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PG Regular Semester-III Examination 2023 QUESTION PAPER, Patliputra University, Patna

PG Regular Semester-III  Examination 2023

Patliputra University, Patna



PG Regular Semester-III Examination 2023

(Session: 2022-24)

GEOGRAPHY

Paper Code: 920710

(Quantitative Techniques & Research Methodology)

Time: Three Hours]  [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figure in the marginindicate full marks. Answer from all sectio as directed.

परीक्षार्थी यथासम्भव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक हैं। निर्देशानुसार सभी खण्डों से उत्तर दीजिए।

Section-A / खण्ड-अ

(Multiple Choice Questions)

(बहुविकल्पीय प्रश्न)

Note: Choose the correct option from each question: [10×2-20]

प्रत्येक प्रश्न से सही विकल्प का चयन कीजिए:

1. (i) Cohort study is a type of:

(a) Case report

(b) Randomised control trial

(c) Cross-sectional study

(d) Longitudinal study

कोहॉर्ट स्टडी निम्नलिखित का एक प्रकार है:

(a) केस रिपोर्ट

(b) यादृच्छिक नियंत्रण परीक्षण

(c) क्रॉस-अनुभागीय अध्ययन

(d) अनुदैर्ध्य अध्ययन

(ii) Which of the following is a basis of the quality of a research journal?

(a) Impact factor

(b) h-index

(c) g-index

(d) i 10-index

निम्नलिखित में से किसी शोध पत्रिका की गुणवत्ता का आधार कौन है?

(a) प्रभाव गुण

(b) एच-इंडेक्स

(c) जी-इंडेक्स

(d) i 10-इंडेक्स

(iii) Correlation between two variables is best viewed in:

(a) Scatter Plot

(b) Bar Graph

(c) Pie diagram

(d) Histogram

दो परिवर्तनशीलों के बीच सहसम्बंध सबसे अच्छे तरीके से देखी जा सकती है :

(a) स्कैटर प्लॉट

(b) बार रेखांकन

(c) पाई आरेख

(d) हिस्टोग्राम

(iv) Which of the following is Non-probability type of sampling?

(a) Simple random

(b) Stratified

(c) Multi-stage

(d) Snowball

निम्न में कौन-सी अप्रायिकता / गैर-संभावना वाले नमूना संग्रह की विधि है?

(a) सरल यादृच्छिक

(b) स्तरित

(c) बहु-स्तरित

(d) स्नो बॉल

(v) Basic research is:

(a) Practical and descriptive

(b) Client-driven

(c) Expands current knowledge

(d) Advancement of technology

मौलिक शोध होता है:

(a) व्यावहारिक और वर्णनात्मक

(b) ग्राहक-प्रेरित

(c) वर्तमान ज्ञान का विस्तार करने वाला

(d) प्रौद्योगिकी में उन्नति लाने वाला

(vi) The depth of research can be estimated by:

(a) Title of research

(b) Objective of research

(c) Total expenditure of research

(d) Duration of research

शोध की गहराई का अनुमान लगाया जा सकता है

(a) शोध कार्य के शीर्षक द्वारा

(b) शोध के उद्देश्य द्वारा

(c) शोध के कुल खर्च द्वारा

(d) शोध की अवधि द्वारा

(vii) An independent variable is defined as:

(a) Change variable

(b) Confrounding variable

(c) Extraneous variable

(d) Outcome variable

एक स्वतंत्र चर को परिभाषित किया जाता है:

(a) परिवर्तनशील चर

(b) भ्रमित चर

(c) बाह्य चर

(d) परिणाम चर

(viii) The English word ‘Research’ derives origin from:

(a) Latin

(b) French

(c) German

(d) Italian

अंग्रेजी शब्द ‘रिसर्च’ (शोध) की व्युत्पति है:

(a) लैटिन

(b) फ्रेंच

(c) जर्मन

(d) इटालियन

(ix) The study design of collecting data at a particular point of time is called.:

(a) Cohort study

(b) Trend study

(e) Cross sectional study

(d) Longitudinal study

किसी विशेष समय बिन्दु पर आंकड़े संग्रहण करने वाला अध्ययन अभिकल्प कहलाता है :

(a) सहगण अध्ययन

(b) प्रवृत्ति अध्ययन

(c) प्रतिनिध्यात्मक अध्ययन

(d) अनुदैर्ध्य (दीर्घकालिक) अध्ययन

(x) Which of the following is an example of a secondary source of information?

(a) Experiment

(b) Survey

(c) Journal

(d) Questionnaire

निम्न में से कौन सूचना के द्वितीयक स्रोत का उदाहरण है?

(a) प्रयोग

(b) सर्वेक्षण

(c) पत्रिका

(d) प्रश्नावली

Section-B / खण्ड-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any four questions of the following: [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

2. Procedure of Interview

साक्षात्कार की प्रक्रिया

3. Types of random sampling.

यादृच्छिक प्रतिदर्श चयन के प्रकार

4. Population potential Model.

जनसंख्या विभव प्रतिमान

5. Procedure of Hypothesis testing

परिकल्पना परीक्षण की प्रक्रिया

6. Research methodology.

शोध प्रविधि

7. Significance of analysis of variance

प्रसरण विश्लेषण का महत्व

Section-C / खण्ड-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions of the following: [3×10=30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

8. How will you decide the size of sample?

प्रतिचयन का आकार आप किस प्रकार निर्धारित करेंगे?

9. Calculate correlation co-efficient by karl Pearson’s method from the following data:

निम्नलिखित आँकड़े से कार्ल पियर्सन की विधि द्वारा सहसम्बन्ध गुणांक की गणना कीजिये:

X- 80, 61, 23, 94, 87, 37, 64, 22

Y- 30, 29, 33, 21, 61, 56, 86, 69

10. What is Sampling? What are its objectives? Describe any two methods of sampling.

प्रतिचयन क्या है? इसके कौन-कौन से उद्देश्य हैं? प्रतिचयन की किन्हीं दो विधियों का वर्णन कीजिए।
11. Discuss the merits and limitations of the application of quantitative techniques in geography.

भूगोल में मात्रात्मक तकनीकों के अनुप्रयोग के गुणों एवं सीमाओं की विवेचना कीजिये।

12. Define the research problem. Describe the methods and process of research problem formulation.

शोध समस्या को परिभाषित कीजिए। शोध समस्या के निरूपण की विधियों एवं प्रक्रियाओं का वर्णन कीजिए।



PG (Regular) (Sem.-III)

Examination, 2023

(Session: 2022-24)

GEOGRAPHY

Paper Code: 920711

(Remote Sensing and Geographical Information System)

Time: Three Hours]   [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figure in the marginindicate full marks. Answer from all sections as directed.

परीक्षार्थी यथासम्भव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक हैं। निर्देशानुसार सभी खण्डों से उत्तर दीजिए।

Section-A / खण्ड-अ

(Multiple Choice Questions)

(बहुविकल्पीय प्रश्न)

Note: Choose the correct option from each question : [10×2=20]

प्रत्येक प्रश्न से सही विकल्प का चयन कीजिए:

1. (i) Which one of the following software is not a GIS software?

(a) Auto CAD

(b) Map Info

(c) ERDAS

(d) Arc view

निम्नलिखित में से कौन-सा सॉफ्टवेयर जीआईएस सॉफ्टवेयर नहीं है?

(a) ऑटोकैड

(b) मैप इन्फो

(c) एरडास

(d) आर्क व्यू

(ii) The GPS space segment consists of Navigation Satellite Timing and Ranging whose number is:

(a) 8

(b) 12

(c) 16

(d) 24

जीपीएस स्पेस सेगमेंट में नेविगेशन सैटेलाइट टाइमिंग और रैंजिंग शामिल हैं जिसकी संख्या है:

(a) 8

(b) 12

(c) 16

(d) 24

(iii) The National Aeronautics and Space Administration (NASA) is situated in?

(a) Russia

(b) Germany

(c) Israel

(d) U.S.A.

नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) स्थित है?

(a) रूस

(b) जर्मनी

(c) इजरायल

(d) यू.एस.ए.

(iv) The changes in the reflectivity/emissivity with time is called:

(a) Spectral resolution

(b) Spatial resolution

(c) Radiometric resolution.

(d) None of the above

समय के साथ परावर्तन/ उत्सर्जकता में होने वाले परिवर्तन को कहते हैं:

(a) स्पेक्ट्रल विभेदन

(b) स्थानिक विभेदन

(c) रेडिओमेट्रिक विभेदन

(d) उपरोक्त में से कोई नहीं

(v) The normal altitutde of GPS satellite is about?

(a) 16,200 kms

(b) 20,200 kms

(c) 24,400 kms

(d) None of the above

जीपीएस उपग्रह की सामान्य ऊँचाई लगभग होती है:

(a) 16,200 किमी.

(b) 20,200 किमी.

(c) 24,400 किमी.

