NCERT CLASS 12 Geography Solutions हिंदी माध्यम इकाई 4 अध्याय10 मानव बस्ती

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(हिंदी माध्यम)
इकाई -4
अध्याय-10. मानव बस्ती 
1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए :
(i) निम्न में से किस प्रकार की बस्तियाँ सड़क, नदी या नहर के किनारे होती है?
(क) वृत्ताकार 
(ख) चौक पट्टी
(ग) रेखीय
(घ) वर्गाकार
उत्तर – (ग) रेखीय 
(ii) निम्न में से कौन-सा एक आर्थिक क्रिया ग्रामीण बस्तियों की मुख्य आर्थिक क्रिया है?
(क) प्राथमिक
(ख) तृतीयक
(ग) द्वितीयक
(घ) चतुर्थ
उत्तर – (क) प्राथमिक
(iii) निम्न में से किस प्रदेश में प्रलेखित प्राचीनतम नगरीय बस्ती रही है?
(क) ह्वांगहो की घाटी
(ख) सिंधु घाटी
(ग) नील घाटी
(घ) मेसोपोटामिया
उत्तर – (ख) सिंधु घाटी
(iv) 2006 के प्रारम्भ में भारत मे कितने मिलियन सिटी थे।
(क) 40
(ख) 41
(ग) 42
(घ) 43
उत्तर – (क) 40
(v) विकासशील देशों की जनसँख्या के सामाजिक ढाँचे के विकास एवं विकास आवश्यकताओं  की पूर्ति में कौन से प्रकार के संसाधन सहायक है?
(क) वित्तिय
(ख) मानवीय
(ग) प्राकृतिक
(घ) सामाजिक
उत्तर – (घ) सामाजिक 
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए: 
(i) आप बस्ती को कैसे परिभाषित करेंगे?
उत्तर – वैसे भौगोलिक क्षेत्र जहाँ मानव साधारणतया सामूहिक  रूप से निवास करता हो उसे मानव बस्ती कहते हैं। मकानों का स्वरूप बदला जा सकता है, उनके कार्य बदल सकते हैं परंतु बस्तियाँ समय एवं स्थान के साथ निरंतर बसती रहेगी।  
(ii) स्थान ( साइट) एवं स्थिति (सिचुएसन) के मध्य अंतर बताएँ।
उत्तर – स्थान ( साइट) से तात्पर्य वैसे भौगोलिक क्षेत्र से है जहाँ मानव बस्ती बनाकर निवास करते है, उसे स्थान (साईट) कहा जाता है  जबकि  स्थिति (सिचुएसन) से तात्पर्य बस्ती के आस-पास मौजूद उन सभी भौगोलिक अर्थात पर्यावरणीय दशाओं से है जो एक बस्ती को प्रभावित करता है। 
(iii) बस्तियों के वर्गीकरण के क्या आधार हैं?
उत्तर – बस्तियों के वर्गीकरण कार्यों के आधार पर मुख्यतः दो भागों में विभाजित किया गया है –
(क) ग्रामीण बस्ती
(ख) नगरिय बस्ती
                कार्यों के आधार पर ग्रामीण एवं नगरीय बस्ती को ही भूगोल में सर्वाधिक मानता प्राप्त है। 
(iv) मानव भूगोल में बस्तियों के अध्ययन का औचित्य बताएँ।
उत्तर – बस्ती भूगोल मानव भूगोल की एक नई शाखा है। बस्ती भूगोल मानव द्वारा निर्मित आवासों पर भौतिक तथा सांस्कृतिक तत्वों के प्रभाव का अध्ययन करता है, ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार मानव भूगोल मानव एवं वातावरण के पारस्परिक संबंधों का विश्लेषण करता है। इस प्रकार मानव बस्ती का अध्ययन मानव भूगोल का मूल तत्व है क्योंकि किसी भी क्षेत्र में बस्तियों का रूप उस क्षेत्र के वातावरण से मानव का सीधा संबंध रहता है।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।
(i) ग्रामीण एवं नगरीय बस्ती किसे कहते है? उनकी विशेषताएँ बताएँ।
उत्तर – ग्रामीण बस्ती – वैसे बस्ती जहाँ की आबादी 5000 व्यक्ति से कम हो, 75% पुरुष कृषि कार्यों में संलग्न हो तथा जनसंख्या घनत्व 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर से कम हो, ऐसे स्थानीय क्षेत्र को ग्रामीण बस्ती कहा जाता है।
               दूसरे शब्दों में जहाँ की 75% पुरुष प्राथमिक कार्यों में संलग्न हो उसे ग्रामीण बस्ती कहा जाता है। 
नगरीय बस्ती – वैसे बस्ती जहाँ की आबादी कम से कम 5000 व्यक्ति से अधिक हो, 75% पुरुष गैर कृषि कार्यों में संलग्न हो तथा जनसंख्या घनत्व 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर से अधिक हो, ऐसे स्थानीय क्षेत्र को नगरीय बस्ती कहा जाता है। यहाँ नगरपालिका, निगम, छावनी बोर्ड या अधिसूचित नगरीय क्षेत्र समिति होती है।            
              दूसरे शब्दों में संक्षेप में  जहाँ की 75% पुरुष द्वितीयक एवं तृतीयक कार्यों में संलग्न हो उसे नगरीय बस्ती कहा जाता है।
ग्रामीण बस्तियों की विशेषताएँ 
◆ ग्रामीण बस्ती प्रत्यक्ष रूप से भूमि से नजदीकी सम्बन्ध रखती है।
◆ यहाँ कि अधिकांश जनसंख्या प्राथमिक कार्यों (कृषि, मछली पकड़ना, आखेट, पशुपालन आदि)  से जुड़े होते है। 
◆ बस्तियों का आकार प्राय: छोटा होता है।
◆ जनसंख्या 5000 से कम होता है।
