अध्याय-13 मौसम सम्बन्धी उपकरण

बिहार बोर्ड वर्ग-7 वाँ भूगोल प्रश्नोत्तर 

अध्याय-13 मौसम सम्बन्धी उपकरण

अभ्यास के प्रश्नोत्तर

i. खाली जगहों को भरिए-

1. दैनिक तापमान में सेल्सियस पैमाने मापते हैं ।

2. शरीर का तापमान फारेनहाइट पैमाने में मापते हैं।

3. वायुदिशा दर्शक में तीर की पूँछ वायु चलने की दिशा में हो जाती है।

4. वर्षा की मात्रा रेनगेज से मापते हैं।

ii. मिलान कीजिए:-

                     उत्तर-

1. रेनगेज- वर्षा की मात्रा

2. विंडवेन- पवन की दिशा

3. थर्मामीटर- तापमान

iii. प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

1. दैनिक तापमान से क्या समझते हैं?

उत्तर- दिन-प्रतिदिन के अधिकतम और न्यूनतम तापमान को दैनिक तापमान कहते हैं।

2. सोचकर बताएँ कि किसी जगह पर दिन भर के तापमान में भिन्नता क्यों होती है?

उत्तर- किसी जगह पर दिन भर के तापमान में भिन्नता के कारण हैं सूर्य से मिलने वाला ताप। प्रात:काल में तापमान कम रहता है। जैसे-जैसे दिन चढ़ता जाता है वैसे-वैसे तापमान बढ़ता जाता है। ठीक 2 बजे दिन में तापमान सर्वाधिक होता है।

    अब जैसे-जैसे सूर्य पश्चिम की ओर ढलते जाता है, वैसे-वैसे तापमान भी कमता जाता है। संध्या में वह सर्वाधिक कम हो जाता है। फिर जैसे-जैसे रात बीतती जाती है वैसे-वैसे तापमान कम होते जाता है। इस प्रकार सुबह चार बजे का तापमान न्यूनतम हो जाता है।

3. अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्या होता है? किसी अखबार में देखकर आज का अधिकतम और न्यूनतम तापमान लिखिए।

उत्तर- किसी दिन के 24 घंटे के तापमान में जो आँकड़ा अधिकतम बताता है और जो आँकड़ा न्यूनतम बताता है वही उस दिन का अधिकतम और न्यूनतम तापमान होता है।

        आज बिहार के विभिन्न शहरों का तापमान निम्नलिखित रहा-

बिहार के विभिन्न शहरों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान ºC में (26.12.2022)
पटना 25 13.4
गया 25.4 14
भागलपुर 24 15.2
पूर्णिया 25 14
बाल्मीकिनगर 24.6 12

4. मौसम संबंधी उपकरणों के नाम लिखिए तथा बताइए कि वे किस-किस काम आते हैं?

उत्तर- मौसम संबंधी उपकरणों के नाम निम्नलिखित हैं:-

⇒ थर्मामीटर- इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान मापा जाता है।

⇒ विंडबेन- इससे हवा की दिशा ज्ञात की जाती है। 

⇒ रेनगेज- इससे वर्षा की मात्रा मापी जाती है। 

5. मौसम केन्द्र पर दैनिक तापमान कैसे मापते हैं? लिखिए।

उत्तर- मौसम केन्द्र पर दैनिक तापमान मापने के लिए तापमापी अर्थात् थर्मामीटर नामक एक उपकरण रहता है। इस उपकरण को काँच की नली से बनाया जाता है। इसका आकार अंग्रेजी के ‘U’ अक्षर जैसा होता है। न्यूनतम ताप नली से लगी काँच की एक और धुंडी होती है, जिसमें पारा भरा रहता है।

    अधिकतम ताप वाली नली में अल्कोहल भरा होता है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे पारा फैलता है और अधिकतम तापवाली नली का अल्कोहल ऊपर चढ़ता है।

     स्केल को देख कर पता करते हैं कि अभी का अधिकतम तापमान क्या है। तब ताप के बाद चुम्बक से पारा को नीचे कर लिया जाता है। फिर पारा ऊपर चढने लगता हैं न्यूनतम तापमान पर रूक जाता है। दिन विशेष का अधिकतम और न्यूनतम तापमान नोट कर लिया जाता है और रेकॉर्ड बुक में चढ़ा लिया जाता है। यह क्रिया प्रतिदिन दी जाती है।

6. हवा की दिशा किस उपकरण से पता की जाती है। चित्र बनाकर नाम लिखिए।

उत्तर- हवा की दिशा ‘विंडवेन’ नामक उपकरण से पता की जाती है।

मौसम सम्बन्धी उपकरण

मौसम सम्बन्धी उपकरण

7. वर्षा मापक यंत्र का चित्र बनाइए।

उत्तर- 

रेनगेज

रेनगेज

8. आपके यहाँ मौसम सम्बन्धी आँकड़े कहाँ एकत्र किये जाते हैं? पता कर के लिखिए।

उत्तर- हमारे राज्य बिहार में पटना अवस्थित वेधशाला में मौसम सम्बन्धी आँकड़े एकत्र किये जाते हैं।