(d) उपरोक्त में से कोई नहीं

(vi) The infrared portion of EMR lies between:

(a) 0.4-0.7 µm

(b) 0.5 mm-1 µm

(c) 0.7-1.3 µm

(d) 0.7-14 µm

EMR का इन्फ्रारेड भाग बीच में स्थित है:

(a) 0.4 – 0.7 माइक्रोमीटर

(b) 0.5 मिलीमीटर 1 माइक्रोमीटर

(c) 0.7-1.3 माइक्रोमीटर

(d) 0.7-14 माइक्रोमीटर

(vii) Which wave is used in Remote sensing process?

(a) Gamma rays

(b) Electro-magnetic waves

(c) Electric waves

(d) None of these

सुदूर संवेदन प्रक्रिया में किस तरंग का प्रयोग होता है?

(a) गामा किरणें

(b) इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक तरंगें

(c) इलेक्ट्रिक तरंगें

(d) इनमें से कोई नहीं

(viii) The altitude of sunsynchronous satellite is:

(a) 400-600 km

(b) 600-800 km

(c) 800-1000 km

(d) 1000-1200 km

सूर्य समकालिक कक्ष की ऊंचाई है:

(a) 400-600 km

(b) 600-800 km

(c) 800-1000 km

(d) 1000-1200 km

(ix) The ability of a sensor to identify the smallest size detail of a pattern on an image

(a) Spatial resolution

(b) Spectral resolution

(c) Temporal resolution

(d) None of the above

किसी भी वस्तु की सबसे छोटी इकाई को छायाचित्र पर पता लगाने वाली संवेदन (sensor) की क्षमता होती है।

(a) स्थानिक विभेदन

(b) स्पेक्ट्रल विभेदन

(c) टेम्पोरल विभेदन

(d) उपरोक्त में से कोई नहीं

(x) RS-IC LISS-III data has a spatial resolution

(a) 72 meters

(b) 60 meters

(c) 23.5 meters

(d) 5.8 meters

आई.आर.एस.-1 सी.एल.आई.एस.एस.-III आंकड़े का स्थानिक विभेदन है:

(a) 72 मीटर

(b) 60 मीटर

(c) 23.5 मीदर

(d) 5.8 मीटर

Section-B / खण्ड-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any four questions of the following: [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

2. What do you understand by Digital cartography?

डिजिटल कार्टोग्राफी से आप क्या समझते हैं?

3. What is Remote Sensing? Briefly explain remote sensing process.

रिमोट सेंसिंग क्या है? संक्षेप में रिमोट सेंसिंग प्रक्रिया की व्याख्या करें।

4. Describe electromagnetic radiation and its role in remote sensing.

5. विद्युत चुम्बकीय विकिरण एवं सुदूर संवेदन में इसकी भूमिका का वर्णन कीजिए।

Differentiate between GIS data and Remote sensing data.

जी.आई.एस. आंकड़ा और रिमोट सेंसिग आंकड़ा के बीच तुलना कीजिए।
6. What are the different types of Remote Sensing? Explain with examples.

7. सुदूर संवेदन के विभिन्न प्रकार क्या हैं? उदाहरण के साथ व्याख्या कीजिए।

What are the different types of resolution? Explain.

विभेदन के विभिन्न प्रकार क्या है? व्याख्या कीजिए।

Section-C / खण्ड-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions of the following: [3×10-30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए

8. Define GIS. Describe the Key element of GIS.

जीआईएस को परिभाषित कीजिए। जीआईएस के प्रमुख तत्वों का वर्णन कीजिए।

9. Explain in detail the different remote sensing platforms.

विभिन्न रिमोट सेंसिंग प्लेटफार्मों के बारे में विस्तार से व्याख्या कीजिए।
10. Explain the remote sensing and GIS application in land information system.

भूमि सूचना प्रणाली में सुदूर संवेदन और जी.आई.एस. अनुप्रयोगों की व्याख्या कीजिए।

11. Define GPS. Explain its application in GIS.

जी.पी.एस. को परिभाषित कीजिए। इसका जी.आई.एस. में प्रयोग की व्याख्या कीजिए।

12. What is the significance of remote sensing in geography? Throw light.

भूगोल में सुदूर संवेदन का क्या महत्व है? प्रकाश डालिए।



 PG (Regular) (Sem.-III)

Examination, 2023

(Session: 2022-24)

GEOGRAPHY

Paper Code: 920712

(Human and Social Geography)

Time: Three Hours]  [Maximum Marks: 70

Note : Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figure in the margin indicate full marks. Answer from all sections as directed.

परीक्षार्थी यथासम्भव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक हैं। निर्देशानुसार सभी खण्डों से उत्तर दीजिए।

Section-A / खण्ड-अ

(Multiple Choice Questions)

(बहुविकल्पीय प्रश्न)

Note Choose the correct option from each question: [10-2-20]

अत्येक प्रश्न से सही विकल्प का चयन कीजिए:

(i) Which of the following regions is not included in dense populated region of the world?

(a) South-east Asia

(b) North west Europe

(c) North east N. America

(d) South west Africa

निम्नलिखित में से किन क्षेत्रों को सबसे अधिक सनी जनसंख्या वाले क्षेत्रों में सम्मिलित नहीं करते है

(a) द. पूर्वी एशिया

(b). उत्तरी पश्चिमी यूरोप

(c) उ. पूर्वी उत्तरी अमेरिका

(d) दक्षिणी पश्चिमी अफ्रीका

(ii) Village settled around a lake will come under which pattern?

(a) Radial

(b) Star

(c) Rectangular

(d) Circular

झील के चारों ओर बसा गाँव किस प्रतिरूप में आयेगा ?

(a) अरीय

(b) तारा

(c) आयताकार

(d) वृत्ताकार

(iii) In which five year plan, the Panchayati Raj Institution was introduced in India for the first time?

(a) First

(b) Second

(c) Third

(d) Fourth
भारत में पहली बार किस पंचवर्षीय योजना में पंचायती राज संस्था की शुरुआत की गई थी?

(a) प्रथम

(b) द्वितीय

(c) तृतीय

(d) चतुर्थ

(iv) Which of the following is a social-cultural determinant of population change?

(a) Occupation structure

(b) Fertility and Mortality

(c) Migration

(d) Sex Ratio

निम्नलिखित में से कौन जनसंख्या परिवर्तन का सामाजिक सांस्कृतिक निर्धारक है ?

(a) व्यावसायिक संरचना

(b) प्रजननता और मृत्यनता

(c) प्रवास

(d) लिंगानुपात
(v) Who was the founder of human geography?

(a) Ratzel

(b) Ellen Semple

(c) Blache

(d) Carl Sauer

मानव भूगोल का जन्मदाता कौन था?

(a) रेटजेल

(b) एलेन सेम्पल

(c) ब्लाश

(d) कार्ल सावर

(vi) The biggest religion of the world is:

(a) Hindu

(b) Islam

(c) Christian

(d) Jew

विश्व का सबसे बड़ा धर्म है।

(a) हिन्दू

(b) इस्लाम

(c) ईसाई

(d) यहूदी

(vii) Average population size of villages are largest in:

(a) Uttar Pradesh

(b) Kerala

(c) West Bengal

(d) Bihar

गाँवों का औसत जनसंख्या आकार सबसे अधिक है:

(a) उत्तर प्रदेश का

(b) केरल का

(c) पश्चिम बंगाल का

(d) बिहार का
(viii) National Population Commission was formed in India:

(a) In 1952

(b) In 1991

(c) In 2001

(d) In 2004

भारत में राष्ट्रीय जनसंख्या आयोग का गठन हुआ था :

(a) 1952 में

(b) 1991 में

(c) 2001 में

(d) 2004 में

(ix) ‘Man is a Geographical agent and not the least’ statement is of

(a) Febre

(b) Carl O Sauer

(c) Jean Brunhes

(d) Bowman

‘मनुष्य एक भौगोलिक अभिकर्ता है, तुच्छ और लघूत्तम नहीं’ कथन है :

(a) फेब्रे का

(b) कार्ल ओ. सावर का

(c) जीन ब्रुन्श का

(d) बोमेन का

(x) Asian-Agglomeration is located between:

(a) Latitude 10°N-40°N

(b) Latitude 45°N-50°N

(c) Latitude 0°N-30°N

(d) Latitude 6°N -25°N

एशियाई-जनसमूह……… के बीच स्थित है।

(a) अक्षांश 10°N – 40°N

(b) अक्षांश 45°N 50°N

(c) अक्षांश 0°N – 30°N

(d) अक्षांश 6°N – 25°N

Section-B / खण्ड-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any four questions of the following: [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

2. Discuss the recent changes in rural social life in India.

भारत में ग्रामीण सामाजिक जीवन में अभिनव परिवर्तन की विवेचना कीजिए।

3. Discuss the meaning and scope of social Geography.

सामाजिक भूगोल के अर्थ एवं विषय क्षेत्र की विवेचना कीजिए।

4. Discuss types of rural settlements.

ग्रामीण अधिवासों के प्रकारों की विवेचना कीजिए।

5. Define Human Geography. Give a detailed account of subject-matter of Human Geography.

मानव भूगोल को परिभाषित कीजिए। मानव भूगोल के विषय-क्षेत्र का विस्तृत वर्णन कीजिए।
6. Define ‘race’ and discuss the main characteristics and classification of races.

