BSEB CLASS 9 TOTAL OBJECTIVE GEOGRAPHY SOLUTIONS

BSEB CLASS 9 TOTAL OBJECTIVE GEOGRAPHY SOLUTIONS (हिन्दी माध्यम)


BSEB CLASS 9 TOTAL OBJECTIVE GEOGRAPHY SOLUTIONS

BSEB CLASS 9 TOTAL OBJECTIVE GEOGRAPHY SOLUTIONS1. क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?
(क) 7 वाँ
(ख) 9 वाँ
(ग) 5 वाँ
(घ) 8 वाँ
उत्तर – (क) 7 वाँ
2. भारत के अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार में लगभग कितने डिग्री का अंतर है?
(क) 45°
(ख) 40°
(ग) 30°
(घ) 35°
उत्तर – (ग) 30°
3. भारत की मानक मध्यान्ह रेखा का मान है-
(क) 83°30’9
(ख) 81°35′
(ग) 82°30′
(घ) 80°30′
उत्तर – (ग) 82°30′
4. भारत की स्थलीय सीमा रेखा तटीय सीमा रेखा के लगभग कितनी बड़ी है?
(क) आधी
(ख) दुगुनी
(ग) तिगुनी
(घ) चौगुनी
उत्तर – (ख) दुगुनी
5.भारत एवं चीन के बीच सीमा रेखा का नाम है?
(क) रेडक्लिफ लाइन
(ख) मैकमोहन रेखा
(ग) ग्रीनवीच लाइन
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (ख) मैकमोहन रेखा
6. निम्नलिखित में से कौन-सी चोटी भारत में स्थित नहीं है?
(क) के2
(ख) कामेट
(ग) माउण्ट एवरेस्ट
(घ) नंदादेवी
उत्तर – (ग) माउण्ट एवरेस्ट
7. बिहार के उत्तर-पश्चिमी किनारे पर हिमालय की कौन-सी श्रेणी है?
(क) महान हिमालय
(ख) शिवालिक
(ग) मध्य हिमालय
(घ) पूर्वी हिमालय
उत्तर – (ख) शिवालिक
8. हिमालय के निर्माण में कौन-सा सिद्धांत सर्वमान्य है?
(क) महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत
(ख) भूमंडलीय गतिशीलता सिद्धांत
(ग) प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (ग) प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत
9.सैडल चोटी की ऊँचाई है।
(क) 515 मी०
(ख) 460 मी०
(ग) 642 मी०
(घ) 738 मी०
उत्तर – (घ) 738 मी०
10. भारत का सबसे प्राचीन भूखंड है?
(क) प्रायद्वीपीय पठार
(ख) विशाल मैदान
(ग) उत्तर का पर्वतीय भाग
(घ) तटीय भाग
उत्तर – (क) प्रायद्वीपीय पठार
11. लक्ष्मीसागर झील किस राज्य में स्थित है?
(क) मध्यप्रदेश
(ख) उत्तर प्रदेश
(ग) बिहार
(घ) झारखंड
उत्तर – (ग) बिहार
12. निम्न में से कौन लवणीय झील है?
(क) वूलर
(ख) डल
(ग) सांभर
(घ) गोविंदसगर
उत्तर – (ग) सांभर
13. गंगा नदी पर गांधी सेतु किस शहर के निकट अवस्थित है?
(क) भागलपुर
(ख) कटिहार
(ग) पटना
(घ) गया
उत्तर – (ग) पटना
14. कौन-सी नदी भ्रंश घाटी से होकर बहती है?
(क) महानदी
(ख) कृष्णा
(ग) तापी
(घ) तुंगभद्रा
उत्तर – (ग) तापी
15. कौन-सी नदी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है?
(क) नर्मदा
(ख) गोदावरी
(ग) कृष्णा
(घ) महानदी
उत्तर – (ख) गोदावरी
16. सिंधु जल समझौता कब हुआ था?
(क) 1950
(ख) 1955
(ग) 1960
(घ) 1965
उत्तर – (ग) 1960
17. शांग-पो किस नदी का उपनाम है?
(क) गंगा
(ख) ब्रह्मपुत्र
(ग) सतलज
(घ) गोदावरी
उत्तर – (ख) ब्रह्मपुत्र
18. इनमें से गर्म जल का जल प्रपात कौन है?
(क) ककोलत
(ख) गरसोप्पा
(ग) ब्रह्मकुंड
(घ) शिवसमुद्रम
उत्तर – (ग) ब्रह्मकुंड
19. कोसी नदी का उदगम स्थल है?
(क) गंगोत्री
(ख) मानसरोवर
(ग) गोसाईधाम
(घ) सतपुड़ा श्रेणी
उत्तर – (ग) गोसाईधाम
20. जाड़े में तमिलनाडु के तटीय भागों में वर्षा का क्या कारण है?
(क) दक्षिण-पश्चिम मॉनसून
(ख) उत्तर-पूर्वी मॉनसून
(ग) शीतोष्ण कटिबन्धीय चक्रवात
(घ) स्थानीय वायु परिसंचरण
उत्तर- (ख) उत्तर-पूर्वी मॉनसून
21. दक्षिण भारत के सन्दर्भ में कौन-सा तथ्य गलत है?
(क) दैनिक तापांतर कम होता है।
(ख) वार्षिक तापांतर कम होता है।
(ग) तापांतर वर्ष भर कम रहता है।
(घ) विषम जलवायु पायी जाती है।
उत्तर- (ग) तापांतर वर्ष भर कम रहता है।
22. जब सूर्य कर्क रेखा पर सीधा  चमकता है, तो उसका क्या प्रभाव होता है?
(क) उत्तरी पश्चिमी भारत में उच्च वायुदाब रहता है।
(ख) उत्तरी पश्चिमी भारत में निम्न वायुदाब रहता है।
(ग) उत्तरी पश्चिमी भारत में तापमान एवं वायुदाब में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
(घ) उत्तरी पश्चिमी भारत में मॉनसून लौटने लगता है।
उत्तर- (ख) उत्तरी पश्चिमी भारत में निम्न वायुदाब रहता है।
23. विश्व में सबसे अधिक वर्षा किस स्थान पर होती है?
(क) सिलचर
(ख) चेरापूँजी
(ग) मौसिमराम
(घ) गुवाहाटी
उत्तर- (ग) मौसिमराम
24. मई महीने में पश्चिम बंगाल में चलने वाली धूल भरी आंधी को क्या कहते है?
(क) लू
(ख) व्यापारिक पवन
(ग) काल वैशाखी
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर- (ग) काल वैशाखी
25. भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का आगमन कब होता है?
(क) 1 मई से
(ख) 1 जून से
(ग) 1 जुलाई से
(घ) 1 अगस्त से
उत्तर- (ख) 1 जुलाई से
26. जाड़े में सबसे ज्यादा ठंडा कहाँ पड़ता है?
(क) गुलमर्ग
(ख) पहलगाँव
(ग) खिलनमर्ग
(घ) जम्मू
उत्तर- (ग) खिलनमर्ग
27. उत्तर -पश्चिमी भारत में शीतकालीन वर्षा का क्या कारण है?
(क) ऊत्तर-पूर्वी मॉनसून
(ख) दक्षिण-पश्चिम मॉनसून
(ग) पश्चिमी विक्षोभ
(घ) उष्ण कटिबंधीय चक्रवात
उत्तर- (ग) पश्चिमी विक्षोभ
28. ग्रीष्म ऋतु का कौन स्थानीय तूफान है जो कहवा की खेती के लिए उपयोगी होती है?
(क) आम्र वर्षा
(ख) फूलों वाली बौछार
(ग) काल वैशाखी
(घ) लू
उत्तर- (ख) फूलों वाली बौछार
29. भारत में जीव संरक्षण अधिनियम कब लागू हुआ?
(क) 1982
(ख) 1972
(ग) 1992
(घ) 1985
उत्तर- (ख) 1972
30. भरतपुर पक्षी विहार कहाँ स्थित है?
(क) असम
(ख) गुजरात
(ग) राजस्थान
(घ) पटना
उत्तर- (ग) राजस्थान
31. भारत में कितने प्रकार की वनस्पति प्रजातियाँ पायी जाती है?
(क) 89000
(ख) 90000
(ग) 95000
(घ) 85000
उत्तर- 47000
32. भारत में सर्वाधिक साक्षरता दर किस राज्य की है?
(क) पश्चिम बंगाल
(ख) महाराष्ट्र
(ग) बिहार
(घ) केरल
उत्तर- (घ) केरल
33. भारत की औसत आयु संरचना क्या है?
(क) 64.6 वर्ष
(ख) 64.9 वर्ष
(ग) 81.6 वर्ष
(घ) 70.2 वर्ष
उत्तर- (क) 64.6 वर्ष (2001)
34. 2001 ई० की जनगणना में प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं के अनुपात की क्या स्थिति है?
(क) 927 महिलाएं
(ख) 990 महिलाएं
(ग) 933 महिलाएं
(घ) 1010 महिलाएं
उत्तर- (ग) 933 महिलायें
35. नेपाल की सीमा भारत के किस राज्य से मिलती है?
(क) अरुणाचल प्रदेश
(ख) मणिपुर
(ग) सिक्किम
(घ) पंजाब
उत्तर- (ग) सिक्किम
36. महाभारत लेख क्या है?
(क) पर्वत श्रृंखला
(ख) लेखागार
(ग) मैदान
(घ) राजमहल
उत्तर- (क) पर्वत श्रृंखला
37. गण्डक नदी को नेपाल में किस नाम से जाना जाता है?
(क) काली गण्डक नदी
(ख) नारायणी नदी
(ग) त्रिशुल नदी
(घ) कृष्णा नदी
उत्तर- (ख) नारायणी नदी
38. भूटान की राजधानी कहाँ है?
(क) काठमांडू
(ख) ढाका
(ग) थिम्पू
(घ) यंगून
उत्तर- (ग) थिम्पू
39. भूटान हिमालय की सर्वाधिक ऊँचाई है?
(क) 8848 मीटर
(ख) 7554 मीटर
(ग) 7115 मीटर
(घ) 8850 मीटर
उत्तर- (ख) 7574 मीटर
40. भूटान में औसत वार्षिक वर्षा होती है?
(क) 350 से०मी०
(ख) 300 से०मी०
(ग) 250 से०मी०
(घ) 380 से०मी०
उत्तर- (ख) 250 से०मी०
41.भूटान के कितने प्रतिशत क्षेत्र पर वनों का विस्तार है?
(क) 20%
(ख) 50%
(ग) 70%
(घ) 21%
उत्तर- (ग) 68 %
42. भूटान की साक्षरता दर कितना प्रतिशत है?
(क) 30 %
(ख) 40%
(ग) 42%
(घ) 50%
उत्तर- (ग) 42%
43. बांग्लादेश के पूर्व नाम क्या था?
(क) पूर्वी पाकिस्तान
(ख) पूर्वी बंगाल
(ग) पाकिस्तान
(घ) मुजिबनगर
उत्तर- (के) पूूर्वी पाकिस्तान
44. भारत के साथ बांग्लादेश की स्थलीय सीमा कितनी लंबी है?
(क) 4018 कि०मी०
(ख) 4096 कि०मी०
(ग) 4180 कि०मी०
(घ) 4009 कि०मी ०
उत्तर- (ख) 4096 कि०मी०
45. बांग्लादेश कब स्वतन्त्र हुआ?
