अध्याय-4 पृथ्वी के प्रमुख स्थल रुप

बिहार बोर्ड वर्ग-6 Geography Solution

अध्याय-4 पृथ्वी के प्रमुख स्थल रुप


अध्याय-4 पृथ्वी के प्रमुख स्थल रुप

अध्याय-4 पृथ्वी के प्रमुख स्थल रुप

अभ्यास

1. सही विकल्प को चुनें।

1. बिहार में सोन नदी किस तरह के क्षेत्र से होकर गुजरती है?

(क) पहाड़ी क्षेत्र

(ग) मैदानी क्षेत्र

(ख) पठारी क्षेत्र

(घ) रेगिस्तानी क्षेत्र

उत्तर- (ग) मैदानी क्षेत्र

ii. बाल्मीकीनगर बिहार के किस क्षेत्र में अवस्थित है?

(क) पश्चिमी क्षेत्र

(ख) पूर्वी क्षेत्र

(ग) दक्षिणी क्षेत्र

(घ) उत्तरी क्षेत्र

उत्तर- (घ) उत्तरी क्षेत्र

iii. धान की फसल के लिए उपयुक्त मिट्टी है-

(क) बलुआही मिट्टी

(ख) चिकनी मिट्टी

(ग) पर्वतीय मिट्टी

(घ) दोमट मिटटी

उत्तर- (ख) चिकनी मिट्टी

iv. पठार के ऊपर की सतह होती है-

(क) नुकीला

(ग) संर्कीण

(ख) सपाट

(घ) ढालदार

उत्तर- (ख) सपाट

2. खाली स्थानों को भरें

i. बिहार का अधिकतर भाग गंगा नदी के दोनों ओर मैदानी भाग के रूप में फैला है।

ii. पामीर पठार को संसार का छत कहा जाता है।

iii. पहाड़ों की लम्बी श्रृंखला को पर्वत श्रेणी कहते हैं।

iv. शिमला और कश्मीर देश के प्रमुख केंद्र पर्यटन स्थल के उदाहरण हैं।

v. प्राकृतिक वातावरण के बदलते स्वरूप के मुख्य कारण बढ़ती आबादी है।

3. बताइए-

(i) मैदानी क्षेत्र की क्या-क्या विशेषताएँ होती हैं?
उत्तर- प्रायः समतल भूमि का प्रदेश मैदान कहलाता है। मैदानों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे समुद्र से ऊँचे या नीचे हो सकते हैं परंतु अपने समीपवर्ती पठार तथा पर्वत से ऊँचे नहीं हो सकते हैं। मैदान प्रायः एक ही मिट्टी के बने होते हैं।

⇒ वे मैदान जिनकी रचना में अपरदन की क्रिया का प्रमुख स्थान होता है, अपरदन मूलक मैदान कहलाते हैं।

⇒ निक्षेपण के क्रिया द्वारा नदियों, हिमानी, वायु तथा सागरीय तरंगों से जो मैदान बनते हैं उन्हें निक्षेपण के मैदान कहते हैं।

(ii) सड़क-निर्माण का कार्य किस क्षेत्र में आसान होगा और क्यों?
उत्तर- सडक-निर्माण का कार्य मैदानी क्षेत्र में आसानी से होगा क्योंकि मैदानी क्षेत्र प्रायः समतल भूमि का प्रदेश होता है। मैदानों की वजह से प्रायः एक ही प्रकार की मिट्टी पायी जाती है। इन क्षेत्रों को आसानी से उपयोग करके सड़क का निर्माण किया जा सकता है, जिससे यहाँ परिवहन की सुविधाएँ आसानी से उपलब्ध होंगी और सड़क का निर्माण करने में भी बहुत कम खर्च लगेगा और सड़क का कार्य जल्दी ही पूरा हो जाता है।