क्रियाशीलन

1. पवन दिशा दर्शक बनाइए एवं उन तरीकों की सची बनाकर कक्षा में प्रकाशित कीजिए जिनसे हम हवा की दिशा का अनुमान लगा सकते है।

संकेत: छात्र स्वयं करें।



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अध्याय-12 मौसम और जलवायु

बिहार बोर्ड वर्ग-7 वाँ भूगोल प्रश्नोत्तर 

अध्याय-12 मौसम और जलवायु

अध्याय-12 मौसम और जलवायु

अभ्यास के प्रश्नोत्तर

i. सही विकल्प चुनें-

1. वर्ष भर एक ही दिशा में बहने वाली पवन है-

(क) स्थानीय पवन

(ख) स्थायी पवन

(ग) सामयिक पवन

(घ) मौसमी पवन

उत्तर- (ख) स्थायी पवन

2. जलवाष्प का जलरूप में बदलने की क्रिया कहलाती है-

(क) वर्षण

(ख) संघनन

(ग) चक्रवात

(घ) मौसम

उत्तर- (क) वर्षण

13. कैटरीना क्या है-

(क) एक चक्रवात

(ख) एक ठंडी पवन

(ग) एक स्थानीय पवन

(घ) एक प्रति चक्रवात

उत्तर- (क) एक चक्रवात

ii. खाली जगहों को भरिए-

1. चक्रवात के केन्द्र में उच्च वायु दाब होता है।

2 लू एक स्थानीय हवा है।

3. ऊँचाई के कारण हवाएँ ठंडी होकर संघनन करती है।

4. विषुवत रेखीय क्षेत्रों में संवहनीय वर्षा होती है।

iii. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें-

(1) मौसम के अन्तर्गत किन-किन तत्वों का अवलोकन किया जाता है?

उत्तर- “किसी निश्चित स्थान पर निश्चित समय में वायुमंडल की तत्कालीन दशा को मौसम कहते हैं।”

मौसम के अन्तर्गत निम्नलिखित तत्वों का अवलोकन किया जाता है:-

⇒ तापमान

⇒ वर्षा

⇒ आर्द्रता

⇒ सूर्य का प्रकाश 

⇒ हवा की दिशा एवं गति

⇒ आकाश के बादल 

(2) जलवायु को परिभाषित करें। इसका निर्धारण कैसे होता है?

उत्तर- किसी क्षेत्र विशेष में लम्बे समय तक मौसम की औसत दशा को जलवायु कहते हैं। मौसम का निर्धारण करने के लिए एक लम्बे समय (सामान्यत: 33 वर्ष) तक वहाँ के तापमान की स्थिति, वर्षा की मात्रा, पवन की दिशा इत्यादि का आँकड़ा एकत्र कर समय से भाग देकर उसका औसत निकाला जाता है।

(3) जलवायु किसे कहते है? जलवायु को प्रभावित करने वाले कौन-कौन से प्रमुख कारक हैं?

उत्तर- किसी क्षेत्र विशेष में लम्बे समय तक मौसम की औसत दशा को जलवायु कहते हैं।

जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित हैं:-

⇒ अक्षांशीय स्थिति,

⇒ समुद्र तट से दूरी,

⇒ पर्वत की दिशा व अवरोध,

⇒ समुद्री धाराओं की दिशा,

⇒ पवन की दिशा,

⇒ समुद्र तल से ऊँचाई तथा

⇒ तापमान।

(4) पृथ्वी पर विभिन्न स्थानों का तापमान अलग-अलग क्यों होता है?

उत्तर- किसी भी स्थान का तापमान का आधार वहाँ प्राप्त होने वाली सूर्य की किरणें हैं। जहाँ सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं वहाँ का तापमान अधिक होता है। जहाँ-जहाँ सूर्य की किरणें तिरछी पड़ती हैं, वहाँ-वहाँ का तापमान कम होते जाता है। अतः स्पष्ट है कि सूर्य की किरणों की सीधी-तिरछी पड़ने के कारण पृथ्वी पर विभिन्न स्थानों का तापमान अलग-अलग होता है।

(5) “तापमान का प्रभाव मौसम पर पड़ता है।” उचित उदाहरण सहित पुष्टि कीजिए।

उत्तर- ऐसे तो मौसम को प्रभावित करने वाले अनेक कारक हैं लेकिन उन सभी कारकों में प्रमुख कारक तापमान है। तापमान को बढ़ाने या घटाने में प्रमुख भूमिका सौर ऊर्जा की होती है। मुख्य रूप से सौर-ऊर्जा जिन स्थानों पर अधिक मिलती है, वहाँ का वातावरण गर्म हो जाता है।

    जहाँ पर सौर ऊर्जा कम मिलती है वहाँ का वातावरण ठंडा हो जाता है। गर्म और ठंडा, वातावरण से वहाँ का मौसम प्रभावित होता है।

(6) पृथ्वी पर कितने ताप कटिबंध हैं? इसका क्या महत्त्व है?

