अध्याय 6 पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप / NCERT CLASS 6 Geography Solutions (हिन्दी माध्यम)

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(हिन्दी माध्यम)

अध्याय 6 पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप

एनसीईआरटी के 6वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

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पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए
(i) प्रमुख स्थल स्वरूप कौन-कौन से है?
उत्तर – विभिन्न स्थलरूपों को उनकी ऊँचाई एवं ढाल के आधार पर पर्वत, पठार एवं मैदान में वर्गीकृत कर सकते हैं।
(ii) पर्वत एवं पठार में क्या अंतर है?
उत्तर – पर्वत- पर्वत पृथ्वी की सतह की प्राकृतिक ऊंचाई हैं। पर्वत का शिखर छोटा तथा आधार चौड़ा होता है। यह आस-पास के क्षेत्र से बहुत ऊँचा होता है। कुछ पहाड़ बादलों से भी ऊँचे होते हैं। अधिक ऊँचाई जाने पर जलवायु ठंडी होती जाती है। 
पठार- पठार उठी हुई एवं सपाट भूमि होती है। यह आस-पास के क्षेत्रों से अधिक उठा होता है तथा इसका ऊपरी भाग मेज के समान सपाट होता है। किसी पठार के एक या एक से अधिक किनारे होते हैं जिनके ढाल खड़े होते हैं।पठारों की ऊँचाई प्रायः कुछ सौ मीटर से लेकर कई हजार मीटर तक हो सकती है। पर्वतों की तरह पठार भी नए या पुराने हो सकते हैं। 
(iii) पर्वतों के विभिन्न प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर – पर्वत मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं – वलित पर्वत, भ्रंशोत्थ पर्वत तथा ज्वालामुखी पर्वत।
(iv) मनुष्यों के लिए पर्वत किस प्रकार उपयोगी है?
उत्तर – मनुष्य के लिए पर्वत निम्नलिखित प्रकार से उपयोगी है –
◆ पर्वत जल के संग्रहागार होते हैं।
◆ बहुत-सी नदियों का स्त्रोत पर्वतों में स्थित हिमानयों में होता है।
◆ पर्वतों के जल का उपयोग सिंचाई तथा पनबिजली के उत्पादन में भी किया जाता है।
◆ नदी घाटियाँ तथा वेदिकाएँ कृषि के लिए उपयुक्त होती है।
◆ पर्वतों में अलग-अलग प्रकार की वनस्पतियाँ तथा जीव-जंतु पाए जाते हैं।
◆ वनों से हमें ईंधन, चारा, आश्रय तथा दूसरे उत्पाद जैसे गोंद, रेजीन इत्यादि प्राप्त होते हैं।
◆ सैलानियों के लिए पर्वतीय भाग उपयुक्त स्थान है। वे पर्वतों की यात्रा उनकी प्राकृतिक सुंदरता को देखने के लिए करते हैं।
◆ विभिन्न प्रकार के खेल; जैसे- पैराग्लाइडिंग, हैंग ग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग तथा स्कीइंग पर्वतों के प्रचलित खेल है।
(v) मैदानों का निर्माण किस प्रकार होता है ?
उत्तर – मैदान समतल भूमि के बहुत बड़े भाग होते हैं। अधिकांश मैदान मुख्य नदियों तथा उनकी सहायक नदियों के द्वारा लाए गए मलबों के निक्षेप से बने हैं।
        नदियों पर्वतों के ढालों पर नीचे की ओर बहती है तथा उन्हें अपरदित पदार्थों को अपने साथ आगे की ओर ले जाती है। अपने साथ ढ़ोये जाने वाले पदार्थों; जैसे पत्थर, बालू तथा सिल्क को यह घाटियों में निक्षेपित कर देती है। इन्हीं निक्षेपों से मैदानों का निर्माण होता है।
(vi) नदियों द्वारा निर्मित मैदान सघन जनसंख्या वाले होते हैं, क्यों ?
उत्तर – नदियों द्वारा निर्मित मैदान सघन जनसंख्या वाले होते हैं, इसके निम्नलिखित कारण हैं –
◆ यह मैदान कृषि कार्य के लिए काफी उपजाऊ होता है।
◆ यह मैदान लगभग समतल होता है जहाँ मकानों को आसानी से बनाया जाता है।
◆ औद्योगिक स्थल के लिए भी उपयुक्त होता है।
◆ पेयजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाता है।
◆ परिवहन के साधन जैसे सड़क आसानी से निर्मित किए जाते हैं। 
(vii) पर्वतों में जनसंख्या कम होती है, क्यों?
उत्तर – पर्वतों में कम जनसंख्या होती है जिसके निम्नलिखित कारण हैं –
◆ कठोर जलवायु 
◆ खारी ढाल वाला धरातल 
◆ कृषि योग्य भूमि की कमी
◆ परिवहन सुविधाओं का अभाव
◆ पीने योग्य पानी का अभाव इत्यादि।
2. सही उत्तर चिन्हित (√) कीजिए।
(i) पर्वत पठारों से भिन्न होते हैं-
क. ऊँचाई
ख. ढाल
ग. अभिमुखता
उत्तर- क. ऊँचाई 
(ii) हिमानी कहाँ पाई जाती है?
क. पर्वतों में
ख. मैदानों में
ग. पठारों में
उत्तर- क. पर्वतों में 
(iii) दक्कन पठार कहाँ स्थित है?
क. केन्या
ख. ऑस्ट्रेलिया
ग. भारत
उत्तर- ग. भारत 
(iv) यांग्त्से नदी कहाँ बहती है?
क. दक्षिण अमेरिका
ख. ऑस्ट्रेलिया
ग. चीन
उत्तर- ग. चीन 
(v) यूरोप की एक महत्वपूर्ण पर्वत श्रृंखला कौन सी है?
क. एंडीज
ख. आल्प्स
ग. रॉकीज
उत्तर- ख. आल्प्स 
3. खाली स्थान भरें।
(i) समतल भूमि वाले विस्तृत क्षेत्र को मैदान कहते हैं।
(ii) हिमालय एवं आल्प्स वलित पर्वतों के उदाहरण है। 
(iii) पठारी क्षेत्रों में खनिजों की प्रचुरता होती है। 
(iv) पर्वत  श्रृंखला पर्वतों का एक क्रम है। 

