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इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2022, भूगोल का सम्पूर्ण हल सहित प्रश्नपत्र /Intermediate Annual Examination -2022, Geography WithTotal Solution Paper

इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2022, भूगोल(ऐच्छिक) का सम्पूर्ण हल सहित प्रश्नपत्र

(Intermediate Annual Examination -2022, Geography With Total Solution Paper)


इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2022, भूगोल(ऐच्छिक) का सम्पूर्ण हल सहित प्रश्नपत्र

इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्
 
खंड -अ/Section -A
वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर
1.पर्वतों पर किस प्रकार की बस्तियाँ पाई जाती है?
(A) वृत्ताकार 
(B) सीढ़ीनुमा 
(C) आयताकार
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (B) सीढ़ीनुमा
2. शेंटी टाउन का संबंध है-
(A) महानगर से
(B) गंदी बस्ती से
(C) जुड़वा नगर से
(D) तटीय नगर से
उत्तर – (B) गंदी बस्ती से
3. धनबाद प्रसिद्ध है
(A) कोयला के लिए
(B) राजधानी के लिए
(C) पर्यटन के लिए
(D) इनमें से सभी
उत्तर – (A) कोयला के लिए
4. मिलियन सिटी की जनसंख्या होती है-
(A) एक लाख से कम
(B) पाँच लाख से कम
(C) दस लाख से अधिक
(D) दस लाख से कम
उत्तर – (C) दस लाख से अधिक
5. फेब्रे संबंधित है-
(A) नियतिवाद से
(B) संभववाद से
(C) मानवतावाद से
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर -(B) संभववाद से
6. सिक्किम की राजधानी है
(A) शिलांग
(B) इंफाल
(C) पटना
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (D) इनमें से कोई नहीं
7. धारावी मलिन बस्ती कहाँ है?
(A) मुंबई
(B) कोलकाता
(C) दिल्ली
(D) चेन्नई
उत्तर -(A) मुंबई
8. किस देश में सेंट जॉन से बैंकुवर के बीच महामार्ग है?
(A) दक्षिण अफ्रीका
(B) ऑस्ट्रेलिया
(C) भारत
(D) कनाडा
उत्तर -(D) कनाडा
9. एयर इंडिया संबंधित है
(A) इंटरनेट से
(B) उपग्रह से
(C) वायु मार्ग से
(D) महामार्ग से
उत्तर – (C) वायुमार्ग से
10. यूरोपीय संघ का मुख्यालय किस देश में है?
(A) रूस
(B) बेल्जियम
(C) जर्मनी
(D) कनाडा
उत्तर – (B) बेल्जियम
11. निम्न में से किस संघ का मुख्यालय काठमांडू में अवस्थित है
(A) ओपेक
(B) दक्षेस
(C) आसियान
(D) इनमें से सभी
उत्तर – (B) दक्षेस
12. कारवाड़ पतन है
(A) बिहार में
(B) पश्चिम बंगाल में
(C) कर्नाटक में
(D) गुजरात में
उत्तर – (C) कर्नाटक में
13. ओपेक संबंधित है
(A) कपास निर्यात से
(B) तांबा निर्यात से
(C) पेट्रोलियम निर्यात से
(D) चीनी निर्यात से
उत्तर – (C) पेट्रोलियम निर्यात से
14. माराकाइबो पतन संबंधित है –
(A) वेनेजुएला से
(B) भारत से
(C) ऑस्ट्रेलिया से
(D) रूस से
उत्तर -(A) वेनेजुएला से
15. सलाया-मथुरा पाइपलाइन का सलाया अवस्थित है
(A) बिहार में
(B) पंजाब में
(C) गुजरात में
(D) तमिलनाडु में
उत्तर – (C) गुजरात में
16. वाल्लामकाली (नौका दौड़) संबंधित है –
(A) केरल से
(B) बिहार
(C) गुजरात से
(D) असम से
उत्तर – (A) केरल से
17. वेस्ट सेंट्रल रेलमंडल का मुख्यालय है?
(A) हाजीपुर
(B) जबलपुर
(C) चेन्नई
(D) गाँधीनगर
उत्तर – (B) जबलपुर
18. भरमौर जनजातीय क्षेत्र से संबंधित है?
(A) गद्दी से
(B) मसाई से
(C) बेंदा से
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (A) गद्दी से
19. अलापुझा औद्योगिक केंद्र किस राज्य में अवस्थित है?
(A) बिहार
(B) सिक्किम
(C) त्रिपुरा
(D) केरल
उत्तर – (D) केरल
20. पायकारा जलविद्युत परियोजना है
(A) तमिलनाडु में
(B) पंजाब में
(C) असम में
(D) मणिपुर में
उत्तर – (A) तमिलनाडु में
21. हुबली सूती वस्त्र केंद्र कहाँ है?
(A) कर्नाटक
(B) पश्चिम बंगाल
(C) बिहार
(D) हरियाणा
उत्तर -(A) कर्नाटक
22. अरेबिका संबंधित है
(A) चाय से
(B) कॉफी से
(C) गन्ना से
(D) धान से
उत्तर -(B) कॉफी से
23. निम्न में से कौन जूट उत्पादक राज्य है?
(A) तमिलनाडु
(B) कर्नाटक
(C) असम
(D) पंजाब
उत्तर – (C) असम
24. मेरठ महानगरीय शहर किस राज्य में अवस्थित है?
(A) बिहार
(B) राजस्थान
(C) केरल
(D) उत्तर प्रदेश
उत्तर – (D) उत्तर प्रदेश
25. नीरू-मीरू संबंधित है
(A) जल संभर प्रबंधन से
(B) सिंचाई प्रबंधन से
(C) प्रदूषण प्रबंधन से
(D) पर्यावरण प्रबंधन से
उत्तर – (A) जल संभर प्रबंधन से
26. लूनी नदी के प्रवाह की दिशा है
(A) पूर्वी
(B) पश्चिमी
(C) दक्षिणी
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (C) दक्षिणी
27. रानीगंज प्रसिद्ध है
(A) ताँबा के लिए
(B) कोयला के लिए
(C) हीरा के लिए
(D) यूरेनियम के लिए
उत्तर -(B) कोयला के लिए
28. पानीपत तेलशोधन केंद्र किस राज्य में अवस्थित है?
(A) हरियाणा
(B) बिहार
(C) केरल
(D) असम
उत्तर -(A) हरियाणा
29. निम्न पुस्तकों में कौन हम्बोल्ट द्वारा  लिखित है?
(A) ऑस्ट्रेलिया का भूगोल
(B) कॉसमास
(C) जनसंख्या भूगोल
(D) इनमें से सभी
उत्तर – (B) कॉसमास
30. निम्न में से कौन मानव भूगोल से संबंधित नहीं है?
(A) प्रत्यक्षवाद
(B) संभववाद
(C) समुद्र विज्ञान
(D) मानववाद
उत्तर – (C) समुद्र विज्ञान
31. मसाई जनजाति संबंधित है
(A) आस्ट्रेलिया से
(B) यूरोप से
(C) अंटार्कटिका से
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (D) इनमें से कोई नहीं
32. आयु-लिंग पिरामिड का संबंध है
(A) जनसंख्या घनत्व से
(B) पुरुष एवं महिला जनसंख्या से
(C) जनसंख्या साक्षरता से
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (B) पुरुष एवं महिला जनसंख्या से
33. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में जनसंख्या का घनत्व है
(A) 815
(B) 382
(C) 215
(D) 940
उत्तर – (B) 382
34. निम्नलिखित में कौन मानव विकास सूचकांक से संबंधित है?
(A) मनमोहन सिंह
(B) सुचित्रा सेन 
(C) महबूब उल हक
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (C) महबूब उल हक
35. निम्नलिखित देशों में किस में प्रसन्नता को प्रगति का माप माना गया है?
(A) भूटान
(B) भारत
(C) क्यूबा
(D) रूस
उत्तर – (A) भूटान
36. विजाग का सम्बंध है 
(A) सूती वस्त्र उद्योग से 
(B) लौह-इस्पात उद्योग से
(C) चीनी उद्योग
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर -(B) लौह-इस्पात उद्योग से
37. बुंदेलखंड प्रदेश में किस प्रकार की बस्तियाँ पायी जाती है?
(A)  पल्ली बस्तियाँ
(B)  गुच्छित बस्तियाँ
(C) प्रविकीर्ण बस्तियाँ
(D) इनमें से सभी
उत्तर – (C) प्रविकीर्ण बस्तियाँ
38. निम्न में उत्तर भारत में अवस्थित नगर है
(A) पुणे
(B) चेन्नई
(C) कोचिंग
(D) आगरा
उत्तर -(D) आगरा
39. गाजियाबाद एक उदाहरण है
(A) प्राचीन नगर का
(B) सेटेलाइट अनुषंगी नगर का
(C) मध्यकालीन नगर
(D) आधुनिक नगर का
उत्तर – (B) सेटेलाइट अनुषंगी नगर का
40. ज्वार उत्पादन में अग्रणी राज्य है
(A) महाराष्ट्र
(B) ओडिशा
(C) गोवा
(D) मेघालय
उत्तर – (A) महाराष्ट्र
41. हरित क्रांति में किस फसल का सर्वाधिक उत्पादन था?
(A) सोयाबीन
(B) चना
(C) गेहूँ
(D) कपास
उत्तर -(C) गेहूँ
42. भारत में चाय की खेती कहाँ से आरंभ हुई?
(A) ब्रह्मपुत्र घाटी
(B) नीलगिरी
(C) डालमा हिल
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर -(A) ब्रह्मपुत्र घाटी
43. टोकरी बनाना किस आर्थिक क्रियाकलाप का उदाहरण है?
(A) प्राथमिक
(B) द्वितीयक
(C) तृतीयक
(D) पंचम
उत्तर – (A) प्राथमिक
44. नागासाकी उदाहरण है
(A) तेल पत्तन का
(B) मत्स्य पत्तन का
(C) आंत्रेपो पत्तन का
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (B) मत्स्य पत्तन का
45. गैरिसन नगर का संबंध है
(A) छावनी से
(B) व्यापार से
(C) तट से
(D) इनमें से सभी से
उत्तर – (A) छावनी से
46. पेरिस और लंदन शहर को जोड़ने वाली सुरंग है
(A) चैनल टनल
(B) सेटेलाइट टनल
(C) पोस्टल टनल
(D) इनमें से सभी
उत्तर – (A) चैनल टनल
47. सर्वाधिक प्रदूषण मिलता है
(A) सन्नगर में
(B) मलिन बस्ती में
(C) महानगर में
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (B) मलिन बस्ती में
48. कुलगार्डी किस देश में अवस्थित है?
(A) दक्षिण अफ्रीका
(B) भारत
(C) ऑस्ट्रेलिया
(D) कनाडा
उत्तर – (C) ऑस्ट्रेलिया
49. रेखिए नगर का विकास होता है
(A) नदी के सहारे
(B) झील के सहारे
(C) पर्वतों पर
(D) मैदान में
उत्तर -(A) नदी के सहारे
50. निम्न में से कौन कालाहारी मरुस्थल की जनजाति है?
(A) बुशमैन
(B) रोका
(C) मसाई
(D) सोमांग
उत्तर – (A) बुशमैन
51. निम्न में से कौन एकल कृषि का उत्पाद है?
(A) रबड़
(B) केला
(C) चाय
(D) इनमें से सभी
उत्तर – (B) केला
52. निम्नलिखित में कौन रूस में अवस्थित है?
(A) टोकियो
(B) तुला
(C) शंघाई
(D) ऐसेन
उत्तर – (B) तुला
53. ऐसेन अवस्थित है
(A) जर्मनी में
(B) भारत में
(C) ऑस्ट्रेलिया में
(D) अफ्रीका
उत्तर – (A) जर्मनी में
54. कौन पेशागत कॉलर का रंग नहीं है?
(A) लाल
(B) नीला
(C) काला
(D) गुलाबी
उत्तर – (C) काला
55. निम्न में से कौन पेशेवर सेवाओं से संबंधित है?
(A) वकील
(B) नाई
(C) धोबी
(D) इनमें से सभी
उत्तर – (D) इनमें से सभी
56. किस मार्ग का उपयोग अर्जेंटीना एवं यूरोप के बीच व्यापार के लिए होता है?
(A) उत्तरी अटलांटिक समुद्री मार्ग
(B) स्वेज मार्ग
(C) पनामा मार्ग
(D) केप मार्ग
उत्तर – (D) केप मार्ग
57. भद्रावती का संबंध है
(A) लौह-इस्पात से
(B) सूती-वस्त्र से
(C) पेट्रो-रसायन से
(D) बंदरगाह से
उत्तर – (A) लौह-इस्पात से
58. किस पतन को स्वेज मार्ग का लाभ प्राप्त है?
(A) कोच्चि
(B) कोलकाता
(C) चेन्नई
(D) पोर्ट ब्लेयर
उत्तर – (A) कोच्चि
59. निम्न नगरों में कौन गुजरात में अवस्थित नहीं है?
(A) सूरत
(B) नासिक
(C) राजकोट
(D) कांडला
उत्तर – (B) नासिक
60. भारत के जल संसाधन से जुड़ी समस्या है
(A) वितरण
(B) उपलब्धता
(C) संरक्षण
(D) इनमें से सभी
उत्तर – (D) इनमें से सभी
61. निम्न में से कौन लौह अयस्क खान छत्तीसगढ़ में है?
(A) नोआमुंडी
(B) किरीबुरू
(C) बैलाडीला
(D) बदामपहाड़
उत्तर – (C) बैलाडीला
62. निम्न में से कौन रेडियो सक्रिय खनिज है?
(A) यूरेनियम
(B) थोरियम
(C) जिरकोनियम
(D) इनमें से सभी
उत्तर – (D) इनमें से सभी
63. सिंदरी प्रसिद्ध है
(A) उर्वरक कारखाना के लिए
(B) नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र के लिए
(C) सूती वस्त्र उद्योग के लिए
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (A) उर्वरक कारखाना के लिए
64. निम्न में से कौन भूमि-निम्नीकरण का कारण है?
(A) भू-क्षारता
(B) मृदा अपरदन
(C) जल जमाव
(D) इनमें से सभी
उत्तर – (D) इनमें से सभी
65. पंचपटमाली खान किस खनिज से संबंधित है?
(A) सोना
(B) बॉक्साइट
(C) यूरेनियम
(D) पेट्रोलियम
उत्तर – (B) बॉक्साइट
66. कोरोना बीमारी से सर्वाधिक प्रभावित होती है
(A) स्वसन तंत्र
(B) तंत्रिका तंत्र
(C) रक्त संचार तंत्र
(D) उत्सर्जन तंत्र
उत्तर – (A) स्वसन तंत्र
67. डेसीबल मापन इकाई है
(A) जल प्रदूषण की
(B) वायु प्रदूषण की
(C) भू-प्रदूषण की
(D) ध्वनि प्रदूषण की
उत्तर – (B) ध्वनि प्रदूषण की
68. निम्न में से कौन जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह कहलाता है?
(A) मार्मागाओ
(B) मंगलोर
(C) न्हवा शेवा
(D) कोलकाता
उत्तर – (C) न्हवा शेवा
69. पारादीप पतन किस नदी के डेल्टा पर स्थित है?
(A) गंगा
(B) महानदी
(C) कावेरी
(D) नर्मदा
उत्तर – (B) महानदी
70. मुक्त आकाश नीति लागू की गई
(A) 1992 में
(B) 1972 में
(C) 2011 में
(D) 2021 में

