23. रूढ़ चिन्ह और संकेत / Conventional Signs and Symbols

23. रूढ़ चिन्ह और संकेत / Conventional Signs and Symbols

रूढ़ चिन्ह और संकेत

(Conventional Signs and Symbols)

रूढ़ चिन्ह और संकेत

         स्थलाकृतिक मानचित्र पर विभिन्न भौगोलिक एवं सांस्कृतिक लक्षणों को प्रदर्शित करने के लिए निश्चित एवं मानकीकृत चिन्हों का प्रयोग किया जाता है। ऐसे निश्चित चिन्हों को रूढ़ चिन्ह कहा जाता है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा इन चिन्हों का मानकीकरण किया गया है, जिससे स्थलाकृतिक मानचित्रों में विभिन्न विशेषताओं को एक समान तरीके से प्रदर्शित किया जा सके। भारतीय स्थलाकृतिक मानचित्रों में प्रयुक्त अनेक रूढ़ चिन्हों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त है।

    सामान्यतः 1:50,000 तथा 1:25,000 मापनी वाले स्थलाकृतिक पत्रकों में रूढ़ चिन्हों का प्रयोग समरूप रूप से किया जाता है। इन चिन्हों की सहायता से मानचित्र पर सड़क, नदी, रेलमार्ग, बस्ती, पुल, वन, विद्यालय आदि लक्षणों को आसानी से पहचाना जा सकता है। मुख्यतः रूढ़ चिन्हों को निम्नलिखित दो प्रमुख प्रकारों में विभाजित किया जाता है-

     यह मुख्यत: दो प्रकार के होते है-

1. मौसम विज्ञान के लिए

2. स्थलाकृतिक पत्रक के लिए

CONVENTIONAL SIGNS

AND

SYMBOLS

रूढ़ चिन्ह और संकेत

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Dr. Amar Kumar

Website: https://www.geographynotespdf.com

I ‘Dr. Amar Kumar’ am working as an Assistant Professor in The Department Of Geography in PPU, Patna (Bihar) India. I want to help the students and study lovers across the world who face difficulties to gather the information and knowledge about Geography. I think my latest UNIQUE GEOGRAPHY NOTES are more useful for them and I publish all types of notes regularly.

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