(v) मैदानी क्षेत्र कृषि के लिए सबसे अधिक उत्पादक क्षेत्र होते हैं।


अध्याय 5 पृथ्वी के प्रमुख परिमंडल / NCERT CLASS 6 Geography Solutions (हिंदी माध्यम)

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अध्याय 5 पृथ्वी के प्रमुख परिमंडल 

एनसीईआरटी के 6वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

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पृथ्वी के प्रमुख
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।
(i) पृथ्वी के चार प्रमुख परिमंडल कौन-कौन से हैं?
उत्तर- पृथ्वी के चार प्रमुख परिमंडल है: भूमंडल, जलमंडल, वायुमंडल तथा जीवमंडल।
(ii) पृथ्वी के प्रमुख महाद्वीपों का नाम लिखिए।
उत्तर- पृथ्वी पर सात प्रमुख महाद्वीप है। यह विस्तृत जल राशि के द्वारा एक दूसरे से अलग है। यह महाद्वीप है: एशिया, यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, आस्ट्रेलिया तथा अंटार्कटिका। 
(iii) दो महाद्वीपों के नाम लिखिए जो पूरी तरह से दक्षिणी गोलार्ध में स्थित हों।
उत्तर- आस्ट्रेलिया तथा अंटार्कटिका महाद्वीप जो की पूरी तरह से दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है।
(iv) वायुमंडल की विभिन्न परतों के नाम लिखिए।
उत्तर- वायुमंडल की विभिन्न परतों का नाम पृथ्वी की सतह से शुरु करते हुए क्षोभ मंडल, समताप मंडल, मध्य मंडल, आयन मंडल तथा बहिर्मण्डल है।
(v) पृथ्वी को नीला ग्रह क्यों कहा जाता है?
उत्तर- पृथ्वी को नीला ग्रह कहा जाता है क्योंकि पृथ्वी का 71 प्रतिशत भाग पर जल तथा 29 प्रतिशत भाग पर स्थल है। जलमंडल में जल के सभी रूप उपस्थित है। इसमें महासागर एवं नदियाँ, झीलें, हिमनदियाँ, भूमिगत जल तथा वायुमंडल के जलवाष्प सभी सम्मिलित हैं। इसीलिए पृथ्वी को अंतरिक्ष से देखने पर नीला दिखाई पड़ती है।
(vi) उत्तरी गोलार्ध को स्थलीय गोलार्ध क्यों कहा जाता है?
उत्तर- उत्तरी गोलार्ध को स्थलीय गोलार्ध कहा जाता है क्योंकि स्थल का बहुत बड़ा भाग उत्तरी गोलार्ध में पाया जाता है।
(vii) जीवित प्राणियों के लिए जीवमंडल क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर- जीवमंडल स्थल, जल तथा हवा के बीच का एक सीमित भाग है। यह वह भाग है जहाँ जीवन मौजूद है। यहाँ जीवों की बहुत सी प्रजातियाँ है जो कि सूक्ष्मजीवों तथा बैक्टीरिया से लेकर बड़े स्तनधारियों के आकार में पाई जाती है। मनुष्य सहित सभी प्राणी, जीवित रहने के लिए एक-दूसरे से तथा जीवमंडल से जुड़े हुए हैं।
         जीवित प्राणियों के लिए जीवमंडल का बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भूमंडल, वायुमंडल तथा जलमंडल के बीच के प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। यह तीनों परिमंडल आपस में पारस्परिक क्रिया करते हैं तथा एक दूसरे को किसी न किसी रूप में प्रभावित भी करते हैं।