◆ यहाँ के लोग सामाजिक, सांकृतिक, धार्मिक एवं राजनितिक रूप से आपस में जुड़े होते है। 
नगरीय बस्तियों की विशेषताएँ 
◆ यहाँ नगर निगम, निगम, छावनी बोर्ड या अधिसूचित नगरीय क्षेत्र समिति होती है। 
◆ यहाँ की जनसंख्या 5000 से अधिक होती है।
◆ यहाँ कि अधिकांश जनसंख्या द्वितीयक एवं तृतीयक कार्यों में संलग्न रहती है।
◆ ग्रामीण बस्तियों के अपेक्षा नगरों कि स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण होता है।
◆ नगरों का विकास और विस्तार काफी तेजी से होता है।  
(ii) विकासशील देशों के नगरीय बस्तियों की समस्याओं का विवेचना किजिए।
उत्तर – नगरीकरण विकास का सूचक माना जाता है। परिणामस्वरुप विश्व के सभी देशों तथा विकसित एवं विकासशील देशों में नगरों का वितरण भिन्न रूपों में पाया जाता है। विकसित देशों में नगरीय सुविधाएँ बढ़ी है जबकि विकासशील देशों में समस्याएँ बढ़ी है। छोटे-छोटे कस्बों एवं क्षेत्रों से कार्यकारी जनसंख्या का पलायन हो रहा है। रोजगार के ज्यादा अवसर बड़े-बड़े शहरों तक सीमित है। वृहत आकार की जनसंख्या में अकुशल, अर्धकुशल एवं अनुत्पादकों की संख्या बढ़ती जा रही है। अकुशल, अर्धकुशल श्रमिकों को छोटे स्तर पर काम मिलने से उनका जीवन स्तर निम्न स्तर का होता है। यहाँ कई सामाजिक एवं सांस्कृतिक बुराइयाँ जन्म ले रही है। यहाँ का लिंगानुपात बिगड़ रहा है। अपराधों की संख्या बढ़ती जा रही है। पर्यावरणीय समस्याएँ तथा यातायात संबंधी समस्याएँ लगातार बढ़ती जा रही है। 
                                               दूसरे शब्दों में संक्षेप में विकासशील देशों के नगरीय बस्तियों की समस्याएँ निम्नलिखित है :-
◆ अधिकांश शहरों का अनियोजित होना।
◆ अधिकांश शहरों में भीड़ की स्थिति होना।
◆ सभी निवासियों को आधारभूत नागरिक सुविधाओं का अभाव होना ।
◆ बहुमंजिला मकान तथा गंदी बस्तियों की बढ़ोतरी होना।
◆जनसंख्या का काफी अधिक भाग निम्न स्तरीय आवासों जैसे- गंदी बस्तियों एवं अवैध बस्तियों में रहना।
◆ स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण का अभाव होना।
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NCERT CLASS 12 Geography Solutions हिंदी माध्यम इकाई 3 अध्याय 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

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इकाई -3
अध्याय-9. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार 
1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए :
(i) संसार के अधिकांश महान पत्तन इस प्रकार वर्गीकृत किए गए हैं –
(क) नौसेना पत्तन
(ख) विस्तृत पत्तन
(ग) तैल पत्तन
(घ) औद्योगिक पत्तन
उत्तर – (क) नौसेना पत्तन
(ii) निम्नलिखित महाद्वीपों में से किस एक से विश्व व्यापार का सर्वाधिक प्रवाह होता है?
(क) एशिया
(ख) यूरोप
(ग) उत्तरी अमेरिका
(घ) अफ्रीका
उत्तर – (ख) यूरोप
(iii) दक्षिण अमेरिकी राष्ट्रों में से कौन-सा एक ओपेक का सदस्य है?
(क) ब्राजील
(ख) वेनेजुएला
(ग) चिली
(घ) पेरू
उत्तर – (ग) चिली
(iv) निम्न व्यापार समूहों में से भारत किसका एक सह-सदस्य है ?
(क) साफ्टा(SAFTA)
(ख) आसियान(ASEAN)
(ग) ओइसीडी(OECD)
(घ) ओपेक(OPEC)
उत्तर – (क) साफ्टा(SAFTA)
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए: 
(i) विश्व व्यापार संगठन के आधारभूत कार्य कौन-से है?
उत्तर – विश्व व्यापार संगठन के आधारभूत कार्य निम्नलिखित है –
◆ यह विश्व स्तर पर व्यापार के नियमों का निर्धारण करता है। 
◆विश्व व्यापार संगठन के सदस्य देशों के बीच होने वाले विवादों का निपटारा करता है।
◆ यह विश्व स्तर पर व्यापार के लिए आवश्यक दूरसंचार व बैंकिंग सेवाओं के साथ-साथ बौद्धिक संपदा अधिकार के व्यापार को भी अपने कार्यों में सम्मिलित करता है। 
(ii) ऋणात्मक भुगतान सन्तुलन का होना किसी देश के लिए क्यों हानिकारक होता है?
उत्तर – जब किसी देश का आयात मूल्य, उसके निर्यात मूल्य से अधिक होता है तब देश का व्यापार संतुलन ऋणात्मक अथवा प्रतिकूल कहा जाता है। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ता है और यह वित्तीय संचय की समाप्ति को अभिप्रेरित करता है। यही कारण है कि ऋणात्मक भुगतान सन्तुलन का होना किसी देश के लिए हानिकारक होता है। 
(iii) व्यापारिक समूहों के निर्माण द्वारा राष्ट्रों को क्या लाभ प्राप्त होते है?