(iii) पर्वत, पठार और मैदान के दोहन से इस पर क्या प्रभाव पड़ा है?
उत्तर- बढ़ती जनसंख्या के कारण ही पर्वत, पठार और मैदानी क्षेत्रों का दोहन हो रहा है। वनों को काटा जा रहा है, इससे प्रदूषण की समस्या भी बढ़ी है। सड़क निर्माण में इन्हीं पठारों, पहाड़ों को काटा जा रहा है, जिससे यह विलुप्त होते जा रहे हैं। मैदानी क्षेत्रों में परिवहन, जल, समतल भूमि होने के कारण कल-कारखाने बन रहे हैं जिससे आबादी काफी घनी हो गई है। कारखानों के लिए खनिजों की उपलब्धता पठारों से है। इसलिए पठारों का दोहन हो रहा है, जिससे प्राकृतिक सुंदरता घटी हैं और प्रदूषण बढ़ा है।

        रचनात्मक मैदान का निर्माण पृथ्वी के आंतरिक हलचलों के द्वारा होता है। मैदानी क्षेत्रों में जीवन-यापन के लिए भोजन, जल, आवास परिवहन की सुविधाएँ आसानी से हो सकती है। यहाँ सड़क मार्ग, रेलमार्ग एवं अन्य सुविधाएँ आसानी से प्रदन की जा सकती हैं। बिहार का अधिकतर भाग गंगा नदी के दोनों तरफ मैदानी भाग के रूप में फैला हुआ है। इसमें कृषि कार्य होता है। ऐसे मैदानी क्षेत्र अन्न उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। मैदानी क्षेत्र पश्चिम में पंजाब से लेकर पूरब में आसम तक ये इलाके सतलज, गंगा और ब्रह्मपुत्र का मैदान कहलाते हैं। ये सभी क्षेत्र कृषि के लिए सर्वोत्तम माने जाते हैं।

(iv) मैदान में ही अधिक लोग क्यों बसते हैं?
उत्तर- मैदान में ही अधिक लोग बसते हैं क्योंकि मैदान की भूमि समतल होती है। जिससे लोग यहाँ कृषि-कार्य आसानी से करते हैं। इसमें लोग धान, गेहूँ, चना इत्यादि उपजाकर अपना जीवन-यापन कर सकते हैं। मैदानी क्षेत्रों में जीवन के लिए सभी सुख-सुविधा उपलब्ध हैं। भोजन, जल, आवास, परिवहन की सुवधिा आसानी से उपलब्ध होती है। ऐसे क्षेत्रों में संडक मार्ग आसानी से प्रदान हो जाती हैं। मैदानी क्षेत्र अन्न उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं। 

(v) पर्वत कितने प्रकार के होते हैं? सभी के नाम लिखें।
उत्तर- पर्वत निम्नलिखित तीन प्रकार के होते हैं:-

(क) वलित पर्वत- इनकी सतह ऊबड़-खाबड़ एवं शिखर शंक्वाकार होती है। जैसे-भारत का हिमालय पर्वत एवं दक्षिण अमेरिका का एन्डीज पर्वत।

(ख) भ्रंशोत्थ पर्वत- पृथ्वी के आंतरिक हलचलों के कारण पृथ्वी पर दरारें पड़ जाती हैं और उन दो दरारों के बीच का भाग ऊपर उठ जाता है, इस ऊँचे उठे भाग को ही भ्रंशोत्थ पर्वत कहा जाता है। भारत का सतपुड़ा पर्वत इसका उदाहरण है।

(ग) ज्वालामुखी पर्वत- ज्वालामुखी से निकले लावा एवं अन्य पदार्थों के ठंडा होकर जम जाने से जिन पर्वतों का निर्माण होता है उसे ज्वालामुखी पर्वत कहते हैं। इटली का विसुवियस पर्वत इसका उदाहरण है। भारत के अण्डमान निकोबार के बैरन द्वीप में सक्रिय ज्वालामुखी पर्वत पाए जाते हैं। कम ऊँचाई के पर्वतों को पहाड़ी कहा जाता है।


