4. Soils of Bihar (बिहार की मिट्टियाँ)

4. Soils of Bihar

(बिहार की मिट्टियाँ)



       भूपटल के सबसे ऊपरी भाग में मिलने वाला असंगठित पदार्थ को मिट्टी कहते हैं। यह जैविक एवं अजैविक तत्वों के ऋतुक्षरण से प्राप्त मलवा के द्वारा निर्मित होता है। मृदा वनस्पति का मूल आधार होता है। मृदा का निर्माण उच्चावच, ढाल, जलवायु, चट्टानों की संरचना इत्यादि पर निर्भर करता है। बिहार की 90% क्षेत्र जलोढ़ मृदा के अन्तर्गत आता है। शेष 10% भाग अन्य प्रकार की मिट्टी है। भौतिक, रासायनिक तथा रचनात्मक विशेषताओं के आधार पर बिहार में 8 प्रकार की मिट्टी पायी जाती है।

1. पर्वतपदीय मिट्टी/भाँवर मिट्टी

2. तराई मिट्टी

3. बांगड़ मिट्टी

4. खादर मिट्टी

5. बलसुन्दरी मिट्टी

6. टाल मिट्टी

7. बल्थर या लाल-पीली मिट्टी

8. लाल बलूई मिट्टी

1. पर्वतपदीय मिट्टी या भावर मिट्टी

     पर्वतपदीय मिट्टी प० चम्पारण के उ०-प० भाग में शिवालिक पर्वत के पदीय भाग में मिलती है। यह नदियों के द्वारा लायी गई बोल्डर क्ले, कंकड़-पत्थर से निर्मित भूभाग है। कहीं-2 अधिक वर्षा एवं नमी के कारण दलदली मिट्टी का प्रमाण मिलता है जिस कारण प्रकृति अम्लीय होती है तथा जैविक पदार्थों की मात्रा अधिक होती है।

2. तराई मिट्टी

    तराई मिट्टी का विस्तार पर्वतपदीय मिट्टी के दक्षिणी भाग में हुआ है। इसका विस्तार प० चम्पारण से किशनगंज तक हुआ है। यह इसकी चौड़ाई 5 से 7 किमी० है। इसमें पर्याप्त मात्रा में नमी और हयूमस पायी जाती है। इसका रंग भूरा पीला, प्रकृति अम्लीय होती है। अत्यधिक नमी वाले क्षेत्र में यहाँ भी दलदली मिट्टी का विकास हुआ है। यह मिट्टी गन्ना, धान और जूट कृषि के लिए प्रसिद्ध है।

3. बाँगड़ मिट्टी

    इसे भांगर भा पुरानी जलोढ़ मिट्टी भी कहते हैं। इस मिट्टी का विकास तराई मिट्टी के दक्षिण में एक पट्टी के रूप में हुआ है। इसका सर्वाधिक विस्तार पूर्णिया और सहरसा के कोसी नदी घाटी क्षेत्र में हुआ है और ज्यों-2 पश्चिम की ओर जाते हैं त्यों-2 इसकी चौड़ाई कम होते जाती है।

    इस मिट्टी में चुने की मात्रा अधिक होने के कारण क्षारीय होती है। थोड़ा-बहुत बाँगड़ मिट्टी का विस्तार मुंगेर, भागलपुर, कैमूर और बक्सर जिला में भी देखा जा सकता है। इन जिलों में इस मिट्टी को “केवाल” मिट्टी कहा जाता है। इसका रंग गाढ़ा-भूरा और काला होती है। सिंचाई की सुविधा वाले प्रदेश में धान, गेहूँ की खेती की जाती है और असिंचित प्रदेशों में तेलहन और दलहन की खेती की जाती

4. खादर मिट्टी

     इसे “नवीन जलोढ़ मिट्टी” कहा जाता है। इसका निर्माण बाढ़ द्वारा लायी गयी मिट्टी के कारण होता है। इसका रंग भूरा और उर्वरता अधिक होती है। खादर मिट्टी में रेत बड़े पैमाने पर पायी जाती है। खादर मिट्टी में गेहूँ, धान और गन्ना के लिए उपयुक मानी जाती है। यह मिट्टी गंगा की घाटी, गण्डक, कोसी और महानन्दा नदी के निचली घाटी प्रदेश में पायी जाती है।

5. बलसुन्दरी मिट्टी

    यह बाँगड़ मिट्टी का ही एक विशिष्ट रूप है जिसमें बालू और क्ले की मात्रा अधिक होती है। इसका विस्तार सारण, गोपालगंज, सहरसा दरभंगा, मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में देखा जा सकता है। सारण और गोपालगंज में कहीं-2 बलसुन्दरी मिट्टी के ऊपर लवणीय मिट्टी का विकास हुआ है। बलसुन्दरी मिट्टी मक्का, गन्ना, गेहूँ, आम, लीची इत्यादि की खेती के लिए प्रसिद्ध है।

6. टाल मिट्टी

   टाल मिट्टी गंगा के दक्षिणी भाग में तट के सहोर 8-10 किमी० चौड़ी पट्टी में पायी जाती है। इस मिट्टी के निर्माण में गंगा नदी के द्वारा लायी गयी जलोढ़ को तटीय भागों में निक्षेपण करने से हुआ है। यह अत्याधिक उर्वर मिट्टी है। इसकी विशेषताएं खादर और बांगड़ मिट्टी से मिलती-जुलती है। वर्षा ऋतु में बाढ़ के पानी के कारण खरीफ फसल का उत्पादन नहीं हो पाता है लेकिन रबी की फसल बड़े पैमाने पर उगायी जाती है।

7. बल्थर या लाल-पीली मिट्टी

    इस मिट्टी का निर्माण छोटानागपुर से निकलने वाली नदियों के द्वारा लायी गयी मलवा के निक्षेपण से हुआ है। इसका रंग पीला या लाल होता है। यह मिट्टी कैमर पठार, राजमहल की पहाड़ी में पायी जाती है। इसमें जल-संग्रह करने की क्षमता कम होती है। लेकिन लोहे की मात्रा पर्याप्त होती है। यह सामान्यतः मोटे अनाजों के लिए प्रसिद्ध है।

8. लाल बलूई मिट्टी

     लाल बलूई मिट्टी का विस्तार कैमूर और रोहतास के पठारी भागों में देखा जा सकता है। इसमें बालू की मात्रा अधिक होती है। इसकी उर्वरा शक्ति भी कम होती है। यह भी मोटे अनाजों के लिए प्रसिद्ध है।

Soils of Bihar

चित्र: बिहार में मृदा का वितरण

निष्कर्ष

    इस तरह ऊपर के तथ्यों से स्पष्ट है कि बिहार में स्थानीय विशेषताओं के कारण अलग-2 क्षेत्र में अलग-2 मृदा का विकास हुआ है।


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3. बिहार की जलवायु

4. बिहार के भौगोलिक इकाई का आर्थिक विकास पर प्रभाव

5. बिहार की मिट्टियाँ

6. बिहार में सूखा

7. बिहार में बाढ़

8. बिहार का औद्योगिक पिछड़ापन

9. बिहार के आर्थिक पिछड़ेपन के कारण

10. बिहार का औद्योगिक प्रदेश

11. बिहार का कृषि प्रदेश

12. बिहार में कृषि आधारित उद्योग

13. बिहार में चीनी उद्योग

14. सिन्दरी उर्वरक उद्योग

15. बिहार की जनजातीय समस्या एवं समाधान

16. बिहार में ग्रामीण बस्ती प्रतिरूप

17. पटना नगर नियोजन/पटना का मास्टर प्लान

18. बिहार में नगरीकरण

19. बिहार में ग्रामीण बाजार केन्द्र

20. महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर


32. The functionalsim in Geography (भूगोल में कार्यात्मकवाद)

32. The functionalsim in Geography

(भूगोल में कार्यात्मकवाद)



प्रश्न प्रारूप

2. भूगोल में कार्यात्मकवाद की विवेचना करें ।

(Discuss the functionalsim in Geography.)

उत्तर- भिन्न-भिन्न विज्ञानों और भिन्न-भिन्न काल में कार्यात्मकवाद की परिभाषाएँ भी भिन्न-भिन्न स्वरूप लिए हैं। ‘क्रिया अथवा कार्य’ (Function) का तात्पर्य नीचे पाँच रूपों में व्यक्त है:

(i) समारोह अथवा उत्सव हेतु जन-समुदाय क्रियाएँ (विशेष-अवसर)

(ii) कार्य-भार अथवा कर्त्तव्य (राजनीतिक अर्थ)

(iii) एक ‘चर’ का दूसरे ‘चर’ से संबंध का फलन (गणितीय अर्थ)

(iv) जीवधारियों के संवारने हेतु क्रियाएँ (जीव विज्ञान व समाज विज्ञान)

(v) व्यवसाय (भूगोल के सन्दर्भ में आर्थिक क्रियाएँ)

     तात्पर्य है कि “सरल शब्दों में कार्यात्मकवाद व्यवसायों से जुड़ी अवधारणा है। वह समाज के कार्यों अथवा साामजिक व्यक्तियों की क्रियाएँ हैं।” विश्व को देखने का यह दृष्टिकोण एक ऐसा तंत्र है जो भिन्न-भिन्न, परन्तु अन्तः निर्भर बने तंत्रों का संकुल है। इसकी सम्मिलित क्रियाएँ पुनरावृत्तिजनक है, और पूर्वानुमानित हैं। इनका आकार-कार्य संबंधित है और यह सभी को अबाध बनाए रखने का तंत्र है-

     कार्यात्मकवाद के आधारभूत नियम निम्नलिखित हैं-

(i) समाजों का मूल्यांकन उनकी समस्तता (Wholeness) में किया जाना चाहिए।

(ii) घटित हुई सामाजिक क्रियाएँ वातावरण की अन्योन्याश्रित प्रकृति है। अनेक स्थितियों में ये कारण भी अनेक होते हैं।

(iii) सामाजिक तंत्र प्रायः साम्यावस्था की स्थिति (State of Equilibrium) है।

(iv) कार्यात्मकतावादी समाज के इतिहास में कम, परन्तु सामाजिक अन्तःक्रिया में अधिक रुचि रखते हैं।

