

           अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोल्ट को भूगोल में जलवायु विज्ञान, पादप भूगोल का श्रीगणेश करने का श्रेय जाता है। अर्थात हम्बोल्ट को जैव भूगोल का संस्थापक माना जाता है क्योंकि इन्होंने ही सर्वप्रथम विश्व की प्राकृतिक वनस्पति तथ फसलों का ऊँचाई तथा तापमान से सम्बन्ध को स्पष्ट किया था। उसने अपने यात्रा के दौरान समताप रेखा (Isotherm) पहली बार खींचने का प्रयास किया था। हम्बोल्ट अपनी पुस्तक को कई खण्डों में बाँटकर लिखा है। इसका सबसे अन्तिम खण्ड 1859 ई० में पूरा किया। पूरे जीवन में उसने लगभग 40 ग्रंथ लिखे। 

आलोचना

   हम्बोल्ट मूलतः नियतिवादी दर्शन का समर्थक था जिसमें उसने प्रकृति की श्रेष्ठता को स्वीकार किया था। इसी विचारधारा के विरोध में फ्रांसीसी भूगोलवेताओं ने मानव की श्रेष्ठता को स्वीकार करते हुए संभववाद की संकल्पना का विकास किया। इस तरह भूगोल में नियतिवाद बनाम संभववाद का द्वैतवाद का प्रारंभ हुआ। 

निष्कर्ष 

        इस तरह उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि हम्बोल्ट एक महान भूगोलवेता था। इसके विचारधारा से निश्चित रूप से कई द्वैतवाद का विकास हुआ। लेकिन हम्बोल्ट का उद्देश्य भूगोल को विभाजित करना नहीं था बल्कि उसके प्रत्येक अंगों का सम्पूर्ण विकास करना था।

नोट : हम्बोल्ट ने प्राकृतिक प्रदेश की आधारभूत समरसता को “जुसामेनहैंग” की संज्ञा दी।

12. जर्मन भूगोलवेत्ताओं का योगदान

12. जर्मन भूगोलवेत्ताओं का योगदान




जर्मन भूगोलवेत्ताओं का योगदान⇒

                     आधुनिक भूगोल के विकास का श्रेय यूरोपीय चिंतकों को जाता है। यूरोप में भूगोल के विकास को दो काल में बाँटा जा सकता-

(1) पुनर्जागरण काल के पूर्व का भूगोल

(2) पुनर्जागरण काल के बाद का भूगोल

        यूरोप में पुनर्जागरण के साथ ही वैज्ञानिक चिन्तन शुरू हुआ जिसका प्रभाव लगभग सभी विषयों पर पड़ा। पुनः जब इंगलैण्ड में औद्योगिक क्रांति हुई तो इस क्रांति का प्रभाव अन्य विषयों पर पड़ा। वैज्ञानिक चिन्तन और औद्योगिक क्रांति का परिणाम था कि भूगोल जैसे विषय में भी गत्यात्मकता का आगमन हुआ। पुनर्जागरण काल के पहले भूगोल में यूनानी और रोमन भूगोलवेताओं का विशेष योगदान था जबकि पुनर्जागरण काल के बाद जर्मन, फ्रांसीसी और ब्रिटिश भूगोलवेताओं का विशिष्ट योगदान रहा है। 

जर्मन भूगोलवेत्ताओं

    उपरोक्त चिन्तनों में जर्मनी भूगोलवेताओं को आधुनिक चिंतन विकसित करने का श्रेय जाता है। जर्मनी में भूगोल के अध्ययन की शुरुआत 18वीं शताब्दी के पूर्व से माना जाता है क्योंकि इसी काल में भूगोल का अध्ययन विद्यालय स्तर पर किया जाने लगा था। प्रारंभिक जर्मन भूगोलवेताओं में इमैनुएल काण्ट तथा फॉस्टर जैसे भूगोलवेताओं का विशिष्ट योगदान रहा है। क्योंकि इन दोनों ने पहली बार उच्च शिक्षण संस्थानों में भौगोलिक अध्ययन पर विशेष जोर दिया। काण्ट महोदय की विशेष रुची खगोल विज्ञान अध्ययन में थी जबकि फॉस्टर की विशेष रुची भूआकृति विज्ञान में था। अत: भूगोल में खगोलशास्त्र और भूआकृति विज्ञान के विकास का श्रेय काण्ट और फॉस्टर को जाता है।

       प्रारंभ में भूगोल का अध्ययन इतिहास के अन्तर्गत किया जाता था। भूगोल को इतिहास से अलग करने का श्रेय इमैनुएल काण्ट को जाता है क्योंकि इन्होंने ही सबसे पहले बताया कि किसी भी घटना का अध्ययन स्थान (space) और काल के संदर्भ में किया जाता है। समय के संदर्भ में किसी भी घटना का अध्ययन इतिहास कहलाता है जबकि स्थान के संदर्भ में किसी भी घटना का अध्ययन भूगोल कहलाता है। पुनः काण्ट एवं फॉस्टर ने भूगोल में कई नवीन चिंतन को प्रस्तुत किया है। लेकिन इन दोनों ने ही मिलकर जर्मनी के उच्च शिक्षण संस्थानों में भूगोल को एक विषय के रूप में मान्यता नहीं दिलवा सके।

       वास्तव में आधुनिक भूगोल का जन्मदाता हम्बोल्ट और रिटर को माना जाता है। ये दोनों भूगोलवेत्ता एक-दूसरे के समकालीन थे। हम्बोल्ट का जन्म 1769 ई० में हुआ था जबकि रिटर का जन्म 1779 ई० हुआ था लेकिन दोनों की मृत्यु एक ही वर्ष 1859 ई० हुई थी। ये दोनों भूगोलवेता आधुनिक भूगोल के विकास के पोषक थे। लेकिन दोनों के दृष्टिकोण अलग-2 था। सामान्यता दोनों के दृष्टिकोण में अन्तर भूगोल के विधितंत्र से संबंधित था।

     जैसे:- हम्बोल्ट का मानना था कि भूगोल का विकास Inductive Method (आगमानात्मक विधि) से हुआ। जबकि रिटर के अनुसार Deductive Method (निगमानात्मक विधि) से हुआ है। इन दोनों के मौलिक विचार में अन्तर का प्रमुख कारण दोनों के अलग-2 जीवन का पृष्ठ भूमि था। जैसे- हम्बोल्ट बर्लिन के एक करोड़पति बाप का इकलौता बेटा था। जबकि रिटर एक गाँव से आने वाला गरीब गड़ेडिया का बेटा था।

       हम्बोल्ट की आर्थिक स्थिति अच्छी थी। इसलिए उसने शुरू से वैज्ञानिक विषय की पढ़ाई की और वैज्ञानिक चिन्तन का विकास किया। जबकि रिटर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसलिए दर्शनशास्त्र जैसे मानविकी विषय का अध्ययन किया। इसलिए वह ईश्वरवादी विचारों पर जोर दिया।

      हम्बोल्ट ने अपना वैज्ञानिक विचार “Cosmos” नामक पुस्तक में प्रस्तुत किया जबकि रिटर ने ‘अर्डकुण्डे’ नामक पुस्तक में अपना चिंतन प्रस्तुत किया। हम्बोल्ट विश्व के यात्रा करने के बाद अपना विचार प्रस्तुत किया। उसने अपने जीवन काल में 60,000 मील से भी अधिक यात्रा की। दूसरी ओर रिटर को आरामकुर्सी पर बैठने वाला चिंतक माना जाता है।

