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Chapter 7 Landforms and their Evolution (भू-आकृतियाँ तथा उनका विकास)

Chapter 7 Landforms and their Evolution

(भू-आकृतियाँ तथा उनका विकास)

(भाग – 1 : भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत)

बिहार बोर्ड तथा NCERT कक्षा 11वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर



1. बहुवैकल्पिक प्रश्न एवं उनके उत्तर

(i) स्थलरूप विकास की किस अवस्था में अधोमुख कटाव प्रमुख होता है?

(क) तरुणावस्था

(ख) प्रथम प्रौढ़ावस्था

(ग) अन्तिम प्रौढ़ावस्था

(घ) वृद्धावस्था

उत्तर- (क) तरुणावस्था

(ii) एक गहरी घाटी जिसकी विशेषता सीढ़ीनुमा खड़े ढाल होते हैं; किस नाम से जानी जाती है?

(क) U- आकार की घाटी

(ख) अन्धी घाटी

(ग) गॉर्ज

(घ) कैनियन

उत्तर- (घ) कैनियन

(iii) निम्न में से किन प्रदेशों में रसायनिक अपक्षय प्रक्रिया यान्त्रिक अपक्षय प्रक्रिया की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली होती है?

(क) आर्द्र प्रदेश

(ख) शुष्क प्रदेश

(ग) चूना-पत्थर प्रदेश

(घ) हिमनद प्रदेश

उत्तर- (ग) चूना-पत्थर प्रदेश

(iv) निम्न में से कौन-सा वक्तव्य लेपीज (Lapies) शब्द को परिभाषित करता है?

(क) छोटे से मध्यम आकार के उथले गर्त।

(ख) ऐसे स्थलरूप जिनके ऊपरी मुख वृत्ताकार व नीचे से कीप के आकार के होते हैं।

(ग) ऐसे स्थलरूप जो धरातल से जल के टपकने से बनते हैं।

(घ) अनियमित धरातल जिनके तीखे कटक व खाँच हों।

उत्तर- (क) छोटे से मध्यम आकार के उथले गर्त।

लेपीज (Lapies) का सही अर्थ है – चूना पत्थर वाले क्षेत्रों में पाई जाने वाली अनियमित सतह, जिन पर तीखे कटक (ridges) और खांचे (grooves) बने होते हैं।

(v) गहरे, लम्बे व विस्तृत गर्त या बेसिन जिनके शीर्ष दीवार खड़े ढाल वाले व किनारे खड़े व अवतल होते हैं, उन्हें क्या कहते हैं?

(क) सर्क

(ख) पाश्विक हिमोढ़

(ग) घाटी हिमनद

(घ) एस्कर

उत्तर- (क) सर्क

(vi) यू-आकार की घाटी बनती है

(क) बाढ़ क्षेत्र में

(ख) चूना क्षेत्र में

(ग) प्रौढ़ नदी क्षेत्र

(घ) हिमानी नदी क्षेत्र में

उत्तर- (घ) हिमानी नदी क्षेत्र में

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए

(i) चट्टानों में अध: कर्तित विसर्प और मैदानी भागों में जलोढ़ के सामान्य विसर्प क्या बताते हैं?

उत्तर- चट्टानों में अध:कर्तित विसर्प (inverted relief) दर्शाते हैं कि कठोर शिलाओं पर कटाव कम हुआ है और वे ऊँचे बने रहते हैं। जबकि मैदानी भागों में जलोढ़ के सामान्य विसर्प यह बताते हैं कि अवसादों पर अधिक क्षरण-संवहन होता है, जिससे निचले, समतल और व्यापक भू-आकृतियाँ बनती हैं।

(ii) घाटी रंध्र अथवा युवाला का विकास कैसे होता है?

उत्तर- डोलाइन घोलरन्ध्र का ही विकसित रूप है। डोलाइन एक अस्थायी झील के समान होता है। कुछ समय के बाद इसके जल संरोध के सहारे भूमिगत हो जाते हैं और झील सूख जाती है।

     जब दो डोलाइन आसपास होते हैं तो बढ़ते-बढ़ते उनके बीच की दीवार टूट कर गिर जाती है और वे आपस में मिल जाते हैं। इससे एक वृहद् गड्ढे का निर्माण होता है, जो युवाला (Uvalas) कहलाता है।

Chapter 7 Landforms and their Evolution

(iii) चूनायुक्त चट्टानी प्रदेशों में धरातलीय जल प्रवाह की अपेक्षा भौमजल प्रवाह अधिक पाया जाता है, क्यों?

उत्तर- चूनायुक्त (Limestone) चट्टानी प्रदेशों में चट्टानें अधिक दरारदार तथा भंगुर होती हैं, जिनमें जल शीघ्रता से नीचे समा जाता है। सतह पर जल लंबे समय तक ठहर नहीं पाता, इसलिए धरातलीय जल प्रवाह कम और भूमिगत जल प्रवाह अधिक विकसित होता है। इसी कारण कार्स्ट स्थलरूप भी बनते हैं।

(iv) हिमनद घाटियों में कई रैखिक निक्षेपण स्थलरूप मिलते हैं। इनकी अवस्थिति व नाम बताएं।

उत्तर- हिमनद घाटियों में आगे बढ़ते और पिघलते ग्लेशियर रैखिक निक्षेपण स्थलरूप बनाते हैं। इनमें मोराइन (लैटरल, मेडियल, टर्मिनल), एस्कर, ड्रमलिन और आउटवॉश प्लेन प्रमुख हैं। ये इसलिए बनते हैं क्योंकि बर्फ के साथ खिंचती चट्टानें घाटी की दिशा में लंबवत रूप से निक्षेपित होती रहती हैं।

(v) मरुस्थलीय क्षेत्रों में पवन कैसे अपना कार्य करती है? क्या मरुस्थलों में यही एक कारक अपरनदित स्थलरूपों का निर्माण करता है?

उत्तर- मरुस्थलीय क्षेत्रों में पवन मुख्य रूप से अपवाहन (Deflation), अपघर्षण (Abrasion), सन्निघर्षण (Attrition) और परिवहन-निक्षेपण के माध्यम से कार्य करती है, जिससे बालू के टीले, ज्यूगेन, यार्डांग, गारा, छत्रक शिला,  बालूस्तूप, लोएस मैदान आदि बनते हैं।

    परंतु केवल पवन ही नहीं तापीय विस्तार-संकुचन, आकस्मिक व भारी वर्षा, और यांत्रिक अपक्षय भी मरुस्थलों में अपरदित स्थलरूपों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए

(i) आर्द्र व शुष्क जलवायु प्रदेशों में प्रवाहित जल ही सबसे महत्त्वपूर्ण भू-आकृतिक कारक है। विस्तार से वर्णन करें।

उत्तर- आर्द्र एवं शुष्क जलवायु प्रदेशों में प्रवाहित जल (Running Water) सबसे महत्त्वपूर्ण भू-आकृतिक कारक माना जाता है, क्योंकि यही भूमि के अपरदन, परिवहन एवं निक्षेपण की प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है।