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अध्याय-3 पृथ्वी के परिमंडल

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अध्याय-3 पृथ्वी के परिमंडल


अध्याय-3 पृथ्वी के परिमंडलअध्याय-3 पृथ्वी के परिमंडल

अभ्यास

1. सही विकल्प को चुनें।

(i) जीवन पनपता है-

(क) स्थलमंडल पर

(ख) जलमंडल पर

(ग) वायुमंडल पर

(घ) जैवमंडल पर

उत्तर- (क) स्थलमंडल पर

(ii) अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय थे-

(क) अशोक शर्मा

(ख) राकेश शर्मा

(ग) रमेश वर्मा

(घ) रवीश मलहोत्रा

उत्तर- (ख) राकेश शर्मा

(iii) जलडमरु मध्य जोड़ता है-

(क) दो बड़े भू-स्थलों को

(ख) दो बड़े जल-भागों को

(ग) दो झीलों को

(घ) दो नदियों को

उत्तर- (ख) दो बड़े जल-भागों को

(iv) समतापमंडल होता है-

(क) जलमंडल में

(ख) स्थलमंडल में

(ग) वायुमंडल में

(घ) जैवमंडल में

उत्तर- (ग) वायुमंडल में

2. खाली जगहों को भरिए-

(i) स्थल का एक संकरा भाग जो दो बड़े स्थलीय भागों को जोड़ता है स्थल संधि कहलाता है।

(ii) पानी का संकरा भाग जो दो बड़ी जलराशियों को एक-दूसरे से जोड़ता है जलडमरू मध्य या जल संधि कहलाता है।

(iii) चंद्रमा पर हवा और पानी नहीं होने से वहाँ जीवन सम्भव नहीं है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें।

1. पृथ्वी पर जीवन का क्या कारण है?

उत्तर- पृथ्वी के चारों ओर घिरे हुए आवरण को वायुमंडल कहते हैं। वायुमंडल पृथ्वी पर जीवों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। सभी जीवों को जीवित रहने के लिए भोजन, पानी और हवा की आवश्यकता होती है। इन्हें ये तीनों चीजें स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल से मिलती हैं। हमारी पृथ्वी पर ये तीनों मंडल उपस्थित होने के कारण ही जीवन पनपता है। यही कारण है कि पृथ्वी पर जीवन पाया जाता है।

i. पृथ्वी पर प्रमुख परिमण्डल कौन-कौन से हैं?

उत्तर- पृथ्वी पर प्रमुख परिमण्डल स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल है।

iii. पृथ्वी के प्रमुख महाद्वीपों के नाम लिखिए।

उत्तर- पृथ्वी के प्रमुख महाद्वीपों के नाम निम्नलिखित है-

1. एशिया

2. यूरोप

3 . अफ्रिका

4 . उत्तरी

5 . दक्षिणी अमेरिका

6 . अंटार्कटिका

7. 3. आस्ट्रेलिया।

iv. पृथ्वी को नीला ग्रह क्यों कहते हैं?

उत्तर-  हमारी पृथ्वी जिस पर हम रहते हैं पृथ्वी पर ही जीवन मिलता है क्योंकि वहाँ जल एवं जीवन के लिए आवश्यक गैसें मौजूद है। अंतरिक्ष से देखने पर यह नीली नजर आती है। क्योंकि वायुमंडल में प्रकाश की किरणें परावर्तित होती हैं तथा समुद्र की सतह से नीले रंग का परावर्तन सर्वाधिक है। हमारी पृथ्वी पर लगभग 71% भू-भाग जल से घिरा है तथा मात्र 29% स्थल मंडल है, अतएव जलीय भाग के अधिक रहने के कारण परावर्तन अधिक होता है, फलतः यह नीला दिखाई देता है। इसलिए इसे नीला ग्रह भी कहते हैं।

v. पृथ्वी के प्रमुख महासागरों के नाम लिखिए।

उत्तर- पृथ्वी के प्रमुख महासागरों के नाम निम्नलिखित हैं-

1. हिंद महासागर

2. प्रशांत महासागर

3. अटलांटिक महासागर

4. आर्कटिक महासागर।

vi. जैवमण्डल किसे कहते है? इसका विस्तार कहाँ है?

उत्तर- जैवमण्डल पृथ्वी के चारों तरफ फैले लगभग 30 किमी मोटी वायु, जल, स्थल, मृदा, तथा शैल युक्त एक जीवनदायी परत होती है। इसके अंतर्गत सभी पेड़-पौधों एवं जीव-जन्तुओ का जीवन सम्भव होता है। अर्थात जैवमण्डल में पृथ्वी के स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल के हर उस अंग का समावेश है जहाँ जीवन पनपता है।

vii. जीवन के लिए वायुमंडल आवश्यक है। कैसे?