2. सही उत्तर चिन्हित (√) कीजिए।
(i) कौन सी पर्वत श्रृंखला एशिया एवं यूरोप को अलग करती है ?
क. एंडीज
ख. हिमालय
ग. युराल
उत्तर – ग. यूराल
(ii) उत्तरी अमेरिका दक्षिण अमेरिका से कैसे जुड़ा हुआ है-
क. स्थलसंधि 
ख. जलसंधि
ग. नहर
उत्तर – क. स्थलसंधि
(iii) वायुमंडल में किस गैस का प्रतिशत सर्वाधिक है –
क. नाइट्रोजन
ख. ऑक्सीजन
ग. कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर – क. नाइट्रोजन
(iv) पृथ्वी का कौन सा भाग दोस्त चट्टानों का बना है –
क. वायुमंडल
ख. जलमंडल
ग. स्थलमंडल
उत्तर – ग. स्लथमंडल
(v) सबसे बड़ा महाद्वीप कौन सा है –
क. अफ्रीका
ख. एशिया
ग. ऑस्ट्रेलिया
उत्तर – ख एशिया
3. खाली स्थान भरें । 
(i) पृथ्वी का सबसे गहरा भाग मेरियाना गर्त प्रशांत महासागर में स्थित है ।
(ii)  हिन्द महासागर का नाम एक देश के नाम पर रखा गया है
(iii) जीवमंडल स्थल, जल एवं हवा का एक सीमित भाग है, जो जीवन के लिए सहायक है ।
(iv) यूरोप एवं एशिया महाद्वीप को एक साथ यूरेशिया कहा जाता है ।

(v) पृथ्वी पर सबसे ऊँचा पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट है।


अध्याय 4 मानचित्र / NCERT CLASS 6 Geography Solutions (हिन्दी माध्यम)

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अध्याय 4 मानचित्र

एनसीईआरटी के 6वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

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अध्याय 4 मानचित्र
1.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए। 
 
(i) मानचित्र के तीन घटक कौन-कौन से है?
उत्तर – मानचित्र के तीन घटक है : दूरी, दिशा और प्रतीक। 
(ii) प्रधान दिग्बिन्दु कौन-कौन से हैं?
उत्तर – चार मुख्य दिशाओं उत्तर, दक्षिण, पूर्व एवं पश्चिम को प्रधान दिग्बिन्दु कहे जाते हैं।
(iii) मानचित्र के पैमाने से आप क्या समझते हैं?
उत्तर – स्थल पर वास्तविक दूरी तथा मानचित्र पर दिखाई गई दूरी के बीच के अनुपात को पैमाना कहा जाता है। अर्थात इससे कागज पर एक छोटी दूरी स्थल की बड़ी दूरी को व्यक्त करते है।
              उदाहरण के लिए यदि विद्यालय एवं घर के बीच की दूरी 10 किमी. है और जिसे मानचित्र पर 2 सेंमी. दूरी से व्यक्त किया गया है तो इसका अभिप्राय है कि मानचित्र का 1 सेंमी. स्थल के 5 किमी. को दर्शायेगा। अर्थात मानचित्र का पैमाना होगा, 1 सेंमी. = 5 किमी.।
(iv) ग्लोब की अपेक्षा मानचित्र अधिक सहायक होते हैं, क्यों?
उत्तर – ग्लोब पृथ्वी का लघु रूप में एक वास्तविक प्रतिरूप है। ग्लोब विभिन्न आकार एवं प्रकार के हो सकते हैं- बड़े ग्लोब जो आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान नहीं ले जा सकते हैं। 
               