(v) कार्यात्मकतावादियों के प्रयास सामाजिक ढाँचे के यौगिक घटकों के मध्य अन्तर्सम्बन्धों की खोज में निहित होते हैं।

      जीन ब्रून्स जैसे भूगोलवेत्ता एवं उनके समकालीन विद्वानों के शोध कार्यों में कार्यात्मक अथवा क्रियात्मक अभिगम उनकी रचनाओं में देखे जा सकते हैं। उन्नीसवीं सदी के अन्त में और बीसवीं सदी के प्रारम्भ काल में फ्रांसीसी विद्वानों को अविभाज्य समस्तता (Indivis- ible Wholeness) बताया। ‘प्रेदश’ (Region) को कार्यात्मक इकाई का जैविक क्षेत्र कहा जो उसके विभागों के योग से भी अधिक उच्च-स्तर की इकाई था और जीववत् क्रियाओं में बंधा था।

      आजकल भूगोल में कार्यपरकता की अवधारणा महत्त्वपूर्ण है। लोग मुंबई, टाटानगर और गुलमर्ग की पहचान क्रमशः एक प्रधान बन्दरगाह, लौह-इस्पात निर्माण केन्द्र और सैलानियों के स्थल के रूप में ही करते हैं। लघु नगरों की पहचान भी उनकी केन्द्र स्थानीय क्रियाओं व गुणों द्वारा की जाती है। इसी आधार पर उनका पदीय श्रृंखला-क्रम (Hierarchy) निर्धारित होता है। प्रत्येक स्थान को उसके दो प्रकार के व्यवसायों, एक ‘प्रकट’ (Manifest Function), और दूसरा ‘अप्रकट’ (Latent Function) के रूप में जाँचा जा सकता है। उदाहरणवत् टाटानगर का लोहा-इस्पात निर्माण कार्य-व्यवसाय प्रकट बना है, जबकि वहाँ के अन्य कार्य-शैक्षिक, सामाजिक, आदि ‘अप्रकट’ व्यवसाय हैं।

     कार्यात्मकतावाद की अलोचना संकल्पनात्मक व कार्य-पद्धतियों, दोनों आधारों पर की जाती है। कार्यात्मकतावाद भौगोलिक यथार्थता को एक संतुलित दशा (Equilibrium) में देखने की संकल्पना है। इसके विपरीत प्रयोजनमूलक (Teleology) एक ऐसा तंत्र है जो भौगोलिक यथार्थता को स्थिर (Static) मानकर उद्देश्यपरक घटना समझती है और परिवर्तनशील है।

     समाज को एक तंत्र में संरचित बना कहने से अन्य समकालीन समस्याएँ, जैसे गरीबी, अकाल, रोग, प्रजातीयता आदि की व्याख्या अछूती ही रह जाएगी। यथार्थता अपूर्ण ही प्रकट होगी। एक तंत्र सीमित उद्देश्य की ओर उन्मुख है, और अन्तर्सम्बन्धित अनेक उपतंत्र व प्रक्रियाएँ महत्त्वहीन ही समझी जाती है। कार्यात्मकतावाद की यह मुख्य कमी है।

     सामाजिक नियंत्रण में विश्वास व्यक्त करने के कारण कार्यात्मकवाद की आलोचना होती है, क्योंकि उस आधार पर परिवर्तनशील दृश्य जगत् की यथार्थता की व्याख्या नहीं हो सकती। सामाजिक परिवर्तन को कार्यात्मकवाद स्पष्ट नहीं करता है।

     तार्किक और पद्धति के आधार पर कार्यात्मकवाद की आलोचना सोद्देश्यवादियों ने की है। दृश्य-जगत् द्वारा स्थान की यथार्थता और स्थान का अधिग्रहण कारण परक नहीं है। (Not by Reference of Causes) अर्थात् स्थानिक घटना कारण-मूलक नहीं घटित बनी है। यह प्रयोजन मूलक घटित बनी है, क्योंकि स्थान को किसी प्रयोजन के लिए उपयोग में लिया गया। (A Given Situation by Reference to Ends Which Determine Its Course) दृश्य-जगत् में प्रकृति ने गिद्धों को इस उद्देश्य हेतु स्थान दिया कि वे शव (मृत जीवों) से पृथ्वी की सतह को मुक्त रखें।

     यद्यपि इसी कार्य के लिए वस्तु-जगत् में अन्य विकल्प (Alternatives of Substitutes) भी है। परन्तु, विकल्पों को समान प्रकार के पारिस्थितिक तंत्र (Eco-System) का ही होना चाहिए। ऐस्किमो ने गाड़ी व अग्नि जैसे विकल्पों को प्रयोग में लाकर आर्कटिक जीव जगत् के नाजुक तंत्र को अव्यवस्थित (Up-Set) किया है।

     उपर्युक्त तर्कपूर्ण विवरण से कार्यात्मकतावाद में निम्नलिखित छः अवधारणाओं का उपयोग भूगोलवेत्ताओं द्वारा किया जाता है। ये अवधारणाएँ दृश्य-जगत की यथार्थता में अन्त: संबन्धित हैं-

(i) कार्य-व्यवसाय,

(ii) कार्यपरक विकल्प,

(iii) उद्देश्य,

(iv) प्रारूप-संवार, स्व-नियंत्रण अथवा यथा स्थिति

(v) अनुकूलता, और

(vi) एकीकरण।

   भूगोल में कार्यपरक प्रदेश (Functional Region) से अभिप्राय प्रदेश का समस्तता में बंधी संरचित इकाई के रूप में कार्य सम्पादन से है। वह अपने समस्त तंत्र में आंतरिक एवं बाह्य-तंत्रों की क्रियाओं द्वारा आवश्यकताओं की पूर्ति कर उद्देश्यमूलक प्रदेश है।

31. The Post-modernism and Feminism in Geography (भूगोल में उत्तर आधुनिकता एवं नारीवाद)

31. The Post-modernism and Feminism in Geography

(भूगोल में उत्तर आधुनिकता एवं नारीवाद)



प्रश्न प्रारूप

Q. भूगोल में उत्तर आधुनिकता एवं नारीवाद की विवेचना करें।

(Discuss the Post-modernism and Feminism in Geography.)

उत्तर- मानवीय ज्ञान, दर्शन और समाजिक विज्ञानों व कला में आजकल उत्तर आधुनिकता का आन्दोलन चला है। वह आधुनिक भूगोल में ऐतिहासिकता की प्रतिक्रिया है। ऐतिहासिकतावाद का जोर व्यक्तियों एवं सामूहिक घटनाओं के काल क्रमानुसार वर्णन पर होता है और यह स्थानिकता को नजर अंदाज करता है।

सोजा (Soja, 1989) की राय में ऐतिहासिकतावाद सामाजिक जीवन पर ऐतिहासिक सन्दर्भ की अतिवादी दृष्टि है। वह भौगोलिक अथवा स्थानिक सोच को सामाजिक सैद्धांतिक विश्लेषण के दौरान हाशिए में धकेल देता है। काल की महत्ता में ‘स्थान’ गौण रह जाता है। इससे सामाजिक-जगत् की परिवर्तनशीलता का भौगोलिक निर्वचन अस्पष्ट रह जाता है।

     भूगोल में उत्तर आधुनिकता का जोर सामाजिक और भौगोलिक जाँच-पड़ताल के दौरान खुलेपन पर आधारित है। यह विषमांगता से युक्त पचमेल प्रयोग है। इसमें कलात्मक प्रयोग व राजनीतिक सशक्तता सम्मिलित है। इसका उद्भव स्थापत्य कला व साहित्य के सिद्धान्तों में निहित है। इसके केन्द्र बिन्दु अथवा नाभि (Core) की पहचान कठिन है।

डियर (Dear, 1944) के अनुसार- “Post-modernity is everywhere, from literature, design, art, architecture, philosophy, mass media, clothing, style, music and television. Post modernism raises urgent questions about place, space and landscape in the production of social life.”

अर्थात् उत्तर आधुनिकता सभी ओर है, वह साहित्य में, कला व डिजायन में, सत्यासत्य में, दर्शन और जनसंचार साधनों में, पोशाक के तौर-तरीकों व संगीत, दूरदर्शन सभी में मौजूद है।

     सामाजिक जीवन को गतिवान रखने में उत्तर आधुनिकता स्थान, क्षेत्र और दृश्य-जगत् के बारे में आवश्यक प्रश्नों को खड़ा करता है।

    उत्तर आधुनिकता का समर्थन करने वालों का तर्क है कि सामाजिक व ऐतिहासिक प्रक्रियाओं की रचना भिन्न-भिन्न स्थानों व प्रदेशों में भिन्न-भिन्न स्वरूपों में हुई है, इसलिए ऐतिहासिक धारा सर्वत्र समान रूप से प्रवाहित नहीं बनी है। उदाहरणवत् आजकल के उपन्यासों की संरचना अस्त-व्यस्त है और आजकल की स्थापत्य कला मूल्यों से वचित बन उठी है।

    भूगोलवेत्ता ने समकालीनता की समस्या को बहुत पहले ही पहचाना जैसा कि डारबी (Darby) ने इंगित किया-

   ऐतिहासिक तथ्यों के सिलसिले को प्रस्तुत करने की अपेक्षा भौगोलिक तथ्यों के क्रमों को व्यक्त करना अधिक कठिन है। घटनाएँ एक के पश्चात दूसरी नाटकीय रूप में समयबद्ध घटित होती हैं। उनको समय बद्ध लिपिबद्ध करना सरल है, परन्तु उनको स्थान में सान्निध्य बनाना कठिन है।

  भौगोलिक विवरण अनिवार्यतः कठिन क्रिया है, जबकि ऐतिहासिक वर्णन अपेक्षाकृत सरल है। डियर (1986) ने उत्तर आधुनिकतावाद को तीन घटकों में विभक्त किया है-

