अध्याय 2 प्रवास-प्रकार, कारण और परिणाम (Migration: Types, Causes and Consequences)

इकाई-1 अध्याय 2 प्रवास-प्रकार, कारण और परिणाम

(Migration: Types, Causes and Consequences)

बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर
(खण्ड 2: भारत- लोग और अर्थव्यवस्था)

अध्याय 2 प्रवास-प्रकार, कारण और परिणाम

प्रवास-प्रकार

(क) नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
1. निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में पुरुष प्रवास का मुख्य कारण है?
(क) शिक्षा
(ख) काम और रोजगार
(ग) व्यवसाय
(घ) विवाह
उत्तर – (ग) व्यवसाय
2. निम्नलिखित में से किस राज्य में सर्वाधिक संख्या में अप्रवासी आते हैं?
(क) उत्तर प्रदेश
(ख) महाराष्ट्र
(ग) दिल्ली
(घ) बिहार
उत्तर – (ग) दिल्ली
3. भारत में प्रवास की निम्नलिखित धाराओं में से कौन-सी एक धारा पुरुष प्रधान है?
(क) ग्रामीण से ग्रामीण
(ख) ग्रामीण से नगरीय
(ग) नगरीय से ग्रामीण
(घ) नगरीय से नगरीय
उत्तर – (ग) नगरीय से ग्रामीण
4. निम्नलिखित में से किस नगरीय समूहन में प्रवासी जनसंख्या का अंश सर्वाधिक है?
(क) मुंबई नगरीय समूहन
(ख) बैंगलौर नगरीय समूहन
(ग) दिल्ली नगरीय समूहन
(घ) चेन्नई नगरीय समूहन
उत्तर – (क) मुंबई नगरीय समूहन
(ख) निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें।
प्रश्न 1. जीवनपर्यंत प्रवासी पिछले निवास के अनुसार प्रवासी में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – भारत की जनगणना में प्रवास की गणना दो आधारों पर की गई है –
जन्म का स्थान – यदि जन्म का स्थान गणना के स्थान से भिन्न है, इसे जीवनपर्यंत प्रवासी के नाम से जाना जाता है।
निवास का स्थान – यदि निवास का पिछला स्थान गणना के स्थान से भिन्न है, इसे निवास के पिछले स्थान से प्रवासी के रूप में जाना जाता है।
प्रश्न 2. पुरुष/स्त्री वरणात्मक प्रवास के मुख्य कारण की पहचान कीजिए।
उत्तर – पुरुषों और स्त्रियों के लिए प्रवास के कारण भिन्न हैं। उदाहरण के तौर पर काम और रोजगार पुरुष प्रवास के मुख्य कारण रहे हैं जबकि स्त्रियाँ विवाह के उपरांत अपने मायके से बाहर ससुराल जाती हैं। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में यह सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कारण है, मेघालय इसका अपवाद है जहाँ स्थिति ठीक इसके विपरीत है।
प्रश्न 3. उद्दगम और गंतव्य स्थान की आयु एवं लिंग संरचना पर ग्रामीण-नगरीय प्रवास का क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर – ग्रामीण-नगरीय प्रवास नगरों में जनसंख्या की वृद्धि में योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण कारकों में से एक है। ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले युवा आयु, कुशल एवं दक्ष लोगों का बाह्य प्रवास ग्रामीण जनांकिकीय संघटन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। यद्यपि उत्तरांचल, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पूर्वी महाराष्ट्र से होने वाले बाह्य प्रवास ने इन राज्यों की आयु एवं लिंग संरचना में काफी गंभीर असंतुलन की समस्या पैदा कर दिया है। ऐसे ही असंतुलन की समस्या उन राज्यों में भी उत्पन्न हो गए हैं जिनमें ये प्रवासी जाते हैं।
(ग) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें।
प्रश्न 1. भारत में अंतर्राष्ट्रीय प्रवास के कारकों की विवेचना कीजिए।
उत्तर – भारत में पड़ोसी देशों से आप्रवास और उन देशों की ओर भारत से उत्प्रवास भी हुआ है। निम्नलिखित तालिका से पड़ोसी देशों से प्रवासियों का ब्यौरा पता चलता है। जनगणना 2001 में अंकित है कि भारत में अन्य देशों से 50 लाख व्यक्तियों का प्रवास हुआ है। इनमें 96 प्रतिशत पड़ोसी देशों से आए हैं, बांग्लादेश (30 लाख) इसके बाद पाकिस्तान (9 लाख) और नेपाल (5 लाख)। इनमें तिब्बत, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान और म्यांमार के 1.6 लाख शरणार्थी भी शामिल हैं। जहाँ तक भारत से उत्प्रवास का प्रश्न है, ऐसा अनुमान है कि भारतीय डायास्पोरा के लगभग 2 करोड़ लोग हैं जो 110 से अधिक देशों में फैले हुए हैं।
तालिका- भारत में सभी अवधियों में पड़ोसी देशों से पिछले निवास स्थान के अनुसार आप्रवासीस्रोत: भारत की जनगणना, 2001
प्रश्न 2. प्रवास के सामाजिक जनांकिकीय परिणाम क्या-क्या है?
उत्तर – प्रवासी सामाजिक परिवर्तन के अभिकर्ताओं के रूप में कार्य करते हैं। नवीन प्रौद्योगिकियों, परिवार नियोजन, बालिका शिक्षा इत्यादि से संबंधित नए विचारों का नगरीय क्षेत्रों से ग्रामीण क्षेत्रों की ओर विसरण इन्हीं के माध्यम के माध्यम से होता है।