(क) 17 दिसंबर,1970
(ख) 18 अक्टूबर,1971
(ग) 17 दिसंबर,1971
(घ) 18 मार्च, 1981
उत्तर- (ख) 17 दिसम्बर,1971
46. बांग्लादेश एशिया महाद्वीप के किस भाग में है?
(क) पश्चिमी भाग
(ख) दक्षिणी भाग
(ग) उत्तरी भाग
(घ) पूर्वी भाग
उत्तर- (ख) दक्षिणी भाग
47. ब्रह्मपुत्र नदी को बांग्लादेश में किस नाम से जाना जाता है?
(क) मेघना
(ख) जमुना
(ग) सूरमा
(घ) कर्णफूली
उत्तर- (ख) जमुुना
48. श्रीलंका की आकृति कैसी है?
(क) आयताकार
(ख) अण्डाकार
(ग) त्रिभुजाकार
(घ) वृत्ताकार
उत्तर- (ख) अण्डाकार
49. पिदुरतालगाला श्रीलंका का एक प्रमुख स्थलाकृति है-
(क) नदी
(ख) झील
(ग) शिखर
(घ) गर्त
उत्तर- (ग) शिखर
50. श्रीलंका की राजधानी है-
(क) कैंडी
(ख) कोलंबो
(ग) जाफना
(घ) अनुराधानगर
उत्तर- (ख) कोलंबो
51. भारत से श्रीलंका को अलग करता है
(क) पाक जलसंधि
(ख) श्रीलंका जलसंधि
(ग) हरमुज जलसंधि
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (क) पाक जलसंधि
52. श्रीलंका में लोकतंत्र की स्थापना कब हुई?
(क) 1948 में
(ख) 1949 में
(ग) 1955 में
(घ) 1956 में
उत्तर- (क) 1948 में
53. पाकिस्तान का सबसे बड़ा हवाई अड्डा कहाँ है?
(क) इस्लामाबाद
(ख) करांची
(ग) स्यालकोट
(घ) मुल्तान
उत्तर- (ख) करांची
54. खेल का सामान बनाने में विश्व प्रसिद्ध है-
(क) करांची
(ख) रावलपिण्डी
(ग) स्यालकोट
(घ) लाहौर
उत्तर- (ग) स्यालकोट
55. पाकिस्तान की सबसे प्रसिद्ध चोटी तख्त सुलेमान की ऊँचाई क्या है?
(क) 3850 मी०
(ख) 3770 मी०
(ग) 3700 मी०
(घ) 4400 मी०
उत्तर- (ख) 3770 मी०
56. सिंधु नदी बहती है-
(क) दक्षिण से उत्तर
(ख) पूरब से पश्चिम
(ग) उत्तर से दक्षिण
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (ग) उत्तर से दक्षिण
57. कौन-सी मापक विधि सर्वाधिक मान्य है?
(क) प्रकथन
(ख) निरूपक विधि
(ग) आरेख
(घ) कोई नहीं
उत्तर – (ख) निरुपक विधि
58. मानचित्र की दूरी को मापनी में कैसे जाना जाता है?
(क) अंश
(ख) हर
(ग) मापनी का प्रकथन
(घ) कोई नहीं
उत्तर – (क) अंश
59. मापनी में हर व्यक्त करता है-
(क) धरातल की दूरी
(ख) मानचित्र की दूरी
(ग) दोनों दूरियाँ
(घ) उनमें से कोई नहीं
उत्तर – (क) धरातल की दूरी
60. निम्नलिखित में से कौन सा मापक निरूपक भिन्न का है।
(क) मीटर
(ख) सेंटीमीटर
(ग) इंच
(घ) इनमें से कोई भी नहीं
उत्तर – (घ) इनमें से कोई नहीं
61. निम्न में किस मापनी द्वारा किलोमीटर और मील दोनों की दूरियों को दर्शाया जा सकता है?
(क) रेखीय मापनी
(ख) आरेखीय मापनी
(ग) प्रतिनिधि भिन्न
(घ) तुलनात्मक मापनी
उत्तर -(घ) तुलनात्मक मापनी
62. क्षेत्र में जाकर इकट्ठे किये गए आँकड़ों को क्या कहा जाता है?
(क) द्वितीयक आँकड़ा
(ख) प्राथमिक आँकड़ा
(ग) तृतीयक आँकड़ा
(घ) चतुर्थक आँकड़ा
उत्तर – (क) प्राथमिक आँकड़ा
63. भूगोल में क्षेत्रीय अध्ययन है-
(क) एक उपागम
(ख) एक विधितन्त्र
(ग) एक सिद्धांत
(घ) एक मॉडल
उत्तर -(क) एक उपागम
64. आपदा प्रबंधन के प्रमुख घटक है-
(i) आपदा के पूर्व वैयक्तिक स्तर पर तैयारी करना।
(ii) आपदा के पूर्व सामुदायिक स्तर पर तैयारी करना।
(iii) रोकथाम के लिए दूसरों पर निर्भर रहना।
(iv) आपदा के संबंध में जानकारी नहीं रखना।
उत्तर – (ii) आपदा के पूर्व सामुदायिक स्तर पर तैयारी करना।
65. मानव जनित आपदा के प्रभाव को कम करने के कौन-से उपाय हैं?
(i) भूमि उपयोग की जानकारी नहीं रखना।
(ii) आपदारोधी भवन का निर्माण करना।
(iii) सामुदायिक जागरूकता पर ध्यान देना।
(iv) जोखिम क्षेत्रों में बसाव को बढ़ाना।
उत्तर – (iii) सामुदायिक जागरूकता पर ध्यान देना।
66. इनमें से कौन परमाणु ऊर्जा केन्द्र है?
(क) कैगा
(ख) वाराणसी
(ग) दिल्ली
(घ) मेरठ
उत्तर – (क) कैगा
67. हीरोशिमा किस देश में है?
(क) भारत
(ख) जापान
(ग) चीन
(घ) ताईवान
उत्तर – (ख) जापान
68. परमाणु विस्फोट से बचने के लिए सर्वप्रथम प्रतीक चिन्ह का विकास किसने किया है?
(क) टोकियो विश्विद्यालय
(ख) कैम्ब्रिज विश्वद्यालय
(ग) कैलिफोर्निया विश्विद्यालय
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर – (ग) कैलिफोर्निया विश्विद्यालय (1946)
69. भोपाल में रसायनिक गैस रिसाव कब हुआ था?
(क) 1984
(ख) 1990
(ग) 1930
(घ) 2004
उत्तर – (क) 1984
70. तूतीकोरिन में 1997 ई० में गैस रिसाव से कौन-सी बीमारी उतपन्न हुई थी?
(क) उल्टी होना
(ख) सर्दी एवं खाँसी
(ग) उल्टी होना एवं छाती में जलन
(घ) मस्तिष्क ज्वर
उत्तर – (ग) उल्टी होना एवं छाती में जलन
71. अम्लीय वर्षा का सर्वाधिक प्रभाव कहाँ पड़ा
(क) पटना महानगर
(ख) दामोदर घाटी क्षेत्र
(ग) उत्तरी बिहार
(घ) असम घाटी क्षेत्र
उत्तर – (ख) दामोदर घाटी क्षेत्र
72. डेंगू बीमारी का क्या कारण है?
(क) आग लगने से
(ख) एक बर्तन में अधिक समय तक पानी रहने से
(ग) बाढ़ आने से
(घ) गंदे भोजन से
उत्तर – (ख) एक वर्तन में अधिक समय तक पानी रखने से
73. एंथ्रेक्स क्या है?
(क) अति सूक्ष्म जीव
(ख) युद्धपोत
(ग) जंगली जानवर
(घ) युद्ध का एक अस्त्र
उत्तर – (क) अति सूक्ष्म जीव
74. भारत में एड्स से लगभग कितने लोग प्रभावित है?
(क) 25 लाख
(ख) 30 लाख
(ग) एक करोड़
(घ) 50 लाख
उत्तर – (क) 25 लाख
75. सामान्य आपदाओं को कितने वर्गो में रखा गया है?
(क) 1
(ख) 2
(ग) 3
(घ) 4
उत्तर – (ख) 2
76. तीव्र ज्वार का कारण है?
(क) जीवाणु
(ख) विषाणु
(ग) फंगस
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (क) जीवाणु
77. नगरों में सड़क कहाँ से पार करनी चाहिए?
(क) जहाँ जेब्रा का चिन्ह नहीं बना हो
(ख) जहाँ जेब्रा का चिन्ह बना हो
(ग) अपनी स्वेच्छा के अनुसार
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (ख) जहाँ जेब्रा चिन्ह बना हो
78.पैदल चलते समय सड़क पर चलना आदर्श है?
(क) दायीं तरफ
(ख) बीच से
(ग) बायीं तरफ
(घ) स्वेच्छा से
उत्तर – (ग) बायीं तरफ से
79. रेल यात्रा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
(क) रेल फाटकों को पार करते समय दायीं बायीं नहीं देखना चाहिए।
(ख) रेल यात्रा के दौरान ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जाना चाहिए।
(ग) बच्चों को रेलवे लाइन पर करने के नियमों की जानकारी नहीं होनी चाहिए।
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (क) रेल यात्रा के दौरान ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जाना चाहिए।
80. आपदा प्रबंधन के तीन प्रमुख अंगों में कौन एक निम्नलिखित में शामिल नहीं है?
(क) पूर्वानुमान,चेतावनी एवं प्रशिक्षण
(ख) आपदा के समय प्रबंधन गतिविधियाँ
(ग) आपदा के बाद निश्चित रहना
(घ) आपदा के बाद प्रबंधन का कार्य करना
उत्तर – (ग) आपदा के बाद निश्चित रहना
81. प्रत्येक ग्रीष्म ऋतु में कौन सी आपदा लगभग निश्चित है?
(क) आगजनी
(ख) वायु दुर्घटना
(ग) रेल दुर्घटना
(घ) सड़क दुर्घटना
उत्तर – (क) आगजनी
82. सामुदायिक प्रबंधन के अन्तर्गत निम्नलिखित में से कौन एक प्राथमिक क्रियाकलाप में शामिल नहीं है
(क) निकटतम प्राथमिक चिकित्सा केंद्र को सूचना।
(ख) प्रभावित लोगों को स्वछ जल और भोजन की उपलब्धता की गारंटी करना।
(ग) आपदा की जानकारी प्रशासन तंत्र को नहीं देना।
(घ) आपातकालीन राहत शिविर की व्यवस्था करना।
उत्तर – (ग) आपदा की जानकारी प्रशासन तंत्र को नहीं देना।
83. ग्रामीण आपदा प्रबंधन समिति के प्रमुख कार्य नहीं है?
(क) प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं करना।
(ख) सभी को सुरक्षा देना।
(ग) राहत शिविर का चयन एवं राहत पहुँचाने का कार्य करना।
(घ) स्वछता का ख्याल रखना।
उत्तर – (क) प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं करना।