‘प्रजाति’ को परिभाषित करते हुए प्रजातियों का वर्गीकरण और उनकी मुख्य विशेषताओं की विवेचना कीजिए।

7. Critical Human Geography.

आलोचनात्मक मानव भूगोल।

Section-C/ खण्ड-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions of the following: [3×10=30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

8. What do you understand about social well-being? Describe the indicators of well-being in detail.

सामाजिक कल्याण से आप क्या समझते हैं? कल्याण के संकेतकों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

9. Discuss the meaning and scope of human geography.

मानव भूगोल के अर्थ एवं विषय क्षेत्र की विवेचना कीजिए।
10. Briefly describe the essential facts of Human Geography as given by Huntington.

हंटिंग्टन द्वारा दिए गए मानव भूगोल के आवश्यक तथ्यों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

11. What is urbanization? Discuss briefly the causes of the growth of urbanization in the world.

नगरीकरण क्या है? विश्व में नगरीकरण की वृद्धि के कारणों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए।

12. Discuss the factors affecting the distribution and density of population in India.

भारत में जनसंख्या के वितरण एवं घनत्व को प्रभावित करने वाले कारकों की विवेचना कीजिए।



PG (Regular) (Sem.-III)

Examination, 2023

(Session: 2022-24)

GEOGRAPHY

Paper Code: 920713

(Land Use and Agriculture Geography)

Time: Three Hours]    [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figure in the marginindicate full marks. Answer from all sections as directed.

परीक्षार्थी यथासम्भव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक हैं। निर्देशानुसार सभी खण्डों से उत्तर दीजिए।

Section-A / खण्ड-अ

(Multiple Choice Questions)

(बहुविकल्पीय प्रश्न)

Note: Choose the correct option from each question: [10×2-20]

प्रत्येक प्रश्न से सही विकल्प का चयन कीजिए :

1. (i) How many agro-climatic zones are there in India?

(a) 10

(b) 12

(c) 15

(d) 20

भारत में कितने कृषि-जलवायु क्षेत्र हैं?

(a) 10

(b) 12

(c) 15

(d) 20

(ii) The concept of crop combination region is given by:

(a) J.C. Weaver

(b) L.D: Stamp

(c) Whittlessey

(d) J.E. Spencer

शस्य संयोजन प्रदेश की अवधारणा दी:

(a) जे.सी. वीवर ने

(b) एल.डी. स्टाम्प ने

(c) व्हीटलेसे ने

(d) जे.ई. स्पेंसर ने

(iii) New Agriculture policy of India was announced in:

(a) 2000

(b) 2010

(c) 2015

(d) 2020

नई भारतीय कृषि नीति की घोषणा की गई थी:

(a) 2000 में

(b) 2010 में

(c) 2015 में

(d) 2020 में
(iv) Operation Flood is associated with:

(a) Green Revolution

(b) White Revolution

(c) Black Revolution

(d) Pink Revolution

आपरेशन फ्लड सम्बन्धित है:

(a) हरित क्रान्ति से

(b) श्वेत क्रान्ति से

(c) काली क्रान्ति से

(d) गुलाबी क्रान्ति से

(v) Von Thunen theory was propounded in:

(a) 1930

(b) 1918

(c) 1826

(d) 1956

वॉन थ्यूनेन सिद्धान्त प्रतिपादित हुआ था:

(a) 1930 में

(b) 1918 में

(c) 1826 में

(d) 1956 में

(vi) Who propounded the theory of Agricultural Location?

(a) Philbrick

(b) Walter christaller

(c) Von thunen

(d) Alfred weber

कृषि अवस्थिति का सिद्धान्त किसने प्रतिपादित किया?

(a) फिलब्रिक

(b) वाल्टर क्रिस्टालर

(c) वॉन थ्यूनेन

(d) अल्फ्रेड वेबर
(vii) Which of the following organization is developed for the improvement in Indian agriculture?

(a) Indian Council of Agricultural Research

(b) Indian Meteorological Department

(c) Survey of India

(d) None of the above

किस संस्थान को भारतीय कृषि में सुधार करने के लिए विकसित किया गया है?

(a) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद

(b) भारतीय मौसम विभाग

(c) भारतीय सर्वेक्षण विभाग

(d) उपरोक्त में से कोई नहीं

(viii) How many land capability classes are identified by the All India Soil and Land-use Survey Organization?

(a) 4

(b) 6

(c) 8

(d) 10

भारतीय मृदा एवं भू-उपयोग सर्वेक्षण संगठन द्वारा भूमि की क्षमता का वर्गीकरण कितने प्रकार में किया गया है?

(a) 4

(b) 6

(c) 8

(d) 10

(ix) Pink revolution is associated with:

(a) Cereal production

(b) Milk production

(c) Meat production

(d) None of these

गुलाबी क्रान्ति सम्बन्धित है:

(a) खाद्यान्न उत्पादन

(b) दुग्ध उत्पादन

(c) माँस उत्पादन

(d) इनमें से कोई नहीं
(x) How many agro-climatic regions are there in world?

(a) 6

(b) 8

(c) 10

(d) 15

विश्व में कितने कृषि जलवायु क्षेत्र हैं?

(a) 6

(b) 8

(c) 10

(d) 15

Section-B / खण्ड-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any four questions of the following: [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

2. Influence of physical factors on agriculture patterns.

कृषि प्रतिरूपों पर भौतिक कारकों का प्रभाव।
3. Measurement of agricultural productivity.

कृषि उत्पादकता का मापन।

4. Jonasson’s model of Land use.

जोनासन का भूमि उपयोग प्रतिमान।

5. Land use planning in India.

भारत में भूमि उपयोग नियोजन।

6. Green Revolution in India.

भारत में हरित क्रान्ति।

7. History of land use survey.

भूमि उपयोग सर्वेक्षण का इतिहास।

Section-C / खण्ड-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions of the following: [3×10=30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
8. Analyse the bases and schemes of classification of land use in India.

भारत में भूमि उपयोग के वर्गीकरण के आधारों एवं योजनाओं का विश्लेषण कीजिये।

9. Explain the fundamental concepts of agriculture geography,

कृषि भूगोल की मौलिक संकल्पनाओं की व्याख्या कीजिये।

10. Focus on different agricultural problems and policies of India.

भारत की कृषि समस्या तथा नीति पर प्रकाश डालिए।

11. Discuss the meaning and scope of Agricultural Geography.

कृषि भूगोल की परिभाषा एवं विषय क्षेत्र की विवेचना कीजिए।

12. What are the different methods used for the demarcation of crop combination regions?

शस्य संयोजन प्रदेश को वर्गीकृत करने के लिए किन विभिन्न तरीकों का प्रयोग किया जाता है?

Chapter 11 Water in the Atmosphere (वायुमंडल में जल)

Chapter 11 Water in the Atmosphere

(वायुमंडल में जल)

(भाग – 1 : भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत)

बिहार बोर्ड तथा NCERT कक्षा 11वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर



Chapter 11 Water in the Atmosphere

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न एवं उनके उत्तर

(i) मानव के लिए वायुमण्डल का सबसे महत्त्वपूर्ण घटक निम्नलिखित में से कौन-सा है-

(क) जलवाष्प

(ख) धूल कण

(ग) नाइट्रोजन

(घ) ऑक्सीजन

उत्तर- (घ) ऑक्सीजन

व्याख्या:

     मनुष्य के जीवन के लिए वायुमंडल का सबसे महत्वपूर्ण घटक ऑक्सीजन है, क्योंकि इसका उपयोग श्वसन प्रक्रिया (respiration) में होता है। मनुष्य एवं अन्य प्राणियों को जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है। हालाँकि नाइट्रोजन वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा में पाई जाती है, लेकिन यह मानव शरीर के लिए सीधे उपयोगी नहीं होती।

(ii) निम्नलिखित में से वह प्रक्रिया कौन सी है जिसके द्वारा जल द्रव से गैस में बदल जाता है-

(क) संघनन

(ख) वाष्पीकरण

(ग) वाष्पोत्सर्जन

(घ) अवक्षेपण

उत्तर- (ख) वाष्पीकरण

व्याख्या:

   वाष्पीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें द्रव अवस्था का जल गर्मी प्राप्त करके गैस (जलवाष्प) में परिवर्तित हो जाता है। यह जल चक्र की एक प्रमुख प्रक्रिया है।

(iii) निम्नलिखित में से कौन-सा वायु की उस दशा को दर्शाता है जिसमें नमी उसकी पूरी क्षमता के अनुरूप होती है?