उत्तर- पृथ्वी के चरों ओर फैले हुए विभिन्न गैसों के आवरण को ही वायुमंडल कहते हैं। वायु के बिना तो हमलोग एक पल भी जीवित नहीं रह सकते हैं। वायुमंडल पृथ्वी पर जीवों के लिए अति आवश्यक है। इसकी उपस्थिति के कारण ही हमलोग सांस लेते हैं और पेड़-पौधे भी अपना भोजन इसकी मदद से बनाते हैं।

हमलोग जो सर्दी-गर्मी महसूस करते हैं वह हवाओं के माध्यम से ही करते हैं। ये वायु ही बादलों को गतिशील बनाती हैं जिससे वर्षा होती है। सभी जीवों को जीवित रहने के लिए वायु की जरूरत होती है जो हमें वायु वायुमंडल से प्राप्त होती है। जलचर भी पानी में घुलनशील हवाओं के द्वारा ही जीवित रहते हैं। इस प्रकार जीवन के लिए वायुमंडल आवश्यक है।

viii. स्थलमंडल किसे कहते है ? यह क्यों उपयोगी है?

उत्तर- पृथ्वी का वह ऊपरी ठोस भाग जिसमें मिट्टी, कंकड़, पत्थर, पहाड़, मैदान, पठार आदि सम्मिलित है, वह स्थलमंडल कहलाता है। इस स्थलमंडल पर ही सारे जीव-जन्तु, मनुष्य, अपना घर बनाकर अपना जीवन-यापन करते हैं।

             स्थलमंडल पर ही मनुष्य खेती-बाड़ी करके अपनी जीविकोपार्जन करते हैं। स्थलमंडल के बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। स्थलमंडल हमारे जीवन का अस्तित्व है। स्थलमंडल पर ही पेड़-पौधे का भी जीवन पाया जाता है। इस प्रकार स्थलमंडल हमारे लिए अति उपयोगी है।

ix. जलीय क्षेत्रों के जीव-जंतु एवं पौधे कौन-कौन से हैं? सूची बनाइए।

उत्तर- जलीय क्षेत्रों के जीव-जन्तु- कछुआ, साँप, मगरमच्छ, मछली, मेढ़क, हंस, बतख इत्यादि हैं। जलीय क्षेत्रों के पौधे- कमल, केला का पौधा इत्यादि है।


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अध्याय-2 पृथ्वी एवं उसकी गतियाँ

बिहार बोर्ड वर्ग-6 Geography Solution

अध्याय-2 पृथ्वी एवं उसकी गतियाँ


अध्याय-2 पृथ्वी एवं उसकी गतियाँ

अभ्यास

1. सही विकल्प को चुने-

(i) समदिवा रात्रि होते हैं-

(क) 22 जून एवं 21 सितम्बर

(ख) 25 दिसम्बर

(ग) 21 मार्च एवं 23 सितम्बर

(घ) ध्रुवों पर

उत्तर- (ग) 21 मार्च एवं 23 सितम्बर

(ii) सबसे बड़ा दिन होता है-

(क) 21 जून
(ख) 22 जून
(ग) 25 दिसम्बर
(घ) 22 दिसम्बर
उत्तर- (क) 21 जून और (घ) 22 दिसम्बर

(iii) पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकी है-

(क) 32½°
(ख) 33½°
(ग) 67½°
(घ) 23½°
उत्तर- (घ) 23½°

(iv) शीतोष्ण कटिबंध में-

(क) बहुत गरमी पड़ती है

(ख) कम गरमी पड़ती है

(ग) बहुत बरसात होती है

(घ) अधिक ठंड एवं कम गरमी पड़ती है

उत्तर- (घ) अधिक ठंड एवं कम गरमी पड़ती है

(v) जहां सालों भर गरमी पड़ती है वह क्षेत्र कहलाता है-

(क) शीतोष्ण कटिबंध

(ख) उष्ण कटिबंध

(ग) ध्रुव

(घ) विषुवत रेखा पर

उत्तर- (ख) उष्ण कटिबंध

(vi) पृथ्वी आकार में चंद्रमा से-

(क) छोटी है

(ख) बड़ी है

(ग) समान है

उत्तर- (ख) बड़ी है

(vii) चांद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति कौन थे?