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अध्याय-3 जल संसाधन / NCERT CLASS-10 Geography Solutions

NCERT CLASS -10 Geography Solutions 

(हिंदी माध्यम) 

अध्याय -3 जल संसाधन



3 जल संसाधन

1. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर

1. नीचे दी गई सूचना के आधार पर स्थितियों को ‘जल की कमी से प्रभावित’ या ‘जल की कमी से अप्रभावित’ में वर्गीकृत कीजिए।

(क) अधिक वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्र

(ख) अधिक वर्षा और अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र

(ग) अधिक वर्षा वाले परन्तु अत्यधिक प्रदूषित जल क्षेत्र

(घ) कम वर्षा और कम जनसंख्या वाले क्षेत्र

उत्तर- जल की कमी से प्रभावित क्षेत्र – (ख), (ग), (घ)

जल की कमी से अप्रभावित क्षेत्र – (क)

2. निम्नलिखित में से कौन-सा वक्तव्य बहुद्देश्यीय नदी परियोजनाओं के पक्ष में दिया गया तर्क नहीं है?

(क) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ उन क्षेत्रों में लाती है जहाँ जल की कमी होती है।

(ख) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ जल बहाव को नियंत्रित करके काबू पाती है।

(ग) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ से वृहत स्तर पर विस्थापन होता है और आजीविका खत्म होती है।

(घ) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ हमारे उद्योग और घरों के लिए विधुत पैदा करती है।

उत्तर- (ग) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ से वृहत स्तर पर विस्थापन होता है और आजीविका खत्म होती है।

3. यहाँ कुछ गलत वक्तव्य दिए गए है। इसमें गलती पहचाने और दोबारा लिखें।

(क) शहरों की बढ़ती संख्या, उनकी विशालता और सघन जनसंख्या तथा शहरी जीवन शैली ने जल संसाधनों के सही उपयोग में मदद की है।

(ख) नदियों पर बाँध बनाने और उनको नियंत्रित करने से उनका प्राकृतिक बहाव और तलछट बहाव प्रभावित नहीं होता।

(ग) गुजरात मेें साबरमती बेसिन में सूखे के दौरान शहरी क्षेत्रों में अधिक जल आपूर्ति करने पर भी किसान नहीं भड़के।

(घ) आज राजस्थान में इंंदिरा गांधी नहर से उप्लब्ध पेेेयजल के बावजूद छत वर्षा जल संग्रहणक लोकप्रिय हो रहा है।

उत्तर- (क) शहरों की बढ़ती संख्या, उनकी विशालता और सघन जनसंख्या तथा शहरी जीवन शैली से जल संसाधनों का अतिदोहन से इसकी कमी होते जा रही है।

(ख) नदियों पर बाँध बनाने और उनको नियंत्रित करने से उनका प्राकृतिक बहाव और तलछट बहाव प्रभावित होता।

(ग) गुजरात मेें साबरमती बेसिन में सूखे के दौरान शहरी क्षेत्रों में अधिक जल आपूर्ति करने पर किसान भड़के गए।

(घ) आज राजस्थान में इंंदिरा गांधी नहर से उप्लब्ध पेेेयजल के कारण छत वर्षा जल संग्रहणक की लोकप्रियता में कमी हो रही है।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।

(i) व्याख्या करें कि जल किस प्रकार नवीकरण योग्य संसाधन है?

उत्तर- जल नवीकरण योग्य संसाधन है क्योंकि तीन चौथाई धरातल जल से ढका हुआ है, परंतु इसमें प्रयोग में लाने योग्य अलवणीय जल का अनुपात बहुत कम है । यह लवणीय जल हमें सतही अपवाह और भौमजल स्रोत से प्राप्त होता है जिनका लगातार नवीकरण और पुनर्भरण जलीय चक्र द्वारा होता रहता है सारा जल जलीय चक्र में गतिशील रहता है जिससे जल नवीकरण सुनिश्चित होता है।

(ii) जल दुर्लभता क्या है और इसके मुख्य कारण क्या है?

उत्तर- जल दुर्लभता के भाव उत्पन्न होते ही मानव मस्तिष्क पर सुख ग्रस्त या अनावृष्टि क्षेत्र(जहाँ वर्ष का अभाव हो) का चित्र उपस्थित होना स्वाभाविक है अर्थात जल की अनुपलब्धता ही जल संकट  या जल दुर्लभता कहलाता है।

       पृथ्वी पर विशाल जल सागर होने एवं नवीकरणीय संसाधन होने के बावजूद जल संकट का होना एक जटिल समस्या है। जल संकट का मुख्य कारण बढ़ती जनसंख्या, उनकी व्यापक मांग, जल का अति उपयोग तथा जल के असमान वितरण का होना है।

(iii) बहुद्देश्यीय परियोजनाओं से होने वाले लाभ और हानियों की तुलना करें।

उत्तर- वैसी नदी घाटी परियोजना जिसका निर्माण दो या दो से अधिक उद्देश्यों की पूर्ति हेतु किया जाता है उसे बहुउद्देश्यीय परियोजना कहा जाता है। इन परियोजना के विकास के मुख्य लाभ निम्नलिखित है-

  •  बाढ़ नियंत्रण
  • मृदा अपरदन पर रोक
  • पेयजल एवं सिंचाई हेतु जलापूर्ति
  • विद्युत उत्पादन
  • उद्योगों के जलापूर्ति
  • परिवहन
  • मनोरंजन
  • वन्य जीव संरक्षण ,मत्स्य पालन ,जल कृषि, पर्यटन इत्यादि।