   आर्द्र जलवायु प्रदेशों में वर्षा की मात्रा अधिक होती है। यहाँ नदियाँ, झरने एवं सतही जल निरंतर प्रवाहित होते रहते हैं। अधिक वर्षा के कारण रासायनिक अपक्षय तीव्र होता है तथा नदियाँ भूमि को काटकर V-आकार की घाटियाँ, घुमावदार नदियाँ (मेन्डर), बाढ़ मैदान, जलप्रपात एवं डेल्टा जैसी भू-आकृतियों का निर्माण करती हैं। इन क्षेत्रों में प्रवाहित जल का कार्य दीर्घकालिक एवं निरंतर होता है, जिससे परिदृश्य में व्यापक परिवर्तन दिखाई देता है।

     शुष्क जलवायु प्रदेशों में वर्षा बहुत कम होती है, परंतु जब अल्पकालिक एवं तीव्र वर्षा होती है, तब प्रवाहित जल अचानक शक्तिशाली रूप धारण कर लेता है। यहाँ अस्थायी नदियाँ (वाडी/अरॉय) बनती हैं, जो तीव्र अपरदन करती हैं। इनके द्वारा गॉर्ज, कैनियन, अल्यूवियल फैन एवं पेडीमेंट जैसी भू-आकृतियाँ विकसित होती हैं। यद्यपि जल का प्रवाह अल्पकालिक होता है, फिर भी उसका प्रभाव अत्यंत प्रभावशाली होता है।

  इस प्रकार स्पष्ट है कि आर्द्र और शुष्क दोनों जलवायु प्रदेशों में प्रवाहित जल भू-आकृतिक विकास का प्रमुख कारक है, जो विभिन्न स्थलरूपों के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है।

(ii) चूना चट्टानें आर्द्र व शुष्क जलवायु में भिन्न व्यवहार करती हैं क्यों? चूना प्रदेश में प्रमुख व मुख्य भू-आकृतिक प्रक्रिया कौन-सी हैं और इसके क्या परिणाम हैं।

उत्तर- चूना चट्टानें (Limestone Rocks) आर्द्र एवं शुष्क जलवायु में भिन्न व्यवहार करती हैं, क्योंकि दोनों जलवायुओं में जल की उपलब्धता, तापमान, वर्षा की मात्रा तथा रासायनिक क्रियाओं की तीव्रता अलग-अलग होती है।

   आर्द्र जलवायु में वर्षा अधिक होती है तथा वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा भी अपेक्षाकृत अधिक होती है। वर्षा जल CO₂ के साथ मिलकर कार्बोनिक अम्ल बनाता है, जो चूना पत्थर को घोल देता है। इस कारण यहाँ रासायनिक अपक्षय (Dissolution / Solution) प्रमुख होता है। इसके परिणामस्वरूप कार्स्ट स्थलाकृतियाँ विकसित होती हैं, जैसे-डोलाइन, यूवाला, पोल्जे, गुफाएँ, स्टैलेक्टाइट और स्टैलेग्माइट।

   इसके विपरीत शुष्क जलवायु में वर्षा अत्यंत कम होती है, जिससे रासायनिक क्रियाएँ सीमित रहती हैं। यहाँ यांत्रिक अपक्षय, तापीय विस्तार-संकुचन तथा पवन क्रिया प्रमुख होती है। चूना चट्टानों का घुलन कम होता है और सतह अपेक्षाकृत कठोर बनी रहती है।

    चूना प्रदेश में प्रमुख भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ हैं-

(i) रासायनिक अपक्षय (घुलन क्रिया)

(ii) भूमिगत जल क्रिया

(iii) अपरदन एवं निक्षेपण

   परिणामस्वरूप अनियमित स्थलरूप, भूमिगत नदियाँ, जल का तीव्र अपवाह, सतही नदियों का अभाव तथा कृषि के लिए सीमित उपयुक्तता देखने को मिलती है।

(iii) हिमनद ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों को निम्न पहाड़ियों व मैदानों में कैसे परिवर्तित करते हैं या किस प्रक्रिया से यह सम्पन्न होता है बताएँ?

उत्तर- हिमनद (Glaciers) ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों को धीरे-धीरे निम्न पहाड़ियों और विस्तृत मैदानों में परिवर्तित कर देते हैं। यह परिवर्तन मुख्यतः हिमानी अपरदन, परिवहन और निक्षेपण की प्रक्रियाओं के द्वारा सम्पन्न होता है।

    सबसे पहले, पर्वतीय क्षेत्रों में जमा भारी हिमराशि अपने भार के कारण ढलान की ओर खिसकती है। इस गति के दौरान हिमनद अपने साथ चट्टानों, पत्थरों और मलबे को लेकर चलता है। हिमनद की निचली सतह और किनारों में फँसे शैल-खंड भूमि को घिसते रहते हैं, जिसे हिमानी अपरदन कहा जाता है। इससे तीखे पर्वत शिखर घिसकर गोल हो जाते हैं और गहरी V-आकार की घाटियाँ चौड़ी होकर U-आकार की घाटियों में बदल जाती हैं।

    दूसरे चरण में, हिमनद अपरदित पदार्थों को दूर-दूर तक ले जाकर ढलानों से नीचे की ओर परिवहन करता है। जब हिमनद का वेग कम हो जाता है या वह पिघलने लगता है, तब ये शैल-खंड और मलबा वहीं जमा हो जाते हैं। इस प्रक्रिया को हिमानी निक्षेपण कहते हैं। इससे मोरैन, आउटवॉश मैदान तथा समतल भूमि का निर्माण होता है।

   इस प्रकार, लंबे समय तक चलने वाली हिमानी क्रियाएँ ऊँचे और खुरदरे पर्वतीय क्षेत्रों को घिस-घिसकर निम्न पहाड़ियों और समतल मैदानों में परिवर्तित कर देती हैं।

16. Scatter Diagram (स्कैटर आरेख)

Scatter Diagram

(स्कैटर आरेख)



Scatter Diagram

    सांख्यिकी (Statistics) में सहसंबंध (Correlation) का अर्थ दो चरों (Variables) के बीच संबंध की दिशा और मात्रा को समझना होता है। यह बताता है कि एक चर में परिवर्तन होने पर दूसरा चर किस प्रकार प्रभावित होता है।

    सहसंबंध के अध्ययन में स्कैटर आरेख (Scatter Diagram) एक अत्यंत सरल, दृश्यात्मक और प्रभावी विधि है, जिसके माध्यम से दो चरों के बीच संबंध को आसानी से समझा जा सकता है।

    स्कैटर आरेख को बिंदु आरेख भी कहा जाता है। इसमें दो चरों के मानों को ग्राफ पर बिंदुओं के रूप में दर्शाया जाता है। सामान्यतः स्वतंत्र चर (Independent Variable) को X-अक्ष पर और आश्रित चर (Dependent Variable) को Y-अक्ष पर अंकित किया जाता है।