(1) उत्तर आधुनिक शैली,

(2) उत्तर आधुनिक विधि और

(3) उत्तर आधुनिक काल।

(1) शैली रूप में:-

     उत्तर आधुनिकता साहित्य व साहित्यिक समालोचन में शैली रूप में व्यक्त है जहाँ से वह फिल्म, डिजायन, कला, फोटोग्राफी और स्थापत्य में फैला। इसकी सामान्य दिशा और संरचना में समरूपता व अनुरूपता का अभाव प्रवेश कर गया। स्थापत्य शैली की आलोचना उसके दिखावे में भिन्नता, रंग, डिजायन व प्रतिमा-विज्ञान के आधार पर की गई है। वह मात्र उथली व ऊपरी सतही बन शेष रही।

(2) विधि रूप में:-

     विधि रूप में उत्तर आधुनिकता सार्वभौमिक सत्य से परहेज करती है और इसके सोच में सभी कुछ समाया हुआ था। इसका किसी भी अर्थ में प्रयोग होने लगा और विधि निराधार बन उठी। अतः, इसका मूल्यांकन ही दुर्लभ बन गया। इससे रचना सिद्धान्त ही भिन्न भिन्न बन उठा और लेखक को संस्कृति, वर्ग, लिंग आदि सभी प्रभावित बनने लगे जिससे लेखक की स्थिति ही डगमगा गयी। विधि स्वयं लड़खड़ा गयी और विकल्प भी ढीले व कमजोर बन गए। लेखन-विधि में अस्थिरता विकसित हो गई।

       मानव भूगोल में ओलसन (Olsson, 1980) जो रचना के बिखराव के प्रारम्भिक समर्थक थे, उनको नवोन्मेष के अभ्यासी के रूप में जाना जाता है। रचना की तोड़-मरोड़ वस्तुतः अस्थिर विधि का ही परिणाम है।

(3) काल-अवधि के रूप में:-

     उत्तर आधुनिकतावाद का युग उसे ही माना जा सकता है जब संस्कृति सहित दार्शनिक सोच में परिवर्तन उत्पन्न हुआ। भूमण्डीलय अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति का विकास बदले स्वरूप में प्रकट बना और विलम्बित पूँजीवादी सांस्कृतिक प्रकट हुई जो भूतकालीन युग की संस्कृति से बिलकुल भिन्न है।

      नए युग की इस संस्कृति के अन्तर के अध्ययन की विशेषताओं में अनिश्चितता, कृत्रिम, घिसे-पिटे पुराने कुरुचिपूर्ण रंग-ढंग भरे पड़े हैं। अव्यवस्था को ही व्यवस्था मान लिया गया और मुख्य जोर दिया गया विषमता एवं अनूठे कृत्यों पर (ग्रिगरी 1989) ‘न्यूयार्क टाइम्स’ से उद्धृत टिप्पणी की सार्थकता उत्तर आधुनिकतावाद के विषय में व्यक्त है- “The great lesson of the 20th century is that all the great truths are false,” अर्थात्, 20वीं सदी की सबसे बड़ी सीख यही है कि सभी महान् ‘सत्य’ असत्य सिद्ध हुए हैं।

     मानव भूगोल के विद्धानों ने स्थानिक विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए आधुनिकतावाद की ‘व्यवस्था’ (System) पर जोर दिया परन्तु, आनुभाविक प्रेक्षणों (Empirical Observations) ने सिद्ध किया कि आधुनिकतावाद में अव्यवस्था (Disorder) के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है। यह ऐसी अव्यवस्था है जिसमें न तो कोई लागू करने हेतु सिद्धांत है और न विश्व व्यापक सत्य। बार्न्स (Barnes, 1996) आधुनिकतावाद के आलोचकों के हाथों में दार्शनिक सोच का ऐसा मंत्र आ गिरा जो-

     “आधुनिकतावाद को ‘अव्यवस्था भरा जगत्’ कहने में संकोच नहीं है। हम जिस प्रकार के आधुनिक जगत् में इस समय रह रहे हैं वह नव सैद्धांतिक अतिसंवेदनशीलता से भर उठा है, जहाँ जो कुछ भी करें, सभी सही मान लिया जाता है। क्षेत्र में व्याप्त विभिन्नताएँ भी ऐसी अव्यवस्थित बन गयी हैं। (Gregory, 1989)”

    वस्तुतः मानव भूगोल में उत्तर आधुनिकतावाद उत्तरकालीन प्रतिमान अथवा प्रकरण हैं जिनमें न तो कोई सुरुचिपूर्ण सोच और न यथार्थ। इसके समर्थकों ने वातावरणीय, नियतिवाद, आदि तंत्रों को नकार दिया। 1950 से 1980 के मध्य विकसित भौगोलिक अभिगमों का उत्तरकालीन आधुनिकवाद में कोई स्थान नहीं रहा। वे यह भी स्वीकार नहीं करते कि सामाजिक जीवन में किसी प्रकार की भूमण्डलीय सुसंगति है और प्रति दिन का जन-जीवन प्रणाली किसी पूर्व-शैली और मूल्यों द्वारा संचालित बनी हैं।

    उत्तर आधुनिकवादी ‘क्षेत्रीय’ विभिन्नताओं के सोच की ओर लौटे अवश्य हैं, परन्तु यह वापसी भिन्न प्रकार की है जिसमें ऐसे विश्व की सोच है जो अतिसंवेदनशीलता से भरी है, जहाँ न कोई नीति, न सिद्धांत और न संरचना ही है। वहाँ विषमता, विशिष्टता (व्यवस्था रहित) और अनूठापन जो कुछ भी करने, सोचने और बरतने में संकोच नहीं रखते। इनके मतानुसार “… we need, to go back in parts on the question of areal differentiation, but armed with a new theoretical sensivity towards the world in which we live and to the ways in which we live and to the ways in which we represent it.” (Gregory)

उत्तर आधुनिकता एवं नारीवाद (Post-modernism and Feminism)

    जाति प्रजाति के अतिरिक्त अनेक महत्वपूर्ण संबंधों में से लिंग का तत्व भी उत्तर-आधुनिक साहित्य से संबंधित है। नारीत्व भूगोल आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप में दैनिक जन-जीवन से अन्तर्सम्बन्धित है। दूसरे रूप से व्यक्त करें तो यह लिंग-कारक है जो आजकल असमानता और प्रताड़ना जैसे सामाजिक अभिशाप का शिकार है।

      जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में नारी के प्रति भेद-भाव किया जाता है और नारी-दमन समाज में व्यापक बन चुका है। नारी विषयक भेद-भाव को उजागर बनाना और उसका विरोध भूगोल पेशेवरों में अध्ययन के अनेक उद्देश्यों में से एक उद्देश्य है।

जॉनसन (1989) के अनुसार नारीवाद भूगोल में महिलाओं के सामान्य अनुभवों की पहचान करना, पुरुषों द्वारा दमन के प्रति उनका प्रतिरोध और उसको अन्त करने की प्रतिबद्धता आदि विषय सम्मिलित है। नारीवाद भूगोल का उद्देश्य ‘नारी अभिव्यक्ति को प्रकट बनाना और अपने को नियंत्रित करना’ है। भूगोल का सोच और भौगोलिक अभ्यास प्रधानरूप से लिंग-दोष से ग्रसित बना है। भूगोल में केन्द्रित पितृ सत्ता और लैंगिकता केन्द्रित रहे हैं। इनसे मुक्ति राजनीतिक उपायों से मिलेगी।

रोज (Rose, 1993) जैसे नारीवादी भूगोलवेत्ताओं ने जोर देते हुए व्यक्त किया है कि-

1. भूगोल का व्यवस्थित विषय ऐतिहासिक रूप से पुरुष प्रधान है।

2 भूगोल- पेशे में महिलाओं को मात्र निरीह माना गया है और इसी रूप में संरिक्षत किया। वस्तुतः महिलाओं को भूगोल ने हाशिए पर लाकर उनकी उपेक्षा की और उनको सताया है।

3. ‘नारीवाद’ भूगोल के प्रोजेक्टों एवं शोध-विषयों से अछूता विषय बना रहा, और

4. पुरुषों द्वारा भूगोल में प्रभुत्व के कारण इसके दूरगामी दुष्परिणाम निकले हैं। स्थानों अथवा क्षेत्रों और भू-दृश्य जगत् के निवर्चन एकांगी हैं जहाँ प्रेक्षणों व आनुभाविक ज्ञान केवल पुरुष-दृष्टि-प्रधान है।

    अतएव, नियमानुरूप भूगोल विज्ञान (The Discipline of Geography) पुरुष-प्रधान (Masculinist) ही है जिसमें महिलाओं से संबंधित सोच की उपेक्षा है। लिंग भेद-भाव, वस्तुतः मानवीय कृत्य है। समाज के प्रभुत्वशाली समूहों ने समाज में अपने ही दृष्टिकोण से दृश्य-जगत् एवं प्रकृति को देखा और निर्वचित किया। यह भी कहें तो अत्युक्ति नहीं है कि पुरुषों ने अपने द्वारा की गई धरातल की व्याख्या को समाज पर थोपा है। उनके भौगोलिक विवरण स्त्री-पुरुष भेद-भाव की ओर इंगित नहीं बने हैं। वे केवल जाति-प्रजाति और वर्गों तथा यौन-उन्मुख भेदों से भरे हैं।

       उत्तर आधुनिक मानव भूगोलवेत्ताओं ने इस दिशा में निम्नांकित रूप-रेखा शोध हेतु प्रस्तुत की। इसके प्रधान विषय हैं-

1. नीति-संगत दार्शनिकता, नैतिक भूगोल और भूगोलवेत्ताओं का सदाचरण (Moral Philosophy, Moral Geographies and the Geographer’s Morality):-

    इसके अन्तर्गत भूगोल में आर्थिक केन्द्र बिन्दु के स्थान पर जीवनोपयोगी नैतिक-संरचना को विकसित बनाना है।

2. सामाजिक भेद-भाव की प्रक्रियाएँ (Social Differentiation):-

     इसमें जाति, प्रजाति, वर्ग, यौनाचरण, आयु व स्वास्थ्य विषयक सराहना की और ध्यानाकर्षण द्वारा स्थानिक विभिन्नताओं एवं परिवर्तनशीलता का निर्वचन करना सम्मिलित है।