            प्रवास से विविध संस्कृतियों के लोगों का अंतर्मिश्रण होता है। इसका संकीर्ण विचारों को भेदना तथा मिश्र संस्कृति के उद्द्विकास में सकारात्मक योगदान होता है और यह अधिकतर लोगों के मानसिक क्षितिज को विस्तृत करता है। किंतु इसके गुमनामी जैसे गंभीर नकारात्मक परिणाम भी होते हैं जो व्यक्तियों में सामाजिक निर्वात और खिन्नता की भावना भर देते हैं। खिन्नता की सतत् भावना लोगों को अपराध और औषध दुरुपयोग (drug abuse) जैसी असामाजिक क्रियाओं के जाल में फंसने के लिए अभिप्रेरित कर सकती है।


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(खण्ड 1: मानव भूगोल के मूल सिद्धांत)

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(खण्ड 2: भारत- लोग और अर्थव्यवस्था)
Part 2: India- People and Economy

PREVIOUS YEAR QUESTION PAPER सम्पूर्ण हल सहित (बिहार बोर्ड भूगोल 12वीं कक्षा)

अध्याय 1 जनसंख्या: वितरण, घनत्व, वृद्धि एवं संघटन (Population: Distribution, Density, Growth and Composition)

इकाई -1 अध्याय 1 जनसंख्या: वितरण, घनत्व, वृद्धि एवं संघटन

(Population: Distribution, Density, Growth and Composition)
बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर
(खण्ड 2: भारत- लोग और अर्थव्यवस्था)

अध्याय 1 जनसंख्या: वितरण, घनत्व, वृद्धि एवं संघटन

अध्याय 1 जनसंख्या

(क) नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए-
1. सन् 2001 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या निम्नलिखित में से कौन-सी है?
(क) 102.8 करोड़
(ख) 318.2 करोड़
(ग) 318.2 करोड़
(घ) 2 करोड़
उत्तर – (क) 102.8 करोड़
2. निम्नलिखित राज्यों में से किस एक में जनसंख्या का घनत्व सर्वाधिक है?
(क) पश्चिम बंगाल
(ख) उत्तर प्रदेश
(ग) केरल
(घ) पंजाब
उत्तर – (क) पश्चिम बंगाल
3. सन् 2001 की जनगणना के अनुसार निम्नलिखित में से किस राज्य में नगरीय जनसंख्या का अनुपात सर्वाधिक है?
(क) तमिलनाडु
(ख) केरल
(ग) महाराष्ट्र
(घ) गुजरात
उत्तर – (ख) केरल
4. निम्नलिखित में से कौन-सा एक समूह भारत में विशालतम भाषाई समूह है?
(क) चीनी-तिब्बती
(ख) आस्ट्रिक
(ग) भारतीय-आर्य
(घ) द्रविड़
उत्तर – (ग) भारतीय-आर्य

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें।
प्रश्न 1. भारत के अत्यंत ऊष्ण एवं शुष्क तथा अत्यंत शीत व आर्द्र प्रदेशों में जनसंख्या का घनत्व निम्न है। इस कथन के दृष्टिकाण से जनसंख्या के वितरण में जलवायु की भूमिका को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – भू: विन्यास और जल की उपलब्धता के साथ जलवायु प्रमुख रूप से जनसंख्या के वितरण के प्रतिरूपों का निर्धारण करती है। परिणामस्वरूप उत्तर भारत के मैदानों, डेल्टाओं और तटीय मैदानों में जनसंख्या का अनुपात दक्षिणी और मध्य भारत के राज्यों के आंतरिक जिलों, हिमालय, उत्तर-पूर्वी और पश्चिमी कुछ राज्यों की अपेक्षा उच्चतर है। यही कारण है कि भारत के अत्यंत ऊष्ण एवं शुष्क तथा अत्यंत शीत व आर्द्र प्रदेशों में जनसंख्या का घनत्व निम्न है।
प्रश्न 2. भारत के किन राज्यों में विशाल ग्रामीण जनसंख्या है? इतनी विशाल ग्रामीण जनसंख्या के लिए उत्तरदायी एक कारण को लिखिए।
उत्तर – बिहार और सिक्किम जैसे राज्यों में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत बहुत अधिक है। गोआ और महाराष्ट्र राज्यों की कुल जनसंख्या का लगभग आधे से अधिक भाग गाँवों में बसता है। अंतर-राज्य और अंतः राज्य दोनों स्तरों पर नगरीकरण का सापेक्षिक परिमाण और ग्रामीण-नगरीय प्रवास का विस्तार ग्रामीण जनसंख्या के सांद्रण को नियंत्रित करते हैं।
प्रश्न 3. भारत के कुछ राज्यों में अन्य राज्यों की अपेक्षा श्रम सहभागिता ऊँची क्यों है?
उत्तर – भारत जैसे देश के संदर्भ में ऐसा समझा जाता है कि आर्थिक विकास के निम्न स्तरों वाले क्षेत्रों में सहभागिता दर ऊँची है क्योंकि निर्वाह अथवा लगभग निर्वाह की आर्थिक क्रियाओं के निष्पादन के लिए अनेक कामगारों की जरूरत पड़ती है।
प्रश्न 4. “कृषि सेक्टर में भारतीय श्रमिकों का सर्वाधिक अंग संलग्न है।” स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – कुल श्रमजीवी जनसंख्या का लगभग 60 प्रतिशत कृषक और कृषि मजदूर हैं जबकि केवल 4 प्रतिशत श्रमिक घरेलू उद्योगों में लगे हैं और 36 प्रतिशत अन्य श्रमिक हैं जो गैर-घरेलू उद्योगों, व्यापार, वाणिज्य, विनिर्माण और मरम्मत तथा अन्य सेवाओं में कार्यरत हैं।
 