उत्तर – व्यपारिक समूहों का निर्माण राष्ट्रों के लिए पारस्परिक लाभदायक होता है, यदि यह प्रादेशिक  विशिष्टीकरण, उत्पादन के उच्च स्तर, रहन-सहन के स्तर, वस्तुओं एवं सेवाओं की विश्वव्यापी उपलब्धता, कीमतों और वेतन का समानीकरण, ज्ञान एवं संस्कृति के प्रस्फुरण को प्रेरित करता है।   
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।
(i) पतन किस प्रकार व्यापार के लिए सहायक होते है? पत्तनों का वर्गीकरण उनकी अवस्थिति के आधार पर कीजिए।
उत्तर – अंतरराष्ट्रीय व्यापार के दुनिया के मुख्य प्रवेश द्वार पोताश्रय तथा पत्तन होते हैं। इन पत्रों के द्वारा जहाजी माल तथा यात्री विश्व के एक भाग से दूसरे भाग को जाते हैं। 
       पत्तन जहाज के लिए गोदी, लादने, उतारने तथा भंडारण हेतु सुविधाएँ प्रदान करते हैं। इन सुविधाओं को प्रदान करने के उद्देश्य से पत्तन के प्राधिकारी नौगम्य द्वारों का रख-रखाव, रस्सों व बजरों की व्यवस्था करने और श्रम एवं प्रबंधकीय सेवाओं को उपलब्ध कराने की व्यवस्था करते हैं। एक पत्तन  के महत्व को नौगम्य के आकार और निपटाए किए गए जहाजों की संख्या द्वारा निश्चित किया जाता है।
                         अवस्थिति के आधार पर पत्तन दो प्रकार होते हैं – 
(a) अंतर्देशीय पत्तन  – ये पत्तन समुद्री तट से दूर अवस्थित होते हैं। ये समुद्र से एक नदी अथवा नहर द्वारा जुड़े होते हैं। ऐसे पतन चौरस तल वाले जहाज या बजरी द्वारा ही गम्य होते हैं। उदाहरणस्वरूप – कोलकत्ता हुगली नदी जो गंगा नदी की एक शाखा है पर स्थित है। 
(b) बाह्य पत्तन – ये गहरे जल के पत्तन है जो वास्तविक पत्तन से दूर बने होते हैं। ये उन जहाजों, जो अपने बड़े आकार के कारण उन तक पहुँचने में अक्षम है, को ग्रहण करके पैतृक पत्तनों को सेवाएँ प्रदान करते हैं। उदाहरणस्वरूप एथेंस तथा यूनान में इसके बाह्य पत्तन पिरेइअस एक उच्च कोटि का संयोजन है। 
(ii) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से देश कैसे लाभ प्राप्त करते है?
उत्तर – दो या दो से अधिक देशों के बीच होने वाले व्यापार को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कहा जाता है। इससे व्यापारिक सदस्य देशों को निम्नलिखित प्रकार से लाभ  होते है –
◆ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार वस्तुओं के स्थानान्तरण के सिद्धांत पर निर्भर करता है जिससे व्यापारिक सदस्य देशों को लाभ पहुँचता है।
◆कीमतों और वेतन का समानीकरण से व्यापारिक सदस्य देशों को लाभ पहुँचता है।
◆ व्यापारिक सदस्य देशों में आपसी सहयोग एवं भाईचारा बढ़ता है, इससे इनके बीच मैत्रिक संबंध अच्छे बनते है।
◆ व्यापारिक सदस्य देशों में हर देश अपनी सर्वश्रेष्ठ सामान को बाजार में उतारता है जिससे अन्य आर्थिक क्रियाओं का विकास होता है।
◆ इसके अंतर्गत तकनीकी ज्ञान, संकृति एवं अन्य बौद्धिक ज्ञानों का आदान-प्रदान किया जाता है, इससे दोनों देशों को लाभ पहुँचता है।
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NCERT CLASS 12 Geography Solutions हिंदी माध्यम इकाई 3 अध्याय 8 परिवहन एवं संचार

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इकाई -3
अध्याय-8. परिवहन एवं संचार 
1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए : 
(i) पारमहाद्वीपीय स्टुवर्ट महामार्ग किनके मध्य से गुजरता है?
(क) डार्विन और मेलबॉर्न
(ख) एडमंटन और एंकॉरेज
(ग) बैंकूवर और सेंट जॉन नगर
(घ) चेगडू और ल्हासा
उत्तर – (क) डार्विन और मेलबॉर्न
(ii) किस देश में रेल मार्गों के जाल का सघनतम घनत्व पाया जाता है?
(क) ब्राजील
(ख) कनाडा
(ग) संयुक्त राज्य अमेरिका
(घ) रूस
उत्तर – (ख) कनाडा 
(iii) बृहद ट्रक मार्ग होकर जाता है –
(क) भूमध्य सागर हिंद महासागर से होकर
(ख) उत्तर अटलांटिक महासागर से होकर
(ग) दक्षिण अटलांटिक महासागर से होकर
(घ) उत्तर प्रशांत महासागर से होकर 
उत्तर – (क) भूमध्य सागर हिंद महासागर से होकर 
(iv) ‘बिग इंच’ पाइप लाइन के द्वारा परिभाषित किया जाता है।
(क) दूध
(ख) जल
(ग) तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी)
(घ) पेट्रोलियम
उत्तर – (ग) तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी)
(v) चैनल टनल जोड़ता है 
(क) लंदन-बर्लिन
(ख) बर्लिन-पेरिस
(ग) पेरिस-लंदन
(घ) बार्सिलोना-बर्लिन
उत्तर – (ख) बर्लिन-पेरिस
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए:
(i) पर्वतों, मरुस्थलों तथा बाढ़ संभावित प्रदेशों में स्थल परिवहन की क्या-क्या समस्याएँ हैं?