(क) राकेश शर्मा

(ग) तेन सिंह

(ख) यूरी गागरिन

(घ) नील आर्मस्ट्रांग

उत्तर- (घ) नील आर्मस्ट्रांग

2. खाली जगहों को भरिए-

(i) उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा अक्ष कहलाती है।

(ii) पृथ्वी की  दैनिक या घूर्णन गति के कारण दिन-रात होते हैं।

(iii) विषुवतीय प्रदेश में सूर्य की किरणें सालों भर सीधी पड़ती हैं।

(iv) पृथ्वी पश्चिम से पूरब की ओर घूमती है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें।

(i) ध्रुवों पर छह महीने लगातार दिन और रात क्यों होते हैं?

उत्तर- जब उत्तरी ध्रुव पर सूर्य का प्रकाश लगातार 6 महीने पड़ता है तो यहाँ छ: महीने लगातार दिन होते हैं और ठीक उसी समय दक्षिणी ध्रुव में अंधेरा होने के कारण ही दक्षिणी ध्रुव में लगातार 6 महीने रात होती हैं। ठीक इसी प्रकार जब दक्षिणी ध्रुव पर सूर्य का प्रकाश लगातार 6 महीने पड़ता है तो यहाँ छ: महीने लगातार दिन होते हैं और ठीक उसी समय उत्तरी ध्रुव में अंधेरा होने के कारण ही उत्तरी ध्रुव में लगातार 6 महीने रात होती हैं।

(ii) दैनिक गति और वार्षिक गति में क्या अंतर है?

उत्तर- दैनिक गति- जिस हिस्से पर सूर्य का प्रकाश पड़ता है वह हिस्सा हमें दिखाई देता है अर्थात वहाँ दिन होता है और जहाँ प्रकाश नहीं पड़ता है वहाँ दिखाई नहीं पड़ता और वहाँ रात होती है। पृथ्वी को इस तरह का चक्कर पूरी करने में 24 घंटे अर्थात एक दिन का समय लगता है। पृथ्वी की इस गति को घूर्णन गति या दैनिक गति कहते हैं। इस गति के कारण ही दिन और रात होते हैं।

वार्षिक गति- घूर्णन गति से ही पृथ्वी की परिभ्रमण गति भी जुड़ी हुई है। इसके कारण ही पृथ्वी पर ऋतु परिवर्तन होता है। पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती हुई 365 दिन अर्थात एक वर्ष में धीरे-धीरे खिसकते हुए सूर्य का एक चक्कर पूरा कर लेती है। पृथ्वी की इस वार्षिक गति को ही परिभ्रमण गति कहा जाता है।

(iii) ‘अक्ष’ किसे कहते हैं?

उत्तर- पृथ्वी पश्चिम से पूरब घूमती रहती है। उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा अक्ष कहलाती है। इसी अक्ष पर पृथ्वी घूम रही है। लेकिन पृथ्वी पर ग्लोब की तरह उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रव को मिलाने वाली कोई रेखा नहीं है। ग्लोब पृथ्वी का नमूना हैं इसलिए ग्लोब अपने अक्ष पर सीधी नहीं खड़ी होकर एक ओर झुकी हुई है क्योंकि पृथ्वी अपने अक्ष पर 23½° झुकी हुई है।

(iv) पृथ्वी किस दिशा में घूमती है?

उत्तर- पृथ्वी पश्चिम दिशा से परब दिशा की ओर घूमती है।

(v) पृथ्वी के किस भाग में सबसे कम गर्मी पड़ती है और क्यों?

उत्तर- पृथ्वी के ‘शीतोष्ण कटिबंधीय क्षेत्र’ में जैसे-जैसे उत्तर या दक्षिण में बढ़ते हैं सूर्य की किरणें तिरछी होती जाती हैं और बड़े हिस्से में फैल जाती है जिसके कारण कम गर्मी पड़ती है।

(vi) पृथ्वी पर कितने कटिबंध हैं? कटिबंधों में सूर्य के प्रकाश की क्या स्थिति होती है?