(ग) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दो।
प्रश्न 1. भारत में जनसंख्या के घनत्व के स्थानिक वितरण की विवेचना कीजिए।
उत्तर – जनसंख्या के घनत्व को प्रति इकाई क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्तियों की संख्या द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है। इससे भूमि के संदर्भ में जनसंख्या के स्थानिक वितरण को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिलती है। वर्तमान समय में भारत का जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी. (2011) है। 1951 ई में जनसंख्या का घनत्व 117 व्यक्ति/वर्ग किमी. से बढ़कर 2011 में 382 व्यक्ति/प्रतिवर्ग किमी. होने से विगत 50 वर्षों में 265 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी. की उत्तरोत्तर वृद्धि हुई हैं।
          अरुणाचल प्रदेश में सबसे कम 17 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी. से लेकर दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 11320 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी. तक है। उत्तरी भारत के राज्यों में बिहार (1106) और पश्चिम बंगाल (480) में उच्चतर घनत्व पाया जाता है। असम (398), गुजरात (308), आंध्र प्रदेश (308), हरियाणा (573), झारखंड (414), उड़ीसा (270) में मध्यम घनत्व पाया जाता है।
                हिमाचल प्रदेश  पर्वतीय राज्यों में (123) और असम को छोड़कर भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में अपेक्षाकृत निम्न घनत्व है जबकि अंडमान और निकोबार द्वीपों को छोड़कर केंद्र-शासित प्रदेशों में जनसंख्या के उच्च घनत्व पाए जाते हैं। जनसंख्या का घनत्व एक अशोधित माप है। कुल कृषित भूमि पर जनसंख्या के दबाव के संदर्भ में मानव संघटन अनुपात को बेहतर समझने के लिए कायिक और कृषीय घनत्वों को ज्ञात करना चाहिए जो भारत जैसे विशाल कृषि जनसंख्या वाले देश के लिए सार्थक है।
 
नोट :- कायिक घनत्व = कुल जनसंख्या/निवल कृषित क्षेत्र।
कृषीय घनत्व = कुल कृषि जनसंख्या/निवल कृषित क्षेत्र। कृषि जनसंख्या में कृषक, कृषि मजदूर और उनके परिवार के सदस्य शामिल होते हैं।
 
प्रश्न 2. भारत की जनसंख्या के व्यावसायिक संघटन का विवरण दीजिए।
उत्तर – जनसंख्या के व्यावसायिक संघटन- जनसंख्या के व्यावसायिक संघटन से तात्पर्य किसी भी देश या प्रदेश के कार्यशील जनसंख्या (अर्थात 15 से 59 आयु वर्ग में स्त्री और पुरुष) से है जो कि कृषि, वानिकी, मत्स्यन, विनिर्माण, निर्माण, व्यवसायिक परिवहन, सेवाओं, संचार तथा अन्य अवर्गीकृत सेवाओं जैसे व्यवसायों से जुड़े होते हैं। व्यावसायिक संघटन को मुख्यतः चार भागों में बाँटा जा सकता है :-
(क) प्राथमिक कार्यशील जनसंख्या- इसके अंतर्गत कृषि, वानिकी, मत्स्यन तथा खनन जैसे कार्यों को रखा जाता है।
(ख) द्वितीयक कार्यशील जनसंख्या- इसके अंतर्गत निर्माण, विनिर्माण से संबंधित कार्य किए जाते हैं। शक्ति उत्पादन से संबंधित क्रिया भी इसी समूह में शामिल है।
(ग) तृतीयक कार्यशील जनसंख्या- इसके अंतर्गत व्यापार, आयात-निर्यात तथा अन्य कार्य सम्मिलित है।
(घ) चर्तुथक कार्यशील जनसंख्या- अनुसंधान और वैचारिक विकास से जुड़े कार्यों को चतुर्थक कार्यशील जनसंख्या के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