    प्रत्येक युग्म (X, Y) को ग्राफ पर एक बिंदु (•) के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। इन बिंदुओं के फैलाव और उनके झुकाव (Trend) से सहसंबंध की प्रकृति का अनुमान लगाया जाता है।

स्कैटर डायग्राम की परिभाषा

     स्कैटर डायग्राम वह आरेख है, जिसमें दो चरों से संबंधित आँकड़ों को ग्राफ पेपर पर बिंदुओं (Dots) के रूप में दर्शाया जाता है। एक चर को X-अक्ष (क्षैतिज अक्ष) पर तथा दूसरे चर को Y-अक्ष (ऊर्ध्वाधर अक्ष) पर रखा जाता है। दोनों चरों के मानों के युग्म (X, Y) को ग्राफ पर बिंदु के रूप में अंकित किया जाता है। इन बिंदुओं के फैलाव (Scatter) से यह ज्ञात होता है कि चरों के बीच किस प्रकार का सहसंबंध है।

स्कैटर डायग्राम की विशेषताएँ

    स्कैटर डायग्राम की कुछ प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

✍️ यह सहसंबंध को समझने की सबसे सरल और प्रारंभिक विधि है।

✍️ इसमें जटिल गणनाओं की आवश्यकता नहीं होती।

✍️ यह केवल सहसंबंध की दिशा और प्रकृति बताता है, उसकी सटीक मात्रा नहीं।

✍️ यह शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

✍️ यह सकारात्मक, नकारात्मक और शून्य सहसंबंध को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

स्कैटर डायग्राम बनाने की विधि

    स्कैटर डायग्राम बनाने की प्रक्रिया को निम्न चरणों में समझा जा सकता है-

(i) आँकड़ों का चयन:-

    सबसे पहले दो चरों से संबंधित आँकड़ों का चयन किया जाता है, जैसे- वर्षा और फसल उत्पादन, तापमान और आर्द्रता, जनसंख्या और संसाधन आदि।

(ii) अक्षों का निर्धारण:-

   एक चर को X-अक्ष पर और दूसरे चर को Y-अक्ष पर रखा जाता है। सामान्यतः स्वतंत्र चर (Independent Variable) को X-अक्ष पर और आश्रित चर (Dependent Variable) को Y-अक्ष पर रखा जाता है।

(iii) पैमाने का चयन:-

    दोनों अक्षों पर उपयुक्त पैमाना (Scale) निर्धारित किया जाता है, जिससे सभी मान ग्राफ पर सही ढंग से दर्शाया जा सकें।

(iv) बिंदुओं का अंकन:-

   प्रत्येक युग्म मान (X, Y) को ग्राफ पर केवल एक बिंदु के रूप में न कि रेखा रूप में अंकित किया जाता है।

(v) बिंदुओं का अवलोकन:-

   अंकित बिंदुओं के फैलाव को देखकर सहसंबंध की दिशा और प्रकार का अनुमान लगाया जाता है।

स्कैटर डायग्राम के प्रकार

     स्कैटर आरेख / डायग्राम में बिंदुओं वितरण की स्थिति के आधार पर सहसंबंध को निम्न प्रकारों में समझा जा सकता है-

(i) सकारात्मक सहसंबंध (Positive Correlation)

    जब एक चर के बढ़ने पर दूसरा चर भी बढ़ता है, या एक चर के घटने पर दूसरा भी घटता है, तो उसे सकारात्मक सहसंबंध कहते हैं। स्कैटर डायग्राम में ऐसे बिंदु बाएँ से दाएँ ऊपर की ओर जाते हुए दिखाई देते हैं।

उदाहरण-

⇒ आय और उपभोग

⇒ वर्षा और कृषि उत्पादन

(ii) नकारात्मक सहसंबंध (Negative Correlation)

    जब एक चर के बढ़ने पर दूसरा चर घटता है, तो उसे नकारात्मक सहसंबंध कहते हैं। स्कैटर डायग्राम में बिंदु बाएँ से दाएँ नीचे की ओर ढलान बनाते हैं।

उदाहरण-

⇒ मूल्य और माँग

⇒ ऊँचाई और तापमान

(iii) शून्य सहसंबंध (Zero Correlation)

    जब दो चरों के बीच कोई निश्चित संबंध नहीं होता, तो उसे शून्य सहसंबंध कहते हैं। स्कैटर डायग्राम में बिंदु अनियमित रूप से बिखरे होते हैं।
उदाहरण-

⇒ जूते का साइज और बुद्धि

⇒ जन्म-तिथि और परीक्षा-अंक

स्कैटर डायग्राम के लाभ

✍️ यह सहसंबंध को सरल और दृश्य रूप में प्रस्तुत करता है।

✍️ यह प्रारंभिक विश्लेषण के लिए अत्यंत उपयोगी है।

✍️ इसे बनाना और समझना आसान है।

✍️ यह आँकड़ों में किसी भी असामान्यता (Outlier) को स्पष्ट दिखा देता है।

✍️ यह आगे की सांख्यिकीय विधियों (जैसे Karl Pearson सहसंबंध) के लिए आधार प्रदान करता है।

सीमाएँ

    स्कैटर डायग्राम की निम्नलिखित सीमाएँ है-

✍️ यह सहसंबंध की सटीक मात्रा नहीं बताता।

✍️ बड़े आँकड़ों में बिंदु आपस में मिल जाते हैं, जिससे स्पष्टता कम हो जाती है।

✍️ यह केवल दो चरों के बीच संबंध दर्शा सकता है।

✍️ व्यक्तिगत व्याख्या (Subjective Interpretation) पर अधिक निर्भर करता है।

भूगोल एवं अन्य विषयों में उपयोग

   स्कैटर डायग्राम का प्रयोग भूगोल, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, जनसंख्या अध्ययन, पर्यावरण अध्ययन आदि में व्यापक रूप से किया जाता है।

भूगोल में उपयोग जैसे-

  वर्षा और नदी प्रवाह, जनसंख्या घनत्व और संसाधन, तापमान और वनस्पति जैसे संबंधों को समझने के लिए स्कैटर डायग्राम अत्यंत उपयोगी है।

निष्कर्ष:

   अतः कहा जा सकता है कि सहसंबंध के अध्ययन में स्कैटर डायग्राम एक सरल, प्रभावी और उपयोगी ग्राफिकल विधि है। यह दो चरों के बीच संबंध की दिशा और प्रकृति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

    यद्यपि इसकी कुछ सीमाएँ हैं, फिर भी प्रारंभिक विश्लेषण और शोध के लिए इसका महत्व अत्यधिक है। सांख्यिकी और भूगोल के विद्यार्थियों के लिए स्कैटर डायग्राम सहसंबंध को समझने का एक मजबूत आधार प्रदान करता है।

UG Regular Semester-V Examination 2025 QUESTION PAPER, Patliputra University, Patna

UG Regular Semester-V

Examination 2025

QUESTION PAPER



Patliputra University, Patna

UG Regular Semester-V

UG (Regular) (Sem.-V)

Examination, 2025

(Session: 2023-27)

(MJC-8: MAJOR CORE COURSE)

GEOGRAPHY

Paper Code: 410812

(Environmental Geography)

Time: Three Hours] [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figures in the margin indicate full marks. Answer from all sections as directed.