बहुउद्देशीय परियोजना से हानियाँ-

     बहुउद्देशीय परियोजना हेतु नदियों में बांध लगानेे से नदियोंं का प्राकृतिक प्रवाह अवरुद्ध होता है; जिससे तल पर अवसादीकरण तेज हो जाता है। इसी तलछट जमाव से जलीय जीवों के साथ भोजन एवं प्रजनन तथा स्वच्छंद विचरण की समस्याा तो आती ही है; सााथ ही बाढ़ जैसी विभीषिका भी उत्पन्न हो जाती है। इतना ही नहीं, बाढ़ग्रस्त मैदान की वनस्पतियाँ एवंं मृदाएँ प्लावित होकर अपघटित भी हो जाती है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।

(i) राजस्थान के अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में वर्षा जल संग्रहण किस प्रकार किया जाता है ? व्याख्या कीजिए।

उत्तर – राजस्थान के शुष्क एवं अर्द्ध शुष्क क्षेत्रों में वर्षा जल को एकत्रित करने के लिए गड्ढों का निर्माण किया जाता था, जिससे मृदा सिंचित कर खेती की जा सके। उसे राजस्थान के जैसलमेर में ‘खादीन’ तथा अन्य क्षेत्रों में ‘जोहड़’ के नाम से पुकारा जाता है।

        राजस्थान के बीरानो फलोदी और बाड़मेर जैसे शुष्क क्षेत्रों में पेयजल का संचय भूमिगत टैंक में किया जाता है। जिसे ‘टाँका’ कहा जाता है। यह प्रायः आंगन में हुआ करता है जिसमें छत पर संग्रहित जल को पाइप के द्वारा जोड़ दिया जाता है। इस कार्य में राजस्थान की N.G.O. ‘तरुण भारत संघ’ पिछले कई वर्षों से कार्य कर रही है।

 (ii) परम्परागत वर्षा जल संग्रहण की पद्धतियों को आधुनिक काल में अपना कर जल संरक्षण एवं भंडारण किस प्रकार किया जा रहा है।

उत्तर – जल संकट की समस्या को को कम करने की दिशा में में परम्परागत वर्षा जल संग्रह एक लोकप्रिय एवं राहनीय कदम हो सकता है। वर्षा जल मानव जीवन मे काफी उपयोगी है पश्चिमी भारत खासकर राजस्थान में पेयजल हेतु वर्षा-जल का संग्रहण छत पर करते थे।

      पश्चिम बंगाल के बाढ़ के मैदान में सिंचाई के लिए बाढ़ जल वाहिकाएँ बनाने का चलन था। शुष्क एवं अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में वर्ष-जल को एकत्रित करने के लिए गड्ढ़ों का निर्माण कर मृदा सिंचित का कार्य किया जाता था। मेघालय के शिलांग में छत पर वर्षा जल संग्रहण आज भी परम्परागत रूप में परिचित है।

       कर्नाटक के मैसूर जिले में स्थित गंगथर गाँव में छत पर जल संग्रहण की व्यवस्था 200 घरों में है जो जल संरक्षण की दिशा में एक मिसाल है। वर्तमान समय में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश बाजस्थान एवं गुजरात सहित कई राज्यों में वर्षा-जल संरक्षण एवं पुनः चक्रण किया जा रहा है।

अध्याय-1. संसाधन एवं विकास / NCERT CLASS-10 Geography Solutions

NCERT CLASS -10 Geography Solutions

(हिंदी माध्यम)

अध्याय-1. संसाधन एवं विकास


 
संसाधन एवं विकास

1. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर

1. लौह अयस्क किस प्रकार का संसाधन है?
(क) नवीकरण योग्य
(ख) प्रवाह
(ग) जैव
(घ) अनवीकरण योग्य
उत्तर– (घ) अनवीकरण योग्य
2. ज्वारीय ऊर्जा निन्मलिखित में से किस प्रकार का संसाधन है?
(क) पुन: पूर्ती योग्य
(ख) अजैव
(ग) मानवकृत
(घ) अचक्रीय
उत्तर– (क) पुन: पूर्ती योग्य
3. पंजाब में भूमि निम्नीकरण का निम्नलिखित में से मुख्य कारण क्या है?
(क) गहन सिंचाई
(ख) अधिक सिंचाई
(ग) वनोंमूलन
(घ) अति पशुचारण
उत्तर– (ख) अधिक सिंचाई
4. निम्नलिखित में से किस प्रान्त में सीढ़ीदार (सोपानी) खेती की जाती है?
(क) पंजाब
(ख) उत्तर प्रदेश के मैदान
(ग) हरियाणा
(घ) उत्तराखंड
उत्तर– (घ) उत्तराखंड
5. इनमें से किस राज्य में काली मृदा पाई जाती है?
(क) जम्मू और कश्मीर
(ख) राजस्थान
(ग) गुजरात
(घ) झारखण्ड
उत्तर– (ग) गुजरात
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए। 
(i) तीन राज्यों के नाम बताएं जहाँ काली मृदा पायी जाती है। इस पर मुख्य रूप से कौन सी फसल उगाई जाती है।
उत्तर- ये मृदाएँ महाराष्ट्र, सौराष्ट्र, मालवा, मध्यप्रदेश और छतीसगढ़ के पठार पर पायी जाती है और दक्षिण पूर्वी दिशा में गोदावरी और कृष्णा नदियों की घाटियों तक फैली है। इस पर मुख्य रूप से कपास की खेती की जाती है इसीलिए इसे काली कपास मृदा के से भी जाना जाता है।
(ii) पूर्वी तट के नदी डेल्टाओं पर किस प्रकार की मृदा पायी जाती है? इस प्रकार की मृदा की तीन मुख्य विशेषताएँ क्या है?
उत्तर-  पूर्वी तट के नदी डेल्टाओं पर विशेषकर महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी नदियों के डेल्टाओं पर जलोढ़ मृदा पायी जाती है।
         इस प्रकार की मृदा की निम्नलिखित तीन मुख्य विशेषताएँ हैं- 
  • ये मृदाएँ बहुत उपजाऊ होती है। ये मृदा पोटास, फास्फोरस और चुनायुक्त होती है।
  • यहाँ जनसंख्या घनत्व अधिक होता है।
  • इसमें गहन कृषि कार्य किया जाता है।
(iii) पहाड़ी  क्षेत्रों में मृदा अपरदन की रोकथाम के लिए क्या कदम उठाने चाहिए।
उत्तर- पहाड़ी  क्षेत्रों में मृदा अपरदन की रोकथाम के लिए सोपान कृषि की जानी चाहिए। ढाल वाली भूमि पर सोपान बनाए जा सकते है। सोपान कृषि अपरदन को नियंत्रित करता है। 
(iv) जैव और अजैव संसाधन क्या होते है? कुछ उदाहरण दें। 
उत्तर- जैव संसाधन-  इन संसाधनों की प्राप्ति जीवमंडल से होती है और इनमें जीवन व्याप्त है , जैसे- मनुष्य, वनस्पतिजात, प्राणिजात, मत्स्य जीवन, पशुधन, आदि।
अजैव संसाधन- वे सारे संसाधन जो निर्जीव वस्तुओं से बने है, अजैव संसाधन कहलाते है। जैसे- चट्टानें और धातुएँ।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।
 (i) भारत में भूमि उपयोग प्रारुप का वर्णन करें। वर्ष 1960-61 से वन के अंतर्गत क्षेत्र में महत्वपूर्ण वृद्धि नहीं हुई, इसका क्या कारण है?
उत्तर-  भूमि उपयोग का तात्पर्य मानव द्वारा धरातल के विविध रूपों (पर्वत, पहाड़, मरुभूमि, दलदल, खादान, यातायात, आवास, कृषि, पशुपालन तथा खनिज) में प्रयोग किये जाने वाले कार्यों से है। 
           
           किसी भी प्रदेश या क्षेत्र की भूमि उपयोग प्रतिरूप को निर्धारित करने वाले मूलतः दो मुख्य कारक होते है, प्रथम भौतिक कारक द्वितीय मानवीय कारक। भूमि उपयोग निम्न वर्ग में रखे जाते है-
(क) वन 
(ख) कृषि अयोग्य बंजर भूमि।
(ग) गैर-कृषि कार्य में संलग्न भूमि- इमारत, सड़क, उद्योग इत्यादि।
(घ) स्थायी  चारागाह एवं गोचर भूमि।
(ड़) बाग-बगीचे एवं उपवन में संलग्न भूमि।
(च) कृषि योग्य बंजर भूमि- भूमि जहाँ पाँच से अधिक वर्षों से खेती न की गई हो।
(छ) वर्तमान परती भूमि- जहाँ एक कृषि वर्ष या उससे कम समय से खेती न की गई हो।
(ज) अन्य परती भूमि- जहाँ 1 से 5 कृषि वर्ष से खेती न की गई हो।
(झ) शुद्ध/निवल बोया गया क्षेत्र- एक कृषि वर्ष में एक बार से अधिक बोए गए क्षेत्र को शुद्ध/निवल बोए गए क्षेत्र में जोड़ दिया जाए तो वह सकल कृषित क्षेत्र कहलाता है। 
             