उत्तर- (A) 1992 में



खंड- ब /Section- B 

Short Answer Type 2uestions

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न संख्या 1 से 20 लघु उत्तरीय हैं । किन्हीं 10 प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक के लिए 2 अंक निर्धारित हैं।

10 x 2 = 20

Question Nos. 1 to 20 are Short Answer Type. Answer any 10 questions. Each question carries 2 marks.

10 x 2 = 20

1. सतत् पोषणीय विकास क्या है?
उत्तर- सतत् पोषणीय विकास- भावी पीढ़ी के पोषण की आवश्यकता को ध्यान में रखकर वर्तमान पीढ़ी द्वारा पर्यावरण को बिना क्षति पहुँचाए विकास करना, सतत् पोषणीय विकास कहलाता है।
 
2. भारत के कुछ प्रमुख आयात उत्पादों के नाम लिखिए।
उत्तर- भारत के प्रमुख आयात उत्पाद – भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अंतर्गत कई वस्तुओं का आयात किया जाता है। इनमें प्रमुख उत्पाद शामिल है- सोना, खनिज तेल, कीमती रत्न, मोती, उर्वरक, रसायन, कृत्रिम रोल, पेट्रोलियम उत्पाद इत्यादि।
 
3. स्थिर जनसंख्या से आप क्या समझते हैं? 
उत्तर- स्थिर जनसँख्या- जब किसी देश में जन्म दर एवं मृत्यु दर लगभग समान हो जाता है तब वहाँ की जनसंख्या वृद्धि स्थिर हो जाती है, इसे ही स्थिर जनसंख्या कहा जाता है।
 
4. साक्षरता को परिभाषित कीजिए।
उत्तर- साक्षरता- भारत में 7 वर्ष एवं इससे अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति जो किसी भी भाषा में दैनिक उपयोग की बातों को लिखना-पढ़ना जानता है और इसकी समझ रखता है, साक्षर व्यक्ति कहलाता है। इसे प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है।
5. सवारी पतन क्या है? कोई दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर- सवारी पतन- वैसे पतन जिनका मुख्य कार्य सवारियों को चढ़ाना एवं उतारना होता है, सवारी पतन कहलाता है। उदाहरण- मुंबई, लंदन, न्यूयार्क आदि (कोई दो)
 
6. भारत में जनसंख्या वृद्धि की प्रमुख अवधियों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर- भारत में जनसंख्या वृद्धि की प्रमुख अवधियाँ-
     भारत में जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख अवधियाँ 1901 से 2011 तक इस प्रकार है-
(क) 1901 -1921 तक – धीमी जनसंख्या वृद्धि वाली अवधि
(ख) 1921 -1951 तक – निरंतर जनसंख्या वृद्धि वाली अवधि
(ग) 1951 -1981 तक- विस्फोटक जनसंख्या वृद्धि वाली अवधि
(घ) 1981 -2011 तक- घटती जनसंख्या वृद्धि वाली अवधि
 
7. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रवास के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रवास – जब व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह अपने मूल स्थान को छोड़कर दूसरे स्थान पर कानूनी रूप से स्थायी अथवा अस्थायी रूप से बस जाता है तब इसे प्रवास कहा जाता है। ऐसा प्रवास जब देश के अंदर होता है तब इसे राष्ट्रीय प्रवास कहा जाता है और जब ऐसा प्रवास दो या अधिक देशों के बीच होता है तब इसे अंतरराष्ट्रीय प्रवास कहा जाता है।
 
8. अधिवास क्या है? इसके प्रमुख प्रकारों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर- अधिवास एवं इसके प्रमुख प्रकार – विभिन्न परिवारों के समूह को एक स्थान पर बसने को अधिवास कहा जाता है। कार्यों के आधार पर मानवीय अधिवास को दो प्रमुख भागों में बाँटा जाता है-
(क) ग्रामीण अधिवास और
(ख) नगरीय अधिवास
 