उत्तर-  पृथ्वी पर पाँच ताप कटिबन्ध निम्नलिखित हैं:-

(i) उष्ण कटिबन्ध- कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच का क्षेत्र।

(ii) उत्तरी शीतोष्ण कटिबन्ध- कर्क रेखा और उत्तरी ध्रुवीय वृत्त के बीच का क्षेत्र।

(iii) दक्षिणी शीतोष्ण कटिबन्ध- मकर रेखा और दक्षिणी ध्रुवीय वृत्त के बीच का क्षेत्र।

(iii) उत्तरी शीत कटिबन्ध- उत्तरी ध्रुवीय वृत्त के उत्तर का क्षेत्र जिसके केन्द्र में उत्तरी ध्रुव है।

(iv) दक्षिणी शीत कटिबन्ध- दक्षिणी ध्रुवीय वृत्त के दक्षिण का क्षेत्र जिसके केन्द्र में दक्षिणी ध्रुव है।

मौसम और जलवायु

ताप कटिबन्ध

(7) वायु में गति के क्या कारण हैं?

उत्तर- पृथ्वी पर जहाँ कहीं तापमान अधिक हो जाता है वहाँ की हवा गर्म होकर ऊपर चली जाती है। इससे वहाँ निम्न दाब का क्षेत्र बन जाता है। इस निम्न दाब को भरने के लिए उच्च दाब के क्षेत्र से हवा चल देती है। जिस चाल से हवा चलती है उसे वायु की गति कहते हैं।

(8) पवन के कितने प्रकार हैं? प्रत्येक का नाम सहित वर्णन कीजिए।

उत्तर- पवन के तीन प्रकार हैं-

(क) स्थायी पवन

(ख) मौसमी पवन तथा

(ग) स्थानीय पवन।

(क) स्थायी पवन-

    स्थायी पवन हमेशा एक निश्चित दिशा में चलता है। यह पृथ्वी की घूर्णन गति के कारण उत्पन्न होता है। स्थायी पवन अधिक दाब पेटियों से कम दाब वाली पेटियों की ओर चलता है। पछुआ पवन, ध्रुवीय तथा व्यापारिक पवन स्थायी पवन के उदाहरण हैं।

(ख) मौसमी पवन-

    जिस पवन की दिशा मौसम के अनुसार बदलती रहती है, उसे मौसमी पवन कहते हैं। यह पवन ऋतु के अनुसार अपनी दिशा बदल लेता है। भारत में मौसमी पवन से ही वर्षा होती है। जैसे- मानसूनी पवनें, चक्रवात, प्रति चक्रवात इत्यादि। 

(ग) स्थानीय पवन-

    वर्षा के खास समय और खास भू-खंड (स्थान) पर चलने वाली हवाएँ स्थायी पवन कहलाती है। जैसे- उत्तर भारत के मैदानी भाग में मई-जून महीनों में चलने वाली गर्म हवा लू, के नाम से जानी जाती है।

(9) स्थलीय समीर एवं समुदी समीर में क्या अंतर है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- जब हवा स्थल की ओर से समुद्र की ओर चलती है तब इस हवा को स्थलीय समीर कहते हैं। ठीक इसके विपरीत जब हवा समुद्र की ओर से स्थल की ओर चलने लगती है तब इसे समुद्री समीर कहते हैं। स्थलीय समीर सदैव रात में चलता है, वहीं समुद्री समीर सदा दिन में चला करता है।

(10) चक्रवात क्या है? इसके प्रभावों का वर्णन कीजिए।

उत्तर- तूफानी हवाओं के अति शक्तिशाली भंवर को चक्रवात कहते है। चक्रवात के प्रभाव से भारी आँधी आती है और जन-जीवन को काफी कुप्रभावित करती है। हवा नाचते-नाचते काफी ऊँचाई पर चली जाती है और भारी वर्षा कराती है। चक्रवात यदि जमीन पर आते हैं तो आँधी-वर्षा लाते हैं और यदि समुद्र में आते हैं तो उसकी लहरें काफी ऊँचाई तक उठ जाती है।

(11) वर्षा कैसे होती है? इसके कितने प्रकार हैं?

उत्तर- ऊँचाई पर जलवाष्प के संघनन होने से वर्षा होती है। यह सदैव चलते रहने वाली प्रक्रिया है। वर्षा से पृथ्वी पर पानी पहुँचता है फिर ताप प्राप्त कर पानी वाष्प बनकर ऊपर चला जाता है। संघनन होता और वर्षा होती है। सदैव चलते रहने वाले इसी प्रक्रम को ‘जलचक्र’ कहते हैं। वर्षा तीन प्रकार की होती है:-

(क) संवाहनिक वर्षा

(ख) पर्वतीय वर्षा तथा

(ग) चक्रवातीय वर्षा।

(12) अत्यधिक वर्षा से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?