परीक्षार्थी यथासम्भव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक है। निर्देशानुसार सभी खण्डों से उत्तर दीजिए।

Section-A / खण्ड-अ

(Objective/Multiple Choice Questions)

(वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय प्रश्न)

Note : Choose the correct option from each question. Each question carries 2 marks. [10×2=20]

प्रत्येक प्रश्न से सही विकल्प का चयन कीजिए। प्रत्येक प्रश्न 2 अंकों का है।

1. (i) Cartography is the study of:

(a) Stars and planets

(b) Making maps

(c) Rocks and minerals

(d) Earth’s atmosphere

मानचित्रकला एक अध्ययन है:

(a) तारों और ग्रहों का

(b) मानचित्र बनाने का

(c) चट्टानों और खनिजों का

(d) पृथ्वी के वायुमण्डल का

(ii) What is the main objective of Cartography?

(a) Creating artwork

(b) Analysing spatial data

(c) Determining Political Boundaries

(d) Studying Geological Processes

मानचित्रकला का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(a) कलाकृति बनाना

(b) स्थानिक आंकड़ों के विश्लेषण करना

(c) राजनीतिक सीमाओं का निर्धारण करना

(d) भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करना

(iii) What is a scale in the context of maps and drawings?

(a) The size of the map or drawing

(b) The colours used for different features

(c) The ratio between a distance on a maр and corresponding distance on the ground

(d) A tool used to draw straight lines

मानचित्र या ड्राइंग के संदर्भ में पैमाना क्या है?

(a) मानचित्र या ड्राइंग का आकार

(b) विभिन्न विशेषताओं के लिए उपयोग किए जाने वाले रंग

(c) मानचित्र पर दूरी और जमीन पर उसी के अनुरूप दूरी के बीच का अनुपात

(d) सीधी रेखाएँ खींचने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक उपकरण

(iv) What is the maximum number of units that can be shown using a simple scale?

(a) One

(b) Two

(c) Three

(d) Four

एक सरल मापनी का उपयोग करके अधिकतम कितनी इकाइयाँ दर्शायी जा सकती हैं?

(a) एक

(b) दो

(c) तीन

(d) चार

(v) Weather maps are used for what purposes?

(a) Predicting earthquakes

(b) Depicting weather conditions

(c) Showing planetary conditions

(d) Predicting volcanic activity

मौसम मानचित्र का उपयोग किस उद्देश्य लिए किया जाता है?

(a) भूकम्प की भविष्यवाणी के लिए

(b) मौसम की स्थिति दर्शाने के लिए

(c) ग्रहों की स्थिति दर्शाने के लिए

(d) ज्वालामुखी गतिविधि की भविष्यवाणी के लिए

(vi) What is the primary purpose of a weather balloon in modern meteorology?

(a) To measure rainfall

(b) To transit weather data from high altitudes

(c) Tо capture images of cloud formations

(d) To monitor ocean currents

आधुनिक मौसम विज्ञान में मौसम के गुब्बारे का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

(a) वर्षा को मापना

(b) उच्च ऊँचाई से मौसम आंकड़ों का पारगमन

(c) बादल बनने के चित्र लेना

(d) समुद्र की धाराओं की निगरानी करना

(vii) What is a Map Projection?

(a) A model of the earth on a flat surface

(b) A process of transferring a spherical surface to a flat surface

(c) A depiction of natural features on a Globe

(d) An imaginary line dividing the earth

मानचित्र प्रक्षेप क्या है?

(a) समतल सतह पर पृथ्वी का एक मॉडल

(b) गोलाकार सतह को एक समतल सतह पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया

(c) ग्लोब पर प्राकृतिक विशेषताओं का चित्रण

(d) पृथ्वी को विभाजित करने वाली एक काल्पनिक रेखा

(viii) Which of the following is a key characteristic of the cylindrical equal-area projection?

(a) The scale is true along all parallels

(b) The shape of the areas is preserved

(c) The area is preserved but shapes are distorted especially in higher latitudes

(d) It is primarily used for navigation

निम्नलिखित में से कौन-सी बेलनाकार समक्षेत्र प्रक्षेप की एक मुख्य विशेषता है?

(a) सभी अक्षांशों के साथ पैमाना सही होता है

(b) क्षेत्रों के आकार को संरक्षित किया जाता है

(c) क्षेत्रफल को संरक्षित किया जाता है, लेकिन आकार विकृत होते हैं खासकर उच्च अक्षांशों पर

(d) यह मुख्य रूप से नेविगेशन के लिए उपयोग किया जाता है

(ix) What is the primary purpose of a topographical map?

(a) To show political boundaries

(b) To represent three-dimensional features in the earth’s surface on a twodimensional map

(c) To show population density

(d) To indicate weather patterns

स्थलाकृतिक मानचित्र का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

(a) राजनीतिक सीमाओं को दर्शाना

(b) पृथ्वी की सतह की त्रि आयामी विशेषताओं को द्वि-आयामी मानचित्र पर दर्शाना

(c) जनसंख्या घनत्व दिखाना

(d) मौसम के प्रतिमान को इंगित करना

(x) What do closely spaced contour lines on a topographical map represent?

(a) gentle slopе

(b) steep slope

(c) ocean

(d) flat plain

स्थलाकृतिक मानचित्र पर पास-पास खींची गई समोच्च रेखाएँ क्या दर्शाती हैं?

(a) मंद ढलान

(b) खड़ी ढलान

(c) महासागर

(d) समतल मैदान

Section-B / खण्ड-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any four questions of the following. Each question carries 5 marks. [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 5 अंकों का है।

2. What is the meaning of Cartography?

मानचित्रकला का क्या अर्थ है?

3. What is the application of scale on a map?

मानचित्र पर पैमाने का क्या उपयोग है?

4. What is the difference between climate and weather?

जलवायु एवं मौसम में क्या अन्तर है?

5. Give the classification of map projections according to their construction method.

रचना-विधि के अनुसार मानचित्र प्रक्षेपों का वर्गीकरण बताइए।

6. On which principle conical projections are made?

शंक्वाकार प्रक्षेप किस सिद्धान्त पर बनाए जाते हैं?

7. What is a Topographical Map?

स्थलाकृतिक मानचित्र क्या है?

Section-C / खण्ड-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note : Answer any three questions of the following. Each question carries 10 marks. [3×10=30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 10 अंकों का है।

8. What is the nature and scope of Cartography?

मानचित्रकला की प्रकृति और कार्यक्षेत्र क्या है?