         हम्बोल्ट ने अपनी यात्रा के दौरान अमेजन नदी के उद्गम स्थल की खोज की। यूरोप का वह पहला व्यक्ति बना जो एण्डीज पर्वत को पार कर पेरू की ठण्डी जलधारा की खोज की। यहाँ तक की चिम्बराजो ज्वालामुखी के क्रेटर में उतरकर बैसाल्टिक चट्टानों का अध्ययन किया। यात्रा के दौरान हमबोल्ट अपने नाव पर एक प्रयोगशाला भी लेकर चलता था। अपने यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों का तापमान का मापन किया और उसके बाद पहली बार समताप रेखा खींचा।

      पुन: हमबोल्ट मैक्सिको और न्यूयार्क की यात्रा करते हुए यूरोप पहुँचा। यूरोप में आने के बाद रूस के जार (राजा) के अनुरोध पर पुन: उसने यूराल पर्वत और साइबेरियाई क्षेत्र की यात्रा की। वहीं दूसरी ओर रिटर महोदय ने जर्मनी में रहकर विभिन्न प्रकार के भौगोलिक सूचनाओं को एकत्रित कर चिन्तन एवं लेखन का कार्य किया।

         हम्बोल्ट अपनी पुस्तक कॉसमॉस में सात संकल्पना विकसित किये हैं।-

(1) पृथ्वी के धरातल का अध्ययन ‘मानवीय अधिवास’ के रूप में किया जाना चाहिए।

(2) भूगोल का अध्ययन क्षेत्रीय वितरण के रूप में किया जाना चाहिए।

(3) भौतिक भूगोल ही सामान्य भूगोल है।

(4) भौगोलिक अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य भौतिक भूगोल और मानवीय संबंधों के अध्ययन होना चाहिए।

(5) भूगोल में पृथ्वी के सभी घटकों का अध्ययन होना चाहिए।

(6) भूगोल में क्रमबद्ध अध्ययन पर जोर दिया जाना चाहिए।

(7) भूगोल के सभी घटक एक-दूसरे से जुड़े हुए है। इसे पार्थिव एकता का सिद्धांत भी कहते हैं।

          रिटर ने अपने अध्ययन में हम्बोल्ट के अधिकार संकल्पना को शामिल किया लेकिन दो संकल्पना में रिटर के मत भिन्न था। जैसे:- रिटर के क्रमबद्ध अध्ययन के स्थान पर प्रादेशिक अध्ययन पर विशेष जोर दिया। वहीं प्रकृति या पृथ्वी के स्थान पर मानव के अध्ययन पर इसने विशेष जोर दिया। लेकिन वास्तव में ये दोनों ही भूगोलवेत्ता नियतिवाद के समर्थक थे।

          रैटजल अगले महान जर्मन भूगोलला थे। जिन्हें ‘मानव भूगोल’ शुरुआत करने का श्रेय जाता है। इन्होंने भूगोल में “भौतिक भूगोल बनाम मानव भूगोल” का द्वैतवाद शुरू किया। इन्होंने नियतिवाद के स्थान पर पर्यावरण नियतिवाद की संकल्पना विकसित किया। इन्हें भूगोल में राजनीतिक भूगोल और सांस्कृतिक भूदृश्य संकल्पना विकसित करने का श्रेय जाता है। राजनीतिक भूगोल में उन्होंने कहा है कि कोई भी राज्य या समाज जैविक उद्दविकास के समान ही अनेक अवस्थाओं से गुजरकर विकसित होते हैं।”

      इसी तरह से संस्कृतिक भूदृश्य में उन्होंने बताया कि “अलग-अलग वातावरण में अलग-अलग रहन-सहन, खान-पान पोषक, विश्वास, भाषा इत्यादि का विकास होता है। जिससे अलग-2 सांस्कृतिक भूदृश्य विकसित होते हैं। “ रैटजेल ने कई पुस्तकों की भी रचना की। जैसे- “एंथ्रोपोज्योग्रफिया”, “पॉलिटिकल ज्योग्रफी”  और “प्रिंसिपुल ऑफ ह्यूमैन ज्योग्रफी”। रैटजेल ने अपने चिंतन पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि “मैने यात्रा की रेखा खींची और उसके बाद मैने वर्णन किया यही मेरा भूगोल है।” उन्होंने यह भी कहा है कि भूगोल एक वर्णात्मक विषय है। पुनः उन्होंने कहा है कि भूगोल में विश्लेषण पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए।

        उपरोक्त भूगोलवेताओं के अलावे कई और ऐसे भूगोलवेत्ता हुए जिन्होंने भूगोल में व्यकिगत योगदान देकर भौगोलिक चिन्तन के विकास को समृद्ध किया है। रीचथोपेन महोदय ने भूगोल में क्षेत्रीय विज्ञान को जन्म दिया। वहीं हेटनर महोदय ने मानव भूगोल, विश्व का ‘वृहत प्रादेशिक भूगोल, भूगोल का इतिहास, लक्षण और विधि’ नामक पुस्तक में स्थलाकृतिक विज्ञान और विभिन्न प्रदेशों का अध्ययन विकसित किया।

      जैलेन महोदय ने ‘भूराजनीति का सिद्धांत’ विकसित किया। जिसमें बताया कि “कोई भी राज्य भूमि की राजनीति करता है।” जैलेन के इस विचारधारा को सबसे अधिक समर्थन हिटलर और उसके सेनापति कार्ल हाउशोफर के द्वारा प्राप्त हुआ। कार्ल हाउशोफर ने भूराजनीति के अध्ययन हेतु “इन्स्टीच्यूट ऑफ ज्यो पोलिटिक्स स्कूल” की स्थापना करवायी।

         जर्मन भूगोलवेता में अल्बर्ट पेंक और बाल्थर पेंक जैसे भूगोलवेत्ता प्रमुख हैं, जिन्होंने अमेरिकी भूगोलवेत्ता डेविस के द्वारा प्रस्तुत ‘सामान्य अपरदन चक्र’ सिद्धांत के विरोध में ‘आधुनिक एवं वैज्ञानिक अपरदन चक्र का सिद्धांत’ प्रस्तुत किया। इसी तरह वॉन थ्यूनेन ने कृषि स्थानीयकरण का सिद्धांत, बेबर ने औधोगिक स्थानीयकरण का सिद्धांत, क्रिस्टॉलर ने केन्द्रीय स्थल का सिद्धांत प्रस्तुत कर जर्मन भौगोलिक चिन्तन को समृद्ध किया है।

निष्कर्ष

       इस प्रकार ऊपर के तथ्यों से स्पष्ट है कि आधुनिक भूगोल के विकास में जर्मन भूगोलवेत्ताओं का विशिष्ट योगदान रहा है। इनके योगदान को आज भी विश्व के कई देशों में न केवल मान्यता प्राप्त है बल्कि उसका अध्ययन भी किया जाता है।

उत्तर लिखने का दूसरा तरीका

       आधुनिक वैज्ञानिक भूगोल की स्थापना में जर्मनी को प्रथम स्थान दिया जाता है। वहाँ अठारहवीं सदी (कान्ट के समय) से ही भूगोल में आधुनिकता एवं वैज्ञानिकता की नींव पड़ चुकी थी। कान्ट ने सर्वप्रथम भूगोल के लिए कुछ नियमों का प्रतिपादन किया, इस प्रकार यद्यपि उन्होंने भूगोल में वैज्ञानिकता की आधारशिला रखी, परन्तु भूगोल की वास्तविक रूपरेखा उन्नीसवीं सदीं में हम्बोल्ट (Humbolt) व रिटर (C. Ritter) ने तैयार की।