            उपरोक्त चार खंडों में कार्यशील जनसंख्या का अनुपात किसी राष्ट्र के आर्थिक विकास के स्तरों का एक अच्छा सूचक है। इसका कारण यह है कि केवल उद्योगों और अवसंरचना से युक्त एक विकसित अर्थव्यवस्था ही द्वितीयक, तृतीयक और चतुर्थक क्षेत्रों में अधिक कर्मियों को समायोजित कर सकती है। यदि अर्थव्यवस्था अभी भी आदिम अवस्था में है तब प्राथमिक क्रियाओं में संलग्न लोगों का अनुपात अधिक होगा क्योंकि इसमें मात्र प्राकृतिक संसाधनों का दोहन होता है।


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PREVIOUS YEAR QUESTION PAPER सम्पूर्ण हल सहित (बिहार बोर्ड भूगोल 12वीं कक्षा)

अध्याय 10 मानव बस्ती 

इकाई-4 अध्याय 10 मानव बस्ती

बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

(खण्ड 1: मानव भूगोल के मूल सिद्धांत)




अध्याय 10 मानव बस्ती

अध्याय 10 मानव बस्ती

1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए:

(i) निम्न में से किस प्रकार की बस्तियाँ सड़क, नदी या नहर के किनारे होती है?

(क) वृत्ताकार

(ख) चौक पट्टी

(ग) रेखीय

(घ) वर्गाकार

उत्तर – (ग) रेखीय

(ii) निम्न में से कौन-सा एक आर्थिक क्रिया ग्रामीण बस्तियों की मुख्य आर्थिक क्रिया है?

(क) प्राथमिक

(ख) तृतीयक

(ग) द्वितीयक

(घ) चतुर्थ

उत्तर – (क) प्राथमिक

(iii) निम्न में से किस प्रदेश में प्रलेखित प्राचीनतम नगरीय बस्ती रही है?

(क) ह्वांगहो की घाटी

(ख) सिंधु घाटी

(ग) नील घाटी

(घ) मेसोपोटामिया

उत्तर – (ख) सिंधु घाटी

(iv) 2006 के प्रारम्भ में भारत मे कितने मिलियन सिटी थे।

(क) 40

(ख) 41

(ग) 42

(घ) 43

उत्तर – (क) 40

(v) विकासशील देशों की जनसँख्या के सामाजिक ढाँचे के विकास एवं विकास आवश्यकताओं  की पूर्ति में कौन से प्रकार के संसाधन सहायक है?

(क) वित्तिय

(ख) मानवीय

(ग) प्राकृतिक

(घ) सामाजिक

उत्तर – (घ) सामाजिक

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए:

(i) आप बस्ती को कैसे परिभाषित करेंगे?

उत्तर – वैसे भौगोलिक क्षेत्र जहाँ मानव साधारणतया सामूहिक  रूप से निवास करता हो उसे मानव बस्ती कहते हैं। मकानों का स्वरूप बदला जा सकता है, उनके कार्य बदल सकते हैं परंतु बस्तियाँ समय एवं स्थान के साथ निरंतर बस्ती रहेगी।  

(ii) स्थान ( साइट) एवं स्थिति (सिचुएसन) के मध्य अंतर बताएँ।

उत्तर – स्थान ( साइट) से तात्पर्य वैसे भौगोलिक क्षेत्र से है जहाँ मानव बस्ती बनाकर निवास करते है, उसे स्थान (साईट) कहा जाता है  जबकि  स्थिति (सिचुएसन) से तात्पर्य बस्ती के आस-पास मौजूद उन सभी भौगोलिक अर्थात पर्यावरणीय दशाओं से है जो एक बस्ती को प्रभावित करता है।

(iii) बस्तियों के वर्गीकरण के क्या आधार हैं?

उत्तर – बस्तियों के वर्गीकरण कार्यों के आधार पर मुख्यतः दो भागों में विभाजित किया गया है –

(क) ग्रामीण बस्ती

(ख) नगरिय बस्ती

        कार्यों के आधार पर ग्रामीण एवं नगरीय बस्ती को ही भूगोल में सर्वाधिक मानता प्राप्त है।

(iv) मानव भूगोल में बस्तियों के अध्ययन का औचित्य बताएँ।

उत्तर – बस्ती भूगोल मानव भूगोल की एक नई शाखा है। बस्ती भूगोल मानव द्वारा निर्मित आवासों पर भौतिक तथा सांस्कृतिक तत्वों के प्रभाव का अध्ययन करता है, ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार मानव भूगोल मानव एवं वातावरण के पारस्परिक संबंधों का विश्लेषण करता है। इस प्रकार मानव बस्ती का अध्ययन मानव भूगोल का मूल तत्व है क्योंकि किसी भी क्षेत्र में बस्तियों का रूप उस क्षेत्र के वातावरण से मानव का सीधा संबंध रहता है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।