(क) सापेक्ष आर्द्रता

(ख) निरपेक्ष आर्द्रता

(ग) विशिष्ट आर्द्रता

(घ) संतृप्त हवा

उत्तर- (घ) संतृप्त हवा

व्याख्या:

   जब वायु में मौजूद नमी (जलवाष्प) उसकी अधिकतम धारण क्षमता के बराबर हो जाती है, तब उस वायु को संतृप्त हवा (Saturated Air) कहा जाता है। इस अवस्था में वायु और अधिक नमी धारण नहीं कर सकती, और तापमान कम होने पर संघनन शुरू हो जाता है।

(iv) निम्नलिखित प्रकार के बादलों में से आकाश में सबसे ऊँचा बादल कौन-सा है?

(क) पक्षाभ

(ख) वर्षा मेघ

(ग) स्तरी

(घ) कपासी

उत्तर- (क) पक्षाभ

व्याख्या:

    पक्षाभ बादल (Cirrus Clouds) आकाश में सबसे ऊँचाई पर पाए जाते हैं। ये लगभग 8–12 किमी (कुछ मामलों में 13 किमी तक) की ऊँचाई पर बनते हैं और बहुत पतले, रेशेदार तथा सफेद दिखाई देते हैं। अन्य बादल इससे नीचे की ऊँचाइयों पर पाए जाते हैं।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए

(i) वषर्ण के तीन प्रकारों के नाम लिखें।

उत्तर- उत्पत्ति के आधार पर वर्षा के तीन प्रमुख प्रकारों में बाँटा जा सकता है-

1. संवहनीय वर्षण (Convectional Rainfall)

2. वर्षा-छाया या पर्वतीय/औरोgraphic वर्षण (Orographic Rainfall)

3. चक्रवाती या मौसमी/फ्रंटल वर्षण (Cyclonic or Frontal Rainfall)

     ये तीनों प्रकार ताप, स्थलरूप और वायु दाब की भिन्न स्थितियों के कारण उत्पन्न होते हैं।

(ii) सापेक्ष आर्द्रता की व्याख्या कीजिए।

उत्तर- सापेक्ष आर्द्रता वह अनुपात है जिसमें वायु में विद्यमान वास्तविक जलवाष्प की मात्रा को उसी तापमान पर वायु द्वारा धारण की जा सकने वाली अधिकतम जलवाष्प की मात्रा से तुलना की जाती है। इसे प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है और यह वायु की नमी की स्थिति बताती है।

(iii)  ऊँचाई के साथ जलवाष्प की मात्रा तेजी से क्यों बढ़ती है?

उत्तर- ऊँचाई बढ़ने पर जलवाष्प की मात्रा तेजी से नहीं बढ़ती, बल्कि तेजी से घटती है क्योंकि ऊँचाई पर वायुदाब कम हो जाता है और तापमान घटने से वायु की नमी धारण करने की क्षमता कम हो जाती है। इसलिए ऊँचाई बढ़ने पर जलवाष्प की मात्रा घटती जाती है।

(iv) बादल कैसे बनते हैं? बादलों का वर्गीकरण कीजिए।

उत्तर- बादल तब बनते हैं जब जलवाष्प ठंडी हवा में पहुँचकर सूक्ष्म कणों पर संघनित होकर अत्यंत छोटे जलकणों या बर्फ कणों में बदल जाती है।

    बादलों का वर्गीकरण ऊँचाई के आधार पर होता है- उच्च (सिरस), मध्य (ऑल्टो), निम्न (स्ट्रेटस), ऊर्ध्वमुखी विकास वाले (क्यूम्यलस/क्यूम्यलोनीम्बस)।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए

(i) विश्व के वर्षण वितरण के प्रमुख लक्षणों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर- विश्व में वर्षण (Precipitation) का वितरण अत्यंत असमान और विविध है, जो भौगोलिक अक्षांश, स्थलाकृति, महासागरीय धाराओं तथा वायु दाब प्रणालियों से प्रभावित होता है।

    भूमध्यरेखा के निकट (0°- 10° अक्षांश) सर्वाधिक वर्षण पाया जाता है, क्योंकि यहाँ वर्षभर तीव्र संवहन के कारण उष्णकटिबंधीय वर्षा होती रहती है। इसके विपरीत, 20°- 30° अक्षांश वाले उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब क्षेत्रों में बहुत कम वर्षण होता है; सहारा, अरब तथा ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तान इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

     पर्वतीय क्षेत्रों में ओरोग्राफिक प्रभाव के कारण पवनाभिमुख ढालों पर अधिक वर्षा तथा पवनछाया में कम वर्षण होता है। तापमान में कमी के कारण ध्रुवीय क्षेत्रों में वर्षण अत्यंत कम होता है, जिसे शीत मरुस्थल कहा जाता है।

    गर्म महासागरीय धाराएँ तटीय क्षेत्रों में वर्षण बढ़ाती हैं जबकि ठंडी धाराएँ इसे घटाती हैं। इस प्रकार, विश्व में वर्षण का वितरण जलवायु, स्थलरूप और वायुमंडलीय प्रवाह पर आधारित स्पष्ट भौगोलिक पैटर्न प्रस्तुत करता है।

(ii) संघनन के कौन-कौन से प्रकार हैं? ओस एवं तुषार के बनने के प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए।

उत्तर- संघनन के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं-

1. ओस (Dew)

2. तुषार/पाला (Frost)

3. कुहासा (Fog)

4. धुंध (Mist)

5. बादल (Clouds)

6. कोहरा (Haze)

ओस बनने की प्रक्रिया:

     रात्रि में जब पृथ्वी की सतह और उसके निकट की वस्तुएँ विकिरण के कारण अत्यधिक ठंडी हो जाती हैं, तो उनके संपर्क में आने वाली वायु का तापमान ओसांक (Dew Point) तक पहुँच जाता है।

     इससे वायु में उपस्थित जलवाष्प तरल रूप में परिवर्तित होकर घास, पत्तियों और धातु की सतहों पर छोटे-छोटे कणों के रूप में जम जाती है, जिसे ओस कहते हैं। यह आमतौर पर साफ, शांत और शुष्क रातों में बनती है।

तुषार (Frost) बनने की प्रक्रिया:

      जब सतह का तापमान ओसांक से भी नीचे गिरकर हिमांक बिंदु (0°C) से कम हो जाता है, तब जलवाष्प सीधे ठोस बर्फ क्रिस्टलों के रूप में जम जाती है। इस प्रक्रिया को अवक्षेपण (Deposition) कहते हैं। इस प्रकार बनने वाले बर्फ के स्फटिकों को तुषार/पाला कहा जाता है।

Chapter 12 World Climate and Climate Change (विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन)

Chapter 12 World Climate and Climate Change

(विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन)

(भाग – 1 : भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत)

बिहार बोर्ड तथा NCERT कक्षा 11वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर



Chapter 12 World Climate

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न एवं उनके उत्तर

(i) निम्नलिखित में से कौन-सा साल विश्व का सबसे गर्म साल माना गया है।

(क) 1990

(ख) 1998

(ग) 1885

(घ) 1950

उत्तर- (ख) 1998

व्याख्या:

    1998 में बहुत मजबूत एल नीनो घटना हुई थी, और उस समय इसे अब तक का सबसे गर्म वर्ष माना जाता था।

(ii) नीचे लिखे गए चार जलवायु के समूहों में से कौन-सा समूह आर्द्र दशाओं को प्रदर्शित करता है।

(क) A-B-C-D

(ख) A-C-D-E

(ग) B-C-D-E

(घ) A-C-D-F

उत्तर- (ख) A-C-D-E

व्याख्या:

   कोपेन (Köppen) जलवायु वर्गीकरण में-

⇒ A = उष्ण आर्द्र जलवायु (Humid Tropical)

⇒ C = समशीतोष्ण आर्द्र जलवायु (Humid Temperate)

⇒ D = शीतोष्ण आर्द्र जलवायु (Humid Continental)

⇒ E = ध्रुवीय जलवायु (Polar) – यह शुष्क नहीं मानी जाती, बल्कि ठंडी एवं सामान्यतः आर्द्र श्रेणी में रखी जाती है।

   इसलिए A, C, D, E जलवायु समूह आर्द्र दशाओं को प्रदर्शित करते हैं।

अतः सही विकल्प है (ख) A–C–D–E।

(iii) निम्नलिखित में किस प्रकार के क्षेत्र में कोपेन की H जलवायु पायी जाती है?