उत्तर – पर्वतों, मरुस्थलों तथा बाढ़ संभावित प्रदेशों में स्थल परिवहन की निम्लिखित समस्याएँ हैं –
◆ विषम भौगोलिक कारकों का होना,
◆ सड़क एवं रेलमार्ग निर्माण के लिए आसानी से सामाग्री प्राप्त न होना,
◆ जनसंख्या घनत्व कम होना। 
(ii) पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग क्या होता है?
उत्तर – वैसे रेलमार्ग जो पुरे महाद्वीप से होकर गुजरते हुए इसके दोनों छोरों को जोड़ते हैं उसे पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग कहते है। इसका निर्माण आर्थिक और राजनितिक कारणों से विभिन्न दिशाओं में लम्बी यात्राओं कि सुविधा प्रदान करने के लिए किया गया था।
(iii) जल परिवहन के क्या लाभ है?
उत्तर – जल परिवहन के निम्लिखित लाभ है –
◆ इसमें मार्गों का निर्माण नहीं करना पड़ता है।
◆ यह परिवहन काफी सस्ता पड़ता है।
◆जल परिवहन की उर्जा लागत की अपेक्षाकृत कम होती है।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।
(i) “एक सुप्रबंधित परिवहन प्रणाली में विभिन्न एक-दूसरे की संपूरक होती है,” इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर -परिवहन योजक और वाहक उपलब्ध कराता है जिनके माध्यम से व्यापर संभव होता है। परिवहन, संचार एवं व्यापार, उत्पादन केंद्रों और उपभोग केंद्रों को जोड़ते हैं। परिवहन समाज की आधारभूत आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए रचा गया एक संगठित सेवा उद्योग है। परिवहन व्यक्तियों और वस्तुओं को एक स्थान से दुसरे स्थान तक वहां करने की सेवा या सुविधा को कहते है। जिसमें मनुष्यों, पशुओं तथा विभिन्न प्रकार की गाड़ियों का प्रयोग किया जाता है। इसके अंतर्गत परिवहन मार्गों, लोगों और वस्तुओं के वहन के लिए गाडियों, मार्गों के रख-रखाव और लदान, उतराव तथा वितरण का निपटान करने के लिए संस्थाओं का समावेश किया जाता है। विश्व परिवहन की प्रमुख विधाएँ हैं – स्थल, जल, वायु और पाइपलाइन आदि। इनका प्रयोग अन्तर्प्रादेशिक  तथा अंतरा-प्रादेशिक परिवहन के लिए किया जाता है और पाइपलाइन को छोड़कर प्रत्येक यात्रियों और माल दोनों का वहन करता है।
                                  किसी विधा की सार्थकता परिवहित की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं के प्रकार, परिवहन की लागतों और उपलब्ध विधा पर निर्भर करता है। वस्तुओं के अंतर्राष्ट्रीय संचलन का निपटान भारी वाहन जलयानों द्वारा किया जाता है। कम दूरी एवं एक घर से दूसरे घर की सेवाएं प्रदान करने में सड़क परिवहन सस्ता एवं तीव्रगामी है। किसी देश के भीतर स्थूल पदार्थों के विशाल परिणाम को लंबी दूरियों तक परिवहन करने के लिए रेल सर्वाधिक अनुकूल साधन है। उच्च मूल्य वाली; हल्की तथा नाशवान वस्तुओं का वायुमार्गों द्वारा परिवहन सर्वश्रेष्ठ होता है। परिवहन के लिए वायु यातायात अच्छी विधि है। एक सुप्रबंधित परिवहन तंत्र में ये विभिन्न विधाएँ एक-दूसरे की पूरक होती है।
 (ii) विश्व की वे  कौन-से प्रमुख प्रदेश हैं जहाँ वायुमार्ग का सघनतंत्र पाया जाता है?
उत्तर – उत्तरी गोलार्द्ध में अंतर-महाद्वीपीय वायुमार्गों की एक सुस्पष्ट पूर्व-पश्चिम पट्टी है। पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका, पश्चिमी यूरोप और दक्षिण-पूर्वी एशिया में वायुमार्गों का सघन जाल पाया जाता है। विश्व के कुल वायुमार्गों के 60 प्रतिशत भाग का प्रयोग अकेला संयुक्त राज्य अमेरिका करता है। न्यूयार्क, लंदन, पेरिस, एमस्टर्डम और शिकागो नोडीय बिंदु हैं। जहाँ  अभिसरित होते हैं अथवा सभी महाद्वीपों की ओर विकरित होते हैं। 
                             अफ्रीका, रूस के एशियाई भाग और दक्षिण अमेरिका में वायु सेवाओं का अभाव है। दक्षिण गोलार्द्ध में 10-35 अक्षांशों के मध्य अपेक्षाकृत विरल जनसंख्या, सीमित स्थलखंड और आर्थिक विकास के कारण सीमित वयुसेवाएँ उपलब्ध है।
(iii) वे कौन सी विधाएँ हैं जिनके द्वारा साइबर स्पेस मनुष्यों के समकालीन आर्थिकी और सामाजिक स्पेस की वृद्धि करेगा?