3. ताक (टांड) की रचना और सीमांकन (Shelf Construction):-

      भूगोलविदों द्वारा इसमें विभिन्न श्रेणियों के व्यक्ति व्यक्तियों में परस्पर संबंध और मनोविश्लेषणात्मक साहित्य में ऐसे विषयों की चर्चा जिनका पूर्व में उल्लेख नहीं हुआ है।

4. भूमण्डलीय और प्रदेशीयता (Globality and Territoriality):-

      इसमें स्थानों में व्यक्तियों व समूहों की अवस्थिति विषयक चर्चा और उनके सांस्कृतिक अभ्यासों का निर्वचन सम्मिलित है, और

5. समाज, संस्कृति और प्राकृतिक वातावरण (Society, Culture and Natural Environment):-

     इसके अन्तर्गत विषयों में ‘प्रकृति’ एवं ‘वातावरण’ की सामाजिक रचना की व्याख्या और वातावरणीय समस्याओं के निराकरण हेतु अपनाए गए अभिगमों की महत्ता का उल्लेख होना चाहिए।

     उत्तर आधुनिकता और तर्क प्रधान उत्तरकालीन नारीवाद का मन्तव्य है कि भूगोल में एक पृथक श्रेणी के रूप में महिलाओं की स्थिति, समस्या और स्थानिक निर्वचन को अलग-अलग समूहों से जोड़ा जाए तथा भिन्न उनकी आवश्यकताओं और अनुभवों की व्याख्या की जाए जो अभी तक भूगोल साहित्य में नदारद सामग्री है।

1. India with neighboring countries (पड़ोसी देशों के साथ भारत)

1. India with neighboring countries
(पड़ोसी देशों के साथ भारत)



➤ हमारे देश का नाम- भारत अर्थात इण्डिया है।

➤ भारत का अन्य नाम- हिन्दुस्तान, आर्यावर्त, भारतवर्ष, जम्मूद्वीप, हिन्द,

➤ भारत का नाम भारत एक पौराणिक राजा दुष्यन्त के पुत्र भरत के नाम पर पड़ा है।

➤ भारत का संवैधानिक नाम- ” India that is Bharat.”

➤ भारत को इण्डिका से सबसे पहले यूनानियों ने सम्बोधित किया।

➤ जबकि अरबवासियों ने भारत को सबसे पहले हिन्दुस्तान से सम्बोधित किया। (अमीर खुसरो)

➤ भारत को आंग्ल भाषा में इंडिया कहते है।

➤ ‘इण्डिया ‘ शब्द की उत्पति “Indus” (सिन्धु) नदी से हु‌आ है।

➤ फारसवासी ‘स’ अक्षर का उच्चारण ‘ह’ के रूप में करते हैं। फलतः ‘सिन्धु शब्द से हिन्दू शब्द की उत्पति हुई और हिन्दू से हिन्दुस्तान शब्द की उत्पति हुई।

➤ भारत के उतरी भाग को आर्यावर्त और दक्षिणी भाग को ‘दक्षिणावर्त’ कहते हैं।

➤ भारत की चौहद्दी

उतर- हिमालय, (तिब्बत) चीन, अफगानिस्तान, नेपाल

पश्चिम- पाकिस्तान, अरब सागर

पूरब- म्यानमार, बंगाल की खाड़ी, बाँग्लादेश, इण्डोनेशिया

दक्षिण- हिन्द महासागर, श्रीलंका, मालदीप।

India with neighboring

➤ भारत के पड़ोसी देशों के साथ लगने वाले सीमा की लम्बाई-

(1) बांगलादेश के साथ- 4096 Km (सबसे ज्यादा)

(2) चीन- 3917 km

(3) पाकिस्तान- 3310 km

(4) नेपाल- 1761 km

(5) म्यानमार- 1458 km

(6) भूटान- 587 Km

(7) अफगानिस्तान- 80 km (सबसे कम)

➤ भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश के पास जो सीमा लगती है उसे मैकमोहन रेखा कहते हैं।

➤ भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित सीमा को रेड क्लीफ लाइन और L.O.C. (Line of Control) के नाम से जानते हैं।

➤ पाक अधिकृत कश्मीर और भारत अधिकृत कश्मीर के बीच की सीमा रेखा L.O.C. (Line of Control) के नाम से जानते हैं।

➤ पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित सीमा को डूरण्ड लाइन ( लम्बाई 2430 km) के नाम से जानते हैं। 

➤ भारत का कुल क्षेत्र- 32,87,263 km²

➤ भारत की स्थल सीमा की कुल लम्बाई 15,200 km है।

➤ भारत की समुद्री सीमा की कुल लम्बाई मुख्य भूमि के साथ 6100 km और द्वीपीय सीमा के साथ 7516.6 km है।

➤ भारत की स्थलीय सीमा सर्वाधिक बांग्लादेश के साथ लगती है।

➤ भारत का सबसे लम्बा समुद्री तट वाला राज्य गुजरात है।

➤ समुद्री सीमा की लम्बाई के अनुसार राज्यों का क्रम-

1. गुजरात

2. आन्ध्र प्रदेश 

3. तमिलनाडु

4. महाराष्ट्र

➤ प्रादेशिक समुद्री सीमा 12 समुद्री मील निर्धारित किया गया है।

➤ समुद्र में प्रादेशिक समुद्री सीमा (12 नॉटिकल मील) तक भारत का सम्पूर्ण अधिकार है।

➤ प्रादेशिक समुद्री सीमा के बाद जो समुद्र आती है उसे संलग्न क्षेत्र कहते हैं। संलग्न क्षेत्र प्रादेशिक सीमा से 24 समुद्री मील तक होता है। यह वह क्षेत्र है जिससे कोई देश सीमा शुल्क वसूलने, साफ-सफाई और वित्तीय अधिकार (कारोबार करने का अधिकार) का अधिकार रखते हैं।

➤ संलग्न क्षेत्र के आगे 200 समुद्री मील तक की समुद्री सीमा को एकांकी आर्थिक क्षेत्र (EEZ- Exclusive Economic Zone ) कहते हैं।

➤ एकांकी (अनन्य) आर्थिक क्षेत्र में भारत देश को 3 तरह के अधिकार प्राप्त है-

(i) 200 समुद्री मील तक भारत नये द्वीपों का निर्माण कर सकता है।

(ii) वैज्ञानिक परीक्षण करने का अधिकार।

(iii) प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का संपूर्ण अधिकार

नोट: 1 मानक मील = 1.6 km (1.584 km) 

1 समुद्री मील या नॉटिकल मील = 1.8 Km (1.824 km)

➤ प्रादेशिक समुद्री सीमा वह सीमा है जिस पर राज्यों का अधिकार होता है।

➤ एकांकी आर्थिक क्षेत्र संलग्न क्षेत्र के आगे 200 नॉटिकल मील तक निर्धारित किया गया है। इस पर केन्द्र सरकार का अधिकार होता है।
➤ भारत पूर्णतः उत्तरी गोलार्द्ध का देश है।

➤ भारत का देशान्तरीय विस्तार- 68º7′ पूर्वी देशांतर से 97º25′ पूर्वी देशांतर

➤ भारत के मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार- 8º4′ उत्तरी अक्षांश से 37º6’उत्तरी अक्षांश

➤ अगर द्वीपों के साथ भारत का अक्षांशीय विस्तार देखा जाय तो पाते हैं कि इसका विस्तार 6º4′ उत्तरी अक्षांश से 37º6′ उत्तरी अक्षांश तक है।

➤ भारत एशिया महाद्वीप का एक प्रमुख देश है।

➤ यह एशिया के दक्षिण भाग में स्थित है।

➤ भौगोलिक संरचना के दृष्टि से भारत गोण्डवाना भूखण्ड पर स्थित है।

➤ भारत के मध्य से (प्रयागराज के पास मिर्जापुर से) 82º½ पूर्वी देशान्तर रेखा गुजरती है।

➤ कर्क रेखा (23º½ उत्तरी अक्षांश रेखा) भारत के 8 राज्यों से होकर गुजरती है।

(1) गुजरात

(2) राजस्थान

(3) मध्य प्रदेश (M.P)

(4) छतीसगढ़

(5) झारखण्ड

(6) पश्चिम बंगाल (W.B.)

(7) त्रिपुरा

(8) मिजोरम

➤ मुख्य भूमि का सबसे दक्षिणी बिंदु कन्याकुमारी विषुवत रेखा से 876 किमी० दूरी पर स्थित है।

➤ भारत की आकृति- चतुष्कोणीय

➤ क्षेत्रफल के दृष्टि से भारत विश्व का 7वाँ सबसे बड़ा देश है। विश्व के कुल क्षेत्रफल का 2.4% भूमि भारत के पास है।

➤ भारत से बड़े देशों का क्रम- रूस> कनाडा> संयुक्त राज्य अमेरिका> चीन> ब्राजील> ऑस्ट्रेलिया> भारत

➤ भारत का उत्तर से दक्षिण की लम्बाई- 3214 किमी०

➤ पूरब से पश्चिम की लम्बाई- 2933 किमी०

➤ भारत के तीन ओर समुद्र स्थित है, इसलिए दक्षिण भारत को प्रायद्वीपीय भारत कहते हैं।

➤ प्रायद्वीपीय भारत 1600 किमी० दुरी तक समुद्र में घुसा हुआ है।

➤ भारत का सबसे दक्षिणी बिन्दु- इंदिरा प्वाइंट / पिग्मेलियन प्वाइंट/पारसान प्वाइंट (ग्रेट निकोबार में)

➤ यह 2004 में सूनामी लहरों के कारण समुद्र में जलमग्न हो गया।

➤ भारत के मुख्य भूमि पर कन्याकुमारी (केप कोमोरिन) सबसे दक्षिण में स्थित है।

➤ सबसे उत्तरी भाग- इंदिरा कॉल (जम्मू और कश्मीर)

➤ सबसे पश्चिमी भाग- राजहर क्रिक (झील) / गौरमाता (मूल द्वारिका)

➤ सबसे पूरबी भाग- वालांगू/कीवुतु (अरुणाचल  प्रदेश)

➤ भारतीय उपमहाद्वीप = भारत, पाकिस्तान, नेपाल भूटान, बांग्लादेश

➤ भारत के उत्तर-पश्चिम, उत्तर तथा उत्तर-पूर्वी सीमा पर नवीनतम वलित पर्वत है।

➤ इसके दक्षिण का भूभाग उत्तर में चौड़ा है और 22º उत्तरी अक्षांश से हिन्द महासागर की ओर संकरा होता गया है।