9. सामूहिक कृषि कैसे की जाती है?
उत्तर- सामूहिक कृषि- सामूहिक कृषि के तहत जोत का स्वामित्व अनेक व्यक्तियों के पास होता है। इसमें उत्पादन सामूहिक श्रम पर आधारित होता है। समूह के सभी सदस्य मिलकर पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार कार्य करते हैं।
 
10. औद्योगिक बस्ती किसे कहा जाता है?
उत्तर- औधोगिक बस्ती- ऐसी बस्ती जहाँ शोध एवं विकास के साथ उत्पादन का काम भी किया जाता है, औद्योगिक बस्ती कहलाता है। ऐसी बस्तियाँ नगरों के बाहर और अंदर विकसित होते हैं।
11. बेंदा समाज में वनों को क्या कहा जाता है?
उत्तर- बेंदा के समाज में वनों को पेंडा कहा जाता है।
12. जैव तकनीक से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- जैव तकनीक- किसी विशेष प्रकार के पदार्थों अथवा उत्पादों को बनाने या विकसित करने में जब जीवों या जीवित प्रणालियों का उपयोग किया जाता है, तब इस प्रणाली को जैव तकनीक कहा जाता है।
13.  बाह्यस्रोतीकरण क्या है?
उत्तर- बाह्यस्रोतीकरण- दक्षता को बढ़ाने और कीमत को घटाने के लिए बाहर से किसी कंपनी अथवा व्यक्तियों के समूह से काम लेना बाह्यस्रोतीकरण कहलाता है।
 
14. सड़क परिवहन की किन्हीं दो समस्याओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर- सड़क परिवहन की दो समस्याएँ- सड़क परिवहन की दो मुख्य समस्याएँ हैं-
(क) वर्षा ऋतु के दौरान कच्ची सड़कों पर चलना एवं वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है। 
(ख) बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें बाढ़ से बार-बार टूट जाती है।
(ग) पर्वतीय एवं पठारी भागों में सड़क निर्माण कठिन होता है।
(घ) मरुस्थल के बालुई क्षेत्रों में सड़क निर्माण कठिन होता है। (कोई दो)
15. जन्म दर क्या है?
उत्तर- जन्म दर- किसी एक वर्ष के दौरान प्रति एक हजार स्त्रियों द्वारा जन्म दिए गए जीवित बच्चों की संख्या को जन्म दर कहा जाता है।
 
16. अपकर्ष कारक क्या है?
उत्तर- अपकर्ष कारक- वैसे कारक जो जनसंख्या को अपनी ओर आकर्षित करते हैं अथवा किसी स्थान पर बसने के लिए लोगों को आकर्षित करते हैं, अपकर्ष कारक कहलाते हैं। 
  शहरीकरण, औद्योगीकरण, खनिजों की उपलब्धता, शैक्षणिक सुविधाएँ, तृतीयक एवं अन्य प्राथमिक कार्यों की उपलब्धता प्रमुख अपकर्ष कारक है।
 
17. भारत की किन्ही चार खरीफ फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर – भारत की खरीफ फसलें- खरीफ की चार प्रमुख फसलें हैं- धान, कपास, अरहर, बाजरा, मूंगफली, ज्वार इत्यादि (कोई चार)
 
18. जल संरक्षण के लिए किन्हीं चार विधियों का सुझाव दीजिए।
उत्तर – जल संरक्षण संबंधित चार सुझाव-
     जल अभाव की स्थिति से निपटने के लिए जल संरक्षण जरूरी है। जल संरक्षण संबंधी चार सुझाव निम्नलिखित है-
(क) जल की बर्बादी रोकने हेतु जन जागरूकता पैदा करना 
(ख) वर्षा जल संग्रह करना 
(ग) छत वर्षा जल संग्रह करना 
(घ) जल के अति शोषण पर रोक लगाना
(च)  नदियों पर बाँध बनाना 
(छ) बॉस ड्रिप सिंचाई को प्रचलित करना (कोई चार)
 
19. भारत के चार अभ्रक उत्पादक क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर- भारत के चार अभ्रक उत्पादक क्षेत्र – भारत के अभ्रक उत्पादक चार क्षेत्रों में शामिल है- झारखंड, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल (कोई चार)
 
20. पेट्रो-रसायन उद्योग का आधार क्या है?

उत्तर- पेट्रो रसायन उद्योग का आधार- पेट्रो रसायन उद्योग का आधार पेट्रोलियम से प्राप्त रसायन उत्पाद है।



दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 

Long Answer Type Questions

प्रश्न संख्या 21 से 26 दीर्घ उत्तरीय हैं। किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक के लिए 5 अंक निर्धारित हैं।

3 x 5 = 15

Question Nos. 21 to 26 are Long Answer Type. Answer any three questions. Each question carries 5 marks. 3 x 5-15

21. यूरोप के किसी एक जलमार्ग का विवरण दीजिए।
उत्तर- यूरोप में नदियों के जाल के कारण कई जलमार्ग विकसित है। इनमें राईन जलमार्ग प्रमुख है। राईन नदी स्विट्जरलैंड से फ्रांस की पूर्वी सीमा होती हुई जर्मनी और नीदरलैंड्स तक बहती है। राईन नदी पर विकसित यह जलमार्ग अटलांटिक महासागर से मिलती है। बेसल से रोटरडम तक इसकी लंबाई 700 किलोमीटर है। समुद्री जहाज इनमें कोलोन तक जाता है। रूर नदी भी इस जलमार्ग से जुड़ा है। फलत: यह पूरा बेसिन आर्थिक रूप से समृद्ध है। राईन के तट पर ड्यूसेलडर्फ क्षेत्र की औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों की जान है। रूर के दक्षिण का जलमार्ग विश्व का सबसे व्यस्त जलमार्ग माना जाता है। राईन जलमार्ग के कारण फ्रांस, बेल्जियम और नीदरलैंड जैसे कई अन्य औद्योगिक एवं व्यापारिक देशों का सम्पर्क अटलांटिक से सीधे हो गया है।
 
22. कृषि कार्य को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर- कृषि एक प्राथमिक क्रिया है जो विश्व स्तर पर की जाती है। इसमें फसलों का उत्पादन कई कारकों पर निर्भर करता है। कृषि कार्य करने के लिए कई कारक सहायक के रूप में कार्य करते हैं। कृषि कार्य को प्रभावित करने वाले कारकों में प्रमुख है:-
(i) भूमि- भूमि की दृष्टि से समतल मैदानी भागों में कृषि करना सरल होता है। इसके विपरीत पर्वतीय एवं पठारी भागों में कृषि करना तुलनात्मक रूप से कठिन होता है।
(ii) जलवायु- फसल विशेष के लिए विशिष्ट प्रकार के जलवायु की जरूरत होती है। उदाहरण के लिए उष्ण कटिबंधीय, शीतोष्ण कटिबंधीय, शुष्क जलवायु क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं।
(iii) वर्षा- फसलों की वृद्धि के लिए नमी की आवश्यकता होती है। जैसे – धान की फसल और गेहूँ की फसलों के लिये नमी की अलग मात्रा की जरूरत होती है। अधिक पानी में मटर की फसल गल जाती है जबकि मोटा अनाज के लिए शुष्क मौसम सहायक होती है। 
(iv) मृदा- विभिन्न प्रकार की मृदा के भौतिक एवं रासायनिक गुणों में अंतर का असर फसलों के उत्पादन पर पड़ता है।
   इसके अलावा उच्चावच एवं सामाजिक-आर्थिक कारकों का भी कृषि पर असर होता है।
 
23. आकृति के आधार पर ग्रामीण अधिवासों का वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर- आकृति के आधार पर ग्रामीण अधिवासों के प्रमुख वर्ग है- 
(i) रेखीय अधिवास- सड़कों, नदियों, रेलमार्गों,  नहरों के सहारे विकसित अधिवासों की आकृति रेखीय होती है। 
(ii) चौकपट्टी अधिवास- जब सड़कें समकोण पर मिलती है तब ऐसी स्थिति में गलियाँ एवं सड़कें लम्बवत तथा समानांतर होती है। ऐसी दशा में विकसित अधिवास चौकपट्टी आकृति का विकसित होता है। 
(iv) अरीय अधिवास- जब अधिवास के बीच झील, तालाब, बाजार या कुआँ की स्थिति हो तथा यहाँ से कई सड़कें बाहर जाती है या बाहर से अंदर की ओर आती है तब विकसित अधिवास की आकृति अरीय हो जाती है। 
(iv) वृत्ताकार अधिवास- झील, तालाब, बाजार या कुआँ के  चारों तरफ विकसित अधिवास की आकृति वृत्ताकार हो जाती है। 
(v) सीढ़ीनुमा अधिवास- पर्वतीय ढालों के सहारे विकसित अधिवास की आकृति विभिन्न ऊंचाइयों के कारण सीढ़ीनुमा आकृति ले लेता है। 
(vi) तीर अधिवास- अंतरिप के सिर पर या नदी के नुकीले मोड़ पर बसे अधिवास तीर आकृति का विकसित होता है।
 