उत्तर – साइबर स्पेस विधुत द्वारा कम्पयूटरीकृत  स्पेस का संसार है। यह वर्ल्ड वाइड वेबसाइट जैसे इन्टरनेट द्वारा आवृत है। सरल शब्दों में यह भेजने वाले और प्राप्त करने वाले के शारीरिक संचलन के बिना कंप्यूटर पर सूचनाओं के प्रेषण और प्राप्ति कि विधुतीय अंकीय दूनियाँ है। इसे इन्टरनेट के नाम से भी जाना जाता है। साइबर स्पेस हर जगह विद्यमान है। यह किसी कार्यालय में जल में चलती नौका में, उड़ते जहाजों में और वास्तव में कहीं भी हो सकता है।  
                                प्रतिवर्ष करोड़ों लोग प्रतिवर्ष इंटरनेट का प्रयोग करते है। साइबर स्पेस लोगों के समकालीन आर्थिक और सामाजिक स्पेस को ई. मेल, ई. वाणिज्य, ई. शिक्षा और ई. प्रशासन के माध्यम से विस्तृत करेगा। फैक्स, टेलिविजन और रेडियो के साथ इंटरनेट समय और स्थान की सीमाओं को लांघते हुए अधिक लोगों तक पहुंचेगा। ये आधुनिक संचार प्रणालियाँ  हैं जिन्होंने परिवहन से कहीं ज्यादा वैश्विक ग्राम की संकल्पना को साकार किया है।
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NCERT CLASS 12 Geography Solutions हिंदी माध्यम इकाई 3 अध्याय 7 तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप

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इकाई -3
अध्याय-7. तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप
 
1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए : 
(i) निम्नलिखित में से कौन-सा एक तृतीयक क्रियाकलाप है?
(क) खेती
(ख) बुनाई
(ग) व्यापार
(घ) आखेट
उत्तर –  (ग) व्यापार 
(ii) निम्नलिखित क्रियाकलापों में से कौन-सा एक द्वितीयक सेक्टर का क्रियाकलाप नहीं है?
(क) इस्पात प्रगलन
(ख) वस्त्र निर्माण
(ग) मछली पकड़ना
(घ) टोकरी बुनाना
उत्तर – (ग) मछली पकड़ना 
(iii) निम्नलिखित में से कौन-सा एक सेक्टर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में सर्वाधिक रोजगार प्रदान करता है?
(क) प्राथमिक
(ख) द्वितीयक
(ग) पर्यटन
(घ) सेवा
उत्तर – (घ) सेवा 
(iv) वे काम जिनमें उच्च परिणाम और स्तर वाले अन्वेषण सम्मिलित होते हैं, कहलाते हैं:
(क) द्वितीयक क्रियाकलाप
(ख) पंचम क्रियाकलाप
(ग) चतुर्थ क्रियाकलाप
(घ) प्राथमिक क्रियाकलाप
उत्तर – (ख) पंचम क्रियाकलाप 
(v) निम्नलिखित में से कौन-सा क्रियाकलाप चतुर्थ सेक्टर से संबंधित है?
(क) संगणक विनिर्माण
(ख) विश्वविद्यालयी अध्यापन
(ग) कागज और कच्ची लुगदी निर्माण
(घ) पुस्तकों का मुद्रण
उत्तर – (घ) पुस्तकों का मुद्रण 
(vi) निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सत्य नहीं है?
(क) बाह्यस्रोतन दक्षता को बढ़ाता है और लागतों को घटाता है।
(ख) कभी-कभार अभियांत्रिकी और विनिर्माण कार्यों की भी बाह्यस्रोतन की जा सकती है।
(ग) बी.पी.ओज के पास के.पी.ओज की तुलना में बेहतर व्यवसाय का अवसर होते हैं।
(घ) कामों के बाह्यस्रोतन करने वाले देशों में काम की तलाश करने वालों में असंतोष पाया जाता है।
उत्तर – (घ) कामों के बाह्यस्रोतन करने वाले देशों में काम की तलाश करने वालों में असंतोष पाया जाता है। 
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए:
(i) फुटकर व्यापार सेवा को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – ये वह व्यापारिक क्रियाकलाप है जो उपभोक्ताओं को वस्तुओं के प्रत्यक्ष-विक्रय से संबंधित हैं। अधिकांश फुटकर व्यापार केवल विक्रय से नियत प्रतिष्ठानों और भंडारों में संपन्न होता है। फेरी, रेहड़ी, ट्रक, द्वार से द्वार, डाक आदेश, दूरभाष, स्वचालित बिक्री मशीनें तथा इंटरनेट फुटकर बिक्री के भंडार रहित उदाहरण हैं।
(ii) चतुर्थ सेवाओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर- चतुर्थ क्रियाकलाप अनुसंधान और विकास पर आधारित होते हैं और विशिष्टीकृत ज्ञान प्रौद्योगिकी कुशलता और प्रशासकीय सामर्थ्य से संबद्ध सेवाओं के उन्नत नमूने के रूप में देखे जाते हैं। जैसे- सूचना का संग्रहण, उत्पादन और प्रकीर्णन अथवा सूचना का उत्पादन।
(iii) विश्व में चिकित्सा पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभरते हुए देशों के नाम लिखिए।
उत्तर- भारत विश्व में चिकित्सा पर्यटन में अग्रणी देश बनकर उभरा है। भारत, थाइलैंड, सिंगापुर और  मलेशिया जैसे विकासशील देशों को चिकित्सा पर्यटन से अनेक लाभ प्राप्त होते है। भारत, स्विटजरलैंड और आस्ट्रेलिया के अस्पताल विकिरण बिंबों के अध्ययन से लेकर चुंबकीय अनुनाद बिंबों के निर्वचन और पराश्राव्य परीक्षणों तक की विशिष्ट चिकित्सा सुविधाओं को उपलब्ध करा रहे हैं।
(iv) अंकीय विभाजन क्या है?