          1960-61 से वन के अंतर्गत क्षेत्र में महत्वपूर्ण वृद्धि नहीं हुई, इसका कारण निम्नलिखित है-
  • जनसंख्या वृद्धि में विस्फोट होना।
  • मानव अधिवास का तेजी से निर्माण होना।
  • उद्योग धंधे की स्थापना में वृद्धि का होना।
  • अति पशुचारण होना।
  • परिवहन (सड़क, रेल) मार्गों का तेजी से वृद्धि होना।
(ii) प्रौद्योगिक और आर्थिक विकास के कारण संसाधनों का अधिक उपयोग कैसे हुआ है?
उत्तर- उपनिवेशन का इतिहास हमें बताता है कि उपनिवेशों में संसाधन सम्पन्न प्रदेश, विदेशी आक्रमणकारियों के लिए मुख्य आकर्षण रहे हैं। उपनिवेशकारी देशों ने बेहतर प्रौद्योगिकी के सहारे उपनिवेशों के संसाधनों का शोषण किया तथा उन पर अपना आधिपत्य स्थापित किया। अतः संसाधन किसी प्रदेश के विकास में तभी योगदान दे सकते है, जब वहाँ उपयुक्त प्रौद्योगिकी विकास और संस्थागत परिवर्तन किए जाएँ।
           उपनिवेशन के विभिन्न चरणों में भारत ने इन सबका अनुभव किया है। अतः भारत में विकास सामान्यतः तथा संसाधन विकास लोगों के मुखयतः संसाधनों की उपलब्धता पर ही आधारित नहीं था बल्कि इसमें प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन की गुणवत्ता और ऐतिहासिक अनुभव का भी योगदान रहा है। अतः इस प्रकार कहा जा सकता है कि प्रौद्योगिक और आर्थिक विकास के कारण  ही संसाधनों का अधिक उपयोग  हुआ है।

अध्याय-5. प्राकृतिक वनस्पति तथा वन्य प्राणी / NCERT CLASS -9 Geography Solutions (हिंदी माध्यम)

अध्याय-5. प्राकृतिक वनस्पति तथा वन्य प्राणी

एनसीईआरटी के 9वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



प्राकृतिक वनस्पति तथा

 

1.  वैकल्पिक प्रश्नोत्तर

 (i) रबड़ का संबंध किस प्रकार की वनस्पति से है?
(क) टुन्ड्रा

(ख) हिमालय

(ग) मैंग्रोव

(घ) उष्ण कटिबंधीय वर्षा वन

उत्तर – (घ) उष्ण कटिबंधीय वर्षा वन

(ii) सिनकोना के वृक्ष कितनी वर्षा वाले क्षेत्र में पाए जाते है?
(क) 100 से०मी०

(ख) 70 से०मी०

(ग) 50 से०मी०

(घ) 50 से०मी० से कम वर्षा

उत्तर – (क) 100 से०मी०        

(iii) सिमलीपाल जीव मंडल निचय कौन-से राज्य में स्थित है?

 (क) पंजाब           

(ख) दिल्ली         

(ग) ओडिशा        

(घ) पश्चिमी बंगाल

 उत्तर – (ग) उड़ीसा

(iv) भारत के निन्मलिखित में से कौन-से जीव मंडल निचय विश्व के जीव मंडल निचयों में नहीं लिए गए हैं?

(क)  मानस          

(ख) मन्नार की खाड़ी       

(ग) नीलगिरी       

(घ) नंदादेवी 

  उत्तर –(क) मानस  

2. संक्षिप्त उत्तर वाले प्रश्न

(i) पारिस्थितिक तंत्र किसे कहते हैं?

उत्तर – किसी क्षेत्र में पेड़-पौधे तथा जीव-जंतु आपस में अपने भौतिक पर्यावरण से अन्तर्सम्बन्धित होकर जिस तंत्र का निर्माण करते हैं, उसे पारिस्थितिक तंत्र कहा जाता है। पृथ्वी पर पादपों तथा जीवो का वितरण मुख्यतः जलवायु द्वारा निर्धारित होता है।

        किसी क्षेत्र के पादपों की प्रकृति काफी हद तक उस क्षेत्र के प्राणी जीवन को प्रभावित करती है। जब वनस्पति बदल जाती है तो प्राणी जीवन भी बदल जाता है।

(ii) भारत में पादपों तथा जीवों का वितरण किन तत्वों द्वारा निर्धारित होता है?

उत्तर – भारत में पादपों तथा जीवों का वितरण निम्नलिखित तत्वों द्वारा निर्धारित होता है-

◆ धरातल का स्वभाव

◆ मृदा में विभिन्नता

◆ धरातलीय उच्चावच

◆ वर्षा की मात्रा

◆ तापमान

(iii) जीव मंडल निचय से क्या अभिप्राय है ? कोई दो उदाहरण दो।

उत्तर -जीव मंडल निचय से अभिप्राय विभिन्न प्रकार के आवासों से हैं। जिसमें विभिन्न प्रकार की वनस्पति उष्णकटिबंधीय वर्षा वन, उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन, कंटीले वन तथा झाड़ियाँ, पर्वतीय वन, मैंग्रोव, घास के मैदान और दलदल सम्मिलित हैं।

          देश में 14 जीव मंडल निचय(आरक्षित क्षेत्र) स्थापित किये गए है। जिसमें दो का नाम सुंदरवन(पश्चिम बंगाल), नंदादेवी(उत्तराखंड) है।

(iv) कोई दो वन प्राणियों के नाम बताइए जो कि उष्णकटिबंधीय वर्षा और पर्वतीय वनस्पति में मिलते हैं।

उत्तर – महोगनी एवं रोजवुड उष्णकटिबंधीय वर्षा वन में और चिर एवं देवदार पर्वतीय वनस्पति में मिलते हैं।

3. निम्नलिखित में अंतर कीजिए :

(i) वनस्पति जगत तथा प्राणी जगत 

उत्तर – वनस्पति जगत- हमारा देश भारत विश्व की मुख्य 12 जैव-विविधता वाले देशों में से एक है। लगभग 47000 विभिन्न जातियों के पौधे पाए जाने के कारण यह देश विश्व में दसवें स्थान पर और एशिया के देशों में चौथे स्थान पर है। भारत में लगभग 15000 फूलों के पौधे हैं जो कि विश्व में फूलों के पौधे का 6% है। इस देश में बहुत से बिना फूलों के पौधे हैं जैसे कि फर्न, शैवाल(एलेगी) तथा कवक(फंजाई) भी पाए जाते हैं।

प्राणी जगत- वनस्पति की भाँति ही भारत विभिन्न प्रकार के प्राणी संपत्ति में भी धनी है। यहाँ जीवों की लगभग 90000 प्रजातियाँ मिलती है। देश में लगभग 2000 से अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ पाई जाती है। यह कुल विश्व का 13% है। यहाँ मछलियों की 2546 प्रजातियाँ है जो विश्व के लगभग 12% है। भारत में विश्व के 5 से 8% तक उभयचरी, सरीसृप तथा स्तनधारी जानवर भी पाए जाते हैं।

(ii) सदाबहार और पर्णपाती वन

उत्तर –  सदाबहार वन – ये वन पश्चिमी घाटों के अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूहों, असम के ऊपरी भागों तथा तमिलनाडु के तट तक सीमित है। यह उन क्षेत्रों में भली-भांति विकसित है जहाँ 200 सें०मी० से अधिक वर्षा के साथ एक थोड़े समय के लिए शुष्क ऋतु पाई जाती है।

          इन वनों में वृक्ष 60 मीटर या इससे अधिक ऊँचाई तक पहुँचते हैं। क्योंकि यह क्षेत्र वर्ष भर गर्म तथा आर्द्र रहते हैं। अतः यहाँ हर प्रकार की वनस्पति वृक्ष, झाड़ियाँ, लताएँ उगती हैं और वनों में इनकी विभिन्न ऊँचाइयों से कई स्तर देखने को मिलते हैं। 

      वृक्षों में पतझड़ होने का कोई निश्चित समय नहीं होता। अतः वन सालों भर हरे भरे लगते हैं, इसीलिए इसे सदाबहार वन कहा जाता है। इन वनों में पाए जाने वाले व्यापारिक महत्व के कुछ वृक्ष आबनूस(एबोनी), महोगनी, रोजवुड, रबर और सिनकोना है। इन वनों में सामान्य रूप से पाए जाने वाले जानवर हाथी, बंदर लैमूर और हिरन है। 

          एक सींग वाले गैंडे असम और पश्चिम बंगाल के दलदली क्षेत्र में मिलते हैं। इसके अतिरिक्त इन जगहों में कई प्रकार के पक्षी, चमगादर तथा कई रेंगने वाले जीव भी पाए जाते हैं। 

पर्णपाती वन- ये भारत में सबसे बड़े क्षेत्र में फैले हुए वन है। इन्हें मानसूनी वन भी कहते हैं और यह उन क्षेत्रों में विस्तृत है जहाँ 70 सें०मी० से 200 सें०मी० तक वर्षा होती है। इस प्रकार के वनों में वृक्ष शुष्क ग्रीष्म ऋतु में 6 से 8 सप्ताह के लिए अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं। जल की उपलब्धि के आधार पर इन वनों को आर्द्र तथा शुष्क पर्णपाती वन में विभाजित किया जाता है।

4. भारत में विभिन्न प्रकार के पाई जाने वाली वनस्पति के नाम बताएँ और अधिक ऊँचाई पर पाई जाने वाली वनस्पति का ब्यौरा दीजिए।