➤ 1869 में स्वेज नहर के खुलने से भारत-यूरोप के बीच की दूरी 7000 किमी० कम हो गई है।

➤ बांग्लादेश की सीमा पर स्थिति राज्य-

(1) पश्चिम बंगाल (W.B)

(2) असम

(3) मेघालय

(4) त्रिपुरा

(5) मिजोरम

➤ म्यानमार की सीमा पर स्थित राज्य-

(1) अरुणाचल प्रदेश

(2) नागालैण्ड

(3) मणिपुर

(4) मिजोरम

➤ भूटान की सीमा पर स्थित भारतीय राज्य-

(1) सिक्कीम

(2) पश्चिम बंगाल (W.B)

(3) असम

(4) अरुणाचल प्रदेश

➤ नेपाल की सीमा पर स्थित भारतीय राज्य-

(1) उत्तराखण्ड

(2) उत्तर प्रदेश (UP)

(3) बिहार

(4) पश्चिम बंगाल (W.B)

(5) सिक्किम

➤ चीन की सीमा पर स्थित भारतीय राज्य-

(1) लद्दाख

(2) हिमाचल प्रदेश

(3) उतराखण्ड

(4) सिक्किम

(5) अरुणाचल प्रदेश

➤ पाकिस्तान की सीमा पर स्थित भारतीय राज्य-

(1) जम्मू और कश्मीर

(2) पंजाब

(3) राजस्थान

(4) गुजरात

➤ श्रीलंका भारत से पाक जलसन्धि और मन्नार की खाड़ी से अलग होता है।

➤ निकोबार और सुमात्रा ग्रेट चैनल से विभक्त होता है।

➤ भारत के अक्षांश और देशान्तर का विस्तार लगभग 30º है।

➤ अक्षांश का प्रभाव दक्षिण से उत्तर की ओर दिन और रात की अवधि पर पड़‌ता है।

➤ ध्रुवों की ओर जाते समय दो देशान्तर रेखाओं के बीच की दूरी घटती जाती है, जबकि दो अक्षांशों के बीच की दूरी हर जगह एक-सी रहती है।

➤ अक्षांश रेखाओं के मानों से ज्ञात होता है कि भारत का दक्षिणी हिस्सा उष्णकटिबंध में और उत्तरी हिस्सा उपोष्ण कटिबंध/ कोष्ण शीतोष्ण कटिबंध में स्थित है।

➤ यही स्थिति देश में भू-आकृति, जलवायु, मिट्टी के प्रकारों और वनस्पति में पाई जाने वाली भारी भिन्नता के लिए उत्तरदायी है।

➤ भारत के अक्षांक्ष रेखाओं के मानों का अंतर- 30º (लगभग)

➤ भारत के देशांतर रेखाओं के मानों का अंतर- 30º (लगभग)

➤ अरुणाचल प्रदेश में सूर्योदय के होने के 2 घंटे बाद द्वारका में सूर्योदय होता है।

➤ विश्व के देशों में आपसी समझ के तहत मानक याम्योत्तर को 7½º या 7°30′ देशांतर के गुणक पर चुना जाता है। यही कारण है कि 82º30′ याम्योत्तर को भारत की मानक याम्योत्तर चुना गया है।

➤ भारतीय मानक समय ग्रीनवीच माध्य समय से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।

➤ कुछ देश ऐसे हैं जिनमें अधिक पूर्व-पश्चिम विस्तार के कारण एक से अधिक मानक देशान्तर रेखाएँ हैं। जैसे-USA में 6, रूस में 7 समय कटिबंध है। 

➤ भारत के राज्य एवं संघीय क्षेत्र

राज्य

क्रमांक राज्य  राजधानी
1. अरुणाचल प्रदेश ईटानगर
2. असम दिसपुर
3. बिहार पटना
4. छतीसगढ़ रायपुर
5. गोवा पणजी
6. गुजरात गांधीनगर
7. हरियाणा चंडीगढ़
8. हिमाचल प्रदेश शिमला
9. झारखण्ड राँची
10 कर्नाटक बंगलोर
11. केरल तिरुवनन्तपुरम
12. मध्य प्रदेश भोपाल
13. महाराष्ट्र मुम्बई
14. मणिपुर इम्फाल
15. मेघालय शिलांग
16. मिजोरम आइजोल
17. नागालैंड कोहिमा
18. ओड़िसा भुवनेश्वर
19. पंजाब चंडीगढ़
20. राजस्थान जयपुर
21. सिक्किम गंगटोक
22. तमिलनाडु चेन्नई
23. तेलंगाना हैदराबाद
24. त्रिपुरा अगरतला
25. उतराखंड देहरादून
26. उत्तर प्रदेश लखनऊ
27. पश्चिम बंगाल कोलकात्ता
28. आंध्र प्रदेश हैदराबाद, अमरावती

केंद्र शासित प्रदेश

क्रमांक केंद्र शासित प्रदेश राजधानी
1. अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह पोर्ट ब्लेयर
2. चंडीगढ़ चंडीगढ़
3. दादरा तथा नगर हवेली और दमन एवं दीव दमन
4. जम्‍मू एवं कश्‍मीर  ग्रीष्मकालीन राजधानी- श्रीनगर और शीतकालीन राजधानी- जम्मू-तवी
5. लद्दाख लेह
6. लक्षद्वीप कावारती
7. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली दिल्ली
8. पुडुचेरी (पांडिचेरी) पुडुचेरी

➤ भारत की राजधानी- नई दिल्ली

➤ क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के 5 बड़े राज्यों का क्रम- राजस्थान (सर्वाधिक बड़ा), मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात

➤ क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के सबसे छोटा राज्य- गोवा (3702 km2)

➤ क्षेत्रफल की दृष्टि से बिहार का स्थान- 13वाँ

➤ क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

➤ क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश- लक्षद्वीप

➤ उत्तरी पूर्वी भारत के 7 राज्यों को “Seven Sister State” कहते है।



पड़ोसी देशों के साथ भारत से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर



1. प्राचीन भारतीय भौगोलिक मान्यता के अनुसार भारतवर्ष किस द्वीप का अंग था?

(a) पुष्कर द्वीप

(b) जम्बू द्वीप

(c) कांच द्वीप

(d) कुश द्वीप

2. सर्वप्रथम इण्डिया शब्द का प्रयोग भारत के लिए किस भाषा में किया गया?

(a) उर्दू

(b) ग्रीक

(c) फारसी

(d) अरबी

3. भारत की मुख्य भूमि की दक्षिणी सीमा है-

(a) 6°4′ उत्तरी अक्षांश

(b) 7°4′ उत्तरी अक्षांश

(c) 8°4′ उत्तरी अक्षांश

(d) 6°8′ उत्तरी अक्षांश

4. भारतीय मानक समय आधारित है-

(a) 80° पूर्व देशान्तर पर

(b) 80° पश्चिम देशान्तर पर

(c) 82°30′ पूर्व देशान्तर पर

(d) 82°30′ पश्चिम देशान्तर पर

5. भारत का प्रमाणिक समय उस स्थान का स्थानीय समय है, जो स्थित है-

(a) दिल्ली के समीप

(b) कोलकाता के समीप 

(c) प्रयागराज के समीप

(d) भोपाल के समीप

6. भारतीय मानक समय व ग्रीनविच समय में अन्तर है-

(a) 5½ घंटे

(b) 2½ घंटे

(c) 6½ घंटे

(d) 5 घंटे

7. भारत का धुर दक्षिणी भाग की भूमध्य रेखा से दूरी कितनी है?

(a) 776 किमी०

(b) 867 किमी०

(c) 876 किमी०

(d) 916 किमी०

8. भारत की स्थलीय सीमा की लम्बाई कितनी है?

(a) 6100 किमी०

(b) 7516.5 किमी०

(c) 1200 किमी०

(d) 15200 किमी०

9. द्वीपों सहित भारत के तट रेखा की लम्बाई कितनी है?

(a) 6100 किमी०

(b) 6200 किमी०

(c) 7516.5 किमी०

(d) 8000 किमी०

10. भारत की उत्तर से दक्षिण तक की लम्बाई है-

(a) 2933 किमी०

(b) 3033 किमी०

(c) 3133 किमी०

(d) 3214 किमी०

11. भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लम्बाई है-

(a) 2933 किमी०

(b) 3033 किमी०

(c) 3133 किमी०

(d) 3214 किमी०

12. भारत की तट रेखा की लम्बाई है-

(a) 6100 किमी०

(b) 6200 किमी०

(c) 6175 किमी०

(d) 6500 किमी०

13. भारत का क्षेत्रफल विश्व के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का कितना है?

(a) 2.2%

(b) 2.4%

(c) 2.8%

(d) 3.2%

14. भारत के कुछ क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत भाग पर्वतीय क्षेत्र (माध्य समुद्र तल से 2135 मीटर या अधिक ऊँचाई) के अन्तर्गत आता है?

(a) 10.7%

(b) 18.6%

(c) 27.7%

(d) 43.0%

15. सम्पूर्ण भारत के कितने प्रतिशत भू-भाग पर पर्वत और पहाड़ियों का विस्तार पाया जाता है?

(a) 10.7%

(b) 18.6%

(c) 29.3%

(d) 43.0%

16. सम्पूर्ण भारत के कितने प्रतिशत भू-भाग पर पठार का विस्तार पाया जाता है?

(a) 10.7%

(b) 18.6%

(c) 27.7%

(d) 29.3%

17. सम्पूर्ण भारत के कितने प्रतिशत भू-भाग पर मैदान का विस्तार पाया जाता है?

(a) 10.7%

(b) 18.6%

(c) 27.7%

(d) 43.0%

18. भारत की प्रादेशिक जल सीमा (Territorial water) समुद्र तट से कितने समुद्री मील की दूरी तक है?

(a) 12 मील

(b) 24 मील

(c) 111 मील

(d) 200 मील

19. भारत का संलग्न क्षेत्र (Contiguous zone) प्रादेशिक जल सीमा के आगे कितने समुद्री मील की दूरी तक है?