9. Discuss the significance of Weather maps.

मौसम मानचित्रों के महत्व पर चर्चा कीजिए।

10. Discuss the concept and properties of map projection.

मानचित्र प्रक्षेप की अवधारणा और गुणों पर चर्चा कीजिए।

11. Explain the properties, limitations and uses of the cylindrical equal area projection.

बेलनाकार समक्षेत्र प्रक्षेप के गुणों, सीमाओं और उपयोगों की व्याख्या कीजिए।

12. What are the methods to study the Topographical maps?

स्थलाकृतिक मानचित्रों के अध्ययन की विधियाँ क्या है?




UG (Regular) (Sem.-V)

Examination, 2025

(Session: 2023-27)

(MJC-9: MAJOR CORE COURSE)

GEOGRAPHY

Paper Code: 410813

(Cartographic Techniques)

Time: Three Hours) [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figures in the margin indicate full marks. Answer from all sections as directed.

परीक्षार्थी यथासम्भव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक है। निर्देशानुसार सभी खण्डों से उत्तर दीजिए।

Section-A / खण्ड-अ

(Multiple Choice Questions)

(बहुविकल्पीय प्रश्न)

Note : Choose the correct option from each question : प्रत्येक प्रश्न से सही विकल्प का चयन कीजिए [10×2=20]

1. (i) Which of the following gases is mainly responsible for acid rain?

(a) Carbon dioxide

(b) Sulphur dioxide

(c) Oxygen

(d) Hydrogen

निम्नलिखित में से कौन-सी गैस अम्लीय वर्षा के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है?

(a) कार्बन डाइऑक्साइड

(b) सल्फर डाइऑक्साइड

(c) ऑक्सीजन

(d) हाइड्रोजन

(ii) Biodiversity hotspot refers to:

(a) Area with low biodiversity

(b) Area rich in biodiversity and under threat

(c) Area with no human activity

(d) Desert region

जैव विविधता हॉटस्पॉट कहते हैं:

(a) कम जैव विविधता वाले क्षेत्र को

(b) अधिक जैव विविधता वाले और संकटग्रस्त क्षेत्र को

(c) बिना मानव गतिविधि वाले क्षेत्र को

(d) मरुस्थलीय क्षेत्र को

(iii) Which is not a Greenhouse Gas?

(a) Methane

(b) Water Vapour

(c) Nitrogen

(d) Carbon Dioxide

निम्नलिखित में से कौन-सी ग्रीनहाउस गैस नहीं है?

(a) मीथेन

(b) जलवाष्प

(c) नाइट्रोजन

(d) कार्बन डाइऑक्साइड

(iv) Joint Forest Management Programme (JFM) in India started in which year?

(a) 1985

(b) 1990

(c) 1995

(d) 2000

भारत में संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम (जे.एफ.एम.) किस वर्ष प्रारम्भ हुआ?

(a) 1985

(b) 1990

(c) 1995

(d) 2000

(v) Which of the following is a primary consumer in a food chain?

(a) Grass

(b) Deer

(c) Tiger

(d) Fungus

खाद्य श्रृंखला में निम्नलिखित में से कौन प्राथमिक उपभोक्ता है?

(a) घास

(b) हिरण

(c) बाघ

(d) फफूंदी

(vi) Whati’s the main cause of Urban Heat Islands?

(a) Tree plantation

(b) Use of Concrete and Asphalt

(c) Agriculture

(d) Water bodies

शहरी ताप द्वीप का मुख्य कारण क्या है?

(a) वृक्षारोपण

(b) कॅक्रीट और डामर का उपयोग

(c) कृषि

(d) जल निकाय

(vii) The term ‘Sustainable Development’ was popularized by which report?

(a) Kyoto Protocol

(b) Stockholm Report

(c) Brundtland Report

(d) Rio Declaration

‘सतत विकास’ शब्द को किस रिपोर्ट ने लोकप्रिय बनाया?

(a) क्योटो प्रोटोकॉल

(b) स्टॉकहोम रिपोर्ट

(c) बुंडलैंड रिपोर्ट

(d) रियो घोषणा

(viii) Which of the following is a Secondary Pollutant?

(a) Sulphur Dioxide

(b) Smog

(c) Lead

(d) Dust

निम्नलिखित में से कौन द्वितीयक प्रदूषक है?

(a) सल्फर डाइऑक्साइड

(b) धुंध

(c) सीसा

(d) धूल

(ix) Which is considered the largest ecosystem on Earth?

(a) Desert

(b) Grassland

(c) Ocean

(d) Forest

पृथ्वी का सबसे बड़ा पारिस्थितिकी-तंत्र कौन-सा है?

(a) मरुस्थल

(b) घास का मैदान

(c) महासागर

(d) वन

(x) Which of the following laws relates to controlling water pollution in India?

(a) Air (Prevention and Control of Pollution) Act

(b) Forest Conservation Act

(c) Water (Prevention and Control of Pollution) Act

(d) Wildlife Protection Act

निम्नलिखित में से कौन-सा कानून भारत में जल प्रदूषण को नियंत्रित करने से सम्बन्धित है?

(a) वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम

(b) वन संरक्षण अधिनियम

(c) जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम

(d) वन्यजीव संरक्षण अधिनियम

Section-B / खण्ड-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any four questions of the following. [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

2. Define ‘Environmental Geography’. Name two components of the environment.

‘पर्यावरण भूगोल’ क्या है? पर्यावरण के दो घटकों के नाम लिखिए।

3. What is Biodiversity Hotspot?

जैवविविधता हॉटस्पॉट क्या है?

4. What is meant by the Ecological Balance?

प्रारिस्थितिक संतुलन से आप क्या समझते हैं?

5. What is the main cause of heat Islands in Cities?

शहरों में ताप द्वीप का मुख्य कारण क्या है?

6. Explain any two types of Environmental Crisis.

पर्यावरणीय संकट के कोई दो प्रकार स्पष्ट कीजिए।

7. Write a short note on the management of Sewage Disposal.

मल-निष्कासन व्यवस्था के प्रबंधन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

Section-C / खण्ड-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions of the following. [3×10=30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

8. Examine the concepts and components of the Ecosystem, explaining their interrelationship with suitable examples.

पारिस्थितिकी-तंत्र की संकल्पना एवं घटकों की परस्परता, उपयुक्त उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिए।

9. Critically analyze the causes and impact of environmental degradation, citing recent events in India.

पर्यावरणीय क्षरण के कारण व प्रभावों को आलोचनात्मक विवेचना, भारत की ताज़ा घटनाओं सहित कीजिए।

10. Discuss the various types of Environmental Pollution and their remedial measures in detail.

पर्यावरण प्रदूषण के विभिन्न प्रकार एवं उनके उपचारात्मक उपायों का वर्णन कीजिए।

11. Assess the role of environmental management policies in mitigating disasters such as floods and droughts.

आपदाओं जैसे-बाढ़ एवं सूखे में आपदा प्रबंधन नीतियों की भूमिका

12. Explain natural hazards and environmental laws, with reference to radiation hazards, gas leaks, and acid rain

प्राकृतिक आपदाएँ एवं पर्यावरणीय कानून विकिरण आपदा, गैस रिसाव, अम्लीय वर्षा के संदर्भ में समझाइए।

UG Minor Core Course or MIC-5 Human Geography (Theory) Questions Paper 2025 (Patliputra University Patna)

UG Minor Core Course or MIC-5

Human Geography (Theory)

Questions Paper 2025



(Patliputra University Patna)

UG Minor Core Course or MIC-5

UG (Regular) (Sem.-V)

Examination, 2025

(Session : 2023-27)

(MIC-5: MINOR CORE COURSE)

GEOGRAPHY

Paper Code : 420809

(Human Geography)

Time: Three Hours] [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figures in the margin indicate full marks. Answer from all parts as directed.