(क) उच्च अक्षांश

(ख) उच्च पर्वतीय क्षेत्र

(ग) उच्च तापमान

(घ) अधिक वर्षा

उत्तर- (ख) उच्च पर्वतीय क्षेत्र

व्याख्या:

     कोपेन की H जलवायु Highland Climate (उच्च पर्वतीय जलवायु) को दर्शाती है। यह उन क्षेत्रों में पाई जाती है जहाँ ऊँचाई अधिक होती है और तापमान ऊँचाई के साथ कम हो जाता है। इसलिए इसका संबंध अक्षांश या सामान्य तापमान से नहीं, बल्कि ऊँचाई (Altitude) से होता है।

इसलिए सही विकल्प है → (ख) उच्च पर्वतीय क्षेत्र

(iv) कोपेन द्वारा जलवायु वर्गीकरण के क्या आधार हैं?

(क) तापमान एवं वृष्टि के मासिक मान

(ख) वृष्टि एवं वाष्पीकरण के मासिक मान

(ग) निरपेक्ष एवं सापेक्ष आर्द्रता के मासिक मान

(घ) वाष्पोत्सर्जन के मासिक मान

उत्तर- (क) तापमान एवं वृष्टि के मासिक मान

व्याख्या:

   कोपेन (Köppen) का जलवायु वर्गीकरण मुख्यतः दो प्रमुख तत्वों पर आधारित है-

1. तापमान के मासिक औसत

2. वृष्टि (Rainfall) के मासिक औसत

   इन्हीं दोनों के आधार पर विश्व की जलवायु को विभिन्न प्रमुख व उप-प्रकारों में बाँटा गया है। इसलिए विकल्प (क) सही है।

(v) कोपेन के A प्रकार की जलवायु के लिए निम्न में से कौन-सी दशा अर्हक हैं?

(क) सभी महीनों में उच्च वर्षा

(ख) सबसे ठंडे महीने का औसत मासिक तापमान हिमांक बिंदु से अधिक

(ग) सभी महीनों का औसत मासिक तापमान 18° सेल्सियस से अधिक

(घ) सभी महीनों का औसत तापमान 10° सेल्सियस से नीचे

उत्तर- (क) सभी महीनों में उच्च वर्षा

कारण (Köppen A-type Climate – Tropical Climate):

Köppen की जलवायु वर्गीकरण में A प्रकार (Tropical Climate) की मुख्य अर्हक (criterion) है- सबसे ठंडे महीने का औसत तापमान भी 18°C से अधिक होना चाहिए।

यही कथन विकल्प (ग) में दिया गया है (सभी महीनों का तापमान 18°C से अधिक)।

(vi) जलवायु के वर्गीकरण से संबंधित कोपेन की पद्धति को व्यक्त किया जा सकता है-

(क) अनुप्रयुक्त

(ख) व्यवस्थित

(ग) जननिक

(घ) आनुभविक

उत्तर- (घ) आनुभविक

व्याख्या:

     कोपेन की जलवायु वर्गीकरण पद्धति आनुभविक (Empirical) है, क्योंकि यह तापमान और वर्षा के वास्तविक (observed) मासिक आँकड़ों पर आधारित होती है।

(vii) भारतीय प्रायद्वीप के अधिकतर भागों को कोपेन की पद्धति के अनुसार वर्गीकृत किया जायेगा-

(क) “Af”

(ख) “BSh”

(ग) “Cfb”

(घ) “Am”

उत्तर- (ख) “BSh”

व्याख्या:

   भारतीय प्रायद्वीप का अधिकांश भाग (विशेषकर दक्कन पठार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना आदि) अर्ध-शुष्क और उष्णकटिबंधीय स्टेपीय (Semi-arid) स्थितियों वाला है, जिसे कोपेन के “BSh” जलवायु प्रकार में रखा जाता है।

अन्य विकल्प क्यों नहीं:

  • Af – भूमध्यरेखीय सदाबहार वर्षावन जलवायु → भारत में केवल अंडमान-निकोबार व पश्चिमी घाट के कुछ भाग।
  • Cfb – सागरीय/नम-समशीतोष्ण जलवायु → भारत में शिलांग तथा ऊँचे पहाड़ी भागों में सीमित।
  • Am – मानसूनी जलवायु → केवल पश्चिमी घाट और तटीय क्षेत्रों में प्रमुख, प्रायद्वीप के “अधिकांश” भाग में नहीं।

   इसलिए सही विकल्प BSh है।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए

(i) जलवायु के वर्गीकरण के लिए कोपेन के द्वारा किन दो जलवायविक चरों का प्रयोग किया गया है?

उत्तर- कोपेन ने जलवायु के वर्गीकरण के लिए मुख्यतः दो जलवायविक चरों का प्रयोग किया है-

1. तापमान (Temperature)

2. वर्षा/वृष्टि (Precipitation) 

    इन्हीं दोनों के मासिक मानों के आधार पर विश्व की विभिन्न जलवायु प्रकार निर्धारित किए गए हैं।

(ii) वर्गीकरण की जननिक प्रणाली आनुभाविक प्रणाली से किस प्रकार भिन्न है?

उत्तर- जननिक प्रणाली (Genetic classification) जलवायु को नियंत्रित करने वाले कारणों जैसे वायुमंडलीय परिसंचरण, दाब पद्धतियाँ और ऊष्मा कारक के आधार पर वर्गीकृत करती है। जबकि आनुभाविक (Empirical) प्रणाली वास्तविक अवलोकित आँकड़ों- तापमान, वर्षा, आर्द्रता आदि पर आधारित होती है। इसलिए एक कारण आधारित है, दूसरी आँकड़ा आधारित।

(iii) किस प्रकार की जलवायुओं में तापांतर बहुत कम होता है?

उत्तर- उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु में वार्षिक तापांतर बहुत कम तथा वर्षा अधिक होती है। इस प्रकार की जलवायु मकर रेखा और कर्क रेखा के बीच पाई जाती है।

(iv) सौर कलंकों में वृद्धि होने पर किस प्रकार की जलवायविक दशाएँ प्रभावित होंगी?
उत्तर- सौर कलंकों में वृद्धि होने पर सूर्य से आने वाला विकिरण थोड़ा बढ़ जाता है, जिससे पृथ्वी पर तापमान में हल्की वृद्धि हो सकती है। इससे मौसमी पैटर्न, मानसूनी वर्षा, समुद्री धाराएँ और वायुमंडलीय परिसंचरण जैसे जलवायविक तत्व प्रभावित होते हैं, जिससे जलवायु में अल्पकालिक परिवर्तन दिखाई देते हैं।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए

(i) A एवं B प्रकार की जलवायुओं की जलवायविक दशाओं की तुलना करें।

उत्तर- A तथा B प्रकार की जलवायुओं की तुलना

       कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में A-प्रकार (उष्णकटिबंधीय जलवायु) तथा B-प्रकार (शुष्क जलवायु) दो अत्यंत भिन्न जलवायविक क्षेत्र हैं।
A-प्रकार जलवायु में पूरे वर्ष उच्च तापमान पाया जाता है तथा सभी महीनों में औसत तापमान 18°C से अधिक रहता है। यहाँ वर्षा प्रचुर मात्रा में होती है, विशेषकर भूमध्य रेखा के निकट इन क्षेत्रों में 150–300 सेमी तक वार्षिक वर्षा मिलती है। नमी अधिक होने के कारण वनस्पति सघन होती है और वर्षा व तापमान दोनों का मौसमी अंतर कम होता है।

    इसके विपरीत B-प्रकार जलवायु को शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों की जलवायु कहा जाता है। यहाँ वर्षा बहुत कम (25–50 सेमी या उससे भी कम) होती है और वाष्पीकरण की दर वर्षा से बहुत अधिक रहती है। तापमान का दैनिक तथा वार्षिक अंतर काफी बड़ा पाया जाता है। वनस्पति विरल होती है और मरुस्थलीय परिस्थितियाँ प्रमुख रहती हैं।

     इस प्रकार, A-प्रकार गर्म-नम और B-प्रकार गर्म-शुष्क जलवायु का प्रतिनिधित्व करते हैं।

(ii) C एवं A प्रकार की जलवायु में आप किस प्रकार की वनस्पति पाएंगे?