          ग्लोब में अध्ययन की कुछ सीमाएँ होती है। जब हम पूरी पृथ्वी का अध्ययन करना चाहते हैं तब ग्लोब हमारे लिए काफी उपयोगी साबित होता है। लेकिन जब हम पृथ्वी के केवल एक भाग जैसे- अपने देश, राज्यों, जिलों, शहरों तथा गाँवों के बारे में अध्ययन करना चाहते हैं तो यह हमारे लिए उतना उपयोगी साबित नहीं होता है। ऐसी स्थिति में हम मानचित्रों का उपयोग करते हैं।
         मानचित्र पृथ्वी की सतह या इसके एक भाग का पैमाने के माध्यम से चपटी सतह पर खींचा गया चित्र है। लेकिन एक गोलाकार सतह को पूरी तरह से चपटा करना असंभव है। यही कारण है कि ग्लोब की अपेक्षा मानचित्र अधिक सहायक होते हैं।
(v) मानचित्र एवं खाका के बीच अंतर बताएँ।
उत्तर – एक छोटे क्षेत्र का बड़े पैमाने पर खींचा गया रेखाचित्र खाका कहा जाता है। एक बड़े पैमाने वाले मानचित्र से हमें बहुत सी जानकारियाँ प्राप्त होती है लेकिन कुछ ऐसी चीजें होती है जिन्हें हम कभी-कभी जानना चाहते हैं। जैसे किसी कमरे की लंबाई एवं चौड़ाई जिसे मानचित्र में नहीं दिखाया जा सकता है। उस समय हम लोग बड़े पैमाने वाला एक रेखाचित्र खींच सकते हैं जिसे खाका कहा जाता है।
(vi) कौन-सा मानचित्र विस्तृत जानकारी प्रदान करता है?उत्तर – जब बड़े क्षेत्रफल वाले भागों जैसे महाद्वीप या देशों को कागज पर दिखाना होता है तब हम लोग छोटे पैमाने का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए मानचित्र पर 5 सेंमी. स्थल के 500 किमी. को दर्शाता है। इसको छोटे पैमाने वाला मानचित्र कहते है।
      जब एक छोटे क्षेत्रफल वाले भाग जैसे कोई  गाँव या शहर को कागज पर दिखाना होता है तब हम बड़े पैमाने का उपयोग करते हैं जैसे स्थल पर 500 मीटर की दूरी को मानचित्र पर मात्र 5  सेंमी. से दर्शाया जाता है। इस प्रकार के मानचित्र को बड़े पैमाने वाला मानचित्र कहते हैं।
      इस प्रकार स्पष्ट है कि बड़े पैमाने वाले मानचित्र छोटे पैमाने वाले मानचित्र की अपेक्षा अधिक जानकारी प्रदान करते हैं।
(vii) प्रतीक किस प्रकार मानचित्रो के अध्ययन में सहायक होते हैं?
उत्तर – प्रतीक किसी भी मानचित्र का तीसरा प्रमुख घटक है। किसी भी मानचित्र पर वास्तविक आकार एवं प्रकार में विभिन्न आकृतियों; जैसे- भवनों, सड़कों, पुलों, वृक्षों, रेल की पटरियों या कुएँ को दिखाना संभव नहीं होता है। इसलिए यह निश्चित अक्षरों, छायाओं, रंगो, चित्रों तथा रेखाओं का उपयोग करके दर्शाए जाते हैं। यह प्रतीत कम स्थान में अधिक जानकारी प्रदान करते हैं। इन प्रतीकों के इस्तेमाल के द्वारा मानचित्र को आसानी से खींचा जा सकता है तथा इनका अध्ययन करना आसान होता है। इन प्रतीकों के उपयोग के संबंध में एक अंतरराष्ट्रीय सहमति भी है।
 
         विभिन्न रंगों का उपयोग भी उसी उद्देश्य किया जाता है। उदाहरण के लिए सामान्यतः नीले रंग का इस्तेमाल जलाशयों और भूरा रंग पर्वतों, पीला रंग पठारों और हरा रंग मैदानों को दर्शाने के लिए किया जाता है।
 