परीक्षार्थी यथासम्भव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक हैं। निर्देशानुसार सभी भागों से उत्तर दीजिए।

Part-A / भाग-अ

(Multiple Choice Questions)

(बहुविकल्पीय प्रश्न)

Note: Choose the correct option from each question:

प्रत्येक प्रश्न से सही विकल्प का चयन कीजिए [10×2=20]

1. (i) The Demographic Transition Model (DTM) describes the transition of a population from:

(a) High birth and high death rates to low birth and low death rates

(b) High birth and low death rates to low birth and high death rates

(c) Low birth rates and high death rates to high birth rates and high death rates

(d) Zero population growth to population decline

जनसांख्यिकी संक्रमण मॉडल (डीटीएम) जनसंख्या के संक्रमण का वर्णन करता है:

(a) उच्च जन्म और उच्च मृत्यु दर से निम्न जन्म और निम्न मृत्यु दर तक

(b) उच्च जन्म और निम्न मृत्यु दर से निम्न जन्म और उच्च मृत्यु दर तक

(c) निम्न जन्म दर और उच्च मृत्यु दर से उच्च जन्म दर और उच्च मृत्यु दर तक

(d) शून्य जनसंख्या वृद्धि से जनसंख्या में गिरावट तक

(ii) Which of the following regions has the highest population growth rate currently?

(a) Europe

(b) North America

(c) Sub-Saharan Africa

(d) East Asia

वर्तमान में निम्नलिखित में से किस क्षेत्र की जनसंख्या वृद्धि दर सबसे अधिक है?

(a) यूरोप

(b) उत्तरी अमेरिका

(c) उप-सहारा अफ्रीका

(d) पूर्वी एशिया

(iii) Population distribution is most influenced by which of the following factors?

(a) Economic development and access to education

(b) Climate and geographic features

(c) Political boundaries

(d) Religious and cultural affiliations

जनसंख्या वितरण निम्नलिखित में से किस कारक से सबसे अधिक प्रभावित होता है?

(a) आर्थिक विकास और शिक्षा तक पहुँच

(b) जलवायु और भौगोलिक विशेषताएँ

(c) राजनीतिक सीमाएँ

(d) धार्मिक और सांस्कृतिक सम्बद्धताएँ

(iv) Which of the following is a characteristic of forced migration?

(a) Voluntary movement based on economic opportunity

(b) Movement due to social or political factors such as war or persecution

(c) Migration for educational purposes

(d) Migration influenced by environmental changes like climate

निम्नलिखित में से कौन-सी जबरन प्रवास की विशेषता है?

(a) आर्थिक अवसर पर आधारित स्वैच्छिक प्रवास

(b) युद्ध या उत्पीड़न जैसे सामाजिक या राजनीतिक कारकों के कारण प्रवास

(c) शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रवास

(d) जलवायु जैसे पर्यावरणीय परिवर्तनों से प्रभावित प्रवास

Which of the following best describes “urbanization”?

(a) The movement of people from rural areas to urban areas

(b) The movement of people from urban areas to rural areas

(c) The decline in population in both rural and urban areas

(d) The increase in population growth in rural areas

निम्नलिखित में से कौन-सा “शहरीकरण” का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

(a) ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों की ओर लोगों का आवागमन

(b) शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण क्षेत्रों की ओर लोगों का आवागमन

(c) ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जनसंख्या में गिरावट

(d) ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्या वृद्धि दर में वृद्धि

(vi) Which of the following is a characteristic of a dispersed rural settlement?

(a) High density of houses close together

(b) Houses scattered over a wide area

(c) Settlements clustered around a market

(d) Linear arrangements along roads

निम्नलिखित में से कौन-सी एक बिखरी हुई ग्रामीण बस्ती की विशेषता है?

(a) एक दूसरे के करीब स्थित घरों का उच्च घनत्व

(b) विस्तृत क्षेत्र में फैले हुए घर

(c) बाजार के चारों ओर बसी बस्तियाँ

(d) सड़कों के किनारे रैखिक व्यवस्था

(vii) Urban settlements are often classified based on their main function. Which of the following is not a typical urban settlement function?

(a) Administrative

(b) Defence

(c) Fishing Village

(d) Industrial

शहरी बस्तियों को अक्सर उनके मुख्य कार्य के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। निम्नलिखित में से कौन-सा शहरी बस्तियों का विशिष्ट कार्य नहीं है?

(a) प्रशासनिक

(b) रक्षा

(c) मछली पकड़ने वाला गाँव

(d) औद्योगिक

(viii) A compact pattern of rural settlement is most likely found in areas with:

(a) Scarce Water

(b) Fertile Plains

(c) Steep Slope

(d) Dense Forest

ग्रामीण बस्तियों का एक सघन पैटर्न संभवतः निम्नलिखित क्षेत्रों में पाया जाता है:

(a) दुर्लभ जल

(b) उपजाऊ मैदान

(c) खड़ी ढलान

(d) घना जंगल

(ix) A ‘hamlet’ refers to:

(a) A Small rural Community

(b) A large Urban Centre

(c) An Industrial Town

(d) A Suburban Area

‘हैमलेट’ का तात्पर्य है:

(a) एक छोटा ग्रामीण समुदाय

(b) एक बड़ा शहरी केंद्र

(c) एक औद्योगिक शहर

(d) एक उपनगरीय क्षेत्र

(x) Which factor does not influence the site of a settlement?

(a) Relief

(b) Water Availability

(c) Soil Quality

(d) Neighbourhood

कौन-सा कारक किसी बस्ती के स्थल को प्रभावित नहीं करता है?