(i) ग्रामीण एवं नगरीय बस्ती किसे कहते है? उनकी विशेषताएँ बताएँ।

उत्तर – ग्रामीण बस्ती- वैसे बस्ती जहाँ की आबादी 5000 व्यक्ति से कम हो, 75% पुरुष कृषि कार्यों में संलग्न हो तथा जनसंख्या घनत्व 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर से कम हो, ऐसे स्थानीय क्षेत्र को ग्रामीण बस्ती कहा जाता है।

      दूसरे शब्दों में जहाँ की 75% पुरुष प्राथमिक कार्यों में संलग्न हो उसे ग्रामीण बस्ती कहा जाता है।

नगरीय बस्ती- वैसे बस्ती जहाँ की आबादी कम से कम 5000 व्यक्ति से अधिक हो, 75% पुरुष गैर कृषि कार्यों में संलग्न हो तथा जनसंख्या घनत्व 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर से अधिक हो, ऐसे स्थानीय क्षेत्र को नगरीय बस्ती कहा जाता है। यहाँ नगरपालिका, निगम, छावनी बोर्ड या अधिसूचित नगरीय क्षेत्र समिति होती है।

         दूसरे शब्दों में संक्षेप में  जहाँ की 75% पुरुष द्वितीयक एवं तृतीयक कार्यों में संलग्न हो उसे नगरीय बस्ती कहा जाता है।

ग्रामीण बस्तियों की विशेषताएँ-

◆ ग्रामीण बस्ती प्रत्यक्ष रूप से भूमि से नजदीकी सम्बन्ध रखती है।

◆ यहाँ कि अधिकांश जनसंख्या प्राथमिक कार्यों (कृषि, मछली पकड़ना, आखेट, पशुपालन आदि)  से जुड़े होते है।

◆ बस्तियों का आकार प्राय: छोटा होता है।

◆ जनसंख्या 5000 से कम होता है।

◆ यहाँ के लोग सामाजिक, सांकृतिक, धार्मिक एवं राजनितिक रूप से आपस में जुड़े होते है।

नगरीय बस्तियों की विशेषताएँ-

◆ यहाँ नगर निगम, निगम, छावनी बोर्ड या अधिसूचित नगरीय क्षेत्र समिति होती है।

◆ यहाँ की जनसंख्या 5000 से अधिक होती है।

◆ यहाँ कि अधिकांश जनसंख्या द्वितीयक एवं तृतीयक कार्यों में संलग्न रहती है।

◆ ग्रामीण बस्तियों के अपेक्षा नगरों कि स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण होता है।

◆ नगरों का विकास और विस्तार काफी तेजी से होता है।

(ii) विकासशील देशों के नगरीय बस्तियों की समस्याओं का विवेचना किजिए।

उत्तर- नगरीकरण विकास का सूचक माना जाता है। परिणामस्वरुप विश्व के सभी देशों तथा विकसित एवं विकासशील देशों में नगरों का वितरण भिन्न रूपों में पाया जाता है। विकसित देशों में नगरीय सुविधाएँ बढ़ी है जबकि विकासशील देशों में समस्याएँ बढ़ी है। छोटे-छोटे कस्बों एवं क्षेत्रों से कार्यकारी जनसंख्या का पलायन हो रहा है। रोजगार के ज्यादा अवसर बड़े-बड़े शहरों तक सीमित है। वृहत आकार की जनसंख्या में अकुशल, अर्धकुशल एवं अनुत्पादकों की संख्या बढ़ती जा रही है।

        अकुशल, अर्धकुशल श्रमिकों को छोटे स्तर पर काम मिलने से उनका जीवन स्तर निम्न स्तर का होता है। यहाँ कई सामाजिक एवं सांस्कृतिक बुराइयाँ जन्म ले रही है। यहाँ का लिंगानुपात बिगड़ रहा है। अपराधों की संख्या बढ़ती जा रही है। पर्यावरणीय समस्याएँ तथा यातायात संबंधी समस्याएँ लगातार बढ़ती जा रही है।       

       दूसरे शब्दों में संक्षेप में विकासशील देशों के नगरीय बस्तियों की समस्याएँ निम्नलिखित है:-

◆ अधिकांश शहरों का अनियोजित होना।

◆ अधिकांश शहरों में भीड़ की स्थिति होना।

◆ सभी निवासियों को आधारभूत नागरिक सुविधाओं का अभाव होना।

◆ बहुमंजिला मकान तथा गंदी बस्तियों की बढ़ोतरी होना।

◆ जनसंख्या का काफी अधिक भाग निम्न स्तरीय आवासों जैसे- गंदी बस्तियों एवं अवैध बस्तियों में रहना।

◆ स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण का अभाव होना।




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अध्याय 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

इकाई-3 अध्याय 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

(खण्ड 1: मानव भूगोल के मूल सिद्धांत)