उत्तर- अत्यधिक वर्षा से सबसे पहले तो बाढ़ आ जाती है। बाढ़ में घर-के-घर ही क्या गाँव-के-गाँव बह जाते हैं। आदमी के साथ जीव-जंतु भी ऊँचे स्थानों की ओर भागते हैं। लगी-लगाई फसल, यहाँ तक कि कभी-कभी तैयार फसल भी बह जाती है। सरकार तथा गैर सरकारी संस्थाओं को आदमियों के रहने तथा खाने-पीने की व्यवस्था में जुट जाना पड़ता है।

(13) अधिक वर्षा एवं कम वर्षा वाले क्षेत्रों के जन-जीवन में क्या-क्या अंतर होंगे?

उत्तर- जहाँ अधिक वर्षा होती है वहाँ के लोग घर के छप्पर की ढाल अधिक रखते हैं, ताकि पानी जल्दी बह जाय। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में घर के छप्पर की ढाल कम रहती है या रहती ही नहीं। अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में तरह-तरह के वृक्ष पाये जाते हैं और फसलें भी तरह-तरह की होती है और खूब होती हैं।

       कम वर्षा वाले क्षेत्रों में मात्र बाजरा जैसे मोटे अनाज ही उपज पाते हैं। अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पानी की कोई किल्लत नहीं होती, जबकि कम वर्षा वाले क्षेत्र के लोगों को पीने के पानी के भी लाले पड़े रहते हैं। इन्हें दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। अधिक वर्षा वाले क्षेत्र के लोग अपेक्षाकृत अधिक आराम से जीवन व्यतीत करते हैं जबकि कम वर्षा वाले क्षेत्र के लोगों का जीवन मशक्कत से भरा रहता है।

(14) यदि वर्षा कम हो तो क्या-क्या परेशानी होती है?

उत्तर- वर्षा कम होने पर फसलें नहीं उपजतीं। अन्न की कमी हो जाती है। गर्मी आते-आते कुएँ तालाब सूख जाते हैं। नदियों में भी पानी नहीं रहता। अतः दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

(15) हमें वर्षा जल का संरक्षण क्यों करना चाहिए?

उत्तर- हमें वर्षा जल का संरक्षण इसलिये करना चाहिए ताकि हमें सालों भर पानी मिल सके। इस संरक्षित जल से पीने से लेकर सिंचाई तक के काम हो सकते हैं।

16. पता कीजिए कि ये पवन कहाँ बहते हैं?

(लू, चिनूक, गरजता चालिसा, दहाड़ता पचासा, हरिकेन, टॉरनेडो, टाइफून, विलीविली, कैटरिना, काल वैशाखी)

उत्तर-

पवन क्षेत्र
लू विशाल मैदान 
चिनूक दक्षिणी कनाडा 
गरजता चालीसा 40० दक्षिणी अक्षांशीय क्षेत्र
दहाड़ता पचासा  50० दक्षिणी अक्षांशीय क्षेत्र
हरिकेन अटलांटिक महासागरीय क्षेत्र
टॉरनेडो उत्तरी अमेरिका
टाइफून चीन (पूर्वी प्रशांत महासागरीय क्षेत्र)
विलीविली पूर्वी ऑस्ट्रेलिया
कैटरिना पश्चिम ऑस्ट्रेलिया 
काल वैशाखी बंगाल की खाड़ी 

17. एक माह तक प्रतिदिन मौसम का अवलोकन कर अभिलेख तैयार कर कक्षा में प्रदर्शित कीजिए।

उत्तर- छात्र स्वयं करें।



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अध्याय-11 मानव पर्यावरण अंतःक्रिया : तटीय प्रदेश केरल में जन-जीवन

अभ्यास के प्रश्नोत्तर

i. सही विकल्प को चुने-

(1) केरल प्रदेश की जलवायु है-
(क) उष्ण
(ख) शीतोष्ण
(ग) समशीतोष्ण
(घ) उष्णार्द्र
उत्तर- (घ) उष्णार्द्र मानसूनी जलवायु

(2) केरल में नहीं उपजाया जाता है-
(क) कहवा
(ख) काजू
(ग) जूट
(घ) इलायची
उत्तर- (ग) जूट

(3) साइलेंट वैली स्थित है-
(क) पूर्वी घाट में
(ख) पश्चिमी घाट में
(ग) कृष्णा घाट में
(घ) कावेरी घाट में
उत्तर- (ख) पश्चिमी घाट में