उत्तर – हमारे देश में निम्न प्रकार की प्राकृतिक वनस्पतियाँ पाई जाती है –

◆ उष्णकटिबंधीय वर्षा वन

◆ उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन

◆ कंटीले वन तथा झारियाँ

◆ पर्वतीय वन

◆ मैंग्रोव वन

        प्रायः 3600 मीटर से अधिक ऊँचाई पर शीतोष्ण कटिबंधीय वनों तथा घास के मैदानों का स्थान अल्पाइन वनस्पति ले लेती है। सिल्वर-फर, जूनिपर, पाइन व बर्च इन वनों का मुख्य वृक्ष हैं। जैसे-जैसे हिमरेखा के निकट पहुँचते हैं इन वृक्षों के आकार छोटे होते जाते हैं।

        अंततः झाड़ियों के रूप के बाद वे अल्पाइन घास के मैदानों में विलीन हो जाते हैं। इनका उपयोग गुज्जर तथा बक्करवाल(जम्मू कश्मीर) जैसी घुमक्कड़ जातियों द्वारा पशुचारण के लिए किया जाता है। अधिक ऊँचाई वाले भागों में मॉस, लिचन घास, टुंड्रा वनस्पति का एक भाग है।

5. भारत में बहुत संख्या में जीव और पादप प्रजातियाँ संकटग्रस्त है – उदाहरण सहित कारण दीजिए।

उत्तर – मनुष्यों द्वारा अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु पादपों और जीवो के अत्यधिक उपयोग के कारण पारिस्थितिकी तंत्र असंतुलित हो गया है। लगभग 1300 पादप प्रजातियाँ संकट में है तथा 20 प्रजातियाँ विनष्ट हो चुकी है। काफी वन्य जीवन प्रजातियाँ भी संकट में है और कुछ विनष्ट हो चुकी है।

        व्यापारियों का अपने व्यवसाय के लिए अत्यधिक शिकार करना है। रासायनिक और औद्योगिक अपशिष्ट तथा तेजाबी जमाव के कारण प्रदूषण, विदेशी प्रजातियों का प्रवेश, कृषि तथा निवास के लिए वनों का अंधाधुंध कटाई पारिस्थितिकी तंत्र के असंतुलन को बढ़ा दिया है। जिसके कारण बहुत से पादप तथा जंतु प्राणियाँ संकटग्रस्त हो गए हैं। जैसे- कुछ संकटग्रस्त प्रजातियों के नाम- काला हिरण, मगरमच्छ, समुद्री गाय, लाल पांडा इत्यादि।

6. भारत वनस्पति जगत तथा प्राणी जगत की धरोहर में धनी क्यों है?

उत्तर- हमारा देश भारत विश्व की मुख्य 12 जैव-विविधता वाले देशों में से एक है। लगभग 47000 विभिन्न जातियों के पौधे पाए जाने के कारण यह देश विश्व में दसवें स्थान पर और एशिया के देशों में चौथे स्थान पर है। भारत में लगभग 15000 फूलों के पौधे हैं जो कि विश्व में फूलों के पौधे का 6% है। इस देश में बहुत से बिना फूलों के पौधे हैं जैसे कि फर्न, शैवाल(एलेगी) तथा कवक(फंजाई) भी पाए जाते हैं।   

        वनस्पति की भाँति ही भारत विभिन्न प्रकार के प्राणी संपत्ति में भी धनी है। यहाँ जीवों की लगभग 90000 प्रजातियाँ मिलती है। देश में लगभग 2000 से अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ पाई जाती है। यह कुल विश्व का 13% है। यहाँ मछलियों की 2546 प्रजातियाँ है जो विश्व के लगभग 12% है। भारत में विश्व के 5 से 8% तक उभयचरी, सरीसृप तथा स्तनधारी जानवर भी पाए जाते हैं।

          इस प्रकार कहा जा सकता है कि हमारा देश वनस्पति जगत तथा प्राणी जगत की धरोहर में धनी है।

मानचित्र कौशल

(i) उष्णकटिबंधीय वर्षा वन

(ii) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन

(iii) दो जीव मंडल निचय भारत के उत्तरी, दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी भागों में।


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जलवायु / CLIMATE / NCERT CLASS -9 Geography Solutions (हिंदी माध्यम)

  अध्याय-4. जलवायु (CLIMATE)

एनसीईआरटी के 9वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



CLIMATE

1.  दिए गये चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।

(i) नीचे दिए गये स्थानों में किस स्थान पर विश्व में सबसे अधिक वर्षा होती है?

(क) सिलचर

(ख) चेरापूंज

(ग) मासिनराम 

(घ) गुवाहाटी

उत्तर -(ग) मासिनराम (मेघालय)

(ii) ग्रीष्म ऋतु में उत्तरी मैदानों में बहने वाली पवन को निन्मलिखित में से क्या कहा जाता है?

(क) काल वैशाखी

(ख) व्यापारिक पवनें

(ग) लू

(घ) इनमें से कोई नहीं

उत्तर – (ग) लू

(iii) निन्मलिखित में से कौन सा कारण भारत के उत्तर-पश्चिम भाग में शीत ऋतु में होने वाली वर्षा के लिए उत्तरदायी है –

(क) चक्रवातीय अवदाब

(ख) पश्चिमी विक्षोभ

(ग) मानसून की वापसी

(घ) दक्षिण-पश्चिम मानसून

उत्तर -(ख) पश्चिमी विक्षोभ 

(iv)  भारत में मानसून का आगमन निन्मलिखित में से कब होता है-

(क) मई के प्रारंभ में

(ख) जून के प्रारंभ में

(ग) जुलाई के प्रारंभ में

(घ) अगस्त के प्रारंभ में

उत्तर – (ख) जून के प्रारंभ में

(v) निन्मलिखित में से कौन-सी भारत में शीत ऋतु की विशेषता है?

(क) गर्म दिन एवं गर्म रात

(ख) गर्म दिन एवं ठंडी रातें

(ग) ठंडा दिन एवं ठंडा रातें

(घ) ठंडा दिन एवं ठंडा रातें 

उत्तर – (ख) गर्म दिन एवं ठंडी रातें

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।

(i) भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कौन-कौन से कारक है?

उत्तर- भारतीय जलवायु को प्रभावित करने वाले छः प्रमुख कारक है – अक्षांश, तुंगता(ऊँचाई), वायुदाब एवं पवन तंत्र, समुद्र से दूरी, महासागरीय धाराएँ तथा उच्चावच लक्षण।

(ii) भारत में मानसूनी प्रकार की जलवायु क्यों है?

उत्तर – भारत की अक्षांशीय स्थिति 8°4′ उत्तरी अक्षांश से 37°6′ उत्तरी अक्षांश के बीच है। चुँकि मानसून का प्रभाव भी उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में लगभग 20° उत्तर एवं 20° दक्षिण के बीच ही रहता है। जिसके कारण भारत की जलवायु मानसूनी पवनों से बहुत अधिक प्रभावित है। यही कारण है कि भारत में मानसूनी प्रकार की जलवायु पाई जाती है।

(iii) भारत के किस भाग में दैनिक तापमान अधिक होता है एवं क्यों ?

उत्तर – भारत के पश्चिमी भाग में खासकर राजस्थान में गर्मी का मौसम अत्यंत गर्म हो उठता है। दिन में तापमान में 50°-55° सेल्सियस से ऊपर पहुँच जाता है। राजस्थान में थार मरुस्थल स्थित होने के कारण ही गर्मी का दिन बेहद गर्म होता है तो रात बेहद ठंडी। तापमान गिरते हुए 0℃ तक चला आता है। भारत के किसी और भाग में इतना अधिक दैनिक तापांतर नहीं मिलता है। 

(iv) किन पवनों के कारण मालाबार तट पर वर्षा होती है?

उत्तर – मालाबार तट प्रायद्वीपीय पठार के पश्चिमी घाट पर स्थित है। यहाँ अरब सागर से चलने वाली दक्षिणी-पश्चिमी मानसूनी पवनों के कारण वर्षा होती है।

(v) जेट धाराएँ क्या है तथा वे किस प्रकार भारत की जलवायु को प्रभावित करती है?

उत्तर – जेट धाराएँ एक संकरी पट्टी में स्थित एवं क्षोभमंडल में अत्यधिक ऊँचाई (12000 मीटर से अधिक) वाले पश्चिमी हवाएँ होती है। इनकी गति गर्मी में 110 कि०मी० प्रति घंटा एवं सर्दी में 184 कि०मी० प्रति घंटा होती है। बहुत सी अलग-अलग जीत धाराओं को पहचाना गया है। उनमें सबसे स्थिर मध्य अक्षांशीय एवं उपोष्ण कटिबंधीय जेट धाराएँ हैं।

       जेट धाराएँ लगभग 27° से 30° उत्तरी अक्षांश के बीच स्थित होती है, इसलिए इन्हें उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट धाराएँ कहा जाता है। भारत में ये जेट धाराएँ ग्रीष्म ऋतु को छोड़कर पूरे वर्ष हिमालय के दक्षिण में प्रवाहित होती है। इस पश्चिमी प्रवाह के द्वारा देश के उत्तर एवं उत्तर-पश्चिमी भाग में पश्चिमी चक्रवाती विक्षोभ आते हैं।

      गर्मियों में सूर्य की आभासी गति के साथ ही उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट धारा हिमालय के उत्तर में चली जाती है। एक पूर्वी जेट धारा जिसे उपोष्ण कटिबंधीय पूर्वी जेट धारा कहा जाता है, गर्मी के महीनों में प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर लगभग 14° उत्तरी अक्षांश में प्रवाहित होती है।

(vi) मानसून को परिभाषित करें। मानसून में विराम से आप क्या समझते हैं?