(a) भू-आकृति

(b) जल उपलब्धता

(c) मृदा गुणवत्ता

(d) आस-पड़ोस

Part-B / भाग-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any four questions of the following: [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

2. Define Human Geography. Discuss its nature and scope with suitable examples.

मानव भूगोल की परिभाषा दीजिए। इसके स्वरूप और क्षेत्र का वर्णन उदाहरण सहित कीजिए।

3. Explain the concept of Determinism in Human Geography. Give examples to support your answer.

मानव भूगोल में निश्चयवाद की अवधारणा स्पष्ट कीजिए। अपने उत्तर की पुष्टि उदाहरण देकर कीजिए।

4. Explain the main components of population composition and their significance in human geography.

जनसंख्या संरचना के प्रमुख घटकों और मानव भूगोल में उनके महत्व की व्याख्या कीजिए।

5. Explain the stages of the Demographic Transition Theory and relate them to development.

जनसांख्यिकीय संक्रमण सिद्धान्त की अवस्थाओं की व्याख्या कीजिए और उन्हें विकास से जोड़िए।

6. Classify the main types of rural settlement patterns and explain their spatial characteristics.

ग्रामीण बस्ती के प्रमुख प्रतिरूपों का वर्गीकरण कीजिए तथा उनके स्थानिक गुणों का वर्णन कीजिए।

7. On what basis are urban settlements classified in India? Give examples of each type.

भारत में नगरीय बस्तियों का वर्गीकरण किन आधारों पर किया जाता है? प्रत्येक प्रकार का उदाहरण दीजिए।

Part-C / भाग-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions of the following: [3×10=30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

8. Explain the trends and patterns of population growth in the world since 1900. Discuss factors responsible for spatial and temporal variations in growth rates.

1900 के बाद विश्व में जनसंख्या वृद्धि के रुझानों और प्रतिरूपों की व्याख्या कीजिए। वृद्धि दरों में स्थानिक तथा कालिक विभिन्नताओं के कारणों पर वर्णन कीजिए।

9. Describe the basis of classification of urban settlements in India and describe the functional categories of towns and cities with suitable examples.

भारत में नगरीय बस्तियों के वर्गीकरण के आधारों का वर्णन कीजिए तथा उपयुक्त उदाहरणों सहित शहरों और कस्बों के कार्यात्मक वर्गों का वर्णन कीजिए।

10. Explain the major types of settlement patterns found in rural areas. Discuss the physical and socio-economic factors responsible for their formation.

ग्रामीण क्षेत्रों में पाई जाने वाली प्रमुख बस्ती प्रतिरूपों की व्याख्या कीजिए। इनके निर्माण के लिए जिम्मेदार भौतिक तथा सामाजिक-आर्थिक कारकों पर चर्चा कीजिए।

11. Explain the causes of migration and analyse its social, economic, and environmental consequences on both source and destination areas.

प्रवासन के कारणों की व्याख्या कीजिए और प्रेषक (स्रोत) तथा गंतव्य (जाने वाले क्षेत्र) क्षेत्रों पर इसके सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

12. Describe the Demographic Transition Theory in detail. How does it help to explain the relationship between population growth and economic development?

जनसांख्यिकीय संक्रमण सिद्धान्त का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए। यह सिद्धान्त जनसंख्या वृद्धि और आर्थिक विकास के सम्बन्ध को कैसे स्पष्ट करता है?




UG (Regular) (Sem.-V)

Examination, 2025

(Session: 2023-27)

(MIC-6: MINOR CORE COURSE)

GEOGRAPHY

Paper Code : 420810

(Geography of India and Bihar)

Time: Three Hours] [Maximum Marks : 70

Note: Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figures in the margin indicate full marks. Answer from all the parts as directed.

परीक्षार्थी यथासंभव उत्तर अपने शब्दों में ही दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक हैं। निर्देशानुसार सभी भागों से प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

PART-A / भाग-अ

(Objective Type Questions)

(वस्तुनिष्ठ प्रश्न)

Note : Attempt all Multiple choice question from this part.

Each question carries 2 marks. [10×2=20]

इस भाग से सभी बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल कीजिए। प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है।

1. (i) The Northern Plains of India are mainly formed by which process?

(a) Volcanic activity

(b) Alluvial deposition

(c) Tectonic uplift

(d) Wind erosion

भारत के उत्तरी मैदान मुख्यतः किस प्रक्रिया से बने हैं?

(a) ज्वालामुखीय क्रिया

(b) जलोढ़ निक्षेपण

(c) भू-तापीय उत्थान

(d) पवन अपरदन

(ii) Which of the following rivers is a Peninsular River?

(a) Ganga

(b) Yamuna

(c) Godavari

(d) Ghaghara

निम्नलिखित में कौन-सी एक प्रायद्वीपीय नदी है?

(a) गंगा

(b) यमुना

(c) गोदावरी

(d) घाघरा

(iii) The main cause of monsoon in India is:

(a) Westerlies

(b) Trade winds and differential heating

(c) Sea breeze

(d) Local winds

भारत में मानसून का मुख्य कारण क्या है?

(a) पश्चिमी पवनें

(b) व्यापारिक पवनें और भिन्न तापन

(c) समुद्री हवा

(d) स्थानीय पवनें

(iv) Which type of soil covers the largest area in India?

(a) Red soil

(b) Black soil

(c) Alluvial soil

(d) Laterite soil

भारत में कौन-सी मिट्टी सबसे बड़े क्षेत्र में पाई जाती है?

(a) लाल मिट्टी

(b) काली मिट्टी कपाल

(c) जलोढ़ मिट्टी

(d) लेटराइट मिट्टी

(v) Tropical evergreen forests are mainly found in:

(a) Western Ghats

(b) Thar Desert

(c) Gangetic Plain

(d) Ladakh

सदाबहार वन मुख्यतः कहाँ पाए जाते हैं:

(a) पश्चिमी घाट

(b) थार मरुस्थल

(c) गंगीय मैदान

(d) लदाख

(vi) Which state is the largest producer of jute in India?

(a) Bihar

(b) Assam

(c) West Bengal

(d) Odisha

भारत में जूट का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन-सा है?

(a) बिहार

(b) असम

(c) पश्चिम बंगाल

(d) ओडिसा

(vii) The sugar industry in India is mainly located in:

(a) Punjab

(b) Maharashtra and Uttar Pradesh

(c) Tamil Nadu

(d) Gujarat

भारत में चीनी उद्योग मुख्यतः कहाँ स्थित है?

(a) पंजाब

(b) महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश

(c) तमिलनाडु

(d) गुजरात

(viii) The North Bihar plain is frequently affected by:

(a) Earthquake

(b) Flood

(c) Drought

(d) Landslide

उत्तर बिहार का मैदान प्रायः किससे प्रभावित रहता है?

(a) भूकम्प

(b) बाढ़

(c) सूखा

(d) भूस्खलन

(ix) Which of the following rivers flows through Bihar?

(a) Krishna

(b) Mahanadi

(c) Kosi

(d) Godavari

निम्नलिखित में से कौन-सी नदी बिहार से होकर बहती है?

