3. Best Spherical Diagram (गोलीय आरेख)

3. Best Spherical Diagram (गोलीय आरेख)

Spherical Diagram

गोलीय आरेख

गोलीय आरेख (Spherical Diagram):

   गोलीय आरेख (Spherical Diagram) एक प्रकार का आरेखीय निरूपण (Diagrammatic Representation) है, जिसमें विभिन्न संख्यात्मक मूल्यों को गोलों (Spheres) के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है। यह सामान्य वृत्तारेख (Circle Diagram) से मुख्यतः दो बातों में भिन्न होता है।

1. वृत्त के स्थान पर गोले का प्रयोग:

     वृत्तारेख में विभिन्न मूल्यों को वृत्तों (Circles) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है, जबकि गोलीय आरेख में इन्हीं मूल्यों को गोलों (Spheres) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

2. गोलों के अर्द्धव्यास का निर्धारण:

      गोलीय आरेख में गोलों के अर्द्धव्यास (Radius) दिए गए मूल्यों के घनमूल (Cube Root) के अनुपात में होते हैं।

     अर्थात् यदि दो मान A और B हैं, तो उनके गोलों के अर्द्धव्यासों का अनुपात होगा-

Spherical Diagram

इस प्रकार, गोलों का आकार केवल मूल्यों के सीधे अनुपात में नहीं, बल्कि उनके घनमूल के अनुपात में निर्धारित किया जाता है।

घनमूल ज्ञात करने की विधि

   किसी संख्या का घनमूल ज्ञात करने के लिए उसके लघुगणक (Logarithm) में 3 का भाग दिया जाता है। प्राप्त भागफल का प्रतिलघुगणक (Antilogarithm) उस संख्या का घनमूल प्रदान करता है।

अर्थात्-

     घनमूल प्राप्त हो जाने के बाद विभिन्न संख्याओं के लिए गोलों के अर्द्धव्यास निर्धारित किए जाते हैं।

गोलों के अर्द्धव्यास निर्धारित करने की प्रक्रिया

      सबसे पहले दिए गए आँकड़ों में से किसी सुविधाजनक न्यूनतम या अधिकतम मान का चयन किया जाता है और उसके घनमूल को प्रदर्शित करने वाले गोले का अर्द्धव्यास अपनी सुविधा के अनुसार निर्धारित कर लिया जाता है।

     इसके बाद अन्य सभी मानों के लिए अर्द्धव्यास उसी अनुपात में निकाले जाते हैं।

   उदाहरण के लिए, यदि किसी मान A के लिए अर्द्धव्यास RA निर्धारित है, तो किसी दूसरे मान B का अर्द्धव्यास होगा-

उपयोगिता

    गोलीय आरेख का प्रयोग विशेष रूप से जनसंख्या वितरण (Population Distribution) को प्रदर्शित करने वाले मानचित्रों में किया जाता है। बड़े नगरों की जनसंख्या को दिखाने के लिए प्रायः बड़े गोले बनाए जाते हैं, जबकि कम जनसंख्या वाले नगरों के लिए छोटे गोले बनाए जाते हैं।

संक्षेप में

वृत्तारेख → वृत्त (Circle)

गोलीय आरेख → गोला (Sphere)

गोले का अर्द्धव्यास → दिए गए मान के घनमूल के अनुपात में

उदहारण-1. निम्नलिखित आंकड़ों को गोलीय आरेख के द्वारा प्रकट कीजिए /Represent the following data by means of a spherical diagram.

भारत के महानगरीय शहरों की जनसंख्या, 1981

क्रम महानगर जनसंख्या
1 कलकत्ता 9,165,650
2 बृहद् मुंबई 8,202,759
3 दिल्ली 5,227,730
4 चेन्नई 4,276,635
5 बंगलोर 2,913,537
6 हैदराबाद 2,565,536
7 अहमदाबाद 2,515,195
8 कानपुर 1,685,308
9 पुणे 1,685,266
10 नागपुर 1,297,977
11 लखनऊ 1,006,843
12 जयपुर 1,004,669

हल:

     दिए गए आँकड़ों को निकटतम संख्याओं में परिवर्तित करके, निम्नलिखित विधि से गोलों के अर्द्धव्यास ज्ञात कीजिए।

गोलाकार आरेख के लिए निकटतम संख्या, धनमूल एवं गोले का अर्द्धव्यास

महानगर जनसंख्या निकटतम संख्या (लाख) घनमूल गोले का अर्द्धव्यास (सेमी)
कलकत्ता 9,165,650 91.66 4.505 2.00
बृहद् मुंबई 8,202,759 82.03 4.345 4.345/4.505×2 = 1.93
दिल्ली 5,227,730 52.28 3.740 3.740/4.505×2 = 1.66
चेन्नई 4,276,635 42.77 3.497 3.497/4.505×2 = 1.55
बंगलोर 2,913,537 29.14 3.077  3.077/4.505×2 = 1.37
हैदराबाद 2,565,536 25.66 2.949 2.949/4.505×2 = 1.31
अहमदाबाद 2,515,195 25.15 2.932 2.932/4.505×2 = 1.30
कानपुर 1,685,308 16.85 2.564 2.564/4.505×2 = 1.14
पुणे 1,685,266 16.85 2.564  2.564/4.505×2 = 1.14
नागपुर 1,297,977 12.98 2.351 2.351/4.505×2 = 1.04
लखनऊ 1,006,843 10.07 2.159 2.159/4.505×2 = 0.96
जयपुर 1,004,669 10.05 2.158 2.158/4.505×2 = 0.95

     उपरोक्त सारणी में सर्वाधिक जनसंख्या वाले महानगर (कलकत्ता) की जनसंख्या के घनमूल को दर्शाने वाले गोले का अर्द्धव्यास सुविधानुसार 2 सेमी माना गया है। इसी आधार पर अन्य महानगरों की जनसंख्या के घनमूल के अनुसार उनके गोलों के अर्द्धव्यासों की गणना की गई है।

सूत्र:

    गोले का अर्द्धव्यास = (संबंधित महानगर का घनमूल ÷ 4.505) × 2 सेमी

   जहाँ 4.505 सबसे अधिक जनसंख्या वाले महानगर (कलकत्ता) का घनमूल है।

  अब प्राप्त अर्द्धव्यासों के अनुसार गोले खींचकर उनमें संबंधित महानगरों की जनसंख्या प्रदर्शित कीजिए तथा आरेख पर उचित शीर्षक, संकेत एवं अन्य आवश्यक विवरण लिखिए।

Dr. Amar Kumar

Website: https://www.geographynotespdf.com

I ‘Dr. Amar Kumar’ am working as an Assistant Professor in The Department Of Geography in PPU, Patna (Bihar) India. I want to help the students and study lovers across the world who face difficulties to gather the information and knowledge about Geography. I think my latest UNIQUE GEOGRAPHY NOTES are more useful for them and I publish all types of notes regularly.

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