(a) 12 मील

(b) 24 मील

(c) 100 मील

(d) 200 मील

20. भारत का एकान्तिक आर्थिक क्षेत्र (Exclusive economic zone) संलग्न क्षेत्र के आगे कितने समुद्री मील की दूरी तक है?

(a) 100 मील

(b) 200 मील

(c) 300 मील

(d) 400 मील

21. भारत में समुद्री तट रेखा वाले राज्यों की संख्या कितनी है?

(a) 7

(d) 13

(c) 9

(b) 8

22. सबसे लम्बी तटीय रेखा वाला राज्य है-

(a) महाराष्ट्र

(b) गुजरात

(c) आ० प्र०

(d) तमिलनाडु

23. निम्नलिखित में से किस राज्य की तट रेखा सर्वाधिक लम्बी है?

(a) केरल

(b) महाराष्ट्र 

(c) आ० प्र०

(d) तमिलनाडु

24. कौन-सी अक्षांश रेखा भारत के मध्य से होकर गुजरती है?

(a) कर्क रेखा

(b) मकर रेखा

(c) विषुवत रेखा

(d) आर्कटिक रेखा

25. कर्क रेखा भारत के कितने राज्यों से होकर गुजरती है?

(a) 5

(b) 6

(c) 7

(d) 8

26. निम्नलिखित में से किस राज्य से होकर कर्क रेखा नहीं गुजरती है?

(a) उड़ीसा

(b) गुजरात

(c) राजस्थान

(d) प० बंगाल

27. निम्नलिखित में से किस राज्य से होकर कर्क रेखा गुजरती है?

(a) बिहार

(b) उड़ीसा

(c) उत्तर प्रदेश

(d) गुजरात

28. भारत की मुख्य भूमि का दक्षिणी नोक (Point) है-

(a) केप केमोरिन

(b) कैलीमेयर प्वाइण्ट

(c) इन्दिरा प्वाइण्ट

(d) नॉरीमन प्वाइण्ट

29. भारत का सबसे दक्षिणी बिन्दु है-

(a) इन्दिरा कॉल

(b) इन्दिरा प्वाइण्ट

(c) कैलीमेयर प्वाइण्ट

(d) नॉरीमून याहुण्ट

30. इन्दिरा प्वाइण्ट का अन्य नाम है-

(a) पारसन प्वाइण्ट

(b) ला-हि-चिंग

(c) पिगमेडियन प्वाइण्ट

(d) इनमें से सभी

31. निम्नलिखित में से कौन-सा स्थान भूमध्य रेखा के निकटतम स्थित है?

(a) केप केमोरिन

(b) रामेश्वरम्

(c) इन्दिरा प्वाइण्ट

(d) इन्दिरा कॉल

32. भारतीय भूमि का सर्वाधिक उत्तरी भाग है

(a) इन्दिरा प्वाइण्ट

(b) पारसन प्वाइण्ट

(c) पिगमेलियन प्वाइण्ट

(d) इन्दिरा कॉल

33. भारत का दक्षिणतम स्थान इन्दिरा प्वाइण्ट निम्नलिखित में से कहाँ स्थित है?

(a) तमिलनाडु

(b) केरल

(c) लक्षद्वीप

(d) अंडमान-निकोबार द्वी० स०

34. भारत की मुख्य भूमि को रामेश्वरम् द्वीप से कौन अलग करता है?

(a) पाक जलसंधि

(b) दस डिग्री चैनल

(c) पम्बन चैनल

(d) नौ डिग्री चैनल

35. आदम का पुल (Adam’s bridge) निम्नलिखित में से किन दो देशों के मध्य स्थित है?

(a) भारत एवं पाकिस्तान

(b) भारत एवं बांग्लादेश

(c) भारत एवं श्रीलंका

(d) भारत एवं म्यान्मार

36. दस डिग्री (10°) चैनल किसके बीच स्थित है?

(a) छोटा अंडमान एवं बड़ा अंडमान

(b) छोटा अंडमान एवं कार निकोबार

(c) छोटा निकोबार एवं कार निकोबार

(d) छोटा निकोबार एवं बड़ा निकोबार

37. डंकन पास (Duncan Pass) किसके बीच स्थित है?

(a) उत्तरी अंडमान एवं मध्य अंडमान

(b) दक्षिणी अंडमान एवं मध्य अंडमान

(c) दक्षिणी अंडमान एवं छोटा अंडमान

(d) कार निकोबार एवं छोटा निकोबार

38. भारत और श्रीलका को पृथक करने वाला जलडमरूमध्य क्या कहलाता है?

(a) मलक्का जलसन्धि

(b) डोवर जलसन्धि

(c) पाक जलसन्धि

(d) हार्मुज जलसन्धि

39. श्रीलंका को भारत से पृथक करती है-

(a) बंगाल की खाड़ी

(b) विन्ध्यन पर्वत श्रेणी

(c) पामीर ग्रंथि

(d) मन्नार की खाड़ी

40. भारत और चीन के बीच कौन-सी रेखा सीमा निर्धारण करने का कार्य करती है?

(a) रेडक्लिफ रेखा

(b) डूरण्ड रेखा

(c) मैकमहोन रेखा

(d) इनमें से कोई नहीं

41. भारत एवं पाकिस्तान को विभाजित करने वाली रेखा कहलाती है-

(a) 38वीं समानान्तर

(b) रेडक्लिफ रेखा

(c) मैकमहोन रेखा

(d) इरण्ड रेखा

42. भारत के सुदूर पूर्व में कौन-सा देश भारत के साथ सर्वाधिक लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा बनाता है?

(a) चीन

(b) म्यान्मार

(c) थाईलैंड

(d) वियतनाम

43. भारत एवं चीन के बीच सीमा निर्धारित करने वाली मैकमहोन रेखा निम्नलिखित में से किस प्रदेश के उत्तरी सीमा पर खींची गई है?

(a) जम्मू-कश्मीर

(b) उत्तर प्रदेश

(c) हिमाचल प्रदेश

(d) अरुणाचल प्रदेश

44. निम्नलिखित में से किस देश के साथ भारत की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा नहीं लगती है?

(a) पाकिस्तान

(b) बांग्लादेश

(c) भूटान

(d) श्रीलंका

45. निम्नलिखित में से कौन-सा देश भारतीय उपमहाद्वीप के अन्तर्गत शामिल नहीं किया जाता है?

(a) पाकिस्तान

(b) नेपाल

(c) श्रीलंका

(d) बांग्लादेश

46. निम्नलिखित में से किस भारतीय राज्य की समुद्रतटीय सीमा सबसे छोटी है?

(a) गोवा

(b) केरल

(c) उड़ीसा

(d) प० बंगाल

47. भारत की सबसे लम्बी स्थलीय सीमा किस देश के साथ है?

(a) चीन

(b) पाकिस्तान

(c) बांग्लादेश

(d) म्यान्मार

48. सबसे छोटी स्थलीय सीमा भारत की किस देश के साथ है?

(a) पाकिस्तान

(b) नेपाल

(c) म्यान्मार

(d) भूटान

49. भारत को निम्नलिखित भौतिक प्रदेशों में विभाजित किया जा सकता है

(a) हिमालय, गंगा का मैदान, दक्षिणी पठार एवं राजस्थान का मैदान

(b) पर्वतीय प्रदेश, हिमानी प्रदेश, नदी घाटी प्रदेश एवं हिमालय प्रदेश

(c) दक्षिणी पठारी प्रदेश, सागर तटीय प्रदेश, द्वीपीय प्रदेश एवं हिमालय प्रदेश

(d) उत्तरी पर्वतीय प्रदेश, वृहत् मैदानी प्रदेश, दक्षिणी प्रायद्वीपीय प्रदेश तथा सागर तटीय प्रदेश

50. भारत का कौन-सा भू-आकृतिक विभाग प्राचीनतम है?

(a) उत्तरी पर्वतीय प्रदेश

(b) गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान

(c) प्रायद्वीपीय पठार

(d) समुद्रतटीय मैदान

51. गारो, खासी एवं जयन्तियाँ पहाड़ियाँ संरचना एवं उत्पत्ति की दृष्टि से निम्नलिखित में से किसका भाग है?

(a) हिमालय पर्वत श्रेणी का

(b) पूर्वांचल की पहाड़ी का

(c) अराकानयोमा पर्वत का

(d) प्रायद्वीपीय पठार का

52. निम्नलिखित में से कौन-सा तट पश्चिमी तट का भाग नहीं है?

(a) काठियावाड़ तट

(b) कोंकण तट

(c) मालाबार तट

(d) कोरोमंडल तट

53. भारत का पूर्वी समुद्री तट किस नाम से जाना जाता है?

(a) दीघा तट

(b) कोरोमण्डल तट

(c) कोंकण तट

(d) मालाबार तट

54. कोंकण तट कहाँ से कहाँ तक विस्तृत है?

(a) गोवा से कोच्चि

(b) गोवा से दीव

(c) गोवा से दमण

(d) गोवा से मुम्बई

55. लक्षद्वीप समूह के द्वीपों की उत्पत्ति निम्नलिखित में से किस प्रकार हुई है?

(a) ज्वालामुखी उत्पत्ति से

(b) मृदा निक्षेपण से

(c) प्रवाल उत्पत्ति से

(d) इनमे से कोई नहीं

56. भारतीय क्षेत्र में स्थित दो ज्वालामुखी द्वीप हैं-

(a) कवारत्ती एवं न्यू मूर

(b) पम्बन एवं बैरन

(c) बैरन एवं नारकोण्डम

(d) ग्रेट अंडमान व लिटिल निकोबार

57. न्यू मूर द्वीप कहाँ है?

(a) अरब सागर में

(b) मन्नार की खाड़ी में

(c) बंगाल की खाड़ी में

(d) अण्डमान सागर में

58. निम्नलिखित में से कौन एक द्वीप है?

(a) दमण

(b) दीव

(c) पांडिचेरी

(d) दादरा एवं नागर हवेली

59. स्वतंत्रता से पूर्व कौन-सा भारतीय क्षेत्र ‘काला पानी’ के नाम से जाना जाता था?