उत्तर –आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों में अंतर के कारण विकसित और विकसित और विकाशशील देशों में नागरिकों को सूचना और संचार सुविधाएँ उपलब्ध कराने में पर्याप्त अंतर पाया जाता है। इसे ही अंकीय विभाजक कहा जाता है। इस संबंध में अंत: एवं अंतरप्रादेशिक विभिन्नताएँ पाई जाती हैं। 
 3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।
(i) आधुनिक आर्थिक विकास में सेवा सेक्टर की सार्थकता और वृद्धि की चर्चा कीजिए।
उत्तर –  सेवाएँ विभिन्न स्तरों पर पाई जाती हैं। कुछ सेवाएँ उद्योगों को चलाती है, कुछ लोगों को और कुछ उद्योगों और लोगों दोनों को, उदाहरणतः परिवहन तंत्र। निम्नस्तरीय सेवाएँ जैसे- पंसारी की दुकानें, धोबीघाट, उच्चस्तरीय सेवाओं अथवा लेखाकार, परामर्शदाता और काय चिकित्सक जैसी अधिक विशिष्टीकृत सेवाओं की अपेक्षा अधिक सामान्य और विस्तृत हैं। सेवाएँ भुगतान कर सकने वाले व्यक्तिगत उपभोक्ताओं को उपलब्ध होती हैं। माली, धोबी और नाई मुख्य रूप से शारीरिक श्रम करते हैं। अध्यापक, वकील, चिकित्सक, संगीतकार और अन्य मानसिक श्रम करते हैं। दैनिक जीवन में काम को सुविधाजनक बनाने के लिए लोगों को व्यक्तिगत सेवाएँ  भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
                                        अनेक सेवाएँ अब नियमित हो गई हैं। महामार्गों एवं पुलों का निर्माण और अनुरक्षण, अग्निशमन विभागों का अनुरक्षण और शिक्षा की पूर्ति अथवा पर्यवेक्षण और ग्राहक-सेवा महत्वपूर्ण सेवाओं में से हैं, जिनका पर्यवेक्षण अथवा निष्पादन प्रायः सरकारों अथवा कंपनियों द्वारा किया जाता है। राज्य और संघ विधान ने परिवहन, दूरसंचार, ऊर्जा और जलापूर्ति जैसी सेवाओं के विपणन के पर्यवेक्षण और नियंत्रण के लिए निगमों की स्थापना की है। स्वास्थ्य की देखभाल, अभियांत्रिकी, विधि और प्रबंधन व्यावसायिक सेवाएँ हैं। मनोरंजनात्मक और प्रमोद सेवाओं की स्थिति बाजार पर निर्भर करती है। मल्टीप्लेक्स और रेस्तराओं की स्थिति केन्द्रीय व्यापार क्षेत्र (सी.बी.डी.) के अंदर अथवा निकट हो सकती है।  इस प्रकार हम कह सकते है कि सेवा सेक्टर में रोजगार की प्रवृति बढ़ रही है। जबकि प्राथमिक और द्वितीयक क्रियाकलापों में यह  अपरिवर्तित अथवा घट रही है। अत: आधुनिक आर्थिक विकास में सेवा सेक्टर की सार्थकता में लगातार वृद्धि हो रही है।
(ii) परिवहन और संचार सेवाओं की सार्थकता को विस्तार पूर्वक स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – परिवहन एक ऐसी सेवा अथवा सुविधा है जिससे व्यक्तियों, विनिर्मित माल तथा सम्पत्ति को भौतिक रूप से एक स्थान से दुसरे स्थान पर ले जाया जाता है। यह  मनुष्य की गतिशीलता की मूलभूत आवश्यकता को पूरा करने के लिए निर्मित एक संगठित उद्योग है। आधुनिक समाज वस्तुओं के उत्पादन, वितरण और उपभोग में सहायता देने के लिए तीव्र और सक्षम परिवहन व्यवस्था चाहते हैं। इस जटिल व्यवस्था की प्रत्येक अवस्था में परिवहन द्वारा पदार्थ का मूल्य अत्यधिक बढ़ जाता है। परिवहन दूरी को किलोमीटर दूरी अथवा मार्ग लंबाई की वास्तविक दूरी, समय दूरी अथवा एक मार्ग पर यात्रा करने में लगने वाले समय, और लागत दूरी अथवा मार्ग पर यात्रा के खर्च के रूप में मापा जा सकता है। परिवहन के साधन के चयन में समय अथवा लागत के संदर्भ में एक निर्णायक कारक है। परिवहन की माँग जनसंख्या के आकार से प्रभावित होती है। जनसंख्या का आकार जितना बड़ा होगा परिवहन की माँग उतनी ही अधिक होगी। नगरों, कस्बों, गाँवों, औद्योगिक केंद्रों और कच्चे माल, उनके मध्य व्यापार के प्रारूप, उनके भू-दृश्य की प्रकृति, जलवायु के प्रकार और मार्ग की लंबाई पर आने वाले व्यवधानों को दूर करने के लिए उपलब्ध निधियों पर मार्ग निर्भर करते हैं। 
                          संचार सेवाओं में शब्दों और संदेशों, तथ्यों और विचारों का प्रेषण सम्मिलित है। लेखक के आविष्कार ने संदेशों को संरक्षित किया और संचार को परिवहन के साधनों पर निर्भर करने में सहायता की। यही कारण है कि परिवहन के सभी रूपों को संचार पथ कहा जाता है। जहाँ परिवहन जाल-तंत्र सक्षम होता है वहाँ संचार का फैलाव सरल होता है। मोबाइल दूरभाष और उपग्रहों जैसे कुछ विकासों ने संचार को परिवहन से मुक्त कर दिया है। लेकिन अभी भी सभी रूपों का साहचर्य पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हुआ है। आज भी पूरे विश्व में विशाल मात्रा में डाक का निपटारन डाकघरों द्वारा हो रहा है। मोबाइल क्रांति ने संचार को प्रत्यक्ष और तत्काल बना दिया है। उपग्रह संचार पृथ्वी और अंतरिक्ष से सूचना का प्रसारण करता है। इंटरनेट ने वैश्विक संचार तंत्र में वास्तव में क्रांति ला दी है।
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NCERT CLASS 12 Geography Solutions हिंदी माध्यम इकाई 3 अध्याय 6 द्वितीयक क्रियाएँ

 NCERT CLASS -12 Geography Solutions

(हिंदी माध्यम)
इकाई -3
अध्याय-6. द्वितीयक क्रियाएँ 
 1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए :
(i) निम्न में से कौन-सा कथन असत्य है?