       कान्ट, रिटर, रेटजेल, हम्बोल्ट, रिचथोफेन व हेटनर जैसे भूगोलवेत्ताओं ने वातावरण निश्चयवाद के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया। रिचथोफेन तथा हेटनर ने भूगोल को क्षेत्रवर्णी विज्ञान के रूप में समझाने का प्रयत्न किया। जर्मनी के वर्तमान भूगोलवेत्ताओं ने लैण्डशाफ्ट (Landchaft) की विचारधारा का समर्थन किया। भू-राजनीति की विचारधारा का उदय जर्मनी में ही हुआ। हम्बोल्ट ने क्रमबद्ध व रिटर ने प्रादेशिक भूगोल का प्रतिपादन किया। इसी प्रकार की अनेक विचारधाराएँ जर्मन भूगोलवेत्ताओं ने प्रतिपादित की। प्रमुख विचारधाराओं का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:-

(i) वैज्ञानिक भूगोल (Scientific Geography):-

      अठारहवीं सदी में रीनहॉल्ड फॉर्स्टर तथा जार्ज फॉर्स्टर ने वैज्ञानिक ढंग से पृथ्वी के विभिन्न भागों के भौगोलिक तथ्यों के प्रेक्षण (Observations) किए। उन्होंने तथ्यों को एकत्र किया, उनकी तुलना की, वर्गीकरण किया-इस वर्गीकरण में तथ्यों का सामान्यीकरण (Generalization) किया और उनकी कारणात्मक व्याख्याएं लिखीं। उन्होंने भौगोलिक सामग्री का वैज्ञानिक विवेचन किया। इस प्रकार रीनहॉल्ड फॉर्स्टर प्रथम विधितन्त्रीय भूगोलवेत्ता था। जॉर्ज फॉर्स्टर ने उसका अनुसरण किया। कान्ट ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान किया। इनके द्वारा तैयार आधार (Foundation) पर ही उत्तरकालीन भूगोलवेत्ताओं ने वर्तमान भूगोल के भव्य भवन का निर्माण किया।

(ii) क्रमबद्ध भूगोल (Systematic Geography):-

       रीनहॉल्ड फॉर्स्टर, जॉर्ज फॉर्स्टर व कान्ट ने क्रमबद्ध भूगोल में काफी योगदान किया, परन्तु क्रमबद्ध भूगोल का सबसे महान भूगोलवेत्ता हम्बोल्ट था। वस्तुतः वर्तमान भूगोल का संस्थापक व प्रवर्तक हम्बोल्ट को ही माना जाता है। उसकी प्रसिद्ध ग्रन्थमाला कॉसमॉस (Cosmos) में क्रमबद्ध भूगोल है। हम्बोल्ट ने दो ग्रन्थ ‘मध्य एशिया’ (Vol. 1 & Vol. 2) फ्रांसीसी भाषा में प्रकाशित कराए।
(iii) वातावरण निश्चयवाद (Environmental Deter- minism):-

     वातावरण निश्चयवाद का जन्म जर्मनी में हुआ। रिटर, रेटजेल व हम्बोल्ट का इसमें मुख्य योगदान था। इस विचारधारा में मानवीय क्रियाओं को प्रकृति द्वारा नियंत्रित बताया गया था।

(iv) भूगोल : क्षेत्रवर्णी विज्ञान (Geography: Chorological Science):-

      भूगोल को क्षेत्रवर्णी विज्ञान के रूप में प्रतिपादित करने का श्रेय जर्मन भूगोलवेत्ताओं को ही है। रिचथोफेन व हेटनर का इसमें विशेष योगदान था। इन्होंने भूगोल के अध्ययन क्षेत्र की व्याख्या की थी तथा अन्य क्रमबद्ध विज्ञानों के साथ भूगोल के सम्बन्धों का संश्लेषण किया था:

     “Geography is a Chorological Science of the earth’s surface, of the science of earth areas in terms of their differences and their spatial relations.” -Hatner

(v) भू-राजनीति (Geo-Politics):-

     ‘भू-राजनीति’ शब्द यद्यपि एक स्वीडिश भूगोलवेत्ता द्वारा प्रस्तावित था, परन्तु इसके पूर्व ही रेटजेल के ‘राजनीतिक भूगोल’ से इसका बीजारोपण हो चुका था। सूपान (Supan) की पुस्तक ‘सामान्य राजनीतिक भूगोल के मार्गदर्शक सिद्धान्त’ 1922 में प्रकाशित हुई।

        द्वितीय विश्व युद्ध से पूर्व व युद्ध के समय जर्मन लोगों ने अपनी जातीय व सांस्कृतिक श्रेष्ठता का दावा किया था। इसी आधार पर रहने के स्थान का नारा लगाया। इसी के परिणामस्वरूप भू-राजनीति का विकास हुआ।

       इस क्षेत्र में कार्ल हाशोफर (Karl Haushofer) अत्यन्त प्रभावशाली था। उसने अपनी भू-राजनीति की विचारधारा को अपनी पुस्तक ‘मीन कैम्फ’ (Mein Kampf) में प्रस्तुत किया था।

(vi) प्रादेशिक भूगोल (Regional Geography):-

        प्रादेशिक भूगोल का विकास रिटर द्वारा प्रकाशित ग्रन्थ ‘अर्डकुण्डे’ से हुआ। रेटजेल के ‘मानव भूगोल’ व ‘मानव जाति का इतिहास’ आदि ग्रन्थों में विभिन्न देशों व प्रदेशों के अध्ययन किए गए थे। वॉन रिचथोफेन के ग्रन्थों में चीन के प्रादेशिक वर्णन मानचित्रों के साथ दिए गए थे।

       1925 में जर्मन सरकार ने अनेक भूगोलवेत्ताओं को खर्चा देकर भौगोलिक अन्वेषणों के लिए विदेश भेजा। लौटकर उन्होंने वहाँ के प्रादेशिक वर्णन लिखे।

(vii) अवस्थिति सिद्धान्तों का प्रतिपादन (Location theories):-

       जर्मनी में अनेक अवस्थिति सिद्धान्तों का प्रतिपादन किया गया-

(क) वॉन थूनेन का कृषिवलय सिद्धान्त-

    वॉन थूनेन ने कृषि के स्थानीकरण का सिद्धान्त प्रस्तुत किया था। कोई भी कृषक वही फसल उत्पन्न करता है जिससे उसे सर्वाधिक लाभ होता है। किसी नगर के चारों ओर कृषि फसलों का स्थानीयकरण सकेन्द्रीय वृत्त खण्डों के रूप में होगा। प्रथम वलय में शाक, दुग्ध; द्वितीय में ईंधन की लकड़ी का उत्पादन, तृतीय में खाद्यान्न उत्पादन बिना परती भूमि छोड़े, चतुर्थ में खाद्यान्न परती भूमि छोड़कर व पंचम वलय में चरागाह होगा। वॉन थूनेन ने परिवहन लागत को बहुत अधिक महत्व दिया था।

(ख) वेबर का उद्योग अवस्थिति सिद्धान्त-

       अल्फ्रेड वेबर (Alfred Weber) जर्मन अर्थशास्त्री था। 1909 में उसने उद्योगों की अवस्थिति का सिद्धान्त प्रतिपादित किया। वेबर ने किसी उद्योग की स्थापना में परिवहन लागत, श्रम व एकत्रीकरण के प्रभाव को प्रदर्शित किया है।

(ग) क्रिस्ट्रालर के केन्द्रीय स्थिति सिद्धान्त-

      वाल्टर क्रिस्ट्रालर (Walter Christraller) आर्थिक भूगोलवेत्ता था। उसने नगरों व व्यापारिक केन्द्रों पर परिवहन, पारस्परिक क्रिया तथा मध्यवर्ती अवसर के प्रभावों व उनके परिणामों को विश्लेषित किया है।