(a) लक्षद्वीप समूह

(b) अंडमान-निकोबार द्वी० स०

(c) दीव

(d) अलियावेट व खदियावेट

60. लक्षद्वीप समूह स्थित है-

(a) कच्छ की खाड़ी में

(b) अरब सागर में

(c) मन्नार की खाड़ी में

(d) बंगाल की खाड़ी में

61. दीव स्थित है

(a) कच्छ की खाड़ी में

(b) खम्भात की खाड़ी में

(c) मन्नार की खाड़ी में

(d) बगाल की खाड़ी में

62. निम्नलिखित में से कौन-सा द्वीप भारत और श्रीलंका के मध्य स्थित है?

(a) न्यू मूर

(b) लक्षद्वीप

(c) गंगासागर

(d) रामेश्वरम्

63. लक्षद्वीप समूह में द्वीपों की संख्या है-

(a) 26

(b) 36

(c) 37

(d) 43

64. थार मरुभूमि कहाँ स्थित है?

(a) गुजरात

(b) राजस्थान

(c) पंजाब

(d) हरियाणा

65. दक्षिण गंगोत्री क्या है?

(a) प्रायद्वीपीय भारत की एक नदी

(b) भारतीय नौसेना का युद्धक जलपोत

(c) उत्तरी ध्रुव में स्थापित भारतीय वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र

(d) अंटार्कटिका में स्थापित भारतीय वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र

66. वर्तमान में भारत के किस स्थान को ‘सफेद पानी’ के नाम से जाना जाता है?

(a) लेह

(b) लद्दाख

(c) कारगिल

(d) सियाचीन

67. हैदराबाद का जुडवाँ नगर है-

(a) निजामाबाद

(b) सिकन्दराबाद

(c) आसिफाबाद

(d) आदिलाबाद

68. कोच्चि का जुड़वाँ नगर है-

(a) एर्नाकुलम

(b) अल्वाय

(c) अलेप्पी

(d) कोट्ठायाम

69. जम्मू-कश्मीर राज्य का वह हिस्सा जिस पर चीन का अधिकार है, क्या कहलाता है?

(a) गिलगिट क्षेत्र

(b) छो-मोरारी क्षेत्र

(c) सियाचीन क्षेत्र

(d) अक्साई चीन

70. भारत का एकमात्र शीत मरूस्थल है-

(a) लद्दाख

(b) पूर्वी कामेंग

(c) लाचेन

(d) चम्बा

71. भारत का क्षेत्रफल कितना है?

(a) 32,57,405 वर्ग किमी०

(b) 32,68,276 वर्ग किमी०

(c) 32,87,263 वर्ग किमी०

(d) 32,87,679 वर्ग किमी०

72. भारतीय उपमहाद्वीप मूलतः एक विशाल भूखण्ड का भाग था, जिसे कहा जाता है-

(a) जुरेशिक भूखण्ड

(c) इण्डियाना

(b) आर्यावर्त

(d) गोंडवानालैंड

73. निम्न नगरों में से कौन-सा कर्क रेखा के निकटतम है?

(a) दिल्ली

(b) कोलकाता

(c) जोधपुर

(d) नागपुर

74. निम्नलिखित में से कौन-सा नगर कर्क रेखा से निकटतम दूरी पर अवस्थित है?

(a) अगरतला

(b) गाँधीनगर

(c) जबलपुर

(d) उज्जैन

75. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

(a) भारत पूर्णतया उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है।

(b) भारत की आकृति चतुष्कोणीय है।

(c) क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व में सातवें तथा जनसंख्या की दृष्टि से दूसरे स्थान पर है।

(d) उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं।

76. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

(a) भारत के क्षेत्रफल का 29.3 प्रतिशत भाग पर्वतीय है।

(b) भारत के क्षेत्रफल का 27.7 प्रतिशत भाग पठारी है।

(c) भारत के क्षेत्रफल का 48.0 प्रतिशत भाग मैदानी है।

(d) भारत का अक्षांशीय विस्तार 8°4′ उ० से 37°6′ उ० है।

77. भारत के उत्तर के मैदान से सम्बन्धित निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

(a) उत्तर का विशाल मैदान गंगा, ब्रह्मपुत्र और सतलज नदियों का मैदान है।

(b) यह नवनिर्मित मैदानी प्रदेश है।

(c) इस मैदान की मिट्टी चरनोजम प्रकार की है।

(d) इस मैदान में मिट्टी का निक्षेपण 400 मीटर से 3000 मीटर की गहराई तक है।

78. भारत की भौगोलिक स्थिति के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

(a) यह विषुवत रेखा के उत्तर में स्थित है।

(b) यह 8°4′ उ० से 37°6′ उ० अक्षांश के बीच स्थित है।

(c) यह 68°7′ पू० से 97°25′ पू० देशान्तर के बीच स्थित है।

(d) उपर्युक्त सभी सही है।

79. किस भारतीय राज्य की सीमा सर्वाधिक राज्यों की सीमा को स्पर्श कहती है?

(a) मध्य प्रदेश

(b) असम

(c) उत्तर प्रदेश

(d) आन्ध्र प्रदेश

80. निम्न में से कौन भारत का केन्द्र शासित प्रदेश नहीं है?

(a) लक्षद्वीप

(b) दमण व दीव

(c) पाण्डिचेरी

(d) नागालैंड

81. भारत में कितने राज्य व केन्द्र शासित प्रदेश हैं?

(a) 25 राज्य व 6 केन्द्र शासित प्रदेश

(b) 28 राज्य व 8 केन्द्र शासित प्रदेश

(c) 28 राज्य व 9 केन्द्र शासित प्रदेश

(d) 29 राज्य व 9 केन्द्र शासित प्रदेश

82. न्यू मूर द्वीप किन दो देशों के मध्य विवाद का कारण है?

(a) भारत और श्रीलंका

(b) भारत और बांग्लादेश

(c) ब्रिटेन और अर्जेण्टीना

(d) इजराइल और सीरिया

83. विश्व के 2.4 प्रतिशत क्षेत्रफल में भारत विश्व की कितनी प्रतिशत जनसंख्या का पोषण करता है?

(a) 11%

(b) 14%

(c) 17%

(d) 21%

84. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

(a) भारत के स्थल सीमा की लम्बाई 15200 किमी० हैं।

(b) भारत के मुख्य स्थलखण्ड के समुद्री सीमा की लम्बाई 6100 किमी० है।

(c) भारत का देशान्तरीय विस्तार 68°7′ पूर्वी देशान्तर से 97°25′ पूर्वी देशान्तर तक है।

(d) उपर्युक्त सभी सही है।

85. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

(a) भारत का दक्षिणी बिन्दु पिगमेलियन प्वाइण्ट है।

(b) भारत की कुल समुद्री सीमा का लम्बाई 7516.5 किमी० है।

(c) पाक जलसन्धि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित है।

(d) भारत का दक्षिणतम बिन्दु 6°4′ उत्तरी अक्षांश पर स्थित है।

86. पटना का स्थानीय समय-

(a) भारतीय मानक समय से आगे है।

(b) भारतीय मानक समय से पीछे है।

(c) वही है जो भारतीय मानक समय है।

(d) भारतीय मानक समय से सम्बन्धित नहीं है।

87. भारत अवस्थित है-

(a) अक्षांश 8°4′ द० से 37°6′ उ० तथा देशांश 68°7′ प० से 97°25′ पू० के मध्य

(b) अक्षांश 8°4′ उ० से 37°6′ द० तथा देशांश 68°7 पू० से 97°25 प० के मध्य

(c) अक्षांश 8°4′ उ० से 37°6′ उ० तथा देशांश 68°7′ पू० से 97°25′ पू० के मध्य

(d) अक्षांश 8°4′ द० से 37°6′ द० तथा देशांश 68°7′ प० से 97°25 प० के मध्य

88. भारत किस गोलार्द्ध में स्थित है?

(a) उत्तरी और पूर्वी

(b) दक्षिणी और पूर्वी

(c) उत्तरी और पश्चिमी

(d) उत्तरी और दक्षिणी

89. निम्नलिखित में से वह राज्य क्षेत्र कौन-सा है जिसकी सीमा मिजोरम से नहीं लगी हुई है?

(a) नागालैंड

(b) म्यान्मार

(c) असम

(d) त्रिपुरा

90. निम्नलिखित में से वह क्षेत्र कौन-सा है जिसकी सीमा अरुणाचल प्रदेश से नहीं लगती है?

(a) असम

(b) नागालैंड

(c) भूटान

(d) मणिपुर

91. निम्नलिखित में से किस राज्य की सीमा से राजस्थान सटा हुआ नहीं है?

(a) गुजरात

(b) महाराष्ट्र

(c) हरियाणा

(d) उ० प्र०

92. संघ शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव भारत में निम्न में से किन राज्यों के बीच स्थित है?

(a) आन्ध्र प्रदेश व मध्य प्रदेश

(b) गुजरात व मध्य प्रदेश

(c) मध्य प्रदेश व गुजरात

(d) गुजरात व महाराष्ट्र

93. निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य पहले नेफा (NEFA) के नाम से जाना जाता था?

(a) नागालैंड

(b) मणिपुर

(c) अरुणाचल प्रदेश

(d) असम

94. पोर्ट ब्लेयर स्थित है-

(a) उत्तरी अंडमान

(b) दक्षिणी अंडमान

(c) मध्य अंडमान

(d) छोटा अंडमान

95. निम्न में से कौन-सा युग्म सही नहीं है?

(a) मदुरै- तमिलनाडु

(b) झाँसी- मध्य प्रदेश

(c) हरिद्वार- उत्तरांचल

(d) अलवर- राजस्थान

96. भारत की पूर्व से पश्चिम की दूरी किलोमीटर में कितनी है?

(a) 2700 किमी०

(b) 2800 किमी०

(c) 2900 किमी०

(d) 3000 किमी०

97. निम्नलिखित राज्यों को क्षेत्रफल के अनुसार क्रम में रखें और सही विकल्प का चयन करें-

I. मध्य प्रदेश II. आन्ध्र प्रदेश

III. राजस्थान IV. महाराष्ट्र

(a) II, IV, III, I

(b) III, IV, I, II

(c) III, I, IV, II

(d) IV, I, II, IV

98. भारत की सबसे बड़ी सुरंग जवाहार सुरंग किस राज्य में अवस्थित है?