(4) केरल में सबरीमाला क्या है?
(क) तीर्थ स्थान
(ख) पर्यटन स्थल
(ग) नौका दौड़
(घ) एक प्रकार का नृत्य
उत्तर- (क) तीर्थ स्थान

ii. सही मिलान करें-

                     उत्तर-

1. मलखम्भ- एक खेल

2. पश्चिमी घाट- नीलगिरि की पहाड़ियाँ

3. केरली मसाज- एक प्रकार की चिकित्सा पद्धति

4. उत्पम- एक प्रकार का खाद्य पदार्थ

5. मलयालम- एक प्रकार की भाषा

अध्याय-11 मानव पर्यावरण

केरला राज्य

iii. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

1. केरल प्रदेश की जलवायु और वनस्पति पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर- केरल प्रदेश की जलवायु ऊष्ण-आर्द्र मानसूनी प्रकार की है। यहाँ औसत वार्षिक वर्षा 200 सेमी० या इससे अधिक होती है। यहाँ ग्रीष्म ऋतु में औसत तापमान 32°C तथा शीत ऋत में 23°C रहता है। वार्षिक तापान्तर 2°C से 5°C तक रहता है।

        वनस्पति के क्षेत्र में देखा जाए तो राज्य का 1/4 भाग वनों से ढंका है। यहाँ सदाबहार वन पाये जाते हैं। सागवान, चन्दन, सुपारी, नारियल, रबर, बाँस प्रमुख वनस्पतियाँ हैं। यहाँ केले भी खूब होते हैं।

2. पी. वेल्लू सुंदरम् ने केरल की किन-किन विशेषताओं का जिक्र किया?
उत्तर- पी० वेल्लू सुन्दरम् ने केरल की विभिन्न विशेषताओं का जिक्र किया है। सबसे पहले इन्होंने केरल की अवस्थिति का जिक्र किया। उन्होंने प्राकृतिक तथा भौतिक विशेषताएँ बताई। अधिकतम तथा न्यूनतम ताप को बताया है और उसके बाद वर्षा की मात्रा का वर्णन किया है। वन, वनस्पति तथा वन्य जीवों की चर्चा की। लोगों के आर्थिक जीवन के साथ खान-पान तथा पहनावे की बात बताई। जो खनिज मिलते हैं उनके नाम बताएँ। उन्होंने आवागमन के साधनों की विशेषता बताई।

3. केरल मसालों का प्रदेश है। कैसे?
उत्तर- केरल में अनेक तरह के मशाले की खेती की जाती हैं। काली मिर्च, इलायची, गरम मसाले, जावित्री, दालचीनी, कबाब चीनी आदि खूब होते हैं। इसी कारण केरल को मसालों का प्रदेश कहते हैं।

4. लोग पर्यटन के लिये केरल जाना क्यों पसंद करते हैं?
उत्तर- लोग पर्यटन के लिये केरल जाना इसलिए पसन्द करते हैं, क्योंकि यहाँ नौका दौड़ का आयोजन होता है।  कत्थकली यहाँ का विश्व प्रसिद्ध नृत्य नाटिका है। मोहनीअट्टम यहाँ का प्रसिद्ध नृत्य है। मार्शल आर्ट के रूप में कलारीपयट्ट शैली है। मलखम्भ यहाँ का प्रसिद्ध खेल है। सबरीमाला एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। इन्हीं सब आकर्षणों से पर्यटक यहाँ खींचे चले आते हैं।

      यहाँ कश्मीर की तरह हाउस वोट मिलते हैं। विदेशी पर्यटक इन्हीं में रहना पसन्द करते हैं। वे विलासिता युक्त नौकाओं में भ्रमण करना विशेष पसंद करते हैं। यहाँ के लोग सेवा भाव से पूर्ण होते हैं। अत: पर्यटकों को कोई परेशानी नहीं होती।

अध्याय-11 मानव पर्यावरण

केरल

5. अपने मुहल्ले के दुकानदार से मसालों की आपूर्ति के स्रोत का वर्णन करें।
उत्तर- हमने अपने मुहल्ले के दुकानदार से मसालों की आपूर्ति के स्रोत का पता किया। उन्होंने बताया कि हम तो थोक मंडी से मसाले लाते हैं। लेकिन वे लोग प्रायः दक्षिण भारत के राज्यों, खासकर केरल से ट्रकों द्वारा मसाले मँगवाते हैं।

6. केरल के खान-पान बनाने में किन खाद्य पदार्थों की जरूरत होगी? सूची बनाइए।
उत्तर- केरल के खान-पान बनाने में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों की जरूरत होगी-
चावल, मिर्च मसाला, नमक, आलू, नारियल, नारियल का तेल आदि।

7. बिहार और केरल के पहनावा में क्या-क्या अंतर है?
उत्तर- बिहार की महिलाएँ साड़ी, पेटीकोट तथा ब्लाऊज पहनती हैं तो केरल की महिलाएं भी यही पहनती है। बिहार में पुरुष धोती, कुरता, गंजी, गमछा का व्यवहार करते हैं, लेकिन केरल के पुरुष हाफ कमीज और लुंगी पहनते हैं। लुंगी तो बिहार के लोग भी पहनते हैं, लेकिन तब जब वे घर पर रहते हैं या रात में। बिहार में पायजामा कुरता का विशेष चलन हो गया है। फुलपैंट-शर्ट दोनों राज्यों के लोग पहनते हैं।