(viii) लैण्डशॉफ्ट का अध्ययन (Study of Landchaft):-

     जर्मन विचारधारा के अनुसार भूगोल वह विज्ञान है, जिसमें ‘लैण्डशॉफ्ट’ का अध्ययन होता है। ‘लैण्डशॉफ्ट’ जर्मन भाषा का शब्द है। इसका अर्थ दृश्य, प्रदेश व प्रदेश की विशेषताएं हैं।

(ix) भूगोल की शाखाओं का विशेषीकरण (Specialization of Branches of Geography):-

      अठारहवीं सदी में ही कान्ट ने भूगोल की शाखाओं का वर्गीकरण कर दिया था। उन्नीसवीं सदी में रिटर व हम्बोल्ट ने इसको और अधिक स्पष्ट किया। साथ ही उन्होंने इसका विशेषीकरण करना भी प्रारम्भ किया। बीसवीं सदी के मध्य से इस दिशा में विशेष कार्य किया गया है। भूगोल की शाखाओं का विशेषीकरण इस प्रकार किया गया है कि प्रत्येक शाखा एक स्वतंत्र विज्ञान भी हो गई है। जैसे जलवायु विज्ञान, मृदा विज्ञान, भू-भौतिकी, भू-गणित, स्वास्थ्य भूगोल, कृषि भूगोल, परिवहन भूगोल, सैन्य भूगोल, आचरण भूगोल, वाणिज्य भूगोल, आदि।

11. मानवतावादी भूगोल या मानवतावाद एवं कल्याण उपागम 

11. मानवतावादी भूगोल या मानवतावाद एवं कल्याण उपागम



मानवतावादी भूगोल ⇒

         भूगोल के विषय वस्तु को विकसित करने के लिए अनेक उपागम विकसित किये गये। भूगोल में इस उपागम की शुरूआत 1960-70 के दशक के बीच माना जाता है। ‘मानवतावादी’ शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग सन् 1976 में ‘तुआन’ ने किया था। भूगोल में इस उपागम का जन्म मात्रात्मक भूगोल, प्रत्यक्षवाद और क्षेत्रीय विश्लेषण जैसे उपागम के विरुद्ध हुआ। यह उपागम मात्रात्मक क्रान्ति के विरुद्ध है क्योंकि मात्रात्मक क्रांति में मानवीय विषय तथा मानवीय मुद्दे (जैसे- मानवीय मूल्य, प्रथा, परम्परा, सामाजिक संस्था, सौंदर्य, बोध, प्रेम, घृणा) जैसे तथ्यों का अध्ययन नहीं करता है जबकि ये भूगोल के ही विशिष्ट विषय-वस्तु है।

           मानवतावादी भूगोल प्रत्यक्षवाद के भी विरुद्ध है क्योंकि प्रत्यक्षवाद उन्हीं तथ्यों का अध्ययन करता है जिसे आँखों से देखा जा सके। लेकिन मानवतावाद एवं कल्याणकारी उपागम वैसे तथ्यों का अध्ययन करता है जिसे मात्र अनुभव किया जा सके।

मानवतावादी भूगोल

        मानवतावाद एवं कल्याणकारी भूगोल की एक ऐसी उपागम है जिसके अंतर्गत निम्नलिखित तथ्यों के ऊपर ध्यान केन्द्रित किया जाता है।

(1) यह उपागम मानव को एक सक्रिय एवं केन्द्रीय उपागम मानते हुए भूगोल का अध्ययन करता है। यह उपागम मानव के विभिन्न संस्थाओं, मानवीय जागरूकता, मानव की क्रियाशीलता, मानव की बौद्धिकता इत्यादि का अध्ययन करता है।

(2) यह उपागम भूगोल का अध्ययन सम्पूर्णता से करके मानव कल्याण की दिशा निर्धारित करना चाहता है।

(3) यह एक ऐसा दर्शन है, जो वैज्ञानिक जाँच के पूर्व विश्व के रहस्यों को उद्घाटित करता है।

(4) मानवतावादी भूगोल किसी स्थान या स्थलाकृति का केवल मूर्त अध्ययन नहीं करता है बल्कि उसके कार्य एवं कारण का भी अध्ययन करता है।

           भूगोल में मानवतावादी भूगोल एवं कल्याणकारी भूगोल शुरुआत करने का श्रेय इमैनुएल काण्ट को जाता है। इसके अलावे फ्रांसीसी भूगोलवेता फेब्रे एवं ब्लाश भी इसके बड़े समर्थक रहे हैं। आधुनिक संदर्भ में गुल्के एनी बंटीमर और यी-फू तुआन जैसे भूगोलवेता इसके सबसे बड़े समर्थक रहे हैं। इसके अलावे व्यवहारवादी भूगोल / आचारपरक भूगोलवेता विलियम किर्क, फेनोमेनोलोजी के समर्थक कार्लसावर एवं टेल्फ जैसे भूगोलवेता भी इसके समर्थक रहे हैं।

           गुल्के महोदय ने इस उपगम का समर्थन करते हुए कहा है कि “मानसिक क्रियाशीलता का नियंत्रण पदार्थ एवं क्रियाशीलताओं से नहीं हो सकता वरन विश्व को अप्रत्यक्ष रूप से विचारों को जाना जा सकता है जो अन्त: व्यक्ति के विषयगत अध्ययन पर आधारित होता है। जैसे-

          एनीबंटीगर अपने पुस्तक “The challange of Geographic Humanic in Humanistic Geographic” में कहा है कि “किसी घटना तथा वहाँ के लोगों का अध्ययन उनके निकट जाकर किया जाना चाहिए न कि दूर हटकर तभी उनके समस्याओं को जानकर आप कल्याण की बात कर सकते हैं।

मानवतावादी भूगोल

यी-फू तुआन

     यी-फू तुआन महोदय ने अपने पुस्तक “Geography, Phenomenology & the study of Human Nature” में कहा है कि मानवतावाद एवं कल्याणकारी उपागम मानव भूगोल का दर्पण है जो मानव अस्तित्व तथा जीवन के सार को बताता है। इस तरह मानवतावाद एवं कल्याणकारी उपागम को विकसित करने में कई भूगोलवेताओं का योगदान रहा है।

       यह एक ऐसा उपागम है जो भौतिक भूगोल एवं मानव भूगोल के बीच अन्तर स्थापित करता है तथा जो केवल सहयोगी अवलोकन पर विशेष ध्यान देता है। लेकिन सहयोगी अवलोकन के आधार पर भूगोल में सिद्धांत का निर्माण, निष्कर्ष निकालते का कार्य इत्यादि नहीं किया जा सकता। मानवतावादी भूगोल, भूगोल के विधितंत्र से संबंधित नहीं है बल्कि मानव भूगोल को समझते हेतु एक नई दृष्टिकोण देता है।

आलोचना

           मानवतावाद एवं कल्याकारी उपागम का कई आधारों पर आलोचना भी की जाती है। जैसे:-

(i) यह मानवीय गुणों के प्रति अत्याधिक संवेदनशील होता है।

(ii) यह उपागम मॉडल निर्माण, सिद्धांत निर्माण, स्थानीयकाण विश्लेषण, भूमि उपयोग जैसे तथ्यों के समझने या व्याख्या करने में मदद नहीं करता है।

(iii) 1976 ई० में इन्द्रीकीन महोदय ने इसका आलोचना करते हुए कहा है कि यह एक उपदेश देने वाला उपागम है न कि मात्रात्मक क्रांति जैसे अन्य उपागम की तरह मानव भूगोल के अध्ययन का वैकल्पिक प्रारूप प्रस्तुत करता है।