(a) हिमाचल प्रदेश

(b) राजस्थान

(c) पश्चिम बंगाल

(d) जम्मू और कश्मीर

99. भारत के अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगे समुद्र तट की लंबाई लगभग कितनी है?

(a) 5700 किमी०

(b) 5900 किमी०

(c) 6100 किमी०

(d) 6300 किमी०

100. सियाचिन है

(a) भारत और पाकिस्तान के बीच का हिमनद सीमान्त क्षेत्र

(b) भारत और पाकिस्तान के बीच का मरुस्थलीय सीमान्त क्षेत्र

(c) भारत और चीन के बीच का सीमान्त क्षेत्र

(d) भारत और म्यान्मार के बीच का सीमान्त क्षेत्र

101. सियाचिन ग्लेशियर क्षेत्र के ऊपर किनके मध्य झगड़ा है?

(a) भारत और पाकिस्तान

(b) भारत और चीन

(c) भारत और नेपाल

(d) चीन और नेपाल

102. सियाचिन ग्लेशियर भारत के किस राज्य में है?

(a) उत्तर प्रदेश

(b) हिमाचल प्रदेश

(c) जम्मू-कश्मीर

(d) सिक्किम

103. निम्नलिखित में से भारत की सुदूर दक्षिण भौगोलिक इकाई कौन-सी है?

(a) कन्याकुमारी

(b) रामेश्वरम

(c) लक्षद्वीप

(d) निकोबार द्वीप समूह

104. भारत (मुख्य भूमि) का दक्षिणी नोक है-

(a) केप केमोरिन

(b) कैलीमेयर बिन्दु

(c) इन्दिरा बिन्दु

(d) त्रिवेन्द्रम में कोवलम

105. कर्क रेखा कहाँ से होकर नहीं गुजरती है?

(a) गुजरात

(b) उड़ीसा

(c) त्रिपुरा

(d) पश्चिम बंगाल

106. कौन से देश पाक जलडमरूमध्य से जुड़े हुए हैं?

(a) भारत और श्रीलंका

(b) उत्तर और दक्षिण कोरिया

(c) ब्रिटेन और फ्रांस

(d) भारत और पाकिस्तान

107. भारत और चीन के बीच सीमा रेखा कहलाती है-

(a) मैकमहोन रेखा

(b) डूरण्ड रेखा

(c) लाल रेखा

(d) रेडक्लिफ रेखा

108. भारत और पाकिसतन के बीच की सीमा का निर्धारण किसने किया?

(a) लॉर्ड माउण्टबेटन

(b) सर कौरिल रेडक्लिफ

(c) सर स्टेफोर्ड रेडक्लिफ

(d) लौरेंस

109. निम्न में से कौन-सा राज्य भारत के वृहद प्रायद्वीपीय पठार का भाग नहीं है?

(a) महाराष्ट्र

(b) मध्य प्रदेश

(c) आन्ध्र प्रदेश

(d) पंजाब

110. ड्ररण्ड लाइन निम्नलिखित दो देशों के बीच की सीमा रेखा है-

(a) भारत और पाकिस्तान

(b) पाकिस्तान और अफगानिस्तान

(c) भारत और चीन

(d) सं० रा० अ० और मैक्सिको

111. पाकिस्तान की सीमाओं से लगे भारतीय राज्य कौन-कौन से हैं?

(a) गुजरात, हि० प्र०, हरियाणा, जम्मू व कश्मीर

(b) गुजरात, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान

(c) जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब

(d) जम्मू-कश्मीर, हि० प्र०, पंजाब, राजस्थान

112. अरब सागर में स्थित भारतीय द्वीपों की सर्वाधिक महत्वपूर्ण विशिष्टता क्या है?

(a) वे आकार में काफी छोटे हैं।

(b) वे सभी प्रवाल उद्गम के हैं।

(c) वहाँ अति शुष्क जलवायु है।

(d) वे मुख्य भूमि के विस्तारित क्षेत्र हैं।

113. पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश की सीमाएँ किसके साथ हैं:

(a) कर्नाटक और आंध्र प्रदेश

(b) आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु

(c) तमिलनाडु

(d) कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु

19. Definition and Scope of ​​social geography (सामाजिक भूगोल की परिभाषा तथा विषय क्षेत्र)

19. Definition and Scope of ​​social geography

(सामाजिक भूगोल की परिभाषा तथा विषय क्षेत्र)



प्रश्न प्रारूप

Q. सामाजिक भूगोल को परिभाषित कीजिए तथा इसका विषय क्षेत्र बताइए।

उत्तर- सामाजिक भूगोल मानव भूगोल की महत्वपूर्ण शाखा है। मानव एक सामाजिक प्राणी है, अतः समाज में घटित होने वाली समस्त घटनाओं का अध्ययन मानव भूगोल की इस शाखा में होता है। समाज में रहकर मानव विभिन्न क्रिया-कलाप करता है। इन क्रिया-कलापों के लिए कुछ कारक भी उत्तरदायी होते हैं। समाज में पाए जाने वाले विभिन्न सामाजिक वर्गों एवं सामाजिक विभिन्नताओं में अन्तर पाया जाता है, अतः सामाजिक भूगोल में इस अन्तर के कारणों का भी अध्ययन किया जाता है।

हैरीसन के अनुसार, “सामाजिक भूगोल समाज का इसके पर्यावरण के सम्बन्ध में एक क्रमिक व्यवहार नहीं था, अपितु सामाजिक भिन्नताओं का एक उत्पत्तिजनक विवरण था क्योंकि वे अन्य कारकों से एवं पृथ्वी सतह के क्षेत्रों में भिन्नताओं से सम्बन्धित हैं।”

डेरियल फोर्ड ने इसमें आदिम समाज का वर्णन बताया है जबकि ग्रिफिथ टेलर ने इसमें विकसित समाज के सामाजिक एवं सांस्कृतिक तथ्य सम्मिलित करने पर बल दिया है।

विषय क्षेत्र-

    सामाजिक भूगोलवेत्ताओं का अध्ययन क्षेत्र केवल भाव वाचक मानव नहीं है तथा न ही जैविक मानव है, किन्तु आदमी, औरतें, बच्चे हैं जो सामाजिक समूहों के सदस्य हैं। इस प्रकार मनुष्य जाति (Mankind) को विभिन्न छोटे व्यक्तिगत समूहों में बांटा जा सकता है तथा सामाजिक भूगोल वेत्ताओं का दायित्व है कि वे उनके जीवन का अध्ययन करें।

     सामाजिक भूगोल में मानव समाज के तथ्य- आवास, विविध स्वरूप, सामाजिक तत्व व तंत्र, राजनीतिक भूगोल, पारितंत्र, विकसित व विकासशील परिवेश प्रारूप तथा उसका मानव पर प्रभाव, मानव के आचार-विचार, आदतें व अर्थतंत्र एवं सामंजस्य जैसे तत्व सम्मिलित हैं। इसमें यह अध्ययन किया जाता है कि पृथ्वी पर बसे हुए लोगों के सामाजिक वर्गों एवं सामाजिक विभिन्नताओं में अन्तर क्यों है? अर्थात् मानव समुदायों, सामाजिक संगठन, परिवार प्रणाली, श्रम विभाजन, रीति-रिवाज एवं सामाजिक प्रथाओं, समुदायों का अध्ययन इसमें किया जाता है।

प्रो. वाटसन के अनुसार यदि भूगोल पृथ्वी के नक्षत्र का विज्ञान है, या पारिस्थितिकी का विज्ञान है अथवा वस्तु वितरण का विज्ञान है तो इसके सामाजिक सामंजस्यों का अध्ययन करने के लिए ऐसी सामाजिक शक्तियों का अध्ययन करना आवश्यक होगा जिनके परिणामस्वरूप उस क्षेत्र विशेष के सामाजिक प्रतिमान उत्पन्न होते हैं। ऐसा अध्ययन करने वाला विज्ञान सामाजिक भूगोल है।

      अब व्यक्तिगत प्रोत्साहन (Individual Motivation) पर अधिक आनुभविक कार्य किया जा रहा है। उदाहरणार्थ स्थानान्तरण के सम्बन्ध में अनेक विस्तृत प्रोत्साहन अध्ययन किए जा रहे हैं जिससे यह पता चले कि प्राचीन एवं वर्तमान स्थानान्तरण में क्या सम्बन्ध है तथा परिवर्तन हुआ है। व्यवहार तथा सामाजिक भूगोल के सम्बन्ध में बहुत कम अध्ययन किया गया है। यह दृढ़ विश्वास किया जाता रहा है कि पर्यावरणीय अथवा आर्थिक क्षेत्र में सामान्यीकरण की व्याख्या को छोड़ दिया गया है।

किर्क तथा अन्य ने 1963 में स्पष्ट किया कि मानव तथ्य पर्यावरण (Phenomenal environment) के विरुद्ध व्यावहारिक पर्यावरण में निवास करते हैं तथा कार्य करते हैं। व्यवहार उन प्रत्युत्तरों एवं मूल्यों से प्रत्यक्षतः जुड़ा हुआ है जो सामाजिक रूप से प्राप्त होते हैं।

      मानव को विशिष्ट संस्कृति का सदस्य मानकर अध्ययन किया जाता है। अतः इसका विस्तृत अध्ययन सामाजिक भूगोल का क्षेत्र है। डेरियल फोर्ड ने सामाजिक भूगोल में केवल आदिम समाज का वर्णन बताया है जबकि ग्रिफिथ टेलर का विचार है कि इसमें विकसित समाज के सामाजिक एवं सांस्कृतिक तथ्य सम्मिलित किए जाने चाहिए।

     वर्तमान समय में सामाजिक भूगोल में मानव समाज की बढ़ती समस्याओं के प्रति चेतना बढ़ती जा रही है। इसी सन्दर्भ में मानव समाज के कल्याण की संकल्पना (Concept of social well being) के अन्तर्गत आने वाले समस्त मानवीय प्रयासों का अध्ययन सामाजिक भूगोल के अन्तर्गत किया जाने लगा है।

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