उत्तर- पृथ्वी पर तीन कटिबंध निम्नलिखित हैं-

(क) उष्ण कटिबंध- कर्क एवं मकर रेखाओं के बीच अन्य अक्षांशों की तुलना में सबसे अधिक गर्मी पड़ती है जिसके कारण इसे उष्णकटिबंध कहा जाता है। यहाँ दिन और रात की स्थितियाँ सालों भर होती है तथा सूर्य की किरणें लम्बवत् पड़ती हैं।

(ख) समशीतोष्ण कटिबंध- कर्क एवं मकर रेखा के बाद उत्तरी गोलार्द्ध में उत्तरी ध्रुव वृत्त तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिणी ध्रुव वृत्त के बीच वाले क्षेत्र में तापमान मध्यम रहता है। यहाँ जाड़े में सर्दी पड़ती है तथा गर्मी में तापमान अधिक रहता है। इसे सम शीतोष्ण कटिबंध कहते हैं। दिन और रात की स्थितियाँ होती हैं परन्तु सूर्य की किरणें कभी लम्बवत् नहीं पड़ती हैं।

(ग) शीत कटिबंध- यहाँ छ: महीने का दिन एवं छः महीने की रात होती है। ध्रुवों के निकट सूर्य की किरणें अत्यधिक तिरछी पड़ती हैं यही कारण है कि छह महीने का दिन होने के बावजूद ये किरणें वहां के धरातल एवं वातावरण को गर्म नहीं कर पातीं। अतः यहाँ वर्षभर बर्फ जमी रहती है। इस क्षेत्र को शीत कटिबंध’ की पेटी कहा जाता है।

4. पता कीजिए।

(i) विषुवत रेखा किन-किन देशों से होकर गुजरती है?

उत्तर- विषुवत रेखा कुल 13 देशों से गुजरती है, जो इस प्रकार हैं-

⇒ दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के देश- इक्वाडोर, कोलम्बिया एवं ब्राजील

⇒ अफ्रीका महाद्वीप के देश- गैबन, कांगो गणराज्य, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा, केन्या, सोमालिया

⇒ एशिया महाद्वीप के देश- मालदीव, इंडोनेशिया, किरिबाती, साओटोम और पिंसिप

(ii) शीत कटिबंध में स्थित कुछ देशों के नाम-

उत्तर- शीत कटिबंध में स्थित देश उत्तरी यूरोप के देश है जिसमें डेनमार्क, जर्मनी, नार्वे, स्वीडन, फिनलैंड, लिथुआनिया तथा रूस एवं कनाडा हैं। दक्षिणी गोलार्द्ध में न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया का दक्षिणी हिस्सा तथा दक्षिणी अमेरिका के चिल्ली देश है।

(iii) शीतोष्ण कटिबंध में स्थित कुछ देशों के नाम-

उत्तर- शीतोष्ण कटिबंध में स्थित कुछ देशों के नाम- संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और यूरोप, मध्य एशिया, दक्षिणी अमेरिका के दक्षिणी देश और दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। यह क्षेत्र कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच स्थित हैं।

5. दिए गए चित्र में सही स्थान पर कटिबंधों के नाम लिखिए।

उत्तर-


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अध्याय-1 हमारा सौरमंडल

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अध्याय-1 हमारा सौरमंडल


अध्याय-1 हमारा सौरमंडल

अभ्यास

1. सही विकल्प को चुनें-

(i) राशियों की कुल संख्या कितनी है?

(क) 5

(ग) 8

(ख) 12

(घ) 27

उत्तर- (ख) 12

(ii) सूर्य की आकृति कैसी है?

(क) गोल

(ख) चिपटी

(ग) वर्गाकार

(घ) आयताकार

उत्तर- (क) गोल

(ii) सौर परिवार का मुखिया कौन है?

(क) पृथ्वी

(ख) चन्द्रमा

(ग) सूर्य

(घ) नक्षत्र

उत्तर- (ग) सूर्य

(iv) ग्रहों की कुल कितनी संख्या है?

(क) 8

(ख) 9

(ग) 12

(घ) 27

उत्तर- (क) 8

(v) सप्तर्षि कितने तारों का समूह है?