 2. सही उत्तर चिन्हित (√) कीजिए।
 
(i) वृक्षों के वितरण को दिखाने वाले मानचित्र है –
क. भौतिक मानचित्र
ख. थिमैटिक मानचित्र
ग. राजनीतिक मानचित्र
उत्तर – ख. थिमैटिक मानचित्र 
 
(ii) नीले रंग का इस्तेमाल किसे दिखाने में किया जाता है-
क. जलाशयों
ख. पर्वतों
ग. मैदानों
उत्तर – क. जलाशयों 
 
(iii) दिक्सूचक का उपयोग किया जाता है –
क. प्रतीकों को दिखाने के लिए
ख. मुख्य दिशा का पता लगाने के
ग. दूरी मापने के लिए
उत्तर – ख. मुख्य दिशा का पता लगाने के
 
 (iv) पैमाना आवश्यक है-
क. मानचित्र के लिए
ख. रेखाचित्र के लिए
ग. प्रतीकों के लिए

उत्तर – क. मानचित्र के लिए


अध्याय 3 पृथ्वी की गतियाँ/NCERT CLASS 6 Geography Solutions (हिन्दी माध्यम)

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 अध्याय 3 पृथ्वी की गतियाँ

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अध्याय 3 पृथ्वी

1.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।

(i) पृथ्वी के अक्ष का झुकाव कोण क्या है ?
उत्तर – पृथ्वी के अक्ष का झुकाव कोण 23°30′ है।
(ii) घूर्णन एवं परिक्रमण को परिभाषित करें।
उत्तर – घूर्णन- पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना घूर्णन कहलाता है। इसके कारण पृथ्वी पर दिन रात होती है।
परिक्रमण- सूर्य के चारों ओर एक स्टील कच्छ में पृथ्वी की गति को परिक्रमण कहते हैं। इसके कारण पृथ्वी पर ऋतुओं का परिवर्तन होता है।
नोट: ग्लोब पर वह वृत्त जो दिन तथा रात को विभाजित करता है उसे प्रदीप्ति वृत्त कहते हैं।
(iii) लीप वर्ष क्या है?
उत्तर- पृथ्वी एक वर्ष या 365 दिन 6 घण्टे में सूर्य का एक चक्कर लगाती है। हम लोग एक वर्ष 365 दिन का मानते हैं तथा सुविधा के लिए 6 घंटे को इसमें नहीं जोड़ते हैं। चार वर्षों में प्रत्येक वर्ष के बचे हुए 6 घंटे मिलकर एक दिन यानी 24 घंटे के बराबर हो जाते हैं। इसके एक अतिरिक्त दिन को फरवरी के महीने में जोड़ा जाता है। इस प्रकार प्रत्येक चौथे वर्ष फरवरी माह 28 के बदले 29 दिन का होता है। ऐसा वर्ष जिसमें 366 दिन होते हैं उसे लीप वर्ष कहा जाता है। 
(iv) उत्तर एवं दक्षिण अयनांतों में अंतर बताइए।
उत्तर- उत्तर अयनांत- 21 जून को विषुवत वृत के उत्तरी भाग में सबसे लंबा दिन तथा सबसे छोटी रात होती है। ठीक इसके विपरीत इसी दिन दक्षिणी गोलार्ध में सबसे लंबी रात एवं छोटी दिन होती है। पृथ्वी की इस अवस्था को उत्तर अयनांत कहते है।  
दक्षिण अयनांत- 22 दिसंबर को विषुवत वृत के दक्षिणी भाग में सबसे लंबा दिन तथा सबसे छोटी रात होती है।ठीक इसके विपरीत इसी दिन उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबी रात एवं छोटी दिन होती है। पृथ्वी की इस अवस्था को दक्षिण अयनांत कहते है।
(v) विषुव क्या है?
उत्तर – 21 मार्च एवं 23 सितंबर को सूर्य की किरणें  विषुवत वृत्त पर सीधी पड़ती है। इस अवस्था में कोई भी ध्रुव सूर्य की ओर नहीं झुका रहता है, इसलिए पूरी पृथ्वी पर रात एवं दिन बराबर होते हैं। इसे विषुव कहा जाता है।
       23 सितंबर को उत्तरी गोलार्ध में शरद ऋतु होती है जबकि दक्षिणी गोलार्ध में बसंत ऋतु होती है। 21 मार्च को स्थिति ठीक इसके विपरीत होती है क्योंकि इस दिन उत्तरी गोलार्ध में बसंत ऋतु तथा दक्षिणी गोलार्ध में शरद ऋतु होती है। 
(vi) दक्षिणी गोलार्ध में उत्तरी गोलार्ध की अपेक्षा उत्तर एवं दक्षिण का अयनांत अलग-अलग समय में होता है, क्यों?
उत्तर- जब उत्तरी गोलार्ध सूर्य की तरफ झुका होता है तब उस समय सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर सीधी पड़ती है, इसलिए उसी समय उत्तरी गोलार्ध में ग्रीष्म ऋतु होती है तथा दक्षिणी गोलार्ध में शीत ऋतु होती है और जब दक्षिणी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है तब सूर्य की किरणें मकर रेखा पर सीधी पड़ती है, इसलिए उस समय दक्षिणी गोलार्ध में ग्रीष्म ऋतु तथा उत्तरी गोलार्ध में शीत ऋतु होती है।
(vii) ध्रुवों पर लगभग 6 महीने का दिन एवं 6 महीने की रात होती है, क्यों?
उत्तर- सूर्य की किरणें लगातार 6 माह उत्तरी गोलार्ध में और 6 माह दक्षिणी गोलार्ध में पड़ती है क्योंकि जब सूर्य की किरणें उत्तरी गोलार्ध में पड़ती है उस समय उत्तरी ध्रुव सूर्य की तरफ झुका होता है तथा उत्तरी ध्रुव रेखा के बाद वाले भागों पर लगभग 6 महीने तक लगातार दिन और इसी समय दक्षिणी गोलार्ध में रात रहता है।
 