8. केरल के नौका दौड़ का आयोजन अपने राज्य में करने के लिये आप क्या करेंगे?
उत्तर- बिहार में केरल जैसा नौका दौड़ करने के लिए हमें किसी सीधे बहती नदी का चुनाव करना होगा। नौका चालकों को ट्रेंड करना होगा। तभी हम केरल जैसा नौका दौड़ का आयोजन कर सकते हैं।

9. केरल व बिहार के भोजन में कौन-सा खाद्यान्न समान है?
उत्तर- केरल व बिहार के भोजन में चावल समान है।

10. राष्ट्रीय सेवा योजना के बारे में पता कीजिए।
उत्तर- छात्र स्वयं करें।


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अध्याय-10 मानव पर्यावरण अंतःक्रिया : अपना प्रदेश बिहार


अध्याय-10 मानव पर्यावरण अंतःक्रिया : अपना प्रदेश बिहार

अभ्यास के प्रश्नोत्तर

i. सही विकल्प पर (✓) का निशान लगाएँ-

(1) बिहार के पूरब में है-
(क) पश्चिम बंगाल
(ख) उत्तर प्रदेश
(ग) सोन नदी
(घ) छत्तीसगढ़
उत्तर- (क) पश्चिम बंगाल

(2) मधुबनी पेंटिंग जुड़ी है-
(क) मगध क्षेत्र में
(ख) अंग क्षेत्र में
(ग) भोजपुरी क्षेत्र में
(घ) मिथिला क्षेत्र में
उत्तर- (घ) मिथिला क्षेत्र में

(3) जमालपुर में है-
(क) सिगरेट कारखाना
(ख) जूट कारखाना
(ग) बारूद कारखाना
(घ) रेलवे कार्यशाला
उत्तर- (घ) रेलवे कार्यशाला

ii. सही मिलान करें-

                        उत्तर-

(1) चूना पत्थर- (ग) कैमूर

(2) रेलवे वैगन प्लांट- (घ) मोकामा

(3) जर्दालु- (क) भागलपुर

(4) तेलशोधन कारखाना- (ख) बरौनी

अध्याय-10 मानव पर्यावरण अंतःक्रिया : अपना प्रदेश बिहार

iii. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

1. बिहार की भौगोलिक दशाओं की जानकारी दीजिए।
उत्तर- बिहार गंगा के मध्य मैदान में अवस्थित है। इसके पूरब में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर-प्रदेश तथा दक्षिण में झारखंड राज्य है। यहाँ की जलवायु उष्ण कटिबंधीय है। यहाँ मानसून के समय वर्षा होती है। यहाँ औसत वार्षिक वर्षा  100 से 150 सेंटीमीटर के बीच होती है। गर्मी के मौसम में तापमान 40° सेल्सियस तक चला जाता है। जाड़े के मौसम में यहाँ का अधिकतम तापमान 29° से 30° सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 8° सेल्सियस के लगभग रहता है।

2. बिहार में लोगों का मुख्य पेशा क्या है?
उत्तर- बिहार कृषि प्रधान राज्य है और यहाँ के लोगों का मुख्य पेशा कृषि है।

3. बिहार को किन प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है? इसका जन-जीवन पर कैसा प्रभाव पड़ता है?
उत्तर- बिहार को बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। प्रायः उत्तरी बिहार खासकर कोसी क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित होते ही रहता है। जन-जीवन पर इसका बड़ा बुरा प्रभाव पड़ता है। जमी-जमाई गृहस्थी अस्त-व्यस्त हो जाती है। घर और घर का अधिकांश सामान योंहीं छोड़ इन्हें अन्यत्र शरण लेना पड़ता हैं। जो लोग दूसरों को खिलाते रहते हैं वे अब दूसरों की कृपा पर निर्भर हो जाते हैं।

           सरकारी और गैर-सरकारी सहायता का उन्हें बेसब्री से इन्तजार करना पड़ता है। प्राय: दक्षिणी बिहार को सूखे जैसे भी आपदा को भी झेलना पड़ता है।

4. बिहार की सांस्कृतिक विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर- बिहार की सांस्कृतिक विशेषताओं में यहाँ के पर्व-त्योहारों की प्रमुखता है। दशहरा का त्योहार सार्वजनिक रूप में मनाया जाता है। वहीं दीपावली घर-घर व्यक्तिगत रूप में मनाते हैं। वैसे ही होली मिल-जुलकर मनाया जाने वाला पर्व है। बिहार की मधुबनी पेंटिंग विश्व प्रसिद्ध है। मिथिला क्षेत्र की यह खास है जिसमें प्राकृतिक रंगो और प्रतीकों का उपयोग किया जाता है। बहुतों को यह रोजगार मुहैया कराता है।