(क) 27

(ख) 8

(ग) 12

(घ) 7

उत्तर- (घ) 7

2. खाली जगहों को भरिए-

(i) पृथ्वी एक नक्षत्र को 14 दिनों में पार करती है।

(ii) विषुवत रेखा पर ध्रुवतारा क्षितिज पर दिखाई पड़ता है।

(iii) मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच क्षुद्रग्रह पाए जाते हैं।

(iv) वृहस्पति के 63 उपग्रह हैं।

(v) सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक लगभग 8 मिनट में पहुँचता है।

3. निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

(i) सूर्य से दूरी के अनुसार विभिन्न ग्रहों के नाम लिखिए।
उत्तर- सूर्य से दूरी के अनुसार बुध, ग्रह, शुक्र ग्रह, पृथ्वी ग्रह, मंगल ग्रह, वृहस्पति ग्रह, शनि ग्रह, यूरेनस, नेप्ट्यून हैं।

(ii) सूर्य से सबसे नजदीकी ग्रह क्या नाम है?
उत्तर- बुध सूर्य के सबसे नजदीकी ग्रह है।

(iii) सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह कौन है?
उत्तर- सौर मंडल का सबसे बड़ा वृहस्पति ग्रह है।

(iv) पृथ्वी के निकटवर्ती ग्रह कौन-कौन हैं?
उत्तर- पृथ्वी के सबसे नजदीक सूर्य और चन्द्रमा हैं।

(v) उस ग्रह का क्या नाम है जिसके चारों ओर छल्ले पाये जाते हैं?
उत्तर- उस ग्रह का नाम शनि है जिसके चारों ओर छल्ले पाये जाते हैं।

(vi) सौर मंडल का कौन-सा ग्रह आपको सबसे अलग लगा और क्यों?
उत्तर- सौर मंडल का पृथ्वी ग्रह हमें सबसे अलग लगता है क्योंकि यही वह ग्रह है जहाँ जीवन मिलता है। यहाँ जल एवं जीवन के लिए आवश्यक गैसें मौजूद हैं और अंतरिक्ष से देखने पर यह नीली दिखाई देती है। यही है हमारी पृथ्वी जिस पर हम रहते हैं।

(vii) पृथ्वी के उपग्रह का क्या नाम है? का क्या नाम है?
उत्तर- पृथ्वी के उपग्रह का नाम चाँद है।

(viii) वे कौन-कौन से ग्रह हैं जो पृथ्वी के घूमने की विपरीत दिशा में घूमते हैं?
उत्तर- शुक्र तथा अरुण ग्रह जो पृथ्वी के घूमने की विपरीत दिशा में घूमते हैं।

(ix) आकाशगंगा क्या है?

उत्तर- आकाशगंगा लाखों तारों का एक समूह है।

4. अकाशीय पिण्ड एवं दी गई विशेषताओं का मिलान कीजिए-

                          उत्तर-

(i) बुध- (ग) सबसे छोटा ग्रह

(ii) पृथ्वी- (घ) नीला ग्रह

(iii) चन्द्रमा- (ख) पृथ्वी का उपग्रह

(iv) उल्कापिंड- (ड़) सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने वाले पत्थरों के छोटे टुकड़े

(v) आकाशगंगा- (च) लाखों तारों का समूह

(vi) ब्रह्माण्ड- (क) लाखों आकाश गंगा का समूह

5. आपस में चर्चा कीजिए एवं लिखिए।

(i) कई तारे सूर्य से बड़े हैं फिर भी छोटे क्यों दिखाई देते हैं?
उत्तर- कई तारे सूर्य से बड़े हैं फिर भी छोटे दिखाई देते हैं क्योंकि यह पृथ्वी से काफी दूर हैं।

(ii) तारे आकाश में ही हैं फिर भी दिन में क्यों नहीं दिखाई देते?
उत्तर- तारे आकाश में ही हैं फिर भी दिन में सूर्य की रोशनी के कारण हमें दिखाई नहीं देते हैं।