     ठीक इसके विपरीत जब सूर्य की किरणें दक्षिणी गोलार्ध में पड़ती है उस समय दक्षिणी ध्रुव सूर्य की तरफ झुका होता है तथा दक्षिणी ध्रुव रेखा के बाद वाले भागों पर लगभग 6 महीने तक लगातार दिन और इसी समय उत्तरी गोलार्ध में रात रहता है। यही कारण है कि ध्रुवों पर लगभग 6 महीने का दिन एवं 6 महीने की रात होती है।
2. सही उत्तर चिन्हित (√) कीजिए।
(i) पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की गति को कहा जाता है-
क. घूर्णन
ख. परिक्रमण
ग. झुकाव
उत्तर – ख. परिक्रमण
(ii) सूर्य की सीधी किरणें विषुवत वृत्त पर किस दिन पड़ती है- 
क. 21 मार्च
ख. 21 जून
ग. 22 दिसंबर
उत्तर -क. 21 मार्च
(iii) गर्मी में क्रिसमस का पर्व कहाँ मनाया जाता है-
क. जापान
ख. भारत
ग. ऑस्ट्रेलिया
उत्तर – ग. ऑस्ट्रेलिया
(iv) ऋतु में परिवर्तन पृथ्वी की किस गति के कारण होता है-
क. घूर्णन
ख. परिक्रमण
ग. गुरुत्वाकर्षण
उत्तर – ख. परिक्रमण
3. खाली स्थान भरें।
(i) एक लीप वर्ष में दिनों की संख्या 366 होती है।
(ii) पृथ्वी की प्रतिदिन की गति को दैनिक गति कहते हैं।
(iii) पृथ्वी सूर्य के चारों ओर एक स्थिर कक्षा में घूमती है।
(iv) 21 जून को सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर सीधी पड़ती है।

(v) शीत ऋतु में दिन छोटे होते हैं।


अध्याय 2 ग्लोब अक्षांश एवं देशांतर/NCERT CLASS 6 Geography Solutions (हिंदी माध्यम)

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अध्याय 2 ग्लोब : अक्षांश एवं देशांतर