24. प्रवास के सामाजिक-जनांकिकीय परिणामों का वर्णन कीजिए।
उत्तर- प्रवास के कई विभिन्न परिणाम है। प्रवास के कारण विभिन्न भागों में लोगों के भी बिखराव होने से सांस्कृतिक एकता सुदृढ़ होती है। ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों के प्रवास के कारण ग्रामीण आबादी विशेषकर पुरुष आबादी घटती जा रही है जबकि शहरी आबादी बढ़ती जा रही है। युवा वर्ग के प्रवास के कारण लिंगानुपात, आयु-संरचना एवं शिक्षित वर्ग की संख्या में गंभीर असंतुलन उत्पन्न हो गया है। 
     सामाजिक दृष्टि से कुशल युवा वर्ग के प्रवास के कारण आधुनिक एवं तकनीकी विचारों का वितरण एवं प्रचार-प्रसार होता है। शिक्षित महिलाओं का ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवास से साक्षरता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। नौकरी करने वाले लोगों के नगर से गांव में प्रवास से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक जागरूकता बढ़ी है। इसके कारण पुरुष एवं महिलाओं के बीच का अंतर कम होता जा रहा है तथा महिलाओं के सशक्तिकरण को इससे बल मिला है। इन सबसे समाज प्रगति करता जा रहा है।
25. भारत के पेट्रोलियम संसाधन का विवरण दीजिए।
उत्तर- पेट्रोलियम एक ऐसा अकार्बनिक तरल पदार्थ है जो भारत के टर्शियरी युग के चट्टानों में पाया जाता है। भारत में लगभग 14 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में तेल के 16 अरब टन भंडार है। देश में पहली बार असम के डिगबोई क्षेत्र में पेट्रोलियम का पता चला था 19850-51 में भारत में कच्चे तेल का कुल उत्पादन 3 लाख टन था जो 2020 में बढ़कर 32 लाख टन हो गया। भारत में पेट्रोलियम उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों में असम क्षेत्र, गुजरात क्षेत्र एवं मुंबई हाई शामिल है।
                 
      असम क्षेत्र के अंतर्गत डिगबोई, नाहरकटिया, हुगरीजन, मोरान , गुजरात क्षेत्र में अंकलेश्वर, कलोल, कोसंबा, लुनेज, मेहसाना प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र है। मुंबई हाई अरब सागर में स्थित भारत का सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र है।  इसके अलावा गोदावरी और कावेरी नदी बेसिन में भी पेट्रोलियम पाया जाता है। भारत के कुल पेट्रोलियम उत्पादन का 63% मुंबई हाई क्षेत्र से, 18% गुजरात क्षेत्र से तथा 16% असम क्षेत्र से प्राप्त होता है। देश में कुल 18 प्रमुख तेल शोधनशालाओं में कच्चे तेल का परिष्करण किया जाता है।
26. भारत का मानचित्र बनाइए और निम्नलिखित को प्रदर्शित कीजिए :
(A)पटना 
(B)चेन्नई 
(C) गंगा नदी 
(D) जमशेदपुर 
(E) मुंबई
 उत्तर –


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10. एशिया के जनसंख्या वृद्धि एवं वितरण / Population growth and Distribution of Asia

10. एशिया के जनसंख्या वृद्धि एवं वितरण

(Population Growth and Distribution of Asia)


एशिया के जनसंख्या वृद्धि एवं वितरण⇒एशिया के जनसंख्या

प्रश्न प्रारूप

1. एशिया महाद्वीप की जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।

(Describe the factors which effects the distribution of population of Asia.) Or, 

एशिया में जनसंख्या के असमान वितरण के कारणों का वर्णन कीजिए।

 उत्तर – एशिया महाद्वीप में जनसंख्या की अधिकता के साथ-साथ जनसंख्या का वितरण बड़ा असमान है। प्रसिद्ध विद्वान क्रेसी के अनुसार, “एशिया में अनेक स्थान ऐसे है जहाँ बहुत कम मानव निवास करते हैं और अनेक ऐसे स्थान है जहाँ बहुत अधिक संख्या में मानव निवास करते हैं।”

          वास्तव में अगर एशिया की जनसंख्या के वितरण में मानचित्र को देखा जाए तो एशिया महाद्वीप का लगभग एक-तिहाई भाग जो एशियाई रूस के अन्तर्गत है, ऐसा है जहाँ जनसंख्या बहुत कम मिलती है। दूसरी ओर चीन, जापान, भरत आदि मानसूनी जलवायु वाले दक्षिण-पूर्वी एशिया के देशों का भाग है जहाँ जनसंख्या इतनी अधिक है कि मानव बसाव के लिए भूमि नहीं है। एशिया महाद्वीप के जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले निम्नलिखित तत्व है-

1. धरातल: एशिया में जनसंख्या के असमान वितरण में धरातल की बनावट का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी भागों में मिलने वाली नदियों के मैदानों में जनसंख्या अधिक मिलती है। उदाहरण के लिए, यांगटिसीक्यांग बेसिन में 5,000 मानव तक प्रति वर्ग किलोमीटर मिलते हैं।

2. जलवायु: जलवायु का जनसंख्या के वितरण पर बहुत प्रभाव पड़ता है। एशिया में दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी भागों में मिलने वाली मानसूनी जलवायु वाले देशों में जनसंख्या अधिक मिलती है। दूसरी ओर साइबेरिया की ठण्डी एवं उष्ण मरुस्थलीय प्रदेशों की गर्म जलवायु वाले भागा में जनसंख्या बहुत कम मिलती है। डडले स्टाम्प के अनुसार, “इसमें कोई संदेह नहीं कि एशिया की आधुनिक जनसंख्या के वितरण में सबसे अधिक प्रभाव जलवायु की दशाओं का पड़ा है।” 

3. मिट्टी: एशिया में जिन भागों में नदियों द्वारा लाकर बिछाई गई कॉप मिट्टी मिलती है वहाँ जनसंख्या अधिक मिलती है, क्योंकि जनसंख्या के लिए उन भागों में कृषि करने की सुविधाएं हैं।

4. जल की प्राप्ति: एशिया का दक्षिण-पश्चिमी भाग शुष्क है तथा यहाँ जल के अभाव के कारण जनसंख्या भी बहुत कम पाई जाती है। रेगिस्तानी भागों में जनसंख्या के कम मिलने का कारण यहाँ जल का अभाव है।  

5. यातायात के साधन: विकसित यातायात के साधन भी जनसंख्या के वितरण पर प्रभाव डालते हैं। जापान, भारत तथा चीन में जनसंख्या की अधिकता में यहाँ के यातायात के साधनों ने भी सहयोग दिया है। सुमात्रा, मलाया तथा साइबेरिया में यातायात के साधनों के अभाव के कारण मानव को सुविधाएं नहीं मिलने पाती हैं अतः ऐसे स्थानों पर मानव कम निवास करना पसंद करता है।

6. औद्योगिक विकास: जापान एशिया का सबसे अधिक उद्योग-धन्धों में विकसित देश है तथा जापान में जनसंख्या भी बहुत अधिक है। इस प्रकार जिन भागों में मनुष्य को जीवन निर्वाह के लिए रोजगार सुविधापूर्वक मिल जाता है वहाँ अधिक संख्या में मानव निवास करना पसन्द करते हैं।

7. राजनीतिक कारण: जापान में जनसंख्या अधिक होने का एक कारण यह भी है कि जापान सरकार ने युद्धकाल में जनसंख्या को बढ़ाने के लिए जनता को प्रोत्साहित किया था। उत्तरी कोरिया में दक्षिणी कोरिया की अपेक्षा जनसंख्या कम मिलने का कारण यहाँ की युद्ध की परिस्थितियाँ रही है।

8. शांतिपूर्ण वातावरण: एशिया अनेक धर्म, संस्कृति, सभ्यता एवं सम्प्रदायों का जन्म स्थल होने के कारण मानव जाति के लिए सुखमय जीवन व्यतीत करने के लिए शान्तिपूर्ण वातावरण प्रस्तुत करता है। नदी घाटियों की सभ्यता यहाँ के सामाजिक जीवन को मधुर बनाती है।

2. एशिया में अनेक स्थान ऐसे हैं जहाँ बहुत कम मानव निवास करते हैं और कम ऐसे निवास हैं जहाँ बहुत अधिक संख्या में मानव निवास करते हैं। विवेचन करें।

उत्तर – एशिया संसार का सबसे बड़ा महाद्वीप है। विश्व के कुल क्षेत्रफल का लगभग एक तिहाई भाग अकेले एशिया महाद्वीप में आता है लेकिन जब हम एशिया महाद्वीप की जनसंख्या का अध्ययन करते है तो हमें इस बात से और भी आश्चर्य होता है कि एशिया महाद्वीप में संसार के सबसे अधिक मानव निवास करते हैं। इस प्रकार विश्व के लगभग एक-तिहाई भाग पर विश्व की लगभग दो-तिहाई जनसंख्या निवास करती है। वर्ष 2011 के अनुसार संसार में निवास करने वाले लगभग 700 करोड़ मानवों में से एशिया में लगभग 420 करोड़ से अधिक मानव निवास करते हैं।                             

              एशिया महाद्वीप में जनसंख्या की अधिकता के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इस महाद्वीप में कुछ क्षेत्र ऐसे है जहाँ एशिया के बहुत अधिक मानव निवास करते हैं और अभी भी इन क्षेत्रों में मानव वृद्धि बड़ी तीव्रता से हो रही है। इसके विपरीत, बहुत-से क्षेत्र ऐसे है जहाँ एशिया के बहुत कम मानव निवास करते हैं तथा इन क्षेत्रों में मानव की कमी के कारण इन भागों में छिपे प्राकृतिक साधनों का भी प्रयोग नहीं होने पाया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि एशिया महाद्वीप में जनसंख्या का वितरण बड़ा असमान है।

जनसंख्या के घनत्व की अधिकता

            एशिया महाद्वीप में जनसंख्या की अधिकता के साथ-साथ जनसंख्या का प्रति वर्ग किलोमीटर घनत्व भी अधिक है। जैसा कि संसार की जनसंख्या का घनत्व 46 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है जबकि एशिया का 81  व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। जनसंख्या के प्रति वर्ग किलोमीटर घनत्व के आधार पर एशिया महाद्वीप को तीन भागों में बाँटा जा सकता है –

1. अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र 

2. मध्यम जनसंख्या वाले क्षेत्र 

3. कम जनसंख्या वाले क्षेत्र।

1. अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र : 