5. बिहार की मुख्य फसलें क्या-क्या हैं?
उत्तर- बिहार की मुख्य फसल धान है। अन्य फसलों में गेहूँ, मकई, मडुआ, चना, अरहर, मसूर, मटर आदि दलहन; सरसों, तीसी, सूर्यमुखी जैसे तेलहन; हल्दी, जीरा, धनिया, मिरचाई, प्याज, लहसुन आदि मसालों की भी खेती होती है। कुछ जिलों में पान, मखाना, लीची, तंबाकू की भी खेती होती है। आम भी यहाँ खूब होता है। दीघा का दुधिया तथा भागलपुर का जर्दालू, माल्दह प्रसिद्ध है। केला के लिये हाजीपुर तथा शाही लीची के लिए मुजफ्फरपुर प्रसिद्ध है।

6. बिहार किन-किन खाद्य पदार्थों के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर- बिहार का मुख्य भोजन चावल, दाल और सब्जी है। रोटी-सब्जी भी चाव से खाई जाती है। छपरा जिला में सत्तू, लिटटी-चोखा मशहूर है। मैथिली क्षेत्र में दही-चूड़ा-चाव से खाया जाता है।

7. मिथिला पेंटिंग की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर- मिथिला पेंटिंग की मुख्य विशेषताएँ हैं कि चित्र के लिए स्थानीय परिवेश तथा प्रतीकों को अपनाया जाता है। चित्रकार रंग स्वयं बनाते हैं। रंग बनाने के लिए प्राकृतिक साधनों खासकर रंगीन फूलों का उपयोग किया जाता है। इस कला को पारंपरिक धरोहर के रूप में माना जाता है।

अध्याय-10 मानव पर्यावरणअध्याय-10 मानव पर्यावरणअध्याय-10 मानव पर्यावरण

8. बिहार के मानचित्र में नदियों को दर्शाए।
उत्तर- छात्र स्वंय करें।

9. मैंगो शावर से आपके घर-मोहल्ले में क्या परिवर्तन दिखता है? बताइए।
उत्तर- अप्रैल-मई की पहली वर्षा को मैंगो-शावर कहते हैं। मैंगो-शावर से आम को बढ़ने की गति तो मिलती ही है तथा में हमारे घर-मोहल्ले के लोग जेठ की लू वाली गर्मी से निजात महसूस करते हैं। इस वर्षा से सर्वत्र खुशियाँ छा जाती हैं। बच्चे वर्षा में उछल-कूद मचाने और नहाने का मजा लेते हैं।

10. नीचे ग्यारह किस्म के आमों के नाम दिए गए हैं उन्हें ढूँढें-


उत्तर- 

1. बीजु

2. चौसा

3. डंका

4. बम्बइया

5. जर्दालु

6. शुकुल

7. मिदुआ

8. दशहरी

9. गुलाबखास

10. तोतापुरी

11. मालदह


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अध्याय-9 मानव पर्यावरण अंतःक्रिया : थार प्रदेश में जन-जीवन

बिहार बोर्ड वर्ग-7 वाँ भूगोल प्रश्नोत्तर 

अध्याय-9 मानव पर्यावरण अंतःक्रिया : थार प्रदेश में जन-जीवन


अध्याय-9 मानव पर्यावरण अंतःक्रिया : थार प्रदेश में जन-जीवन

अभ्यास के प्रश्नोत्तर

i. सही विकल्प पर सही (✓) का चिह्न लगाएँ।

1. थार का रेगिस्तान फैला है-
(क) गुजरात-महाराष्ट्र
(ख) गुजरात-राजस्थान
(ग) पंजाब-राजस्थान
(घ) राजस्थान-मध्यप्रदेश
उत्तर- (ख) गुजरात-राजस्थान

2. साफा कहते हैं-
(क) सफाई वाले कपड़े को
(ख) पूरी आस्तीन वाली कमीज को
(ग) सिर पर बाँधने वाली पगड़ी को
(घ) कमर में बांधने वाला कपड़ा
उत्तर- (ग) सिर पर बाँधने वाली पगड़ी को

3. थार प्रदेश में पाये जाने वाले खनिज हैं-
(क) संगमरमर-अभ्रक
(ख) बॉक्साइट-संगमरमर
(ग) संगमरमर-जिप्सम
(घ) संगमरमर-कोयला
उत्तर- (ग) संगमरमर-जिप्सम