22. प्रमुख सममान रेखाएँ

22. मानचित्रों पर दर्शाएँ जाने वाली प्रमुख सममान रेखाएँ


प्रमुख सममान रेखाएँ⇒

सममान रेखाएँ या आइसोप्लेथ (Isopleth):- मानचित्रों पर किसी वस्तु के समान मूल्य या घनत्व वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखाएँ को सममान रेखाएँ कहा जाता है। जैसे- समताप रेखा, सममेघ रेखा, समवर्षा रेखा, समदाब रेखा इत्यादि।

(नोट : सम = बराबर, मान = मूल्य अर्थात मानचित्र पर किसी तत्व या वस्तु के समान मूल्य / घनत्व) 

प्रमुख सममान रेखाएँ

मानचित्रों पर दर्शाएँ जाने वाली प्रमुख सममान रेखाएँ:

1. आइसोनीफ (Isonif)⇒ समान हिम वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा को आइसोनीफ कहते है।

2.  सममेघ रेखा या आइसोनेफ (Isoneph)⇒ समान मेघ आच्छादन वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा को आइसोनेफ कहते है।

3. आइसो बाथ (Isobath)⇒ समुद्र के अंदर समान गहराई वाले स्थानों को मिलाकर खींचे जाने वाली रेखा को आइसो बाथ कहते है।

4. आइसो ब्रांट (Isobront)⇒ एक समान समय पर तूफान आने वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

5. समपवनवेग रेखा या आइसोटैक (Isotach)⇒ मौसम मानचित्र पर पवन की समान गति वाले स्थानों को मिलाकर खींची गई रेखा।

6. समताप रेखा (Isotherm)⇒ समान तापमान वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

7. आइसोपैच (Isopach)⇒ हिमानी अथवा चट्टानों के समान मोटाई वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

8.  समकाल रेखा या आइसोक्रोन (Isochrone)⇒ किसी बिंदु से एक समान समय में तय कि गई दूरी वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

9. समदिक्पाती रेखा (Isogone)⇒ समान चुंबकीय झुकाव वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

10. समलवणता रेखा (Isohaline)⇒ समुद्री जल में खारेपन की समान मात्रा मात्रा वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा

11. आइसोरेमे (Isoraime)⇒पाला गिरने की समान मात्रा वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

12. आइसोस्टेड (Isostade)⇒ समान अधिवासीय संख्या को मिलाने वाली रेखा।

13. समभूकंपीय (Isoseismal)⇒ भूकंपीय तीव्रता की समानता वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

14. सहभूकंप रेखा या होमोसिस्मल (Homoseismal) ⇒ भूकंप के एक ही समय आने वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

15. आइसोथेरे (Isothere)⇒ ग्रीष्मकाल के समान तापमान वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

16. समदाब रेखा (Isobars)⇒ समान वायुदाब वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

17. इसालोबार (Isallobar)⇒ एक विशिष्ट अवधि में वायुमंडलीय दबाव में होने वाले समान परिवर्तन के स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

18. आइसोहेल (Isohel)⇒ सूर्य के प्रकाश की समान अवधि वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

19. समोच्च रेखा या आइसोहाइप (Contour lines or Isohypes)⇒ समुद्र तल से समान ऊँचाई वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

20. आइसोपाइकनिक (Isopycnic)⇒ मानव जनसंख्या के समान घनत्व वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

21. आइसोकाइनेटिक (Isokinetic)⇒ समान पवन वेग के स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

22. समवर्षा रेखा (Isohytes)⇒ वर्षा की समान मात्रा वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

23. आइसोमेर (Isomer)⇒ वर्षा की वार्षिक मात्रा की प्रतिशत के रूप में व्यक्त की जाने वाली उसकी औसत मासिक मात्रा के स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

24. आइसोपाथ (Isopath)⇒ भूगर्भिक अथवा भू भौतिक परत की समान मोटाई वाले बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा।

25. आइसोसिस्ट (Isoseist)⇒ समान भूकंपीय लहरों को एक समय में ही अनुभव करने वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

26. आइसोटालेंटोज (Isotalantose)⇒ औसत मासिक तापांतर की समानता वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

27. आइसोइकेते (Isoikete)⇒ लोगों के रहने योग्य निवास की समान मात्रा वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

28. आइसोफीन (Isophene)⇒ समान मौसमी घटनाओं को दर्शाने वाली रेखा।

29. आइसोथर्मो बाथ (Isothermobath)⇒ सागरीय जल की गहराई के अनुसार समान ताप वाले बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा।

30. आइसोचाइम (Isochime)⇒ औसत शीत की तापमान की समानता वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

31. आइसोफाइट (Isophite) ⇒ वनस्पतियों की समान ऊंचाई अथवा समान ऊंचाई वाले वनस्पति के स्तरों को मिलाने वाली रेखा।

32. आइसोप्रैक्ट (Isopract)⇒ मानव जनसंख्या के समान वितरण वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।



1. मानचित्र पर बनायी गई वे रेखाएँ जो समुद्र से बराबर ऊँचाई वाले स्थानों को मिलाते हैं, क्या कहलाती है?

(a) आइसोबार

(b) आइसोथर्म

(c) आइसोटोप

(d) कन्टूर

2. मानचित्र पर वर्षा का वितरण दिखाने के लिए किस रेखा का प्रयोग किया जाता है?

(a) आइसोहाइट

(b) आइसोथर्म

(c) आइसोबार

(d) आइसोहेलाइन

3. सामान जनसंख्या घनत्व वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखाएँ है-

(a) आइसोप्रैक्ट

(b) आइसोडोपेन

(c) आइसोटैक

(d) आइसोपाइक्निक

4. महासागरीय एवं सागरीय भागों में लवणता की समान मात्रा वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा निम्न में से किस नाम से जानी जाती है?

(a) आइसोबाथ

(b) आइसोहेल

(c) आइसोसैलाइन

(d) आइसोहैलाइन

5. समान मेघाच्छन्नता को मिलाने वाली रेखा क्या कहलाती है?

(a) आइसोनिफ

(b) आइसोनेफ

(c) आइसोराइम

(d) आइसोफेन

6. समान चुम्बकीय झुकाव वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा क्या कहलाती है?

(a) आइसोबाथ

(b) आइसोब्राण्ट

(c) आइसोगोनल

(d) आइसोक्रोन

7. आइसोथर्म नामक रेखाएँ मानचित्र पर उन स्थानों को दर्शाने के लिए बनायी जाती है जहाँ पर-

(a) एकसमान तापमान रहता है

(b) एकसमान दबाब रहता है

(c) एकसमान लवणता रहती है

(d) एकसमान उँचाई होती है

8. आइसोबार (Isobar) मानचित्र पर उन स्थानों को दर्शाने के लिए खींची गई रेखाएँ हैं, जहाँ पर-

(a) एक जैसा वायुमंडलीय दाब हैं

(b) एक जैसा तापमान है

(c) एक जैसा ऊँचाई है

(d) एक जैसा लवणता है

9. आइसोहेल (Isohel) रेखाओं द्वारा क्या प्रदर्शित किया जाता है?

(a) समान वर्षा

(b) समान धूप

(c) समान ऊँचाई

(d) समान हिमपात

10. विश्व मानचित्र पर एक ही समदिकपाती रेखा पर स्थित दो स्थानों पर समान होगा-

(a) भू-प्रदूषण

(b) भूकम्पीय क्रिया

(c) मेघाच्छादन

(d) चुम्बकीय विचलन

11. एकसमान समय पर तूफान आने वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा क्या कहलाती है?