उत्तर- कोपेन के A (उष्णकटिबंधीय) तथा C (समशीतोष्ण) प्रकार की जलवायु में पाई जाने वाली वनस्पति उनके तापमान और वर्षा के अनुसार भिन्न-भिन्न होती है।

     A प्रकार (उष्णकटिबंधीय जलवायु) में वर्ष भर उच्च तापमान (18°C से अधिक) तथा प्रचुर वर्षा होती है। यहाँ घने उष्णकटिबंधीय वर्षावन, सदाबहार वृक्ष, महोगनी, आबनूस, रबर, नारियल, बांस, पाम आदि प्रमुख हैं। कुछ क्षेत्रों में मानसूनी प्रभाव के कारण उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन भी मिलते हैं, जिनमें साल, सागौन, बबूल, जामुन आदि पाए जाते हैं।

    C प्रकार (समशीतोष्ण मृदु जलवायु) में तापमान मध्यम होता है और वर्षा पूरे वर्ष या मुख्यतः सर्दियों में होती है। यहाँ समशीतोष्ण मिश्रित वन, पर्णपाती वृक्ष, ओक, बीच, मेपल, पॉपलर जैसे वृक्ष प्रमुख होते हैं। भूमध्यसागरीय क्षेत्रों (Csa/Csb) में कठोर पत्तों वाले सख्त-पर्णी झाड़ीदार वन (स्क्लेरोफिलस वन) और ऑलिव, पाइंस जैसी प्रजातियाँ मिलती हैं।

    इस प्रकार, A जलवायु में घने उष्णकटिबंधीय वन जबकि C जलवायु में मिश्रित और पर्णपाती समशीतोष्ण वनस्पति पाई जाती है।

(iii) ग्रीन हाउस गैसों से आप क्या समझते हैं? ग्रीन हाउस गैसों की एक सूची तैयार करें।

उत्तर- ग्रीन हाउस गैसें (Greenhouse Gases) वे गैसें हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल में उपस्थित होकर सूर्य से आने वाली ऊष्मा को अवशोषित करती हैं और पुनः विकिरित करती हैं। इससे पृथ्वी का तापमान बढ़ा रहता है, जिसे ग्रीनहाउस प्रभाव कहा जाता है।

    ये गैसें प्राकृतिक रूप से भी बनती हैं और मानव गतिविधियों जैसे जीवाश्म ईंधन का दहन, कृषि, उद्योग और वनों की कटाई से अत्यधिक मात्रा में बढ़ जाती हैं। ग्रीनहाउस गैसों में वृद्धि वैश्विक तापन (Global Warming) और जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण है, जिसके परिणामस्वरूप समुद्र स्तर में वृद्धि, सूखा, बाढ़ और मौसम की चरम घटनाएँ बढ़ रही हैं।

ग्रीन हाउस गैसों की सूची:

1. कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)

2. मीथेन (CH₄)

3. नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O)

4. ओजोन (O₃)

5. क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs)

6. जलवाष्प (H₂O)   

    ये सभी गैसें पृथ्वी के ऊष्मा संतुलन को प्रभावित करती हैं।

Chapter 13 Oceanic Water (महासागरीय जल)

Chapter 13 Oceanic Water

(महासागरीय जल)

(भाग – 1 : भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत)

बिहार बोर्ड तथा NCERT कक्षा 11वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर



Chapter 13 Oceanic Water

 

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न एवं उनके उत्तर

(i) उस तत्त्व की पहचान करें जो जलीय चक्र का भाग नहीं है

(क) वाष्पीकरण

(ख) वर्षण

(ग) जलयोजन

(घ) संघनन

उत्तर- (ग) जलयोजन

व्याख्या-

जलीय चक्र (Water Cycle) के मुख्य तत्व हैं-

⇒ वाष्पीकरण (Evaporation)

⇒ संघनन (Condensation)

⇒ वर्षन (Precipitation)

  लेकिन जलयोजन (Hydration) जल चक्र की प्रक्रिया का भाग नहीं है। यह एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें कोई पदार्थ पानी के साथ मिलकर हाइड्रेट बनाता है। इसलिए (ग) सही विकल्प है।

(ii) महाद्वीपीय ढाल की औसत गहराई निम्नलिखित के बीच होती है-

(क) 2-20 मीटर

(ख) 20-200 मीटर

(ग) 200-2,000 मीटर

(घ) 2,000-20,000 मीटर

उत्तर- (ख) 20-200 मीटर

व्याख्या:

   महाद्वीपीय ढाल (Continental Shelf) समुद्री तल का वह भाग है जो महाद्वीप के किनारे से धीरे-धीरे ढलान बनाते हुए समुद्र की ओर बढ़ता है। इसकी औसत गहराई सामान्यतः 20 से 200 मीटर के बीच होती है। इसके बाद ढाल अचानक अधिक ढलान वाली बनकर महाद्वीपीय ढालान (Continental Slope) में परिवर्तित हो जाती है।

(iii) निम्नलिखित में से कौन की लघु उच्चावच आकृति महासागरों में नहीं पाई जाती है?

(क) समुद्री टीला

(ख) महासागरीय गंभीर

(ग) प्रवाल द्वीप

(घ) निमग्न द्वीप

उत्तर- (ग) प्रवाल द्वीप

व्याख्या:

   प्रश्न में पूछा गया है कि कौन-सी “लघु उच्चावच आकृति” महासागरों में नहीं पाई जाती है?

⇒ महासागरीय गंभीर (Ocean Trench) बहुत बड़ी एवं विशाल आकृति होती है, न कि लघु उच्चावच।

⇒ शेष तीन (समुद्री टीला, प्रवाल द्वीप, निमग्न द्वीप) अपेक्षाकृत छोटे समुद्री भू-आकृतियों में गिने जाते हैं।

    इसलिए महासागरीय गंभीर यहाँ उपयुक्त उत्तर है।

(iv) निम्न में से कौन-सा सबसे छोटा महासागर है?

(क) हिंद महासागर

(ख) अटलांटिक महासागर

(ग) आर्कटिक महासागर

(घ) प्रशांत महासागर

उत्तर- (ग) आर्कटिक महासागर

व्याख्या:

    आर्कटिक महासागर पृथ्वी का सबसे छोटा और सबसे उथला महासागर है। यह उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्र में स्थित है और अन्य सभी महासागरों की तुलना में आकार में सबसे छोटा होता है।

(v) लवणता को प्रति समुद्री जल में घुले हुए नमक (ग्राम) की मात्रा से व्यक्त किया जाता है-

(क) 10 ग्राम

(ख) 100 ग्राम

(ग) 1,000 ग्राम

(घ) 10,000 ग्राम

उत्तर- (ग) 1,000 ग्राम

व्याख्या:

    लवणता (Salinity) को प्रति 1,000 ग्राम (अर्थात् 1 किलोग्राम) समुद्री जल में घुले हुए कुल नमक की मात्रा के रूप में व्यक्त किया जाता है।

   इसे “Parts per thousand (‰)” में भी मापा जाता है। सामान्य समुद्री जल की लवणता लगभग 35‰ होती है, जिसका अर्थ है — 1,000 ग्राम समुद्री जल में लगभग 35 ग्राम नमक।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए

(i) हम पृथ्वी को नीला ग्रह क्यों कहते हैं?

उत्तर- पृथ्वी को नीला ग्रह इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी सतह का लगभग 71% भाग जल से ढका है। अंतरिक्ष से देखने पर महासागरों का नीला रंग स्पष्ट दिखाई देता है, जिससे पृथ्वी अन्य ग्रहों की तुलना में नीली चमकती हुई दिखती है।

(ii) महाद्वीपीय सीमांत क्या होता है?

उत्तर- महाद्वीपीय सीमांत वह भाग है जहाँ महाद्वीप समुद्र में धीरे-धीरे ढलान के रूप में समाप्त होता है। इसमें महाद्वीपीय शेल्फ, महाद्वीपीय ढाल और महाद्वीपीय उठान शामिल होते हैं। यह क्षेत्र जैव विविधता, खनिज संसाधनों और समुद्री जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

(iii) विभिन्न महासागरों के सबसे गहरे गर्तों की सूची बनाइए।

उत्तर- ये महासागरों के सबसे गहरे भाग होते हैं। अभी तक लगभग 57 गर्तों को खोजा गया है, जिसमें से 32 प्रशांत महासागर में, 19 अटलांटिक महासागर में एवं 6 हिंद महासागर में हैं।

     विभिन्न महासागरों के सबसे गहरे गर्त इस प्रकार हैं-

⇒ प्रशांत महासागर: मैरियाना गर्त (चैलेंजर डीप) – लगभग 11,000 मीटर

⇒ अटलांटिक महासागर: प्यूर्टो रिको गर्त – लगभग 8,376 मीटर

⇒ हिंद महासागर: जावा या सुंडा गर्त  – लगभग 7,725 मीटर

⇒ आर्कटिक महासागर: मोलॉय डीप – लगभग 5,550 मीटर

(iv) ताप प्रवणता क्या है?

उत्तर- समुद्र में ताप प्रवणता (Thermocline) वह परत होती है जिसमें गहराई बढ़ने के साथ तापमान तेजी से घटता है। यह सतह के गर्म जल और नीचे के ठंडे जल के बीच स्थित संक्रमण क्षेत्र है। यहाँ तापमान में तेज गिरावट समुद्री जल के घनत्व और धाराओं को प्रभावित करती है।

(v) समुद्र में नीचे जाने पर आप ताप की किन परतों का सामना करेंगे? गहराई के साथ तापमान में भिन्नता क्यों आती है?

उत्तर- समुद्र में नीचे जाने पर तीन ताप-परतें मिलती हैं- ऊपरी ऊष्मीय परत, थर्मोक्लाइन, और गहरी शीतल परत। गहराई बढ़ने पर सूर्य का प्रकाश कम पहुँचता है, ऊष्मा अवशोषण घटता है तथा दाब बढ़ता है, इसलिए तापमान क्रमशः घटता जाता है और गहरे जल में स्थायी ठंडक रहती है।

(vi) समुद्री जल की लवणता क्या है?