                     एशिया महाद्वीप के दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी भागों में मानव के निवास के लिए सभी सुविधाएं प्राप्त है इसलिए इस भाग में एशिया की लगभग 70% से अधिक जनसंख्या निवास करती है। इस प्रकार एशिया महाद्वीप के लगभग एक-तिहाई भाग पर लगभग दो-तिहाई मानव निवास करते हैं। इस क्षेत्र में जापान, चीन, भारत, इण्डोनेशिया, पाकिस्तान, वियतनाम इत्यादि देश सम्मिलित है। यहाँ के निवासियों का प्रधान व्यवसाय कृषि करना है। इन देशों में जनसंख्या की वृद्धि दर सबसे अधिक है। अत्यधिक जनसंख्या के केन्द्र होने के कारण यहाँ जनसंख्या का प्रति वर्ग किलोमीटर घनत्व भी अधिक है। इस क्षेत्र में आने वाले प्रमुख देशों की जनसंख्या एवं घनत्व की स्थिति निम्न प्रकार है-

एशिया में सर्वाधिक जनसंख्या वाले देश
देश  जनसंख्या (मिलियन)  घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर)
चीन 1341.33 141
भारत 1214.46 383
इंडोनेशिया 232.52 123
पाकिस्तान 184.75 232
बांग्लादेश 164.75 1118
जापान 127.00 337
वियतनाम 89.03 269

2. मध्यम जनसंख्या वाले क्षेत्र: 

         एशिया महाद्वीप के कुछ भाग ऐसे हैं जहाँ कि मानव के निवास के लिए सभी सुविधाएं प्राप्त नहीं है इसलिए इन भागों में एशिया महाद्वीप की लगभग 22% जनसंख्या निवास करती है। इस क्षेत्र में म्यांमार, थाईलैण्ड, मलेशिया, टर्की, नेपाल, कम्बोडिया, सीरिया आदि देश सम्मिलित है। यहाँ के निवासियों का प्रधान व्यवसाय कृषि करना है। जलवायु की उपयुक्त दशाओं के अनुसार ये पशुपालन का भी कार्य करते हैं। यहाँ जनसंख्या की वृद्धि दर अधिक नहीं है जितनी भारत, चीन तथा जापान में है। इन क्षेत्रों में आने वाले प्रमुख देशों की जनसंख्या एवं घनत्व की स्थिति निम्न प्रकार है-

प्रमुख देशों की जनसंख्या एवं घनत्व की स्थिति
देश  जनसंख्या (मिलियन)  घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर)
टर्की 75.71 97
म्यांमार 50.50 75
थाईलैंड 68.14 133
नेपाल 29.85 157
लाओस 27.91 83
कम्बोडिया 15.05 74
सीरिया 22.51 97

3. कम जनसंख्या वाले क्षेत्र : इस क्षेत्र में एशिया महाद्वीप का वह भाग सम्मिलित है जहाँ मानव निवास के लिए सुविधाएं प्राप्त नहीं है। इस क्षेत्र का अधिकांश भाग या तो पहाड़ी एवं पठारी है अथवा मरुस्थलीय है। एशिया के गर्म एवं शीत मरुस्थल इसी क्षेत्र के अन्तर्गत आते हैं। इस क्षेत्र में एशियाई रूस, मंगोलिया, अरब, ईरान, अफगानिस्तान, तिब्बत आदि सम्मिलित है। इस भाग की जलवायु एवं प्राकृतिक परिस्थितियाँ मानव आवास के अनुकूल नहीं है। इस भाग में एशिया महाद्वीप की लगभग 8% जनसंख्या निवास करती है जबकि यह भाग एशिया महाद्वीप के लगभग 1/2 भाग को घेरे हुए है। जनसंख्या की कमी के कारण यहां जनसंख्या का प्रति वर्ग किलोमीटर घनत्व भी बहुत कम है। इस भाग में कुछ स्थान तो ऐसे है जो मानव से शून्य है। इस क्षेत्र में आने वाली प्रमुख देशों की जनसंख्या घनत्व की स्थिति अग्र प्रकार है-     

एशिया के कम जनसंख्या वाले क्षेत्र
देश  जनसंख्या (लाख)  घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर)
सऊदी अरब 26.25 12.6
जोर्डन 6.47 57.5
ईराक  31.47 72.0
ईरान 75.08 45.0
लाओस 6.44 24.0
अफगानिस्तान 29.19 45.0
मंगोलिया 2.70 1.5
कजाखस्तान 15.75 5.9

3. एशिया में जनसंख्या वृद्धि से कौन-कौन सी समस्यायें उत्पन्न हुई है? उसके हल करने के उपायों का वर्णन करें।

(What are the main problems which increases the population in Asia ? Discuss.)

उत्तर – एशिया महाद्वीप की जनसंख्या के वितरण का अध्ययन करने से यह स्पष्ट हो जाता है कि एशिया महाद्वीप में अधिक मानव निवास करते हैं अतएव एशिया अत्यधिक जनसंख्या (Over-population) वाला महाद्वीप है। एशिया की लगभग 70% जनसंख्या का प्रधान व्यवसाय कृषि करना है, लेकिन फिर भी एशिया महाद्वीप की 20% जनसंख्या अपनी उदर-पूर्ति के लिए अन्य महाद्वीपों से खाद्यान्न आयात करती है। एशिया में तीव्र गति से बढ़ती हुई जनसंख्या एशिया के लिए एक समस्या बनती जा रही है।

          एशिया में प्रतिवर्ष औसतन 30% जनसंख्या बढ़ रही है। एक बात एशिया की जनसंख्या में आश्चर्यजनक है, वह यह है कि एशिया के जिन भागों में जनसंख्या की अधिकता है उन्हीं भागों में जनसंख्या तीव्रता से बढ़ रही है। जनसंख्या की निरन्तर वृद्धि का प्रभाव एशिया के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक जीवन पर पड़ रहा है। जनसंख्या का दबाव भूमि पर बढ़ता जा रहा है और जनसंख्या की वृद्धि की दर के साथ निर्वाह के साधनों में वृद्धि नहीं हो रही है। एशिया महाद्वीप में इस जनसंख्या की वृद्धि से निम्नलिखित इकाईयां उत्पन्न हो गई है-

1. अकालों का पड़ना: यद्यपि भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे कासशील देशों में 76 प्रतिशत जनता कृषि कार्य करती है। इसके अलावे यहाँ की कृषि पूर्णतया मौसमी तत्वों से प्रभावित होती है। यहाँ की जनसंख्या माल्थस महोदय के अनुसार 5 वर्ष में दुगुनी हो रही है। यहाँ व्यक्तियों की जन्म-दर, मृत्यु दर की अपेक्षा अधिक है। कृषि भूमि के स्थिर रहने के कारण बढ़ती हुई जनसंखय को अतिरिक्त संसाधन प्राप्त नहीं हो पाता है फलस्वरूप यहाँ प्रति दस वर्षों के अन्तराल पर बाढ़ तथा सूखे की स्थिति आती जिससे काफी अधिक जनसंख्या प्रभावित होती है। माल्थस महोदय ने इसे प्राकृतिक प्रकोप माना है। फोर्ड फाउन्डेसन टीम ने एशिया के अविकसित देशों का अध्ययन कर पाया है कि समस्या का हल एक पहेली है।

2. रहन-सहन के स्तर का गिरना : एशियाई देशों में मनुष्यों की संतुलित भोजन के अभाव के कारण रोगों से सामना करने की शक्ति कम है। अतः वे शीघ्र ही बीमार होकर मर जाते है। इन देशों में जन्म दर 41.7 प्रतिशत तथा मृत्यु दर 22.8 प्रतिशत है। ऊंची जन्म-दर होने के कारण प्राकृतिक वृद्धि दर 18.9 है। यहाँ के 90 प्रतिशत व्यक्ति भूख की सीमा के आस-पास जीवन व्यतीत करते हैं। यहाँ प्रति व्यक्ति उपलब्ध भूमि की संख्या 1.1 एकड़ है। इस प्रकार यहाँ की कृषि पर आधारित जीवन के कारण लोगों के रहन-सहन का स्तर काफी गिर गया है। अधिक जनसंख्या के विकास के कारण ही महानगरों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का अभाव है। इन सब कारणों से यहाँ के लोगों का जीवन काफी निम्न हो गया है।

3. राजनीतिक अशांति का फैलना : विभिन्न संसाधनों के अभाव के कारण यहाँ के लोगों का मानसिक विकास अधिक नहीं हो पाता है फलस्वरूप यहाँ राजनीतिक अशांति फैलती है। सामाजिक सुविधाओं का अभाव, आर्थिक सुदृढ़ता का अभाव इत्यादि तत्व यहाँ के राजनीतिक स्थितियों को नियंत्रित करते हैं। इसके अलावे लोगों में सत्ता का मोह राजनीतिक अशांति फैलाते हैं।

4. कृषि पर निर्भरता: एशियाई देशो की 70 से 75 प्रतिशत जनता कृषि पर निर्भर करती है, जैसे—भारत में 70 प्रतिशत व्यक्ति, पाकिस्तान में 75 प्रतिशत, बांग्लादेश में 60 प्रतिशत व्यक्ति कृषि पर निर्भर करते हैं जबकि ब्रिटेन में केवल 5 प्रतिशत तथा अमेरिका में केवल 7 प्रतिशत व्यक्ति ही कृषि पर निर्भर करते हैं तभी तो बेन्जामिन हिगिन्स महोदय ने यह अनुमान लगाया है कि विश्व में कुल 1.3 बिलियन लोग कृषि पर निर्भर करते हैं। इनमें एक बिलियन लोग एशिया में है। जापान को छोड़कर सभी एशियाई देशों में कृषि पर निर्भरता अधिक है। 