(a) आइसोसीस्मल

(b) आइसोकाइम

(c) आइसोब्राण्ट

(d) आइसोक्लाइन

12. समुद्र के अन्दर समान गहराई वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा कहलाती है-

(a) आइसोबार

(b) आइसोबाथ

(c) आइसोथर्म

(d) आइसोक्रोन

13. सूर्यातप के समान अवधि वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा क्या कहलाती है?

(a) आइसोहेल

(b) आइसोनिफ

(c) आइसोक्रोन

(d) आइसोहाइप

14. समान हिमपात वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखाएँ क्या कहलाती है?

(a) आइसोनेफ

(b) आइसोहाइट

(c) आइसोनिफ

(d) आइसोब्राण्ट

15. किसी प्रदेश में समान भाषा वाले स्थानों को वर्गीकृत करने वाली सीमा रेखा क्या कहलाती है?

(a) आइसोपाइक्निक

(b) आइसोफाइट

(c) आइसोडाइन

(d) आइसोग्लॉस

16. भूकम्पीय तीव्रता की समानता वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा क्या कहलाती है ?

(a) आइसोगोनल

(b) होमोसिस्मल

(c) आइसोसिस्मल

(d) आइसोकायनेटिक

17. भूकम्प के एक ही समय पर आने वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा क्या कहलाती है?

(a) आइसोसिस्मल

(b) होमोसिस्मल

(c) आइसोब्राण्ट

(d) आइसोगोनल

18. महासागरों व सागरों की लवणीयता को मानचित्र पर प्रदर्शित करने वाली रेखाएँ क्या कहलाती है?

(a) आइसोथर्म

(b) आइसोबार

(c) आइसोहेलाइन

(d) आइसोहाइट

19. आइसोबाथ रेखाएँ प्रदर्शित करती है-

(a) समान वर्षा वाले क्षेत्र

(b) समान बादल वाले क्षेत्र

(c) समान वायुदाब वाले क्षेत्र

(d) समुद्र तल के समान गहराई वाले क्षेत्र

20. मानचित्र में वे रेखाएँ जहाँ दाब सम हो, कहलाती है-

(a) देशान्तर रेखाएँ

(b) अक्षांश रेखाएँ

(c) समदाब रेखाएँ

(d) समस्थानिक

21. मानचित्र पर आइसोहाइप्स रेखाओं द्वारा निम्न में से किसका प्रदर्शन किया जाता है?

(a) समान वर्षा की मात्रा

(b) पवन की समान गति वाले स्थान

(c) मेघाच्छादन के समान क्षेत्र

(d) समुद्रतल से समान ऊँचाई

KVS PGT SOLVED EXAM PAPER

KVS PGT SOLVED EXAM PAPER



KVS PGTKVS PGT का भूगोल के विगत वर्षों के प्रमुख प्रश्नोत्तर

1. भारत में भू-राजस्व अभिलेखों के अनुसार, ‘फसलें चीरी और काटी जाती हैं’ को निम्नलिखित में से किस भू-उपयोग वर्ग के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है?
(A) पेड़ की फसलें और कब्रगाहें
(B) खेती योग्य बंजर भूमि
(C) शुद्ध बोया क्षेत्र
(D) परती भूमि
उत्तर- (C) शुद्ध बोया क्षेत्र

2. उपसौर के दौरान सूर्य और पृथ्वी के बीच निम्नलिखित में से कौन सी उचित दूरी है?
(A) 146 मिलियन किमी.
(B) 147 मिलियन किमी.
(C) 148 मिलियन किमी.
(D) 150 मिलियन किमी.
उत्तर- (B) 147 मिलियन किमी. (KVS PGT 2023)

3. विश्व की प्रमुख विवर्तनिक प्लेटों को दर्शाने वाली निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या सही है?
(A) 6
(B) 7
(C) 8
(D) 9
उत्तर- (B) 7

4. सौर ऊर्जा के निम्नलिखित आंकड़ों में से कौन-सा (कैलोरी प्रति वर्ग सेंटीमीटर प्रति मिनट) पृथ्वी के वायुमंडल के शीर्ष पर प्राप्त औसत को सही ढंग से दर्शाता है?
(A) 1.94
(B) 1.84
(C) 2.94
(D) 2.84
उत्तर- (A) 1.94

5. चंबल नदी निम्नलिखित में से किस राज्य समूह से होकर बहती है?
(A) उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश
(B) उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान
(C) उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़
(D) राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार
उत्तर- (B) उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान

6. निम्नलिखित में से कौन-सा ढलान प्रोफाइल सही है जब समोच्च अपने उच्च मूल्यों पर एक-दूसरे से दूर होते हैं?
(A) उत्तल ढलान
(B) अवतल ढलान
(C) समान ढलान
(D) लहरदार ढलान
उत्तर- (C) समान ढलान

7. समान वायुदाब वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा कहलाती है-
(A) आइसोहेल
(B) इसोहायत
(C) आइसोबार
(D) आइसोथर्म
उत्तर- (C) आइसोबार

8. वायुमंडलीय गैसों के प्रतिशत के बढ़ते क्रम में निम्नलिखित में से कौन-सा सही क्रम है?
(A) हीलियम, क्सीनन, कार्बन डाइऑक्साइड और आर्गन
(B) ऑक्सीनन, हीलियम, कार्बन डाइऑक्साइड और आर्गन
(C) हीलियम, कार्बन डाइऑक्साइड, क्सीनन और आर्गन
(D) क्सीनन, कार्बन डाइऑक्साइड, हीलियम और आर्गन
उत्तर- (A) हीलियम, ऑक्सीनन, कार्बन डाइऑक्साइड और आर्गन

9. मेरियाना ट्रेंच निम्नलिखित में से किस महासागर में स्थित है?
(A) उत्तरी अटलांटिक महासागर
(B) हिंद महासागर
(C) दक्षिण अटलांटिक महासागर
(D) पश्चिमी प्रशांत महासागर
उत्तर- (D) पश्चिमी प्रशांत महासागर

10. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रतिशत भूपर्पटी पर सिलिकन के निर्माण के लिए सही है?
(A) 22.72
(B) 27.72
(C) 25.72
(D) 30.72
उत्तर – (B) 27.72

11. फ्रांस द्वारा प्रवर्तित SPOT कार्यक्रम में निम्नलिखित में से किस देश का महत्वपूर्ण योगदान रहा है?
(A) जर्मनी
(B) यू.एस.ए.
(C) बेल्जियम
(D) रूस
उत्तर – (C) बेल्जियम

12. निम्नलिखित में से किसने समुद्र तल प्रसार की अवधारणा प्रस्तावित की थी?
(A) बुलार्ड
(B) मैकेंजी
(C) हैरिहेस
(D) मॉर्गन
उत्तर – (C) हैरिहेस

13. ‘अंडे की स्थलाकृति की टोकरी’ निम्नलिखित में से किस भू-आकृतिक प्रक्रिया द्वारा बनाई गई है?
(A) नदी कार्य
(B) हिमानी द्वारा
(C) वायु जनित
(D) समुद्र की लहर द्वारा
उत्तर- (B) हिमानी कार्य

14. सड़क वर्गीकरण की पुरानी योजना के तहत, राष्ट्रीय राजमार्ग-1 निम्नलिखित शहरों में से किस एक को जोड़ता है?
(A) अंबाला-मुरादाबाद
(B) अमृतसर-लखनऊ
(C) अमृतसर- दिल्ली
(D) दिल्ली – हैदराबाद
उत्तर- C) अमृतसर- दिल्ली

15. नर्मदा-तापी द्रोणी निम्न में से किस राज्य से होकर गुजरती है?
(A) महाराष्ट्र – मध्य प्रदेश
(B) महाराष्ट्र – छतीसगढ़
(C) मध्य प्रदेश – गुजरात
(D) मध्य प्रदेश – राजस्थान
उत्तर- (C) मध्य प्रदेश – गुजरात