(क) हुगली के सहारे जूट के कारखाने सस्ती जल यातायात की सुविधा के कारण स्थापित हुए।
(ख) चीनी, सूती वस्त्र एवं वनस्पति तेल उद्योग स्वच्छंद उद्योग है।
(ग) खनिज तेल एवं जल विद्युत शक्ति के विकास ने उद्योगों की अवस्थिति कारक के रूप में कोयला शक्ति के महत्व को कम किया है।
(घ) पतन नगरों ने भारत में उद्योगों को आकर्षित किया है।
उत्तर – (घ) पतन नगरों ने भारत में उद्योगों को आकर्षित किया है।
(ii) निम्न में से कौन-सी एक अर्थव्यवस्था में उत्पादन का स्वामित्व व्यक्तिगत होता है।
(क) पूँजीवाद
(ख) मिश्रित
(ग) समाजवाद
(घ) कोई भी नहीं
उत्तर – (क) पूँजीवाद
(iii) निम्न में से कौन-सा एक प्रकार का उद्योग अन्य उद्योगों के लिए कच्चे माल का उत्पादन करता है?
(क) कुटीर उद्योग
(ख) छोटे पैमाने के उद्योग
(ग) आधारभूत उद्योग
(घ) स्वच्छंद उद्योग
उत्तर – (ग) आधारभूत उद्योग 
(iv) निम्न में से कौन-सा एक जोड़ा सही मेल खाता है?
(क) स्वचालित वाहन उद्योग    …  लॉस एंजिल्स
(ख) भूत निर्माण उद्योग           …  लुसाका
(ग) वायु निर्माण उद्योग           …  फ्लोरेंस
(घ) लौह इस्पात उद्योग           …  पिट्सबर्ग
उत्तर – (घ) लौह इस्पात उद्योग  …  पिट्सबर्ग
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए:
(i) उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग
उत्तर – निर्माण क्रियाओं में उच्च प्रौद्योगिकी नवीनतम पीढ़ी है। इसमें उन्नत वैज्ञानिक एवं इंजीनियरिंग उत्पादकों का निर्माण गहन शोध एवं विकास के प्रयोग द्वारा किया जाता है। उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग में यंत्रमानव, कंप्यूटर आधारित डिजाइन (कैड) तथा निर्माण, धातु पिघलाने एवं शोधन के इलेक्ट्रोनिक नियंत्रण एवं नए रासायनिक व औषधीय उत्पाद प्रमुख स्थान रखते हैं। 
(ii) विनिर्माण
उत्तर – विनिर्माण का शाब्दिक अर्थ है किसी भी वस्तु का उत्पादन। इसमें हस्तशिल्प एवं यंत्रों द्वारा बनाया गया सामान सम्मिलित किया जाता है। हस्तशिल्प कार्य से लेकर लोहे व इस्पात को गढ़ना, प्लास्टिक के खिलौने बनाना, कंप्यूटर के अति सूक्ष्म घटकों को जोड़ना एवं अंतरिक्षयान निर्माण इत्यादि सभी प्रकार के उत्पादन को निर्माण के अंतर्गत माना जाता है।
(iii)  स्वच्छंद उद्योग
उत्तर – स्वच्छंद उद्योग व्यापक विविधता वाले स्थानों में स्थित होते हैं। यह किसी विशिष्ट कच्चे माल जिनके भार में कमी हो रही है अथवा नहीं, पर निर्भर नहीं रहते हैं। यह उद्योग संघटक पुरजों पर निर्भर रहते हैं जो कहीं से भी प्राप्त किए जा सकते हैं। इसमें उत्पादन कम मात्रा में होता है एवं श्रमिकों की भी कम आवश्यकता होती है। सामान्यतः ये उद्योग प्रदूषण नहीं फैलाते। इनकी स्थापना में महत्वपूर्ण कारक सड़कों के जाल द्वारा अभिगम्यता होती है।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।
(i) प्राथमिक एवं द्वितीयक गतिविधियों में क्या अंतर है।
उत्तर – प्राथमिक गतिविधियाँ कृषि, मत्स्य पालन, आखेट, खनन, पशुचारण, वनों से लकड़ी काटना एवं भोजन संग्रह से सम्बंधित है जबकि द्वितीयक गतिविधियाँ विनिर्माण, प्रसंस्करण और निर्माण(अवसंरचना) उद्योग से सम्बन्धित है। 
(ii) विश्व के विकसित देशों के उद्योगों के संदर्भ में आधुनिक औद्योगिक क्रियाओं की मुख्य प्रवृतियों की विवेचना कीजिए।
उत्तर – आधुनिक निर्माण की विशेषताएँ हैं –
(क) एक एक जटिल प्रौद्योगिकी यंत्र
(ख) अत्यधिक विशिष्टीकरण एवं श्रम विभाजन के द्वारा कम प्रयास एवं अल्प लागत से अधिक माल का उत्पादन करना
(ग) अधिक पूँजी
(घ) बड़े संगठन एवं
(ड़) प्रशासकीय अधिकारी-वर्ग।