उत्तर- मानसून शब्द की उत्पत्ति अरबी शब्द मौसिम से हुई है जिसका शाब्दिक अर्थ मौसम है। मानसून का अर्थ एक वर्ष के दौरान वायु की दिशा में ऋतु के अनुसार परिवर्तन है। अर्थात ऋतु के अनुसार वायु की दिशा में होने वाले परिवर्तन को ही मानसून कहा जाता है।

      मानसूनी वर्षा एक समय में कुछ दिनों तक ही होती है। इनमें वर्षा रहित अंतराल भी होते हैं।मानसून में आने वाले ये विराम मानसूनी गर्त की गति से संबंधित होती है। विभिन्न कारणों से गर्त एवं इसका अक्ष उत्तर या दक्षिण की ओर खिसकता रहता है, जिसके कारण वर्षा का स्थानिक वितरण सुनिश्चित होता है। जब मानसून के गर्त का अक्ष मैदान के ऊपर होता है तब इन भागों में वर्षा अच्छी होती है।

      दूसरी ओर जब अक्ष हिमालय के समीप चला जाता है तब मैदानों में लंबे समय तक शुष्क अवस्था रहती है तथा हिमालय की नदियों में पर्वतीय जलग्रहण क्षेत्रों में विस्तृत वर्षा होती है। इस भारी वर्षा के कारण मैदानी क्षेत्रों में विनाशकारी बाढ़ें आती है एवं जान एवं माल की भारी क्षति होती है।

      उष्णकटिबंधीय निम्न दाब की तीव्रता एवं आवृत्ति भी मानसूनी वर्षा की मात्रा एवं समय को निर्धारित करती है। यह निम्न दाब का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनता है तथा मुख्य स्थलीय भाग को पार कर जाता है। यह निम्न दाब के मानसून गर्त अक्ष के अनुसार होता है।  मानसून को इसके अनिश्चितता के लिए जाना जाता है। इसीलिए यह कभी-कभी देश के किसानों की कृषि कार्यों को अव्यवस्थित कर देता है। 

(vii) मानसून को एक सूत्र में बाँधने वाला क्यों समझा जाता है?

उत्तर – भारतीय प्रायद्वीप पर मानसून की एकता का प्रभाव स्पष्ट है। पवन के दिशाओं ऋतुओं के अनुसार परिवर्तन तथा उनसे संबंधित ऋतु की दशाएँ ऋतु चक्रों को एक लय प्रदान करती है। वर्षा की अनिश्चितताएँ तथा उसका असमान वितरण मानसून का एक विशेष लक्षण है। संपूर्ण भारतीय भू-दृश्य, इसके जीव तथा वनस्पति, इसका कृषि-चक्र, मानव जीवन तथा उनके त्यौहार-उत्सव सभी इस मानसूनी लय के चारों ओर घूम रहे हैं।

        उत्तर से दक्षिण तथा पूर्व से पश्चिम तक संपूर्ण भारतवासी प्रति वर्ष मानसून के आगमन की प्रतीक्षा करते हैं। यह मानसूनी पवनें हमें जल प्रदान कर कृषि की प्रक्रिया में तेजी लाती है एवं संपूर्ण देश को एक सूत्र में बाँधती है। नदी घाटियाँ जो इन जलों का संवहन करती है, उन्हें भी एक नदी घाटी इकाई का नाम दिया जाता है।

3. भारत में पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा की मात्रा क्यों घटती जाती है?

उत्तर – उत्तर-भारत में पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा की मात्रा घटती जाती है क्योंकि समुद्र से दूरी बढ़ने पर वर्षा की मात्रा घटती हैं। कोलकाता में 162.5 सेमी०, पटना में 135 सेमी० इलाहाबाद में 100 सेमी० तथा दिल्ली में केवल 67 सेमी० वर्षा होती है।

4. कारण बताएँ

(i) भारतीय उपमहाद्वीप में वायु की दिशा में मौसम परिवर्तन क्यों होता है?

उत्तर – भारत उत्तरी-पूर्वी व्यापारिक पवनों वाले क्षेत्र में स्थित है। ये पवनें उत्तरी गोलार्ध के उपोष्ण कटिबंधीय उच्च दाब पट्टियों से उत्पन्न होती है। ये दक्षिण की ओर बहती, कोरिओलिस बल के कारण दाहिनी ओर विक्षेपित होकर विषुवतीय निम्न दाब वाले क्षेत्र की ओर बढ़ती है। 

                     भारत की वायु दाब एवं पवन तंत्र अद्वितीय है। शीत ऋतु में हिमालय के उत्तर में उच्च दाब होता है। इस क्षेत्र की ठंडी शुष्क हवाएँ दक्षिण में निम्न दाब वाले महासागरीय क्षेत्र के ऊपर बहती है। ग्रीष्म ऋतु में आंतरिक एशिया एवं उत्तरी-पूर्वी भारत के ऊपर निम्न दाब का क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है। इसके कारण गर्मी के दिनों में वायु की दिशा पूरी तरह से परिवर्तित हो जाती है।

       वायु दक्षिण में स्थित हिंद महासागर की उच्च दाब वाले क्षेत्र से दक्षिण पूर्वी दिशा में बढ़ते हुए विषुवत वृत्त को पार कर दाहिनी ओर मुड़ते हुए भारतीय उप महाद्वीप पर स्थित निम्न दाब की ओर बहने लगती हैं। इन्हें ही दक्षिण-पश्चिम मानसून पवनों के नाम से जाना जाता है। ये पवनें कोष्ण महासागरों के ऊपर से बहती है, नमी ग्रहण करती है तथा तथा भारत की मुख्य भूमि पर वर्षा करती है। इस प्रकार स्पष्ट है कि भारतीय उपमहाद्वीप में वायु की दिशा में मौसम परिवर्तन  होता है।

(ii) भारत में अधिकतर वर्षा कुछ ही महीनों में होती है।

उत्तर – भारत में अधिकतर वर्षा (80 प्रतिशत) मानसूनी पवनों से हुआ करती है। चुँकि मानसून का समय भारत में जून से सितंबर तक ही होती है। यही कारण है कि भारत मे अधिकतर वर्षा कुछ ही महीनों में होती है ।

(iii) तमिलनाडु तट पर शीत ऋतु में वर्षा होती है।

उत्तर – तमिलनाडु तट पर शीत ऋतु में वर्षा लौटते  मानसून के कारण होती है। बंगाल की खाड़ी को पार करते समय लौटते मानसून पवन आर्द्रता ग्रहण कर दक्षिण-पूर्वी तट (कोरोमंडल तट) पर भारी वर्षा करते हैं । तमिलनाडु में वर्ष भर की अधिकतम वर्षा (44% से 60%) शीत ऋतु में होती है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवात उसे भी यहाँ वर्षा होती है।

(iv) पूर्वी तट के डेल्टा वाले क्षेत्र में प्रायः चक्रवात आते हैं।

उत्तर – नवंबर के प्रारंभ में, उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर निम्न दाब वाली अवस्था बंगाल की खाड़ी पर हस्तांतरित हो जाती है। यह स्थानांतरण चक्रवाती निम्न दाब से संबंधित होता है, जो कि अंडमान सागर के ऊपर उत्पन्न होता है। यह चक्रवात सामान्यतः भारत के पूर्वी तट को पार करते हैं, जिसके कारण व्यापक एवं भारी वर्षा होती है।

       उष्णकटिबंधीय चक्रवात प्रायः विनाशकारी होते हैं। गोदावरी, कृष्णा एवं कावेरी नदियों के सघन आबादी वाले डेल्टा प्रदेशों में अक्सर चक्रवात आते हैं, जिसके कारण बड़े पैमाने पर जान-माल की क्षति होती है। कभी-कभी ये चक्रवात उड़ीसा, पश्चिम बंगाल एवं बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों में भी पहुँच जाते हैं। कोरोमंडल तट पर अधिकतर वर्षा इन्हीं चक्रवातों तथा अवदाबों से होती है।

(v) राजस्थान, गुजरात के कुछ भाग तथा पश्चिमी घाट का वृष्टि छाया क्षेत्र सूखा प्रभावित क्षेत्र है।

उत्तर – राजस्थान, गुजरात के कुछ भाग तथा पश्चिमी घाट की वृष्टि छाया क्षेत्र सूखा प्रभावित क्षेत्र है क्योंकि राजस्थान, गुजरात के कुछ भागों में मानसूनी पवनें जब पहुँचती है तो इनकी आर्द्रता समाप्त हो चुकी होती है इसके भी दो मुख्य कारण है –

◆ अरावली पर्वत की दिशा पवनों के समानांतर होना, और

◆ पाकिस्तान से आने वाली गर्म एवं शुष्क हवाएँ न केवल अरब सागर की मानसूनी पवनों को ऊपर उठने से रोकती है, बल्कि नमी को भी कम कर देती है। इससे इन हवाओं की वर्षा करने की शक्ति और भी कम हो जाती है।

                   पश्चिमी घाट का वृष्टि छाया क्षेत्र पवनविमुख ढाल पर स्थित है। यहाँ वर्षा बहुत कम होती है। अतः ये सूखा प्रभावित क्षेत्र है।