16. निम्नलिखित भू-आकृतियों में से कौन-सा बहु-चक्रीय अपरदन प्रक्रियाओं का सुराग प्रदान करता है?
(A) नदी वेदिकाएं
(B) गॉर्ज
(C) नदी विसर्प
(D) डेल्टा
उत्तर- (A) नदी वेदिकाएं

17. पौधों को खाने वाले जंतुओं के लिए निम्नलिखित में से किस शब्द का प्रयोग किया जाता है?
(A) प्राथमिक उपभोक्ता
(B) द्वितीयक उपभोक्ता
(C) अपघटक
(D) उत्पादक
उत्तर- (A) प्राथमिक उपभोक्ता

18. निम्नलिखित में से किसने अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में ‘स्थिति त्रिभुज’ की अवधारणा पेश की?
(A) ए. वेबर
(B) टी. प्लेंडर
(C) ई.एम. हूवर
(D) ए. लॉश
उत्तर- (A) ए. वेबर

19. ‘नव नियतिवाद’ के संस्थापक कौन थे?
(A) सी. डार्विन
(B) एफ. रेटजेल
(C) ई.सी.सेम्पल
(D) जी. टेलर
उत्तर – (D) जी. टेलर

20. निम्नलिखित राज्यों में से किस एक ने 2001-2011 के दौरान भारत में जनसंख्या की सबसे कम दशकीय वृद्धि दर्ज की?
(A) पंजाब
(B) अरुणाचल प्रदेश
(C) नागालैंड
(D) मध्य प्रदेश
उत्तर- (C) नागालैंड

21. निम्नलिखित में से किस चट्टान में क्रिस्टलीकरण देखा जाता है?
(A) कांग्लोमरेट
(B) शेल
(C) चूना पत्थर
(D) बेसाल्ट
उत्तर- (A) कांग्लोमरेट

22. निम्नलिखित में से किस महासागर में मालदीव द्वीप समूह स्थित हैं?
(A) उत्तरी अटलांटिक महासागर
(B) हिंद महासागर
(C) प्रशांत महासागर
(D) दक्षिण अटलांटिक महासागर
उत्तर- (B) हिंद महासागर

23. भारत का निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य तीन देशों की सीमा को स्पर्श करता है?
(A) हिमाचल प्रदेश
(B) सिक्किम
(C) उत्तराखंड
(D) मिजोरम
उत्तर- (B) सिक्किम

24. 2011 की जनगणना के अनुसार निम्न में से किस राज्य का जनसंख्या घनत्व सबसे अधिक है?
(A) सिक्किम
(B) अरुणाचल प्रदेश
(C) जम्मू और कश्मीर
(D) मिजोरम
उत्तर- (C) जम्मू और कश्मीर

25. विश्व के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में अधिकतम सूर्यातप प्राप्त होता है?
(A) भूमध्यरेखीय क्षेत्र
(B) उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र
(C) समशीतोष्ण क्षेत्र
(D) उप-ध्रुवीय क्षेत्र
उत्तर – (A) भूमध्यरेखीय क्षेत्र

26. बस्तियों के संगठन के लिए क्रिस्टालर के सेंट्रल प्लेस मॉडल में K = 3 सिद्धांत निम्नलिखित में से किस एक द्वारा दर्शाया गया है?
(A) बाजार सिद्धांत
(B) परिवहन सिद्धांत
(C) प्रशासनिक सिद्धांत
(D) आर्थिक सिद्धांत
उत्तर – (A) बाजार सिद्धांत

27. यूरोप के लिए रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट प्रोग्राम के तहत SPOT-1 लॉन्च करने के लिए निम्नलिखित में से कौन सी तारीख सही है?
(A) जून 2014
(B) सितंबर 1993
(C) जनवरी 1990
(D) फरवरी 1986
उत्तर – (D) फरवरी 1986

28. पृथ्वी पर उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब पेटी को ……… के रूप में भी जाना जाता है?
(A) डोलड्रम्स
(B) अश्व अक्षांश
(C) व्यापार पवन क्षेत्रों
(D) पश्चिमी
उत्तर – (B) अश्व अक्षांश

29. हिमालय के निम्नलिखित में से किस संभाग की लंबाई पूर्व से पश्चिम की ओर अधिकतम है?
(A) कुमाऊं
(B) भूटान
(C) नेपाल
(D) पंजाब
उत्तर – (C) नेपाल

30. तीस्ता नदी निम्नलिखित में से किस एक की प्रमुख सहायक नदी है?
(A) ब्रह्मपुत्र
(B) गंगा
(C) कोसी
(D) गंडक
उत्तर – (A) ब्रह्मपुत्र

31. जब जमीन पर दो स्थान 500 किमी दूर होते हैं और उन्हें मानचित्र पर 25 सेमी द्वारा दिखाया जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन सा प्रतिनिधि अंश मानचित्र के पैमाने का प्रतिनिधित्व करता है?
(A) 1: 2000
(B) 1: 20,000
(C) 1: 200,000
(D) 1: 2,000,000
उत्तर – (D) 1: 2,000,000

32. निम्नलिखित में से किसने “द स्टडी ऑफ लैंडफॉर्म्स” पुस्तक लिखी है?
(A) आर्थर होम्स
(B) आर.जे. स्मॉल
(C) एम.जे. सेल्बी
(D) सी.ए.एम. किंग
उत्तर – (B) आर.जे. स्मॉल

33. शुद्ध प्रकाश संश्लेषण के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
(A) पौधे में कुल प्रकाश संश्लेषण + पानी
(B) पौधे में कुल प्रकाश संश्लेषण – पानी
(C) कुल प्रकाश संश्लेषण – श्वसन
(D) कुल प्रकाश संश्लेषण + श्वसन
उत्तर – (C) कुल प्रकाश संश्लेषण – श्वसन

34. कृष्णा नदी निम्नलिखित में से किस स्थान के पास से निकलती है?
(A) नासिक
(B) प्रवर
(C) महाबलेश्वर
(D) तलकावेरी
उत्तर – (C) महाबलेश्वर

35. लक्षद्वीप की राजधानी निम्नलिखित में से कौन-सी है?
(A) सिलवासा
(B) कवारत्ती
(C) अगरतला
(D) आइजोल
उत्तर – (B) कवारत्ती

36. ‘रुको और जाओ’ निश्चयवाद के प्रतिपादक कौन थे?
(A) ई.सी.सेम्पल
(B) जे. ब्रंच
(C) जी. टेलर
(D) ई. हंटिंगटन
उत्तर – (C) जी. टेलर

37. ग्रेट बैरियर रीफ ऑस्ट्रेलिया के निम्नलिखित में से किस राज्य के तट पर स्थित है?
(A) क्वींसलैंड
(B) दक्षिण ऑस्ट्रेलिया
(C) न्यू साउथ वेल्स
(D) विक्टोरिया
उत्तर (A) क्वींसलैंड

38. निम्नलिखित में से कौन सी श्रृंखला ‘पी’ भूकंपीय तरंगों के छाया क्षेत्र को दर्शाती है?
(A) 95 ̊ से 150 ̊
(B) 100 ̊ से 155 ̊
(C) 105 ̊ से 145 ̊
(D) 105 ̊ से 155 ̊
उत्तर – (C) 105 ̊ से 145 ̊

39. निम्नलिखित में से किस भूकंपीय तरंग में चट्टानों के कणों की आगे पीछे गति देखी जाती है?
(A) ‘पी’ तरंगें
(B) ‘एस’ तरंगें
(C) ‘एल’ तरंगें
(D) रेले (R) तरंगें
उत्तर – (A) ‘पी’ तरंगें