अध्याय 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

अध्याय 9 अंतर्राष्ट्रीय

1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए:
(i) संसार के अधिकांश महान पत्तन इस प्रकार वर्गीकृत किए गए हैं-
(क) नौसेना पत्तन
(ख) विस्तृत पत्तन
(ग) तैल पत्तन
(घ) औद्योगिक पत्तन
उत्तर – (क) नौसेना पत्तन
(ii) निम्नलिखित महाद्वीपों में से किस एक से विश्व व्यापार का सर्वाधिक प्रवाह होता है?
(क) एशिया
(ख) यूरोप
(ग) उत्तरी अमेरिका
(घ) अफ्रीका
उत्तर – (ख) यूरोप
(iii) दक्षिण अमेरिकी राष्ट्रों में से कौन-सा एक ओपेक का सदस्य है?
(क) ब्राजील
(ख) वेनेजुएला
(ग) चिली
(घ) पेरू
उत्तर – (ग) चिली
(iv) निम्न व्यापार समूहों में से भारत किसका एक सह-सदस्य है ?
(क) साफ्टा(SAFTA)
(ख) आसियान(ASEAN)
(ग) ओइसीडी(OECD)
(घ) ओपेक(OPEC)
उत्तर – (क) साफ्टा(SAFTA)
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए: 
(i) विश्व व्यापार संगठन के आधारभूत कार्य कौन-से है?
उत्तर – विश्व व्यापार संगठन के आधारभूत कार्य निम्नलिखित है-
◆ यह विश्व स्तर पर व्यापार के नियमों का निर्धारण करता है। 
◆विश्व व्यापार संगठन के सदस्य देशों के बीच होने वाले विवादों का निपटारा करता है।
◆ यह विश्व स्तर पर व्यापार के लिए आवश्यक दूरसंचार व बैंकिंग सेवाओं के साथ-साथ बौद्धिक संपदा अधिकार के व्यापार को भी अपने कार्यों में सम्मिलित करता है। 
(ii) ऋणात्मक भुगतान सन्तुलन का होना किसी देश के लिए क्यों हानिकारक होता है?
उत्तर– जब किसी देश का आयात मूल्य, उसके निर्यात मूल्य से अधिक होता है तब देश का व्यापार संतुलन ऋणात्मक अथवा प्रतिकूल कहा जाता है। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ता है और यह वित्तीय संचय की समाप्ति को अभिप्रेरित करता है। यही कारण है कि ऋणात्मक भुगतान सन्तुलन का होना किसी देश के लिए हानिकारक होता है। 
(iii) व्यापारिक समूहों के निर्माण द्वारा राष्ट्रों को क्या लाभ प्राप्त होते है?
उत्तर- व्यपारिक समूहों का निर्माण राष्ट्रों के लिए पारस्परिक लाभदायक होता है, यदि यह प्रादेशिक  विशिष्टीकरण, उत्पादन के उच्च स्तर, रहन-सहन के स्तर, वस्तुओं एवं सेवाओं की विश्वव्यापी उपलब्धता, कीमतों और वेतन का समानीकरण, ज्ञान एवं संस्कृति के प्रस्फुरण को प्रेरित करता है।   
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।
(i) पतन किस प्रकार व्यापार के लिए सहायक होते है? पत्तनों का वर्गीकरण उनकी अवस्थिति के आधार पर कीजिए।
उत्त – अंतरराष्ट्रीय व्यापार के दुनिया के मुख्य प्रवेश द्वार पोताश्रय तथा पत्तन होते हैं। इन पत्रों के द्वारा जहाजी माल तथा यात्री विश्व के एक भाग से दूसरे भाग को जाते हैं। 
     
        पत्तन जहाज के लिए गोदी, लादने, उतारने तथा भंडारण हेतु सुविधाएँ प्रदान करते हैं। इन सुविधाओं को प्रदान करने के उद्देश्य से पत्तन के प्राधिकारी नौगम्य द्वारों का रख-रखाव, रस्सों व बजरों की व्यवस्था करने और श्रम एवं प्रबंधकीय सेवाओं को उपलब्ध कराने की व्यवस्था करते हैं। एक पत्तन  के महत्व को नौगम्य के आकार और निपटाए किए गए जहाजों की संख्या द्वारा निश्चित किया जाता है।
                         अवस्थिति के आधार पर पत्तन दो प्रकार होते हैं- 
(a) अंतर्देशीय पत्तन- ये पत्तन समुद्री तट से दूर अवस्थित होते हैं। ये समुद्र से एक नदी अथवा नहर द्वारा जुड़े होते हैं। ऐसे पतन चौरस तल वाले जहाज या बजरी द्वारा ही गम्य होते हैं। उदाहरणस्वरूप- कोलकत्ता हुगली नदी जो गंगा नदी की एक शाखा है पर स्थित है। 
(b) बाह्य पत्तन- ये गहरे जल के पत्तन है जो वास्तविक पत्तन से दूर बने होते हैं। ये उन जहाजों, जो अपने बड़े आकार के कारण उन तक पहुँचने में अक्षम है, को ग्रहण करके पैतृक पत्तनों को सेवाएँ प्रदान करते हैं। उदाहरणस्वरूप एथेंस तथा यूनान में इसके बाह्य पत्तन पिरेइअस एक उच्च कोटि का संयोजन है। 
(ii) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से देश कैसे लाभ प्राप्त करते है?
उत्तर – दो या दो से अधिक देशों के बीच होने वाले व्यापार को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कहा जाता है। इससे व्यापारिक सदस्य देशों को निम्नलिखित प्रकार से लाभ  होते है –
◆ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार वस्तुओं के स्थानान्तरण के सिद्धांत पर निर्भर करता है जिससे व्यापारिक सदस्य देशों को लाभ पहुँचता है।
◆कीमतों और वेतन का समानीकरण से व्यापारिक सदस्य देशों को लाभ पहुँचता है।
◆ व्यापारिक सदस्य देशों में आपसी सहयोग एवं भाईचारा बढ़ता है, इससे इनके बीच मैत्रिक संबंध अच्छे बनते है।
◆ व्यापारिक सदस्य देशों में हर देश अपनी सर्वश्रेष्ठ सामान को बाजार में उतारता है जिससे अन्य आर्थिक क्रियाओं का विकास होता है।