5. बेरोजगारी तथा छिपी हुई बेरोजगारी: एशियाई देशों में जनसंख्या वृद्धि के कारण बेरोजगारी की समस्या काफी बढ़ गयी है। बौर एवं यामे के अनुसार इन देशों मे बेरोजगारी का मुख्य कारण उन्हें काम देने के लिए आवश्यक सहयोगी साधनों का अभाव है। यद्यपि बेरोजगारी का प्रधान कारण प्रभावपूर्ण माँग का अभाव है जबकि एशियाई देशों की बेरोजगारी संरचनात्मक होती है। इसका मुख्य कारण श्रम-शक्ति के प्रयोग के लिए आवश्यक पूँजी का अभाव है।

6. सामाजिक समस्याएँ: एशिया में जनसंख्या वृद्धि के फलस्वरूप अनेक सामाजिक समस्याओं का जन्म हुआ है। इन देशों में साक्षरता का प्रतिशत कम है। भारत में 29.5 प्रतिशत पाकिस्तान में 18 प्रतिशत, बांग्लादेश में 12 प्रतिशत है, जबकि जापान में 99 प्रतिशत है। सामाजिक रूढ़ियों के कारण यहाँ की सामाजिक व्यवस्था काफी पिछड़ी है। रूढ़ि तथा रीति-रिवाज काफी महंगे हैं। स्त्रियों की स्थिति काफी कमजोर है।

7. युद्ध शक्ति एवं युद्ध की सम्भावना में वृद्धि 

8. आर्थिक संकट की समस्या

9. विकास कार्यों का रूक जाना      

जनसंख्या की समस्या को हल करने के उपाय

             एशिया की जनसंख्या वृद्धि से उत्पन्न समस्याओं को संतान उत्पत्ति पर प्रतिबन्ध, विवाह की आयु में वृद्धि, सन्तति सुधार एवं स्वास्थ्य सेवायें, सामाजिक शिक्षा-प्रसार, भूमि का अधिकाधिक उपयोग, औद्योगिक विकास, खाद्य-सामग्री का आयात तथा मानव प्रवास आदि विधियों द्वारा समाधान कर सकते हैं। इन उपायों का गहनतम प्रयोग भारत, चीन, जापान आदि में किया जा रहा है। जापान में भूमि का अधिकाधिक उपयोग करने के दृष्टिकोण से गहरी खेती की जा रही है। भारत में शिक्षा-प्रसार तथा औद्योगिक विकास किया जा रहा है।

              एशिया की जनसंख्या का विस्तार में अध्ययन करने पर यह स्पष्ट होता है कि  एशिया में बढ़ती हुई जनसंख्या से इस महाद्वीप में अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो गई है। कुछ समस्याएँ तो इतनी गम्भीर रूप धारण कर गई है कि इनका प्रभाव देश के राजनीतिक और सामाजिक जीवन पर पड़ता है। जनसंख्या की अत्यधिक वृद्धि ने अनेक बुराइयाँ उत्पन्न कर दी है, अतः हमें इन बुराइयों को दूर करने के लिए जनसंख्या की तीव्र वृद्धि को रोकना पड़ेगा। जनसंख्या की वृद्धि को रोकने के लिए निम्नलिखित उपाय प्रयोग में लाए जा सकते हैं-

1. सन्तान उत्पत्ति पर प्रतिबन्ध, 

(2) विवाह की आयु में वृद्धि, 

(3) सन्तति सुधार एवं स्वास्थ्य सेवाएँ 

(4) सामाजिक शिक्षा प्रसार, 

(5) भूमि का सर्वाधिक उपयोग, 

(6) औद्योगिक विकास 

(7) खाद्य सामग्री का आयात 

(8) मानव प्रवास। 

            एशिया महाद्वीप के कुछ देशों में उपर्युक्त उपायों में से कुछ उपायों को अमल में लाया जा रहा है। जनसंख्या की अधिक वृद्धि वाले देशी-भारत, चीन तथा जापान में सन्तान उत्पत्ति पर प्रतिबन्ध लगाया जा रहा है। जापान में भूमि का अधिक से अधिक उपयोग करने दृष्टिकोण से गहरी खेती की जा रही है। भारत में शिक्षा का प्रसार तथा औद्योगिक विकास किया जा रहा है।

9. एशिया का लौह के उत्पादन एवं वितरण / Distribution and Production of Iron-Ore of Asia

9. एशिया का लौह के उत्पादन एवं वितरण 

(Distribution and Production of Iron-Ore of Asia)


एशिया का लौह के उत्पादन एवं वितरण

एशिया का लौह

              लौह विश्व की एक महत्वपूर्ण खनिज धातु है। यह पृथ्वी के अन्दर चट्टानों में कच्ची धातु के रूप में पाया जाता है जिसे अग्नि भट्टियों में डालकर उपयोगी बनाया जाता है। दैनिक प्रयोग में आने वाली अनेक मशीने, यातायात के साधन-रेल, मोटर, साइकिल, हवाई जहाज, जलयान, हथियार आदि वस्तुओं को तैयार करने के लिये लौह की ही आवश्यकता पड़ती है। लौह अयस्क निम्नलिखित प्रकार का होता है –

(i) हेमेटाइट: इसमें लौह का अंश 75 प्रतिशत तक होता है। यह आसानी से गल जाता है। यह कठोर तथा कम वजन का होता है। 

(ii) मैगनेटाइट: यह हरे भूरे काले रंग का लौह खनिज है। इसमें लोहे का अंश 72 प्रतिशत तक होता है। यह चुम्बक द्वारा सरलता से आकर्षित हो जाता है।

(iii) लिमोनाइट: इसमें लौह अयस्क अंश 60 प्रतिशत तक रहता है। इसकी खुदाई सरलता से हो जाती है। यह पीले व भूरे रंग में मिलता है। 

(iv) साइडेराइट: इसमें लौह अंश 20-30 प्रतिशत तक होता है। यह अशुद्ध मिश्रित लौह धातु है। यह भी भूरे रंग का होता है।

उत्पादन : 

          एशिया में विश्व का लगभग 14 प्रतिशत लौह उत्पन्न होता है। एशिया के प्रमुख लौह उत्पादक देश चीन, सोवियत एशिया, भारत, उत्तरी कोरिया, फिलीपाइन तथा मलेशिया है। जापान, बर्मा, थाइलैंड, टर्की, पाकिस्तान तथा दक्षिण कोरिया भी कुछ लौह का उत्पादन करते हैं।

चीन: चीन में लौह अयस्क के भण्डारों का अनुमान 46 बिलियन टन का है। अधिकांश लोहा उत्तर के कोयला क्षेत्रों के साथ ही निकाला जाता है। विश्व में लौह-अयस्क के उत्पादन में चीन का प्रथम स्थान है। यहाँ विश्व में लोह अयस्क के कुल उत्पादन का 28% होता है। चीन विश्व का अग्रणी लौह-अयस्क उत्पादक देश है। चीन में लौह अयस्क के भण्डार शन्सी कोयला क्षेत्र के पास हेबेई और शान्डोंग में पाया जाता है। हुपेड़ तथा चिनलिंग की खानों से भी लोहा निकाला जाता है। अन्य लोहे की खाने भीतरी मंगोलिया, आन्हेई, लिआओनिंग, चिघाई, आदि राज्यों में मिलती है।

एशिया में लौह उत्पादन

देश     उत्पादन (मिलियन टन)

चीन    – 610.0

भारत  -140.0

कजाखस्तान  -19.20

ईरान   -18.20

मलेशिया  -6.6

भारत: भारत एशिया का प्रमुख लोहा उत्पादक देश है। भारत का लगभग 50% लोहा झारखण्ड की सिंहभूम तथा ओडिशा की मयूरभंज एवं क्योंझर की खानों से प्राप्त होता है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा महाराष्ट्र की खानों से भी लोहा निकाला जाता है। भारत लोहे का निर्यात करता है। यहाँ से निर्यात जापान, चैक, स्लोवाक, जर्मनी, रोमानिया, इटली, पोलैण्ड, बेल्जियम, हंगरी आदि देशों को होता है। 

कजाखस्तान: मध्य एशियाई देशों में कजाखस्तान लौह अयस्क का उल्लेखनीय उत्पादक देश है। यहाँ लौह अयस्क का खनन कारगाण्डा तथा कोस्तानाय क्षेत्रों में होता है। 

ईरान: यहाँ लौह अयस्क का खान रश्त् (गिलान) क्षेत्र में होता है।

जापान: जापान के मुरोरां जिला तथा कैमेशी क्षेत्र की खानों से भी उत्तम प्रकार की लौह धातु प्राप्त की जाती है। कैमेशी में मिलने वाली लौह धातु मैगनेटाइट श्रेणी की है। अन्य खानों में मोथाइशी तथा ओमोरी हैं। 

मलेशिया: मलेशिया संघ के मलाया प्रायद्वीप की जोहोर तथा ट्रैगानू राज्यों की लौह खानों से लोहा निकाला जाता है। ट्रैगानू राज्य की डुंगन तथा बुकिनवेसी लौह खाने प्रसिद्ध हैं।

अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार  

          आज के इस्पात युग में लोहे का अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार अत्यन्त महत्वपूर्ण है। मलाया प्रायद्वीप, उत्तरी कोरिया, भारत तथा चीन देश लोहे का निर्यात करते हैं। जापान तथा फिलीपाइन प्रमुख आयात करने वाले देश है।

प्रश्न प्रारूप

1. एशिया में लौह अयस्क के उत्पादन और प्रमुख उत्पादक देशों पर संक्षेप में प्रकाश डालें।

8. एशिया का पेट्रोलियम के उत्पादन एवं वितरण / Distribution and Production of Petroleum of Asia

8. एशिया का पेट्रोलियम के उत्पादन एवं वितरण 

(Distribution and Production of Petroleum of Asia)