(iii) चन्द्रमा तारों से छोटा है फिर भी हमें बड़ा क्यों दिखाई देता है?
उत्तर- चन्द्रमा तारों से छोटा है फिर भी हमें बड़ा दिखाई देता है क्योंकि पृथ्वी से चन्द्रमा की दूरी कम होने के कारण वह हमें तारों से बड़ा दिखाई देता है।

(iv) अगर किसी आकाशीय पिण्ड में प्रकाश न हो तो क्या वह हमें नजर आएगा? अपने उत्तर के पक्ष में तर्क दीजिए।
उत्तर- अगर किसी आकाशीय पिण्ड में प्रकाश न हो तो वह हमें दिखाई नहीं देगा क्योंकि हम प्रकाश के बिना किसी भी वस्तु को देख नहीं सकते हैं।

6. इनमें किन-किन अकाशीय पिंडों के नाम छुपे हैं-

हमारा सौरमंडल

उत्तर-

(i) बुध

(ii) शुक्र

(iii) पृथ्वी

(iv) मंगल

(v) वृहस्पति

(vi) शनि

(vii) अरुण

(viii) वरुण

(ix) टाइटन

(x) सिरस।

7. सौरमंडल का मॉडल/चित्र बनाकर कक्षा में प्रदर्शित कीजिए।
उत्तर-

हमारा सौरमंडल


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12. अजब-गजब

12. अजब-गजब


 अजब-गजब⇒

            इस देश में सब कुछ अजब-गजब हो रहा है। हमको तो लगता है कि यह देसे है अजब और गजब लोगों का।

         तो, हम कह रहे थे… कह कहाँ रहे थे। कहेंगे तो अब। देखिये जी, यहाँ नेता और जनता का संबंध वैसा है, जैसा दूध के साथ पानी का पगार के साथ घूस का। बाजार के साथ महँगाई का। आलू के साथ झुलसा रोग का…। अब ये एक-दूसरे से पूछकर तो अपना काम नहीं करेगा न।

          झुलसा रोग आलू से पूछकर आयेगा क्या? न महँगाई बाजार से पूछकर आया करेगी और न ही घूस पगार के बारे में पूछताछ करेगी। और पानी तो दूध का लंगोटिया यार है, फिर पूछने की क्या जरूरत है?

अजब-गजब

         लेकिन नहीं…नेतागिरी में ऐसा नहीं होता। आप वाले जनता से पूछकर ही हर्र-हुर्र कर रहे हैं। कहाँ झाडू मारना है कहाँ नहीं, जनता से ही पूछेंगे। जनता ने सरकार बनाने के लिए थोड़े न वोट दिया, वो तो सिर्फ राइट टू पूछने के वास्ते दिया था। सरकार बनाएँ कि नहीं, बड़ी कोठी तथा सुरक्षा लें कि नहीं, लाल बत्ती जलाएँ कि नहीं-सब काम केजरीवाल ने जनता से पूछकर ही किया न। जनता भी ‘पुछवाकर तृप्त। उधर, राहुल गांधी की सारी उमर मम्मी से पूछने में ही घिस रही है।

          गरीब के घर का खाना पचा लेंगे, लेकिन जब गरीब को अपने घर खाने पर बुलाना हो तो मम्मी से ही पूछेंगे। तो, प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी लेनी है कि नहीं, यह भी तो मम्मीजी से पूछकर ही तय करेंगे न। लेकिन सबका गुरु निकले नरेन्द्र भाई। गुरुई में तो उन्होंने अपने ‘गुरुओं’ का गुड़ गोबर का दिया। और पूछने के मामले में सबको पछाड़ डाला। इसलिए कि खुद ही जनता से पूछते हैं और खुदहि जवाब देते परन्तु मंच पर से पूछते जरूर हैं, ताकि जनता ये न बूझे कि पूछा नहीं…।

       तो, है न यह अजब-गजब? अब तो घोड़ा भी घास से पूछकर ही चरा करेगा। चोर कोतवाल से पूछेगा कि चोरी कर लें? और तो और, राजा प्रजा से पूछेगा कि हम भी थोड़ा-बहुत ‘अराजक’ हो लें-तुम्हारी तरह?

स्रोत: दे दे राम, दिला दे राम !, (विरेन्द्र नारायण झा)

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