40. कैलीफोर्निया शीत धारा विश्व के निम्नलिखित तटीय क्षेत्रों में से किस एक से होकर गुजरती है?
(A) संयुक्त राज्य अमेरिका का पश्चिमी भाग
(B) दक्षिण अमेरिका का पश्चिमी भाग
(C) कनाडा का पूर्वी भाग
(D) ऑस्ट्रेलिया का पश्चिमी भाग
उत्तर – (A) संयुक्त राज्य अमेरिका का पश्चिमी भाग

41. निम्नलिखित में से किसने भूकंप के ‘प्रत्यास्थ प्रतिक्षेप सिद्धांत’ को प्रतिपादित किया?
(A) एल ग्रीन
(B) जेम्स जीन्स
(C) हैरी हेस
(D) एच.एफ.रीड
उत्तर – (D) एच.एफ.रीड

42. एक महत्वपूर्ण तेलधारी माराकाइबो बेसिन निम्नलिखित में से किस देश में स्थित है?
(A) ईरान
(B) सऊदी अरब
(C) वेनेजुएला
(D) यू.एस.ए
उत्तर – (C) वेनेजुएला

43. सुनामी आपदा निम्नलिखित में से किस महीने में हुई, जिससे भारत को भारी नुकसान हुआ?
(A) जनवरी 2003
(B) दिसंबर 2003
(C) दिसंबर 2004
(D) दिसंबर 2005
उत्तर – (C) दिसंबर 2004

44. निम्नलिखित में से कौन-सी मिट्टी महाराष्ट्र राज्य के बड़े हिस्से पर हावी है?
(A) लाल मिट्टी
(B) लेटराइट मिट्टी
(C) काली मिट्टी
(D) ग्रे मिट्टी
उत्तर – (C) काली मिट्टी

45. बोमडी-ला दर्रा भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?
(A) सिक्किम
(B) जम्मू और कश्मीर
(C) अरुणाचल प्रदेश
(D) हिमाचल प्रदेश
उत्तर – (C) अरुणाचल प्रदेश

46. निम्नलिखित में से कौन से देश ‘डूरंड रेखा’ से अलग होते हैं?
(A) भारत और पाकिस्तान
(B) भारत और अफगानिस्तान
(C) भारत और चीन
(D) चीन और रूस
उत्तर – (B) भारत और अफगानिस्तान

47. निम्नलिखित में से कौन सा क्षोभमंडल में तापमान की सामान्य गिरावट दर का प्रतिनिधित्व करता है?
(A) 6.5 ̊ सी/किमी
(B) 5.5 ̊ सी/किमी
(C) 6.0 ̊ सी/किमी
(D) 5.0 ̊ सी/किमी
उत्तर – (A) 6.5 ̊ सी/किमी (KVS PGT 2023)

48. शिलाकरण की प्रक्रिया निम्नलिखित में से किस चट्टान में पाई जाती है?
(A) गैब्रो
(B) चूना पत्थर
(C) पेगमेटाइट
(D) बेसाल्ट
उत्तर – (B) चूना पत्थर

49. निम्नलिखित में से किस राज्य में कांडला बंदरगाह स्थित है?
(A) केरल
(B) महाराष्ट्र
(C) गुजरात
(D) तमिलनाडु
उत्तर – (C) गुजरात

50. भारतीय उपमहाद्वीप में विषुवतीय पछुआ पवनें किस महीने में स्थापित होती हैं?
(A) दिसंबर
(B) फरवरी
(C) जून
(D) अक्टूबर
उत्तर – (C) जून

51. सरगासो समुद्र निम्नलिखित में से किस महासागर में सुविकसित है?
(A) उत्तर प्रशांत महासागर
(B) दक्षिण प्रशांत महासागर
(C) उत्तर अटलांटिक महासागर
(D) दक्षिण अटलांटिक महासागर
उत्तर – (C) उत्तर अटलांटिक महासागर

52. माध्यमिक गतिविधियों में लगे श्रमिकों को निम्नलिखित में से किसके द्वारा जाना जाता है?
(A) ब्लू कॉलर
(B) लाल कॉलर
(C) सफेद कॉलर
(D) गोल्डन कॉलर
उत्तर – (A) ब्लू कॉलर

53. भूमध्यसागरीय क्षेत्र में निम्नलिखित में से कौन-सी फसल का सर्वाधिक प्रभुत्व है?
(A) खाद्यान्न फसलें
(B) वाणिज्यिक फसलें
(C) औद्योगिक फसलें
(D) फलों की फसलें
उत्तर – (D) फलों की फसलें

54. निम्नलिखित में से कौन सा अनुपात ‘समुद्री लहर वेग’ का प्रतिनिधित्व करने के लिए सही है?
(A) तरंग ऊँचाई से तरंग लम्बाई तक
(B) तरंग ऊंचाई से तरंग अवधि तक
(C) तरंग लंबाई से तरंग अवधि तक
(D) तरंग लंबाई से तरंग ऊँचाई तक
उत्तर – (C) तरंग लंबाई से तरंग अवधि तक

55. 2011 की जनगणना के अनुसार निम्न में से किस केंद्र शासित प्रदेश की साक्षरता दर सबसे कम है?
(A) दादरा और नगर हवेली
(B) लक्षद्वीप
(C) पुडुचेरी
(D) दमन और दीव
उत्तर – (A) दादरा और नगर हवेली

56. बाबाबुदन पहाड़ियाँ निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित हैं?
(A) महाराष्ट्र
(B) कर्नाटक
(C) तमिलनाडु
(D) केरल
उत्तर – (B) कर्नाटक

57. भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत GSAT-6A को लॉन्च करने के लिए निम्नलिखित में से कौन सी तारीख सही है?
(A) 29 मार्च 2018
(B) 15 अप्रैल 2010
(C) 2 सितंबर 2007
(D) 10 अप्रैल 1982
उत्तर – (A) 29 मार्च 2018

58. एस्थेनोस्फीयर में भूकंपीय तरंगों के वेग में कमी के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कारण सबसे उपयुक्त है?
(A) घनत्व में कमी
(B) घनत्व में वृद्धि
(C) गहराई में परिवर्तन
(D) पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन
उत्तर – (D) पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन

59. “निरंतर अनुपात के सिद्धांत” द्वारा समुद्र-जल की लवणता की गणना करने के लिए निम्नलिखित में से किस लवण को आमतौर पर ध्यान में रखा जाता है?
(A) क्लोरीन
(B) सोडियम
(C) मैग्नीशियम
(D) सल्फेट
उत्तर- (A) क्लोरीन

60. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 2012 द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार निम्नलिखित में से किस राज्य में सड़कों का घनत्व सबसे अधिक है?
(A) त्रिपुरा
(B) पश्चिम बंगाल
(C) केरल
(D) कर्नाटक
उत्तर- (C) केरल

61. भूगोल के पिता कहे जाने वाले भूगोलवेता इरैटोस्थनीज निम्लिखित में से कहाँ का निवासी था-
(A) अरब
(B) यूनान
(C) रोमन
(D) भारतीय
उत्तर – (B) यूनान (KVS PGT 2023)

62. कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार उत्तर प्रदेश की जलवायु है-
(A) Aw
(B) As
(C) Amw
(D) Cwg
उत्तर – (D) Cwg (KVS PGT 2023)

63. नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान स्थित है-
(A) मध्य प्रदेश
(B) अरुणाचल प्रदेश
(C) मेघालय
(D) असम
उत्तर – (C) मेघालय (KVS PGT 2023)


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