उत्तर- समुद्री जल की लवणता से तात्पर्य प्रति किलोग्राम समुद्री जल में घुले हुए नमक की मात्रा से है। सामान्यतः समुद्री जल की औसत लवणता लगभग 35‰ (35 ग्राम प्रति किलोग्राम) होती है। यह वाष्पीकरण, वर्षा, नदी-जल प्रवाह तथा तापमान के अनुसार स्थान-स्थान पर बदलती रहती है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए

(i) जलीय चक्र के विभिन्न तत्त्व किस प्रकार अंतर-संबंधित हैं?

उत्तर- जलीय चक्र, जिसे जल चक्र भी कहा जाता है, पृथ्वी पर जल के निरंतर संचरण की प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसके विभिन्न तत्त्व- वाष्पीकरण, संघनन, वर्षण, अवक्षण, प्रवाह, भू-जल पुनर्भरण तथा वाष्पोत्सर्जन आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं और एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।

    सबसे पहले सूर्य की ऊर्जा महासागरों, नदियों और झीलों के जल को गरम करती है, जिससे वाष्पीकरण होता है। पौधों द्वारा पत्तियों से जल का उत्सर्जन वाष्पोत्सर्जन कहलाता है। वायुमंडल में उठी जल-वाष्प ठंडी होकर संघनन के रूप में बादलों का निर्माण करती है। बादलों में नमी की अधिकता होने पर वर्षण (बारिश, हिमपात या ओलावृष्टि) पृथ्वी की सतह पर गिरता है।

     वर्षा का जल दो मार्गों से आगे बढ़ता है-  कुछ भाग सतह से बहते हुए नदियों, झीलों और समुद्रों में पहुँच जाता है, जिसे सतही प्रवाह कहा जाता है। शेष जल भूमि में समा कर भू-जल पुनर्भरण करता है, जो बाद में सोतों, कुओं और नदियों के माध्यम से सतह पर वापस आता है।

      ये सभी तत्त्व एक निरंतर चक्र बनाते हैं जिसमें किसी एक प्रक्रिया में परिवर्तन अन्य प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है। इस प्रकार जलीय चक्र पृथ्वी के जल-संतुलन, जल उपलब्धता, जलवायु नियंत्रण और जीवन के संरक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

(ii) महासागरों के तापमान वितरण को प्रभावित करने वाले कारकों का निरीक्षण कीजिए।

उत्तर- महासागरों के तापमान वितरण को प्रभावित करने वाले कारक

1. अक्षांश (Latitude):-

    भूमध्य रेखा के निकट सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं, जिससे तापमान अधिक होता है, जबकि ध्रुवों की ओर तापमान घटता जाता है। इसलिए तापमान का सबसे प्रमुख नियंत्रक अक्षांश है।

2. समुद्री धाराएँ (Ocean Currents):-

    गर्म धाराएँ (जैसे गल्फ स्ट्रीम) तटीय क्षेत्रों का तापमान बढ़ाती हैं, जबकि ठंडी धाराएँ (जैसे लैब्रेडोर करंट) तापमान कम कर देती हैं। इससे महासागर का क्षैतिज तापमान वितरण बदल जाता है।

3. वायु की दिशा एवं पवन प्रणाली (Wind System):-

    पवनें गर्म या ठंडी सतही जलराशि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती हैं, जिससे सतही तापमान में परिवर्तन होता है।

4. गहराई (Depth):-

    गहराई बढ़ने पर सूर्य का प्रकाश कम मिलता है, इसलिए तापमान तेजी से घटता है। सतह पर तापमान सर्वाधिक तथा 1,000 मीटर से नीचे लगभग स्थिर रहता है।

5. भूमि-महासागर वितरण (Distribution of Land & Water):-

    भूमि के असमान वितरण के कारण उत्तरी गोलार्ध में तापमान असंतुलन अधिक पाया जाता है, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में महासागरीय विस्तार अधिक होने से तापमान अपेक्षाकृत संतुलित रहता है।

6. लवणता (Salinity):-

     अधिक लवणता वाली जलराशि घनी होती है और ताप को तेजी से अवशोषित करती है, जिससे तापमान में अंतर देखा जाता है।

7. सौर ऊष्मा का मौसमी परिवर्तन (Seasonal Changes):-

    ग्रीष्म में तापमान बढ़ता है और शीत ऋतु में घटता है, जिससे सतही तापमान में क्षेत्रीय भिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं।

Chapter 14 Movements of Oceanic Water (महासागरीय जल संचलन)

Chapter 14 Movements of Oceanic Water

(महासागरीय जल संचलन)

(भाग – 1 : भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत)

बिहार बोर्ड तथा NCERT कक्षा 11वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर



Chapter 14 Movements of Oceanic Water

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न एवं उनके उत्तर

(i) महासागरीय जल की ऊपर एवं नीचे गति किससे संबंधित है

(क) ज्वार

(ख) तरंग

(ग) धाराएँ

(घ) ऊपर में से कोई नहीं

उत्तर- (ख) तरंग

व्याख्या:

     महासागरीय जल की ऊपर-नीचे (up and down) गति मुख्य रूप से तरंगों (Waves) से संबंधित होती है। तरंगें हवा के प्रभाव से समुद्र की सतह पर बनती हैं और ये जल को ऊपर-नीचे चलाती हैं।

⇒ ज्वार (Tides) – समुद्र जल का नियमित ऊपर-नीचे उठना-गिरना है, लेकिन यह पूरे समुद्र स्तर पर होता है।

⇒ धाराएँ (Currents) – समुद्र जल का क्षैतिज दिशा में बहाव दर्शाती हैं।

    इसलिए, प्रश्न में “ऊपर एवं नीचे गति” विशेष रूप से तरंगों द्वारा होती है।

(ii) वृहत् ज्वार आने का क्या कारण है?

(क) सूर्य और चन्द्रमा का पृथ्वी पर एक ही दिशा में गुरुत्वाकर्षण बल

(ख) सूर्य और चन्द्रमा द्वारा एक-दूसरे की विपरीत दिशा से पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण बल

(ग) तटरेखा का दंतुरित होना

(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर- (क) सूर्य और चन्द्रमा का पृथ्वी पर एक ही दिशा में गुरुत्वाकर्षण बल

व्याख्या:

     वृहत् ज्वार (Spring Tide) आने का कारण है-

सूर्य और चन्द्रमा का पृथ्वी पर एक ही दिशा में गुरुत्वाकर्षण बल लगाना।

⇒ जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में होते हैं (अमावस्या और पूर्णिमा के समय), तब दोनों का गुरुत्वाकर्षण बल मिलकर ज्वार की ऊँचाई को बहुत बढ़ा देता है। इसी को वृहत् ज्वार कहा जाता है।

(iii) पृथ्वी और चन्द्रमा की न्यूनतम दूरी कब होती है?

(क) अपसौर

(ख) उपसौर

(ग) उपभू

(घ) अपभू

उत्तर- (ग) उपभू

व्याख्या:

     जब चन्द्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है, उस अवस्था को उपभू (Perigee) कहा जाता है।

⇒ उपभू = पृथ्वी और चन्द्रमा की न्यूनतम दूरी

⇒ अपभू (Apogee) = पृथ्वी और चन्द्रमा की अधिकतम दूरी

⇒ उपसौर/अपसौर सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी के लिए उपयोग किए जाते हैं।

(iv) पृथ्वी और चन्द्रमा की न्यूनतम दूरी कब होती है?

(क) अक्टूबर

(ख) जुलाई

(ग) सितम्बर

(घ) जनवरी

उत्तर- (घ) जनवरी

व्याख्या:

    सही उत्तर इनमें से कोई भी विकल्प शत-प्रतिशत सही नहीं है, क्योंकि पृथ्वी और चन्द्रमा की न्यूनतम दूरी “उपभू (Perigee)” पर होती है, और उपभू हर 27.3 दिन (एक चन्द्र मास) में आता है, किसी एक निर्धारित महीने में नहीं।

      लेकिन यदि यह प्रश्न महीने के आधार पर एक उत्तर चुनने के लिए दिया गया है, तो परीक्षा में सामान्यतः माना जाता है कि:

➡ जनवरी (घ)
    क्योंकि जनवरी में पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट (उपसौर) होती है, जिससे पृथ्वी-चन्द्रमा दूरी कई वर्षों में औसतन थोड़ी कम पाई जाती है।

अतः परीक्षा-उन्मुख उत्तर: (घ) जनवरी

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए

(i) तरंगें क्या हैं?