एनसीईआरटी के 6वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

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अध्याय 2 ग्लोब
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए। 
(i) पृथ्वी का सही आकार क्या है?
उत्तर- हमारी पृथ्वी गोलाकार नहीं है। यह उत्तर एवं दक्षिण ध्रुवों पर थोड़ी चपटी तथा मध्य में थोड़ उभरी हुई है। अर्थात पृथ्वी का एक अपना आकार है जिसे जॉइड (Geoid) कहते है।
(ii) ग्लोब क्या है ?
उत्तर- ग्लोब पृथ्वी का लघु रूप में एक वास्तविक प्रतिरूप है।
(iii) कर्क रेखा का अक्षांशीय मान क्या है?
उत्तर- कर्क रेखा का अक्षांशीय मान 23°30′ उत्तरी अक्षांश है।
(iv) पृथ्वी के तीन ताप कटिबंध कौन-से है?
उत्तर- पृथ्वी के तीन ताप कटिबंध है- 
◆ उष्ण कटिबंध 
◆ शीतोष्ण कटिबंध
◆ शीत कटिबंध
(v) अक्षांश एवं देशांतर रेखाएँ क्या है?
उत्तर- अक्षांश- विषुवत वृत से ध्रुवों तक स्थित सभी समानांतर वृतों को अक्षांश रेखाएँ कहा जाता है। अक्षांशों को अंश में मापा जाता है। विषुवत वृत्त के उत्तर के सभी समानांतर रेखाओं को उत्तरी अक्षांश तथा विषुवत वृत्त के दक्षिण में स्थित सभी समानांतर रेखाओं को दक्षिणी अक्षांश कहा जाता है।
देशांतर-  वह रेखा जो ग्लोब पर उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव के बीच खींची जाती हो उसे देशांतर रेखा कहा जाता है। ये अर्धवृत्त है तथा उनके बीच की दूरी ध्रुवों की तरफ बढ़ने पर घटती जाती है एवं ध्रुवों पर शून्य हो जाती है, जहाँ सभी देशांतरीय याम्योत्तर आपस में मिलती है। 
(vi) ऊष्मा की सबसे अधिक मात्रा उष्ण कटिबंध क्यों प्राप्त करते हैं?
उत्तर- कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच के सभी अक्षांशों पर सूर्य दिन में एक बार दोपहर में सिर के ठीक ऊपर होता है। इसीलिए इस क्षेत्र में सबसे अधिक ऊष्मा प्राप्त होती है तथा इसे उष्ण कटिबंध कहा जाता है।
(vii) जब भारत में शाम के 5:30 बजते हैं, तब लंदन में दोपहर के 12:00 क्यों बजते हैं?
उत्तर – चूँकि, भारत ग्रीनविच के पूर्व 82°30′ पूर्वी देशांतर पर स्थित है तथा जहाँ का समय ग्रीनविच समय से 5 घण्टा 30 मिनट (82°30’×4=330 मिनट) आगे है। इसलिए जब भारत में शाम के 5:30 बजते हैं, तब लंदन में दोपहर के 12:00 बजे हैं।
2. सही उत्तर चिन्हित (√) कीजिए।
(i) प्रमुख याम्योत्तर का मान है-
क. 90°
ख. 0°
ग. 60°
उत्तर –  ख. 0°
(ii) शीत कटिबंध किसके नजदीक पाया जाता है?
क. ध्रुवों
ख. विषुवत वृत्त
ग. कर्क रेखा
उत्तर – क. ध्रुवों
(iii) देशांतरों की कुल संख्या है-
क. 360
ख. 180
ग. 90
उत्तर – क. 360
(iv) दक्षिण ध्रुव वृत स्थित है –
क. उत्तरी गोलार्ध में
ख. दक्षिणी गोलार्ध में
ग. पूर्वी गोलार्ध में
उत्तर – ख. दक्षिणी गोलार्ध में
(v) ग्रिड किस का जाल है –
क. अक्षांशों (समानांतर) रेखाओं एवं देशांतरीय याम्योत्तरों का
ख. कर्क रेखा और मकर रेखा
ग. उत्तर ध्रुव एवं दक्षिणी ध्रुव
उत्तर – क. अक्षांशों (समानांतर) रेखाओं एवं देशांतरीय याम्योत्तरों का
3. खाली स्थान भरें।
(i) मकर रेखा पर 23°30′ दक्षिण अक्षांश पर स्थित है।
(ii) भारत का मानक याम्योत्तर 82°30′ पूर्वी देशांतर है।
(iii) 0° याम्योत्तर को प्रमुख याम्योत्तर/ ग्रीनविच के नाम से जाना जाता है।
(iv) देशान्तरों के बीच की दूरी ध्रुव की तरफ घटती जाती है।

(v) उत्तर ध्रुव वृत्त उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है।


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