(a) कृष्णा

(b) महानदी

(c) कोसी

(d) गोदावरी

(x) The physiography of Bihar mainly consists of:

(a) Plateau and Desert

(b) Northern plains and Southern plateau

(c) Coastal plain

(d) Hill ranges only

बिहार की भौतिक संरचना मुख्यतः किन भागों से मिलकर बनी है:

(a) पठार और मरुस्थल

(b) उत्तरी मैदान और दक्षिणी पठार

(c) तटीय मैदान

(d) केवल पर्वत श्रृंखलाएँ

PART-B / भाग-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note : Answer any four questions. Each question carries 5 marks. [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 5 अंकों का है।

2. Describe the main physiographic divisions of India.

भारत के प्रमुख भौतिक (स्थलाकृतिक) विभाजनों का वर्णन कीजिए।

3. Compare the characteristics of Himalayan and Peninsular rivers.

हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं की तुलना कीजिए।

4. Explain the origin and mechanism of the Indian monsoon.

भारतीय मानसून की उत्पत्ति और तंत्र (प्रक्रिया) की व्याख्या कीजिए।

5. Write a short note on the types and distribution of soils in India.

भारत में मिट्टियों के प्रकार और वितरण पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

6. Discuss the geographical factors responsible for the growth of the sugar industry in India.

भारत में चीनी उद्योग के विकास के लिए उत्तरदायी भौगोलिक कारकों पर चर्चा कीजिए।

7. Describe the structure and physiography of Bihar and its impact on agriculture.

बिहार की संरचना और भौगोलिक बनावट का वर्णन कीजिए तथा कृषि पर इसके प्रभाव को स्पष्ट कीजिए।

PART-C/ भाग-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions. Each question carries 10 marks. [3×10=30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 10 अंकों का है।

8. Describe in detail the relief and geological structure of India. How do these physical features influence the distribution of population and economic activities?

भारत की उच्चावच और भूवैज्ञानिक संरचना का विस्तार से वर्णन कीजिए। ये भौतिक विशेषताएँ जनसंख्या वितरण और आर्थिक गतिविधियों को किस प्रकार प्रभावित करती हैं?

9. Discuss the origin, mechanism and characteristics of the Indian monsoon. Explain its importance for Indian agriculture?

भारतीय मानसून की उत्पत्ति, क्रियाविधि और विशेषताओं पर चर्चा कीजिए। भारतीय कृषि के लिए इसके महत्व को स्पष्ट कीजिए।

10. Explain the different types of natural vegetation found in India and the factors responsible for their distribution.

भारत में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक वनस्पतियों तथा उनके वितरण के लिए उत्तरदायी कारकों की व्याख्या कीजिए।

11. Describe the Sugar and Paper agricultural industries of India. Discuss the geographical conditions required for their growth and development.

भारत के चीनी और कागज कृषि उद्योगों का वर्णन कीजिए। इनके विकास और वृद्धि के लिए आवश्यक भौगोलिक परिस्थितियों पर चर्चा कीजिए।

14. Correlation analysis (सहसंबंध विश्लेषण)

Correlation analysis

(सहसंबंध विश्लेषण)




⇒ Correlation analysis deals with the association between two or more Variables.

⇒ The degree of relationship between the Variables Under consideration is measured through the correlation analysis.

⇒ The measure of correlation called the “Correlation coefficient or correlation index” Summarizes in Figure the direction & degree one of correlation.

Example1

x⇑ y⇑
10 15
12 20
15 22
18 25
20 37
25 43

👉  ऊपर दिए गए आँकड़ों में x और y के मानों को देखने पर स्पष्ट होता है कि जैसे-जैसे x का मान बढ़ता है, वैसे-वैसे y का मान भी बढ़ रहा है।

👉  अर्थात्, x में वृद्धि होने पर y में भी वृद्धि की प्रवृत्ति दिखाई देती है, जिससे दोनों चर आपस में सकारात्मक रूप से संबंधित हैं।

👉 यहाँ x और y के बीच धनात्मक (Positive) सहसंबंध है।

Example2

x⇑ y⇓
20 40
30 30
40 22
50 15
60 10
80 4

👉  दिए गए आँकड़ों में जैसे-जैसे x का मान बढ़ता है, वैसे-वैसे y का मान घटता जाता है।

👉  अतः x और y के बीच नकारात्मक (ऋणात्मक) सहसंबंध पाया जाता है।

👉  चूँकि परिवर्तन नियमित और स्पष्ट है, इसलिए यह प्रबल नकारात्मक सहसंबंध (Strong Negative Correlation) को दर्शाता है।

Type of Correlation

1. Positive Correlation (Direct Correlation):-

   If both the Variable in Same direction. x⇑, y⇑ or x⇓, y⇓ e.g., Height & Weight, Rainfall & Yeild

2. Negative Correlation (Inverse Correlation):-

    If both the variables Varies in opposite direction. x⇑, y⇓ or x⇓, y⇑ e.g., Price & Demand

3. Zero Correlation (No Correlation):-

      When there is no relationship between variables. or When one variable changes, the other variable does not change in any consistent way. x⇑⇓, y or x, y⇑⇓ e.g., Shoe size & intelligence

Correlation Coefficient (r)

     The correlation coefficient is a statistical measure that shows the strength and direction of the relationship between two variables. Its value ranges from −1 to +1, where positive values indicate direct correlation, negative values indicate inverse correlation, and zero indicates no relationship.

r = +1 ⇒ Perfect Positive Correlation,

r = -1 ⇒ Perfect Negative Correlation,

r = 0 ⇒ No Relation,

r = 0.8, 0.9, 0.95 अर्थात जब r का Value 1 के करीब आता है तो उसे Strong +ve Correlation कहा जाता है।

r = -0.85, -0.9, -0.95 अर्थात जब r का Value लगभग -1 के करीब आता है तो उसे Strong Negative Correlation कहा जाता है।

Method of Finding Correlation Coefficient (r)

          The correlation coefficient (r) is found using several methods. The Karl Pearson’s method is the most common, where r is calculated by dividing the covariance of two variables by the product of their standard deviations.

     The Spearman’s rank correlation method is used when data are ranked or not normally distributed.

    Another method is the concurrent deviations method, suitable for time-series data showing direction of change.

             Scatter diagram method finds correlation coefficient (r) by plotting paired data points, observing pattern direction, and estimating strength visually.

   These methods help measure the degree and direction of relationship between variables, with values of r ranging from –1 to +1.

1. Karl Pearson’s method

2. Spearman’s rank correlation method

3. Concurrent deviations method

4. Scatter diagram method

1. Karl Pearson’s Product Moment Method

      Karl Pearson’s Product Moment Method measures the degree and direction of linear relationship between two quantitative variables. It uses covariance divided by the product of their standard deviations, producing a correlation coefficient (r) ranging from –1 to +1, indicating negative, positive, or no correlation.

 

Ex. (i) Find coefficient of correlation of the following data.

x y
9 15
8 16
7 14
6 13
5 11
4 12
3 10
2 8
1 9

Solution:

x y x2 y2 xy
9 15 81 225 135
8 16 64 256 128
7 14 49 196 98
6 13 36 169 78
5 11 25 121 55
4 12 16 144 48
3 10 9 100 30
2 8 4 64 16
1 9 1 81 9
Total sum = 45 108 285 1356 597

n = No. of pair of observers

n = 9

Σxy = 597

Σx = 45

Σy = 108

Σx2 = 285

Σy2 = 1356

Correlation analysis

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