एशिया का पेट्रोलियम के उत्पादन एवं वितरणएशिया का पेट्रोलियम

        शक्ति के साधनों में कोयला के बाद पेट्रोलियम का दूसरा स्थान है। परिवहन सुविधा के कारण इसका खर्चा कम आता है। आधुनिक युग में संसार की बढ़ती हुई यातायात की मांग तथा तेज रफ्तार में चलने वाले यंत्रों की चालक शक्ति के कारण पेट्रोलियम की काफी अधिक मांग है। औद्योगिक युग का विस्तार तथा विकास प्रत्यक्ष रूप से पेट्रोलियम की प्राप्ति पर निर्भर करता है।

उत्पादन: 

          एशिया महाद्वीप विश्व का लगभग 40% खनिज तेल अथवा पेट्रोलियम का उत्पादन करता है। दक्षिणी-पश्चिमी एशिया के तेल उत्पादक देश ईरान, इराक, सऊदी अरब, कुवैत, कतार, बहरीन, टर्की, इजरायल, आदि है। दक्षिणी-पूर्वी एशिया तथा एशियाई रूस में भी तेल का उत्पादन किया जाता है। दक्षिणी-पूर्वी एशिया के पेट्रोलियम उत्पादक देश इण्डोनेशिया, चीन, ब्रूनी, मलेशिया, म्यांमार आदि हैं।

पेट्रोलियम का वितरण (Distribution of Petroleum): 

           एशिया में खनिज तेल का वितरण निम्नलिखित है-

1. दक्षिणी-पश्चिमी एशिया (South-West Asia):

               दक्षिण-पश्चिम एशिया आज केवल एशिया का ही नहीं बल्कि विश्व को सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है। यहाँ पर पेट्रोलियम का काफी विशाल भण्डार है। यहाँ तेल के अनेक कुएँ हैं। इन तेल भण्डारो को पाइप लाइन से आपस में जोड़ दिया गया है। यह तेल पाइप भूमध्य सागर के पूर्वी किनारे के तट तक फैले हुए हैं।

             हैफा और त्रिपोली बन्दरगाह को इस तेल की बहुत मात्रा इन पाइप लाइन से पहुँचा दी जाती है जहाँ से तेल का निर्यात किया जाता है। ईरान का आबादान तेल शोधन करने का विश्व में सबसे बड़ा केन्द्र है। दक्षिण-पश्चिमी एशिया के प्रमुख तेल क्षेत्र निम्नलिखित हैं –

सऊदी अरब: 

       संयुक्त राज्य अमेरिका तथा सोवियत रूस के बाद सऊदी अरब विश्व का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है। यहाँ रासतबूरा पत्तन के समीप दाहरीन क्षेत्र में तेल कूपों का आविष्कार 1936 में हुआ। इसके बाद अबैक्वेक और घावर क्षेत्र की खोज हुई। इस क्षेत्र में पेट्रोलियम उत्पादन फार्म इतनी शीघ्र प्रगति कर गया कि इस देश में पेट्रोलियम उत्पादन मुख्य पेशा बन गया। यहाँ से लेवनान के सिदोन पत्तन तक पाइप लाईन है। यहाँ पेट्रोलियम की सुरक्षित सम्पत्ति अति विशाल है।

         यहाँ के प्रमुख तेल क्षेत्र अल खाबर, अवकेक, हाफर, शेदगम, दम्माम सफानिया, कानिफ खुरेस, आबू अली, आबू, हिरेन, फथीली आदि है। रासतनूरा यहाँ का तेल शोधन केन्द्र है। यहां जल की कमी, तापमान की अधिकता, बालू के स्तूपों की प्रचुरता तथा परिवहन सुविधाओं में कमी पेट्रोल के विकास में प्रधान बाधायें है।

ईरान: 

           सउदी अरब के बाद ईरान एशिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है। लेकिन ईराक-ईरान युद्ध के कारण यहाँ खनिज तेल का उत्पादन काफी गिर गया है। यहाँ 1908 में मस्जिदे सुलेमान पेट्रोल क्षेत्रों के अन्तर्गत पेट्रोल उत्पादन कार्य आरम्भ किया। यहाँ का प्रमुख तेल क्षेत्र आगाजरी, मस्जिदे सुलमान, हफ्ते केल, गाकसरन, नपत खानाह, नपतेशाह, नपते सफीद, लाली, गुलखरी, मारून आदि है।

         आबादान और करमन शाह यहाँ के तेल शोधन केन्द्र है। इस देश में पेट्रोल उत्पादन कार्य एंग्लो ईरानी कम्पनी के द्वारा होता था। अंग्रेज और ईरानी सरकार के बीच मतभेद हो जाने पर 1951 में इस कम्पनी का राष्ट्रीयकरण कर लिया जिससे कुछ समय के लिए उत्पादन कार्य ठप्प हो गया। इस कारण 1953 में यहाँ से मात्र 90 लाख वैरल पेट्रोल प्राप्त हुआ। इसके पश्चात् पुन: समझौता हो जाने के बाद पेट्रोल उत्पादन की व्यवस्था पूर्ववत हो गयी।

इराक: 

          पेट्रोल उत्पादन में इसका स्थान छठा है। 1927 में किरकुक पेट्रोल क्षेत्र के अन्तर्गत बाबागुरगुर स्थान पर पेट्रोल का पता लगा और वहाँ तेल कूप बनाये गये। सन् 1934 तक पेट्रोल उत्पादन में विशेष प्रगति नहीं हो पायी। कुछ वर्ष पूर्व किरकुक से त्रिपोली तथा हैफा पत्तनी तक तेल की पाइप लाइन बिछाई गयी। 1952 में यहाँ से सीरिया के बनेस स्थान तक पाइप लाइन ले जाई गयी।

        पेट्रोल उत्पादन के लिए डच, फ्रांसीसी तथा अमेरिकन कम्पनियों को लाइसेंस प्राप्त हुए हैं। प्रतिवर्ष यहाँ लगभग 3.4 करोड़ मीट्रिक टन पेट्रोल उत्पन्न किया जाता है। यहां के प्रमुख तेल क्षेत्र ऐनजलेह, मौसल, केयारा, किरकुक, जाम्बुरी, नहर उमर, जुबैर, रूमैला, बसरा खानविवन आदि है। किरकुक यहाँ का सबसे बड़ा तेल क्षेत्र है। दौरा तथा करमनशाह में तेलशोधक कारखाने हैं। इसक अपने कुल उत्पादन का 80 प्रतिशत तेल निर्यात कर देता है।

कुवैत: 

       सुरक्षित मात्रा के विचार से इसका संसार में तीसरा स्थान है परन्तु उत्पादन में इसका चौथा स्थान है। यहाँ वर्धन क्षेत्र से पेट्रोल प्राप्त होता है। इस क्षेत्र में पेट्रोल निकालने का लाइसेंस एंग्लो अमेरिकन कम्पनी को प्राप्त हुआ है। यहाँ तेल फारस की खाड़ी के तट के समीप फैला हुआ है। यहाँ के प्रमुख तेल क्षेत्र बरगन, अलजहरा, मगब इत्यादि हैं। बरगन सबसे बड़ा तेल क्षेत्र है। मीना अल अहमदी तेल शोधन केन्द्र तथा निर्यात करने वाला बन्दरगाह है।

कतार:

       फारस की खाड़ी के पश्चिमी तट पर स्थित कतार दक्षिणी-पश्चिमी एशिया का महत्वपूर्ण तेल उत्पादक देश है। यहाँ तेल के 24 कुएँ हैं। दूखन तेल क्षेत्र यहाँ का सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र है। दोहा में तेल शोधक कारखाना है। 

बहरीन:

        कुवैत और कतार के मध्य स्थित बहरीन फारस की खाड़ी का एक महत्वपूर्ण द्वीप है। यहाँ तटीय क्षेत्र में तेल के अनेक क्षेत्र फैले हुए हैं। बहेसि यहाँ का सबसे बड़ा तेल क्षेत्र है। बहरीन में तेल शोधक कारखाना भी है। 

सीरिया: 

        यहाँ तेल उत्पादन का सबसे बड़ा क्षेत्र बनियास है। यहाँ नये तेल क्षेत्रों का पता लगाने के लिए मनहल कम्पनी काफी प्रयत्न कर रही है। होम्स नगर में तेल शोधन कारखाना है।

टर्की: 

       यहाँ का तेल क्षेत्र 1,21,000 वर्ग किलोमीटर में विस्तृत है। यहाँ तेल उत्पादक दो क्षेत्र है- (i) रमन और (ii) बरजन। इस क्षेत्र में तेल प्राप्त करने का कार्य सरकार की टर्किश पेट्रोलियम कम्पनी करती है। वरजन तेल क्षेत्र से सन् 1949 ई. में प्रथम बार तेल प्राप्त किया गया। इस क्षेत्र का सम्भावित तेल भण्डार लगभग 525 लाख बैरल है।

        विभिन्न योजनाओं में ईरान और तुर्की के बीच 985 कि.मी. लम्बी पाइप लाइन का निर्माण किया। यहाँ दो पम्पिंग स्टेशनों की स्थापना की गयी। इनकी क्षमता 9000 से 10,000 अश्व शक्ति है। यहाँ प्रतिवर्ष 3.56 करोड़ टन कच्चा तेल पम्प करने के लिए प्राप्त होता है। 

दक्षिणी-पूर्वी एशिया  के तेल:

           क्षेत्र दक्षिण-पूर्वी एशिया के देशों में तेल के उत्पादन की बहुत कमी है। इसका कारण यहाँ के तेल भण्डारों में सुरक्षित तेल की मात्रा कम होना है। दक्षिणी-पूर्वी एशिया में इण्डोनेशिया सबसे अधिक तेल का उत्पादन करता है। इस क्षेत्र के प्रमुख देशों के तेल क्षेत्र निम्न प्रकार है – 

1. इण्डोनेशिया:

         इण्डोनेशिया दक्षिणी पूर्वी एशिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक राष्ट्र है। यहाँ तेल के प्रमुख क्षेत्र सुमात्रा, जावा तथा कालीमण्टन (बोर्नियों) में है। सुमात्रा से पैलेमबाग, मेदन व जाम्बी, कालीमण्टन (बोर्नियों) में बालिक, पापन व तराकन तथा जावा में रेमबाग तथा सुरखाया प्रमुख तेल क्षेत्र हैं। सुमात्रा में मेदन तथा साबाग तेलशोधक केन्द्र है।

2. चीन: 

        चीन के दक्षिणी भाग में अनेक तेल के क्षेत्र पाए जाते हैं, जिनमें से काराभाई, तुन्शाजे, सैदाम बेसिन, आदि प्रमुख है।

3. म्यांमार: 

         म्यांमार के प्रमुख तेल क्षेत्र येनाग, सिगू, डण्डो, यनान्मा आदि है। यंगून (रंगून) तथा बेनांगयांग तेल शोधन केन्द्र है। यहाँ से विश्व का लगभग 1% खनिज तेल प्राप्त किया जाता है। यहाँ इरावदी नदी घाटी में तेल के कुएँ खोदे गए है। 

4. मलेशिया: 

               मलेशिया के प्रमुख तेल क्षेत्र साबाह तथा साराबाक है। लुटांग तेल शोधन केन्द्र है।

5. भारत:

         यहाँ गुजरात तथा असम राज्य प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक है। मुम्बई के निकट मुम्बई हाई से बड़ी मात्रा में खनिज तेल निकाला जाता है। अभी हाल में गोदावरी डेल्टा में, कावेरी डेल्टा में तथा पश्चिमी राजस्थान में भी खनिज तेल के पर्याप्त भण्डार पाए गये है।

प्रश्न प्रारूप 

1. एशिया में पेट्रोलियम के उत्पादन एवं वितरण की विवेचना कीजिए।

(Discuss the production and distribution of petroleum in Asia.) 

7. एशिया का कोयले के उत्पादन एवं वितरण / Distribution and Production of Coal of Asia

7. एशिया का कोयले के उत्पादन एवं वितरण

(Distribution and Production of Coal of Asia)


एशिया का कोयले के उत्पादन एवं वितरण⇒एशिया का कोयले

            शक्ति के साधनों में कोयला संसार का सर्वाधिक महत्वपूर्ण खनिज पदार्थ है। आज के औद्योगिक युग में कोयले का महत्व और बढ़ गया है क्योंकि अनेक विशाल उद्योग कोयले पर ही निर्भर है। कोयला पृथ्वी के अन्दर चट्टानों के रूप में अनेक पत में पाया जाता है। इसमें प्रमुख रूप से कार्बन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, राख आदि पदार्थ प्राप्त होते है। कार्बन की मात्रानुसार कोयले के निम्नलिखित भेद है-

1. एन्थेसाइट: यह अच्छी किस्म का कोयला है। इसमें कार्बन की मात्रा 90% से 959 तक होती है। इसका सामान्य प्रयोग घरेलू ईंधन के रूप में किया जाता है। 

2. विटूमीनस: यह भी अच्छी किस्म का कोयला है। इसमें कार्बनिक मात्रा 75 से 90 प्रतिशत तक होती है। इसका सामान्य प्रयोग उद्योग में शक्ति के रूप में किया जाता है।

3. लिग्नाइट: इसे भूरे कोयले के नाम से जाना जाता है। यह घटिया किस्म का अशुद्ध कोयला है। इसमें कार्बन की मात्रा 40 से 60% तक होती है। इसमें मोम व कृत्रिम पेट्रोल बनाया जाता है।

4. पीट: यह कच्चा कोयला है। इसमें कार्बन की मात्रा 40 प्रतिशत होती है। यह कोलतार बनाने में प्रयोग किया जाता है। 

उत्पादन (Production)

          एशिया समस्त विश्व के कुल कोयला उत्पादन का लगभग 27% भाग उत्पादन करता है। एशिया के प्रमुख कोयला उत्पादक देश चीन, भारत, जापान, एशियाई रूस, दक्षिणी एवं उत्तरी कोरिया, टर्की, ताईवान आदि है।

भारत: भारत संसार का लगभग 7% तथा एशिया का 14% कोयला उत्पन्न करता है। यहाँ कोयला झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, आन्ध्र प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों से निकला जाता है। कुछ मात्रा में कोयला उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, असम, बिहार तथा जम्मू-कश्मीर में भी है। भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण के अनुसार देश में 23.411.4 करोड़ टन कोयला के भण्डार है।

जापान: देश का अधिकांश कोयला उत्तरी क्यूशू द्वीप की चिकूहो, सागा, होकुशू तथा मिको खानी से निकाला जाता है। थोड़ी मात्रा होकैडो द्वीप की इशीकारी व कुशिरों खानों से एवं होन्शू की जीवान एवं उबे खानों से निकाला जाता है। जापान अपनी अधिकांश आवश्यकता का कोयला आयात करता है। 

चीन: एशिया एवं विश्व में कोयला का सर्वाधिक उत्पादन चीन में होता है। यहाँ कोयला का खनन हेदी, हिलोगजिआग, हेनान, लिआओनिंग शानडॉग, शान्सी, सिचुआन, निगजिआ तथा नी मंगोल क्षेत्रों में होता है। यहाँ कोयले का उत्पादन विश्व उत्पादन का 35% है। 

कोरिया: उत्तरी कोरिया की एलांग खाड़ी के तट क्षेत्र तथा दक्षिणी कोरिया दक्षिणी पूर्वी क्षेत्र भी प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र है। उत्तरी कोरिया में दक्षिणी कोरिया की अपेक्षा अधिक कोयला मिलता है।

पाकिस्तान: पाकिस्तान में अच्छे किस्म के कोयले की कमी है परन्तु टर्शियरी किस्म का कोयला यहाँ अधिक पाया जाता है। यहाँ कोयले का उत्पादन 2140 हजार टन है। कोयला यहां रावलपिडी, मजराबल तथा हैदराबाद में पाया जाता है।

म्यांमार: कोयला यहाँ चिन्दविन घाटी तथा शान पठार पर निकाला जाता है। 

थाइलैण्ड: कोयला थाइलैण्ड में दक्षिणी थाइलैण्ड के क्रावी क्षेत्र में मायेमोह की खानों से निकाला जाता है। यह घटिया किस्म का कोयला है। आमफरली में भी लिग्नाइट कोयले के भण्डार मिले हैं। 

मलेशिया: यहाँ घटिया किस्म का कोयला मिलता है जो कुछ गहराई पर निकाला जाता है। इस कारण यह कम निकाला जाता है। मलाया में कोयला सेलांगोर, सारावाक, सिलाप्टेक एवं साबाह में पाया जाता है।

 इण्डोनेशिया: इन्डोनेशिया का सबसे अधिक कोयला सुमात्रा द्वीप में पाया जाता है। कोयले की मुख्य खाने दक्षिण सुमात्रा में बुकिन आसाम तथा मध्य सुमात्रा में ओमविलिन में है। कालीमण्टन की महाकाम क्षेत्र की खानों में भी कोयला का उत्पादन होता है।

ताइवान: कोयला यहाँ का प्रमुख खनिज है। यहाँ के सम्पूर्ण भण्डार का 80 प्रतिशत उत्तरी ताइवान में पाया जाता है। इस कोयले की प्रमुख खाने चिलाओ, नानचुआंग, हिब्रू, कीलंग आदि है। यहाँ का लगभग 75 प्रतिशत कोयला विटमिनस किस्म का है जो धरातल पर कम गहराई में मिलता है।

सोवियत एशिया: कोयला साइबेरिया का मुख्य खनिज है। कोयला के भण्डारों के दृष्टिकोण से यह विश्व का धनी देश है। अन्तर्राष्ट्रीय भू-वैज्ञानिक कांग्रेस के अनुसार साइबेरिया में 1,73,900 करोड़ मीट्रिक टन कोयले का भण्डार है। साइबेरिया में कोयला उत्पादन क्षेत्र हैं- कुण्नेटस्क बेसीन यनीसो, लीना बेसीन चिलियाविस्क, इर्कुटस्क मिनुसिक्स, कारागंडा, आमूर दी की घाटी, ट्रान्स बैकाल ।

बांग्लादेश: खनिज पदार्थ के दृष्टिकोण से यह काफी निर्धन राष्ट्र है। यहाँ घटिया कोयला पाया जाता है। यहाँ के प्रमुख कोयला क्षेत्र रंगपुर, फरीदपुर, खुलना, मैमन सिंह इत्यादि हैं।

अफगानिस्तान: अफगानिस्तान में सबसे अधिक मात्रा में हिन्दुकुश पर्वतीय क्षेत्र में काफी कोयला पाया जाता है। दरे साफ में कोयले का काफी भण्डार है। कोयला को वार्षिक उत्पादन लगभग 150 हजार मीट्रिक टन पाया जाता है। 

       इस प्रकार एशिया समस्त संसार के कुल कोयला उत्पादन का लगभग 27 प्रतिशत भाग उत्पन्न करता है। संचित भण्डार के दृष्टिकोण से चीन का स्थान प्रथम है। परन्तु अच्छी श्रेणी के कोयले के उत्पादन के दृष्टिकोण से भारत का स्थान प्रथम है। 

अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार (International Trade):

             कोयला का अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार बहुत महत्वपूर्ण है तथा इसकी माँग भी काफी अधिक है। भारत तथा चीन एशिया के प्रमुख कोयला निर्यात करने वाले देश है। जापान, पाकिस्तान, श्रीलंका तथा बर्मा प्रमुख कोयला आयात करने वाले देश है। कोयले की माँग भी निरन्तर बढ़ रही है। 

प्रश्न प्रारूप

1. एशिया कोयले के उत्पादन एवं वितरण का वर्णन कीजिये। 

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