उत्तर- तरंगें वास्तव में ऊर्जा हैं। तरंगों में जल का कण छोटे वृत्ताकार रूप में गति करते हैं। वायु जल को ऊर्जा प्रदान करती है जिससे तरंगें उत्पन्न होती हैं। वायु के कारण तरंगें महासागर में गति करती हैं तथा ऊर्जा तटरेखा पर निर्मुक्त होती हैं।

    दूसरे शब्दों में तरंगें जल की वह गति हैं जिसमें जल के कण ऊपर-नीचे दोलन करते हैं, परंतु वे आगे नहीं बढ़ते। केवल तरंग का रूप आगे बढ़ता है। यह मुख्यतः हवा के दबाव और वेग से उत्पन्न होती हैं। समुद्र की सतह पर दिखाई देने वाली ऊँच-नीच यही तरंगें कहलाती हैं।

(ii) महासागरीय तरंगें ऊर्जा कहाँ से प्राप्त करती हैं?

उत्तर- वायु के कारण तरंगें महासागर में गति करती हैं तथा ऊर्जा तटरेखा पर निर्मुक्त होती हैं। बड़ी तरंगें खुले महासागरों में पायी जाती हैं। तरंगें जैसे ही आगे की ओर बढ़ती हैं बड़ी होती जाती हैं तथा वायु से ऊर्जा को अवशोषित करती हैं।

        दूसरे शब्दों में महासागरीय तरंगें मुख्य रूप से वायु (हवा) के प्रवाह से ऊर्जा प्राप्त करती हैं। जब तेज हवा समुद्र की सतह पर बहती है तो वह घर्षण पैदा करती है, जिससे पानी की सतह पर तरंगें बनती हैं। इसके अलावा भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और चन्द्रमा-सूर्य के गुरुत्वाकर्षण भी कुछ तरंगों को ऊर्जा प्रदान करते हैं।

(iii) ज्वार-भाटा क्या है?

उत्तर- ज्वारभाटा समुद्र के जलस्तर का नियमित रूप से ऊपर उठना और नीचे गिरना है। यह मुख्यतः चन्द्रमा तथा कुछ हद तक सूर्य के गुरुत्वाकर्षण आकर्षण के कारण होता है। जलस्तर का बढ़ना ज्वार तथा घटकर न्यूनतम स्तर पर पहुँच जाना भाटा कहलाता है। यह प्रक्रिया प्रतिदिन दो बार होती है।

(iv) ज्वार-भाटा उत्पन्न होने के क्या कारण हैं?

उत्तर- ज्वार-भाटा उत्पन्न होने के मुख्य कारण निम्नलिखित है-

1. चन्द्रमा का गुरुत्वाकर्षण – ज्वार-भाटा का सबसे बड़ा कारण चन्द्रमा का पृथ्वी के महासागरों पर आकर्षण बल है।

2. सूर्य का गुरुत्वाकर्षण – सूर्य भी ज्वार-भाटा को प्रभावित करता है, हालांकि इसका प्रभाव चन्द्रमा से कम होता है।

3. पृथ्वी का घूर्णन – पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती है, जिससे जलस्तर में नियमित उतार-चढ़ाव होता है।

4. सूर्य-चन्द्रमा-पृथ्वी की स्थिति – जब सूर्य और चन्द्रमा एक सीध में होते हैं, तो वृहत् ज्वार (Spring tide) बनती है; विपरीत स्थिति में क्षीण ज्वार (Neap tide)।

5. समुद्री तटरेखा का आकार – खाड़ी, मुहाना या संकरी तटीय संरचना में ज्वार की ऊँचाई बढ़ जाती है।

(v) ज्वार-भाटा नौका संचालन से कैसे संबंधित हैं?

उत्तर- ज्वार-भाटा नौका संचालन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऊँचा ज्वार (High Tide) होने पर समुद्र का जल स्तर बढ़ जाता है, जिससे जहाज और नौकाएँ आसानी से तट पर आ-जा सकती हैं तथा उथले स्थानों में भी संचरण सम्भव हो जाता है।

    कम ज्वार (Low Tide) के समय जल स्तर घटने से कई तटीय क्षेत्र उथले हो जाते हैं, जिससे नौकाओं के फँसने या टकराने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बंदरगाहों में जहाजों की आवाजाही, माल लोडिंग-अनलोडिंग तथा नौकायन का समय प्रायः ज्वार-भाटा तालिकाओं के आधार पर निर्धारित किया जाता है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए

(i) जलधाराएँ तापमान को कैसे प्रभावित करती हैं ? उत्तर पश्चिम यूरोप के तटीय क्षेत्रों के तापमान को ये कैसे प्रभावित करते हैं?

उत्तर- जलधाराएँ (Ocean Currents) और तापमान पर उनका प्रभाव:

    जलधाराएँ महासागरों में बहने वाली विशिष्ट दिशा वाली गर्म तथा शीतल धाराएँ होती हैं, जो अपने साथ ताप ऊर्जा (Heat Energy) का स्थानांतरण करती हैं। गर्म जलधाराएँ जिन क्षेत्रों से गुजरती हैं, वहाँ का तापमान बढ़ा देती हैं, क्योंकि वे उष्ण कटिबंध से अधिक गर्म पानी को उच्च अक्षांशों की ओर ले जाती हैं।

    इसके विपरीत, शीत जलधाराएँ ध्रुवीय या शीत क्षेत्रों का ठंडा पानी भूमध्य रेखा की ओर ले जाती हैं और जिन तटों के पास बहती हैं, वहाँ तापमान घटा देती हैं। इस प्रकार जलधाराएँ किसी क्षेत्र के जलवायु नियंत्रण (Climate Regulation) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उत्तर-पश्चिम यूरोप पर प्रभाव:

     उत्तर-पश्चिम यूरोप के तटीय क्षेत्रों के तापमान को मुख्य रूप से गल्फ स्ट्रीम (Gulf Stream) तथा उसकी शाखा नॉर्थ अटलांटिक ड्रिफ्ट प्रभावित करती है। ये गर्म जलधाराएँ मैक्सिको की खाड़ी से अत्यधिक गर्म पानी को यूरोप की ओर लेकर जाती हैं। परिणामस्वरूप-

⇒ ब्रिटेन, आयरलैंड, नॉर्वे व आस-पास के तटीय क्षेत्रों का सर्दी का तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहता है।

⇒ समान अक्षांशों वाले कनाडा या रूस की तुलना में यहाँ ठंड कम पड़ती है।

⇒ बंदरगाह सालभर बर्फमुक्त रहते हैं, जिससे व्यापार व नौपरिवहन सुगम होता है।

    इस प्रकार जलधाराएँ उत्तर-पश्चिम यूरोप को अपेक्षाकृत मृदु तथा संतुलित जलवायु प्रदान करती हैं।

(ii) जलधाराएं कैसे उत्पन्न होती हैं?

उत्तर- जलधाराएँ (Ocean Currents) महासागरों में बहने वाली विशाल जल-धाराएँ हैं, जो पृथ्वी की जलवायु, तापमान और देशों के समुद्री व्यापार को प्रभावित करती हैं। इनका निर्माण कई भौतिक कारणों से होता है। जलधाराओं के उत्पन्न होने के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-

जलधाराओं के उत्पन्न होने के कारण:

1. पवन (Wind):-

    समुद्री पवनें जैसे ट्रेड विंड्स और वेस्टरलीज सतही जल को धकेलती हैं, जिससे सतही जलधाराएँ बनती हैं।

2. तापमान का अंतर (Temperature Difference):-

       भूमध्य रेखा पर गर्म जल ऊपर उठता है और ध्रुवों की ओर बहता है, जबकि ठंडा जल नीचे की ओर डूबकर भूमध्य रेखा की ओर आता है। इस तापमान अंतर से जलधाराएँ उत्पन्न होती हैं।

3. लवणता (Salinity Difference):-

     अधिक लवणता वाला जल भारी होता है और नीचे की ओर जाता है, जबकि कम लवणता वाला जल ऊपर रहता है। इस घनत्व के अंतर से गहरी जलधाराएँ बनती हैं।

4. पृथ्वी का घूर्णन (Coriolis Force):-

    पृथ्वी के घूमने से जलधाराओं की दिशा मुड़ जाती है—उत्तरी गोलार्ध में दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर।

5. समुद्री तल का ढाल और आकार (Ocean Basin Relief):-

     समुद्र के तल पर पहाड़, घाटियाँ, ढलान और तटरेखाओं का आकार जलधाराओं की दिशा और गति को प्रभावित करते हैं।

6. ज्वार-भाटा (Tides):-

    चन्द्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण से ज्वार-भाटा उत्पन्न होते हैं, जो तटीय क्षेत्रों में स्थानीय जलधाराएँ बनाते हैं।

निष्कर्ष:-

    जलधाराएँ कई प्राकृतिक कारकों के संयुक्त प्रभाव से उत्पन्न होती हैं और पृथ्वी की जलवायु प्रणाली का महत्वपूर्ण भाग हैं।

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