4. नखलिस्तान का अर्थ है-
(क) एक बहुत छोटा प्रदेश
(ख) ठंड वायु का क्षेत्र
(ग) रेगिस्तान में हरियाली व जल वाला क्षेत्र
(घ) राजस्थान-मध्यप्रदेश
उत्तर- (ग) रेगिस्तान में हरियाली व जल वाला क्षेत्र (मरूद्यान)

ii. खाली जगहों को भरिए-

(1) भारत के पश्चिमी भाग में थार का रेगिस्तान है।

(2) रेगिस्तान का जहाज ऊँट कहलाता है।

(3) राजस्थान नहर सतजल नदी पर बनाया गया बांध है।

नोट : राजस्थान नहर को इन्दिरा गाँधी नहर भी कहा जाता है। 

(4) बीकानेर,जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर थार रेगिस्तान का मुख्य शहर है।

iii. निम्न प्रश्नों के उत्तर दें-

(1) थार प्रदेश में जनसंख्या कम क्यों है?
उत्तर- थार प्रदेश में जनसंख्या इसलिए कम है क्योंकि वहाँ का जीवन बहुत ही संघर्षपूर्ण है। जीवन-यापन के साधनों का अभाव है। सड़कों की कमी से यात्रा करना कठिन है। दिन में काफी गर्म तथा रात में भारी ठंड झेलना पड़ता है।

(2) आपके प्रदेश के जनजीवन और थार प्रदेश के जनजीवन में अंतरों की सूची बनाइए।
उत्तर- हमारे प्रदेश के जनजीवन और थार प्रदेश के जनजीवन में अंतरों की सूची निम्नलिखित है-

हमारे प्रदेश का जन-जीवन-

⇒ केवल गर्मी के मौसम में ही गर्मी पड़ती है।

⇒ केवल जाड़े में रात में जाड़ा पड़ता है।

⇒ वर्षा ऋतु में सामान्य वर्षा होती है।

⇒ हर प्रकार का वाहन मिलता है।

⇒ पानी की कोई किल्लत नहीं है।

⇒ हर तरह के अन्न की प्रमुखता है।

थार प्रदेश का जन-जीवन-

⇒ सालों भर गर्मी पड़ती है।

⇒ सालों भर रात में जाड़ा पड़ता है।

⇒ वर्षा नहीं के बराबर होती है।

⇒ केवल ऊँट ही वाहन है।

⇒ पानी की भारी किल्लत है।

⇒ केवल बाजरे की प्रमुखता है।

(3) थार प्रदेश में जल की उपलब्धता कैसे बढ़ाई जा सकती है?
उत्तर- पक्का टैंक बनाकर वर्षा के जल को एकत्र किया जा सकता है। वर्षा ऋतु में जो भी वर्षा हो, पूरे गाँव के वर्षा जल को इसमें एकत्र किया जाय। यह जल पीने से लेकर सिंचाई के काम में भी आ सकता है।

(4) थार प्रदेश में बहने वाली नदियों में पानी कैसे बढ़ सकता है?
उत्तरे- नदियाँ प्राकृतिक होती हैं। वह भी राजस्थान की नदियाँ शुष्क है। अतः नदियों में पानी बढ़ाना कठिन है हाँ, उसके स्थान पर इन्दिरा नहर से उप-नहरों की संख्या बढ़ाकर नदियों की कमी दूर की जा सकती है।

(5) यातायात, सुरक्षा, खानपान के लिए ऊँट जीवन रेखा है कैसे? अपने प्रदेश के ऐसे किसी उपयोगी जानवर के बारे में बताएँ।
उत्तर- थार प्रदेश के ऊँट ही मुख्य सवारी है। यातायात के लिये यही एकमात्र साधन है। बालू पर दूसरी सवारी चल भी नहीं सकती। यह क्षेत्र पाकिस्तान सीमा पर अवस्थित है, अतः सुरक्षा की अति आवश्यकता है, कम-से-कम बार्डर सिक्युरिटी फोर्स के लिए भी ऊँट का ही उपयोग करते हैं। ऊँटनी का दूध ही यहाँ मिलता है। उसी के दूध से चाय बनती है। खोवा, पनीर सब ऊँटनी के दूध से ही बनते हैं। इस प्रकार हम देखते हैं कि यातायात, सुरक्षा, खानपान के लिए ऊँट ही जीवन रेखा है।

       हमारे प्रदेश बिहार में ऐसी बात नहीं है। यातायात के लिए घोड़ा समेत अनेक साधन मौजूद है। सुरक्षा के लिए उत्तर नेपाल की सीमा पर घोड़ा और जीप का उपयोग होता है। दूध के लिए बकरी, गाय और भैंस बहुतायत में उपलब्ध हैं।

iv. क्रियाकलाप-

(1) नखलिस्तान का मॉडल या चित्र बनाइए।

उत्तर-

(2)  रवि को रेगिस्तानी देश ‘थार’ में जाने के लिए किन आवश्यक चीजों को ले जाना होगा ? सूची बनाइये और कारण भी लिखिये।
उत्तर- ‘थार’ में जाने के लिये निम्नलिखित वस्तुएँ साथ ले जाना चाहिए-

⇒ रात में ओढ़ने के लिये कंबल।

⇒ पहनने के लिये काफी कपड़े।

⇒ खाने के तैयार समान, जैसे- बिस्कुट, पावरोटी, मक्खन।

⇒ एक बड़ा थर्मस तथा एक गिलास।

⇒ थार क्षेत्र का नक्शा।


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