                                               आधुनिक निर्माण के मुख्य संकेन्द्रण कुछ ही स्थानों में सीमित हैं। विश्व के कुल स्थलीय भाग के 10 प्रतिशत से कम भू-भाग पर इनका विस्तार है। यह देश आर्थिक एवं राजनीतिक शक्ति के केन्द्र बन गए हैं। कुल क्षेत्र को आच्छादित करने की दृष्टि से विनिर्माण स्थल, प्रक्रियाओं की अत्यधिक गहनता के कारण बहुत कम स्पष्ट है तथा कृषि की अपेक्षा बहुत छोटे क्षेत्रों में संकेन्द्रित हैं। जैसे अमेरिका के मक्का की पेटी के 2.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में साधारणतया चार बड़े फार्म होते है जिनमें 10-20 श्रमिक कार्य करते है जिनमे 50-100 मनुष्यों का भरण -पोषण होता है। जबकि इतने ही क्षेत्र में अनेकों वृहद् समाकलित कारखानों को समाविष्ट कर हजारों श्रमिकों को रोजगार दिया जा सकता है।
                                                   विकसित देशों के उद्योगों में आधुनिक स्वचालित यंत्रीकरण की विकसित अवस्था है। जिससे उद्योग अपनी लागत घटाकर लाभ को बढ़ाते हैं। इनके पास व्यापक बाजार है। पश्चिमी यूरोप एवं उत्तरी अमेरिका के पूर्वी भागों में अत्यधिक परिवहन तंत्र विकसित होने के कारण सदैव इन क्षेत्रों में उद्योगों का संकेंद्रण हुआ है। आधुनिक उद्योग अपृथक्करणीय ढंग से परिवहन तंत्र से जुड़े हैं। इन उद्योग को कच्चा माल अपेक्षाकृत सस्ता एवं सरलता से मिल जाता है।
(iii) अधिकतर देशों में उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग प्रमुख महानगरों के परिधि क्षेत्रों में ही क्यों विकसित हो रहे हैं। व्याख्या कीजिए।
उत्तर – विगत कुछ दशकों से औद्योगीकरण में नवीन प्रवृत्तियों का विकास हुआ है, अतः उच्च प्रौद्योगिक उद्योगों का तीव्रता से विकास तथा विस्तार हो रहा है। उच्च तकनीकी उद्योग स्वच्छंद उद्योगों की श्रेणी में आते हैं और स्वच्छंद उद्योग की प्रवृत्ति उद्देश्य आधारित औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित होने की होती है। अत: ये उद्योग मुख्य महानगरों के परिधि क्षेत्र में विकसित हो रहे हैं। परिधि क्षेत्र, नगर के आंतरिक भाग की तुलना में अधिक लाभ प्रदान करते हैं।
a) जहाँ तक मंजिलें कारखाने तथा भविष्य में विस्तार के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होता है।
b) नगर-परिधि पर भूमि का मूल्य कम होता है अतः भूमि सस्ते दामों पर मिल जाती है।
c) यह मुख्य सड़कों तथा वाहन मार्गों द्वारा नगर से जुड़ा होता है।
d) यहाँ का पर्यावरण शांत और सुखद होता है, क्योंकि यह हरित पट्टी क्षेत्र होता है।
e) यहाँ निकटवर्ती आवासीय क्षेत्र और पड़ोसी ग्रामों से प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों से श्रम की आपूर्ति होती है। 
(iv) अफ्रीका में अपरिमित प्राकृतिक संसाधन है फिर भी औद्योगिक दृष्टि से यह बहुत पिछड़ा महाद्वीप है। समीक्षा कीजिए।
उत्तर – कच्चे माल को कारखाने तक लाने के लिए तथा  परिष्कृत सामग्री को बाजार तक पहुँचाने के लिए तीव्र और सक्षम परिवहन सुविधाएँ औद्योगिक विकास के लिए अत्यावश्यक है। परिवहन लागत किसी औद्योगिक इकाई की अवस्थिति को निश्चित करने में महत्वपूर्ण कारक हैं। किसी उद्योग का आकार उसमें निवेदित पूँजी, कार्यरत, श्रमिकों की संख्या एवं उत्पादन की मात्रा पर निर्भर करता है। उद्योगों की अवस्थिति में श्रम एक प्रमुख कारक है। उद्योगों के लिए कुशल श्रमिकों की आवश्यकता होती है।
                             जबकि अफ्रीकी देशों के पास इन सभी संसाधनों के साथ कुशल श्रमिकों की कमी भी है। उद्योगों की स्थापना में सबसे प्रमुख कारक उसके द्वारा उत्पादित माल के लिए उपलब्ध बाजार का होना आवश्यक है। उस क्षेत्र में तैयार वस्तुओं की मांग और  वहाँ के निवासियों में खरीदने की क्षमता होनी चाहिए लेकिन अफ्रीकी देश गरीब होने के कारण महंगे उत्पाद नहीं खरीद सकते। इनके अतिरिक्त विद्युत , जल आपूर्ति की कमियों, भौगोलिक परिस्थितियों, आधुनिक तकनीक, शिक्षा आदि की कमी होने के कारण अपरिमित प्राकृतिक संसाधन होते हुए भी अफ्रीका औद्योगिक दृष्टि से बहुत पिछड़ा महाद्वीप है।
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