◆ इसके अंतर्गत तकनीकी ज्ञान, संकृति एवं अन्य बौद्धिक ज्ञानों का आदान-प्रदान किया जाता है, इससे दोनों देशों को लाभ पहुँचता है।


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(खण्ड 1: मानव भूगोल के मूल सिद्धांत)

Part 1: Principal of Human Geography
बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर
(खण्ड 2: भारत- लोग और अर्थव्यवस्था)
Part 2: India- People and Economy

PREVIOUS YEAR QUESTION PAPER सम्पूर्ण हल सहित (बिहार बोर्ड भूगोल 12वीं कक्षा)

अध्याय 8 परिवहन एवं संचार 

इकाई-3 अध्याय 8 परिवहन एवं संचार

बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

(खण्ड 1: मानव भूगोल के मूल सिद्धांत)


अध्याय 8 परिवहन एवं संचार

अध्याय 8 परिवहन
1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए: 
(i) पारमहाद्वीपीय स्टुवर्ट महामार्ग किनके मध्य से गुजरता है?
(क) डार्विन और मेलबॉर्न
(ख) एडमंटन और एंकॉरेज
(ग) बैंकूवर और सेंट जॉन नगर
(घ) चेगडू और ल्हासा
उत्तर – (क) डार्विन और मेलबॉर्न
(ii) किस देश में रेल मार्गों के जाल का सघनतम घनत्व पाया जाता है?
(क) ब्राजील
(ख) कनाडा
(ग) संयुक्त राज्य अमेरिका
(घ) रूस
उत्तर – (ख) कनाडा
(iii) बृहद ट्रक मार्ग होकर जाता है-
(क) भूमध्य सागर हिंद महासागर से होकर
(ख) उत्तर अटलांटिक महासागर से होकर
(ग) दक्षिण अटलांटिक महासागर से होकर
(घ) उत्तर प्रशांत महासागर से होकर 
उत्तर – (क) भूमध्य सागर हिंद महासागर से होकर
(iv) ‘बिग इंच’ पाइप लाइन के द्वारा परिभाषित किया जाता है।
(क) दूध
(ख) जल
(ग) तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी)
(घ) पेट्रोलियम
उत्तर – (ग) तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी)
(v) चैनल टनल जोड़ता है 
(क) लंदन-बर्लिन
(ख) बर्लिन-पेरिस
(ग) पेरिस-लंदन
(घ) बार्सिलोना-बर्लिन
उत्तर – (ख) बर्लिन-पेरिस
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए:
(i) पर्वतों, मरुस्थलों तथा बाढ़ संभावित प्रदेशों में स्थल परिवहन की क्या-क्या समस्याएँ हैं?
उत्तर- पर्वतों, मरुस्थलों तथा बाढ़ संभावित प्रदेशों में स्थल परिवहन की निम्लिखित समस्याएँ हैं-
◆ विषम भौगोलिक कारकों का होना,
◆ सड़क एवं रेलमार्ग निर्माण के लिए आसानी से सामाग्री प्राप्त न होना,
◆ जनसंख्या घनत्व कम होना।
(ii) पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग क्या होता है?
उत्तर- वैसे रेलमार्ग जो पुरे महाद्वीप से होकर गुजरते हुए इसके दोनों छोरों को जोड़ते हैं उसे पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग कहते है। इसका निर्माण आर्थिक और राजनितिक कारणों से विभिन्न दिशाओं में लम्बी यात्राओं कि सुविधा प्रदान करने के लिए किया गया था।
(iii) जल परिवहन के क्या लाभ है?
उत्तर- जल परिवहन के निम्लिखित लाभ है-
◆ इसमें मार्गों का निर्माण नहीं करना पड़ता है।
◆ यह परिवहन काफी सस्ता पड़ता है।
◆जल परिवहन की उर्जा लागत की अपेक्षाकृत कम होती है।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।
(i) “एक सुप्रबंधित परिवहन प्रणाली में विभिन्न एक-दूसरे की संपूरक होती है,” इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- परिवहन योजक और वाहक उपलब्ध कराता है जिनके माध्यम से व्यापर संभव होता है।परिवहन, संचार एवं व्यापार, उत्पादन केंद्रों और उपभोग केंद्रों को जोड़ते हैं। परिवहन समाज की आधारभूत आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए रचा गया एक संगठित सेवा उद्योग है। परिवहन व्यक्तियों और वस्तुओं को एक स्थान से दुसरे स्थान तक वहां करने की सेवा या सुविधा को कहते है। जिसमें मनुष्यों, पशुओं तथा विभिन्न प्रकार की गाड़ियों का प्रयोग किया जाता है। इसके अंतर्गत परिवहन मार्गों, लोगों और वस्तुओं के वहन के लिए गाडियों, मार्गों के रख-रखाव और लदान, उतराव तथा वितरण का निपटान करने के लिए संस्थाओं का समावेश किया जाता है।
      विश्व परिवहन की प्रमुख विधाएँ हैं- स्थल, जल, वायु और पाइपलाइन आदि। इनका प्रयोग अन्तर्प्रादेशिक  तथा अंतरा-प्रादेशिक परिवहन के लिए किया जाता है और पाइपलाइन को छोड़कर प्रत्येक यात्रियों और माल दोनों का वहन करता है।
          