5. भारत की जलवायु अवस्थाओं की क्षेत्रीय विभिनताओं को उदाहरण सहित समझाएँ।

उत्तर – भारत के विभिन्न भागों में मानसूनी वर्षा की मात्रा में काफी अंतर पाया जाता है एक ओर जहाँ मासिनराम जैसे स्थान पर 1141 सें०मी० वर्षा होती है तो वहीं दूसरी ओर थार एवं लद्दाख के मरुस्थल में वर्षा की मात्रा मात्र 25 सेंटीमीटर से भी कम होती है। अधिक वर्षा के क्षेत्रों में विभिन्नता कम एवं कम वर्षा के क्षेत्रों में विभिन्नता और अधिक पाई जाती है।

      ऐसा पाया गया है कि 10 वर्षों में केवल दो वर्ष ही मानसून समय पर आकर समय पर समाप्त होता है। मानसूनी वर्षा भी निरंतर नहीं होती बल्कि इसमें अंतराल पाया जाता है। अगस्त के महीने में यह अंतराल काफी लंबा हो जाता है। यूं तो मानसून की अवधि 4 महीने है परंतु इन 4 महीनों में वास्तविक वर्षा के दिन 40 से 45 के बीच होते हैं। भारत का अधिकांश भाग कुल वर्ष का 80% इसी समय प्राप्त करता है। वर्षा इतनी मूसलाधार होती है कि अक्सर कहा जाता है कि मानसूनी वर्षा में बादल जल बरसाते नहीं बल्कि उड़ेलते हैं।                                              

       जिन भागों में मानसून सबसे पहले आता है वहाँ वह सबसे अधिक समय तक रहता है एवं जहाँ देर से पहुँचता है वहाँ से जल्दी लौट जाता है। केरल में मानसून की अवधि 5 जून से 30 नवंबर है, जबकि पंजाब के मैदान में यही अवधि 1 जुलाई से 30 सितंबर है।

         इस प्रकार कहा जा सकता है कि भारत की मानसूनी जलवायु में क्षेत्रीय विभिन्नता अत्यधिक पाई जाती है।

6. मानसून अभिक्रिया की व्याख्या करें।

उत्तर –  भारत की जलवायु मानसूनी पवनों से बहुत अधिक प्रभावित है। ऐतिहासिक काल में भारत आने वाले नाविकों ने सबसे पहले मानसून परिघटना पर ध्यान दिया था। पवन तंत्र की दिशा उलट जाने (उत्क्रमन) के कारण उन्हें लाभ हुआ। चूँकि उनके जहाज पवन के प्रवाह की दिशा पर निर्भर थे। अरबवासी जो व्यापारियों की तरह भारत आए थे उन लोगों ने पवन तंत्र के इस मौसमी उत्क्रमण को मानसून का नाम दिया।

         मानसून का प्रभाव उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में लगभग 20° उत्तर एवं 20° दक्षिण के बीच रहता है। मानसून की प्रक्रिया को समझने के लिए निम्नलिखित तथ्य महत्वपूर्ण है-

◆ स्थल तथा ज्ञान के गर्म एवं ठंडे होने की विभ्रेदी प्रक्रिया के कारण भारत के स्थल भाग पर निम्न दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है, जबकि इसके आस-पास के समुद्रों के ऊपर उच्च दाब का क्षेत्र बनता है।

◆ ग्रीष्म ऋतु के दिनों में अन्तः उष्ण कटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र की स्थिति गंगा के मैदान की ओर खिसक जाती है। (यह विषुवतीय गर्त है, जो प्रायः विषुवत वृत्त से 5° उत्तर में स्थित होता है। इसे मानसून ऋतु में मानसून गर्त के नाम से भी जाना जाता है।)

◆ हिंद महासागर में मेडागास्कर के पूर्व लगभग 20° से अक्षांश के ऊपर उच्च दाब वाला क्षेत्र होता है। इस उच्च दाब वाले क्षेत्र की स्थिति एवं तीव्रता भारतीय मानसून को प्रभावित करती है।

◆ ग्रीष्म ऋतु में, तिब्बत का पठार बहुत अधिक गर्म हो जाता है, जिसके परिणामस्वरुप पठार के ऊपर समुद्र तल से लगभग 9 किलोमीटर की ऊंचाई पर तीव्र ऊर्ध्वाधर वायु धाराओं एव उच्च दाब का निर्माण होता है।

◆ ग्रीष्म ऋतु में हिमालय के उत्तर-पश्चिम जेट धाराओं का तथा भारतीय प्रायद्वीप के ऊपर उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट धाराओं का प्रभाव होता है।                       

7. शीत ऋतु की अवस्था एवं उसकी विशेषताएँ बताएँ।

उत्तर – शीत ऋतु में सूर्य दक्षिणी गोलार्ध में होता है तथा उत्तरी गोलार्ध ठंडा रहता है। जनवरी में दक्षिण तथा मध्य भारत में औसत तापमान 21° से 27° सेंटीग्रेड के बीच और गंगा के मैदानी भाग में 12° से 18° सेंटीग्रेड के बीच पाया जाता है। इस समय चेन्नई का औसत तापमान 25° सेंटीग्रेड, कोलकाता का 20° सेंटीग्रेड, पटना का 17° सेंटीग्रेड तथा दिल्ली का 14° सेंटीग्रेड रहता है।

        सबसे अधिक ठंडक उत्तर-पश्चिमी भाग में रहती है। अतः वहाँ एक उच्च वायुदाब क्षेत्र बन जाता है। इस समय हवाएँ स्थल से समुद्र की ओर बहती है जो शुष्क होती है तथा वर्षा नहीं करती। आकाश स्वच्छ रहता है। बादल रहित आकाश के कारण रात में ताप विकिरण तेजी से होती है। जिससे पारा नीचे गिर जाता है।

         हिमालय क्षेत्र के जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में इन दिनों हिमपात होता है। इस ऋतु में भारत के 2 क्षेत्रों में वर्षा होती है। एक उत्तरी पश्चिमी भाग तथा दूसरा दक्षिण पूर्वी तटीय भाग में। उत्तर पश्चिमी भारत में चक्रवातीय वर्षा होती है जो दिसंबर से मार्च तक पूर्वी भूमध्यसागर से इराक, ईरान तथा पाकिस्तान के रास्ते भारत पहुँचती है। यह वर्षा मात्र 3 से 6 सेंटीमीटर होती होती है। परन्तु रबी फसलों के लिए काफी लाभदायक होती है।

       जनवरी-फरवरी में उत्तरी पूर्वी शुष्क हवाएँ बंगाल की खाड़ी से गुजरती हुई जलवाष्प ग्रहण कर भारत के दक्षिण पूर्वी भाग में (तमिलनाडु) वर्षा करती है। इस वर्षा से वहाँ जड़ें में चावल की कृषि होती है।

8. भारत में होने वाली मानसूनी वर्षा एवं उसकी विशेषताएँ बताएँ।

उत्तर – अरबी शब्द मौसिम (ऋतु) से मॉनसून शब्द की उत्पति हुई है इस शब्द का उपयोग सर्प्रथम अरब के नाविक अरब सागर में चलने वाली उन हवाओं के लिए किया करते थे जो ऋतु के बदलते ही अपनी दिशा भी लेते थे। भारत में बोल-चाल की भाषा में मानसून का अर्थ वर्षा से है।

       अच्छा मानसून का अर्थ अच्छी वर्षा से है। भारत में इन हवाओं की दिशा 6 माह दक्षिण-पश्चिम और 6 माह उत्तर पूरब रहती है। अतः इन्हें क्रमशः दक्षिण पश्चिम मॉनसून तथा उत्तर पूर्व मानसून कहा जाता है। भारतीय मानसून की विशेषताएँ निम्नलिखित है –

◆ दक्षिण पश्चिम मानसून की वर्षा मौसमी है जो जून से सितंबर तक होती है।

◆समुद्र से दूरी बढ़ने पर वर्षा की मात्रा घटती हैं। कोलकाता में 162.5 सेमी०, पटना में 135 सेमी० इलाहाबाद में 100 सेमी० तथा दिल्ली में केवल 67 सेमी० वर्षा होती है।

◆ मानसून वर्षा भू-आकृति द्वारा नियंत्रित होती है।

◆ गर्मी में वर्षा मूसलाधार होती है जिससे पानी का बहाव बढ़ जाता है और मृदा अपरदन की गति तेज हो जाती है। कई क्षेत्र बाढ़ के चपेट में आ जाते हैं।

◆ भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था में मानसून का महत्वपूर्ण योगदान है।

◆ मानसूनी वर्षा का भारत में वितरण अससमान है जो औसत 12 सेमी० से 1180 सेमी० के बीच पाया जाता है। 

◆ मानसून कभी पहले और कभी देर से आती है। कभी अतिवृष्टि एवं कभी अनावृष्टि लाती है। फलत: फसलें प्रभावित होती है तथा बाढ़ एवं सूखा जैसी आपदाएँ लाती है।

मानचित्र कौशल

 भारत के रेखा मानचित्र पर निम्नलिखित को दर्शाएँ –

(i) 400 से०मी० से अधिक वर्षा वाले क्षेत्र

(ii) 20 से०मी० से कम वर्षा वाले क्षेत्र 

(iii) भारत में दक्षिण पश्चिम मानसून की दिशा


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