      किसी विधा की सार्थकता परिवहित की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं के प्रकार, परिवहन की लागतों और उपलब्ध विधा पर निर्भर करता है। वस्तुओं के अंतर्राष्ट्रीय संचलन का निपटान भारी वाहन जलयानों द्वारा किया जाता है। कम दूरी एवं एक घर से दूसरे घर की सेवाएं प्रदान करने में सड़क परिवहन सस्ता एवं तीव्रगामी है। किसी देश के भीतर स्थूल पदार्थों के विशाल परिणाम को लंबी दूरियों तक परिवहन करने के लिए रेल सर्वाधिक अनुकूल साधन है। उच्च मूल्य वाली; हल्की तथा नाशवान वस्तुओं का वायुमार्गों द्वारा परिवहन सर्वश्रेष्ठ होता है। परिवहन के लिए वायु यातायात अच्छी विधि है। एक सुप्रबंधित परिवहन तंत्र में ये विभिन्न विधाएँ एक-दूसरे की पूरक होती है।
(ii) विश्व की वे  कौन-से प्रमुख प्रदेश हैं जहाँ वायुमार्ग का सघनतंत्र पाया जाता है?
उत्तर – उत्तरी गोलार्द्ध में अंतर-महाद्वीपीय वायुमार्गों की एक सुस्पष्ट पूर्व-पश्चिम पट्टी है। पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका, पश्चिमी यूरोप और दक्षिण-पूर्वी एशिया में वायुमार्गों का सघन जाल पाया जाता है। विश्व के कुल वायुमार्गों के 60 प्रतिशत भाग का प्रयोग अकेला संयुक्त राज्य अमेरिका करता है। न्यूयार्क, लंदन, पेरिस, एमस्टर्डम और शिकागो नोडीय बिंदु हैं। जहाँ  अभिसरित होते हैं अथवा सभी महाद्वीपों की ओर विकरित होते हैं। 
       अफ्रीका, रूस के एशियाई भाग और दक्षिण अमेरिका में वायु सेवाओं का अभाव है। दक्षिण गोलार्द्ध में 10-35 अक्षांशों के मध्य अपेक्षाकृत विरल जनसंख्या, सीमित स्थलखंड और आर्थिक विकास के कारण सीमित वयुसेवाएँ उपलब्ध है।
(iii) वे कौन सी विधाएँ हैं जिनके द्वारा साइबर स्पेस मनुष्यों के समकालीन आर्थिकी और सामाजिक स्पेस की वृद्धि करेगा?
उत्तर – साइबर स्पेस विधुत द्वारा कम्पयूटरीकृत  स्पेस का संसार है। यह वर्ल्ड वाइड वेबसाइट जैसे इन्टरनेट द्वारा आवृत है। सरल शब्दों में यह भेजने वाले और प्राप्त करने वाले के शारीरिक संचलन के बिना कंप्यूटर पर सूचनाओं के प्रेषण और प्राप्ति कि विधुतीय अंकीय दूनियाँ है। इसे इन्टरनेट के नाम से भी जाना जाता है। साइबर स्पेस हर जगह विद्यमान है। यह किसी कार्यालय में जल में चलती नौका में, उड़ते जहाजों में और वास्तव में कहीं भी हो सकता है।

        प्रतिवर्ष करोड़ों लोग प्रतिवर्ष इंटरनेट का प्रयोग करते है। साइबर स्पेस लोगों के समकालीन आर्थिक और सामाजिक स्पेस को ई. मेल, ई. वाणिज्य, ई. शिक्षा और ई. प्रशासन के माध्यम से विस्तृत करेगा। फैक्स, टेलिविजन और रेडियो के साथ इंटरनेट समय और स्थान की सीमाओं को लांघते हुए अधिक लोगों तक पहुंचेगा। ये आधुनिक संचार प्रणालियाँ  हैं जिन्होंने परिवहन से कहीं ज्यादा वैश्विक ग्राम की संकल्पना को साकार किया है।


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